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- Amid Harsh Cold In Kashmir Army Rescued 30 Civilians Stuck In Avalanches; Makes Roads Motorable For People In Kashmir
2 घंटे पहलेलेखक: मुदस्सिर कुल्लू
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कश्मीर के कुपवाड़ा में 17 और 18 जनवरी को दो बार एवलॉन्च आया। इसके बाद सड़कों पर लोग और गाड़ियां फंस गए। आर्मी के जवानों ने मंगलवार को 30 लोगों की जान बचाई। इसके अलावा सड़कें भी क्लियर कीं, ताकि गाड़ियां सर्दी के मौसम में भी चल सकें।
आर्मी एंड जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) ने चौकीबल-तंगधार रोड पर खूनी नाला और एसएम हिल के पास फंसे लोगों को बचाया। जैसे ही हिमस्खलन के बाद आर्मी को सिविलियंस से फंस जाने की सूचना मिली, 2 रेस्क्यू टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजा दिया गया। इनमें एवलॉन्च रेस्क्यू टीम भी शामिल थीं। इनमें से 14 को रेस्क्यू कर नीलम पास लाया गया और 16 सिविलियंस को साधना पास लाया गया। इन्हें खाना और मेडिकल हेल्प दी गई। साथ ही रात गुजारने की व्यवस्था भी कराई गई।

सेना को जैसे ही सिविलियंस के फंसे होने की सूचना मिली, तुरंत 2 रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर भेज दी गईं।
कश्मीरियों ने आर्मी का शुक्रिया अदा किया
खतरनाक मौसम के बावजूद सेना ने 18 जनवरी को सड़कों पर फंसे 12 वाहनों के लिए बर्फ भी क्लियर की। आर्मी को बर्फ हटाने में 5 से 6 घंटे का समय लगा। पिछले साल भी आर्मी ने खूनी नाला के पास से लोगों को रेस्क्यू किया था। यह इलाका एवलॉन्च और भारी बर्फबारी के लिए जाना जाता है। कुपवाड़ा के एक नागरिक ने बताया कि हम आर्मी के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने सिविलियंस की जान बचाई। रोड, स्कूल और दूसरी बेसिक जरूरतों के लिए हम आर्मी पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।

दो एवलॉन्च के बाद गाड़ियां बर्फ में फंस गईं। इनमें लोग भी थे, जवानों ने बर्फ हटाकर लोगों को बचाया।
कनेक्टिविटी बरकरार रखने में जुटे हैं जवान
पिछले हफ्ते भी आर्मी ने कई महिलाओं को भीषण बर्फबारी के बीच रेस्क्यू किया था और अस्पताल पहुंचाया था। आर्मी मुश्किल मौसम में भारी बर्फबारी के बीच भी जोजिला पास को खुला रखने की कोशिश कर रही है, ताकि लद्दाख और श्रीनगर की कनेक्टिविटी बनी रहे।

कुपवाड़ा में खूनी नाला और एसएम हिल के पास एवलॉन्च हुआ। आर्मी ने यहीं से नागरिकों को रेस्क्यू किया।

आर्मी जोजिला दर्रे के पास भी लगातार बर्फ हटाने का काम कर रही है, ताकि वाहनों की लगातार आवाजाही हो सके।

कश्मीरी नागरिकों ने जवानों को मदद करने के लिए शुक्रिया कहा और बोले कि वे सेना पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।

माछिल सेक्टर में 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया गया। इस दौरान कश्मीरियों ने जवानों का शुक्रिया अदा किया।

माछिल सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास सेना दिवस के मौके पर तिरंगे को सलाम करता बच्चा।
पाकिस्तान में बर्फबारी के दौरान 9 बच्चों ने गाड़ियों में ही दम तोड़ा था
एक तरफ भारतीय सेना भारी बर्फबारी में अपने नागरिकों की जान बचाने में जुटी है, दूसरी तरफ पाकिस्तान में पर्यटन स्थल मरी में बर्फबारी के दौरान गाड़ियों में फंसकर 21 लोगों की जान चली गई। इनमें 9 बच्चे भी शामिल थे। ये लोग कई घंटों तक गाड़ियों में फंसे रहे, लेकिन इन्हें रेस्क्यू करने की कोशिश नहीं की गई थी।
Hindi NewsNationalAmid Harsh Cold In Kashmir Army Rescued 30 Civilians Stuck In Avalanches; Makes Roads Motorable For People In Kashmir2 घंटे पहलेलेखक: मुदस्सिर कुल्लूकॉपी लिंकवीडियोकश्मीर के कुपवाड़ा में 17 और 18 जनवरी को दो बार एवलॉन्च आया। इसके बाद सड़कों पर लोग और गाड़ियां फंस गए। आर्मी के जवानों ने मंगलवार को 30 लोगों की जान बचाई। इसके अलावा सड़कें भी क्लियर कीं, ताकि गाड़ियां सर्दी के मौसम में भी चल सकें।आर्मी एंड जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) ने चौकीबल-तंगधार रोड पर खूनी नाला और एसएम हिल के पास फंसे लोगों को बचाया। जैसे ही हिमस्खलन के बाद आर्मी को सिविलियंस से फंस जाने की सूचना मिली, 2 रेस्क्यू टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजा दिया गया। इनमें एवलॉन्च रेस्क्यू टीम भी शामिल थीं। इनमें से 14 को रेस्क्यू कर नीलम पास लाया गया और 16 सिविलियंस को साधना पास लाया गया। इन्हें खाना और मेडिकल हेल्प दी गई। साथ ही रात गुजारने की व्यवस्था भी कराई गई।सेना को जैसे ही सिविलियंस के फंसे होने की सूचना मिली, तुरंत 2 रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर भेज दी गईं।कश्मीरियों ने आर्मी का शुक्रिया अदा कियाखतरनाक मौसम के बावजूद सेना ने 18 जनवरी को सड़कों पर फंसे 12 वाहनों के लिए बर्फ भी क्लियर की। आर्मी को बर्फ हटाने में 5 से 6 घंटे का समय लगा। पिछले साल भी आर्मी ने खूनी नाला के पास से लोगों को रेस्क्यू किया था। यह इलाका एवलॉन्च और भारी बर्फबारी के लिए जाना जाता है। कुपवाड़ा के एक नागरिक ने बताया कि हम आर्मी के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने सिविलियंस की जान बचाई। रोड, स्कूल और दूसरी बेसिक जरूरतों के लिए हम आर्मी पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।दो एवलॉन्च के बाद गाड़ियां बर्फ में फंस गईं। इनमें लोग भी थे, जवानों ने बर्फ हटाकर लोगों को बचाया।कनेक्टिविटी बरकरार रखने में जुटे हैं जवानपिछले हफ्ते भी आर्मी ने कई महिलाओं को भीषण बर्फबारी के बीच रेस्क्यू किया था और अस्पताल पहुंचाया था। आर्मी मुश्किल मौसम में भारी बर्फबारी के बीच भी जोजिला पास को खुला रखने की कोशिश कर रही है, ताकि लद्दाख और श्रीनगर की कनेक्टिविटी बनी रहे।कुपवाड़ा में खूनी नाला और एसएम हिल के पास एवलॉन्च हुआ। आर्मी ने यहीं से नागरिकों को रेस्क्यू किया।आर्मी जोजिला दर्रे के पास भी लगातार बर्फ हटाने का काम कर रही है, ताकि वाहनों की लगातार आवाजाही हो सके।कश्मीरी नागरिकों ने जवानों को मदद करने के लिए शुक्रिया कहा और बोले कि वे सेना पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।माछिल सेक्टर में 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया गया। इस दौरान कश्मीरियों ने जवानों का शुक्रिया अदा किया।माछिल सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास सेना दिवस के मौके पर तिरंगे को सलाम करता बच्चा।पाकिस्तान में बर्फबारी के दौरान 9 बच्चों ने गाड़ियों में ही दम तोड़ा थाएक तरफ भारतीय सेना भारी बर्फबारी में अपने नागरिकों की जान बचाने में जुटी है, दूसरी तरफ पाकिस्तान में पर्यटन स्थल मरी में बर्फबारी के दौरान गाड़ियों में फंसकर 21 लोगों की जान चली गई। इनमें 9 बच्चे भी शामिल थे। ये लोग कई घंटों तक गाड़ियों में फंसे रहे, लेकिन इन्हें रेस्क्यू करने की कोशिश नहीं की गई थी।
