बेटा बन जाए विधायक, इसके लिए मां ने 10 साल छोड़ दिया था अन्‍न, पूरी हुई मन्‍नत लेकिन व्रत फिर भी जारी

बेटा बन जाए विधायक, इसके लिए मां ने 10 साल छोड़ दिया था अन्‍न, पूरी हुई मन्‍नत लेकिन व्रत फिर भी जारी

news image

वसीम अहमद, बस्ती: यूपी (Uttar Pradesh) की राजनीति में साधु-संतों, मठ-मंदिरों के आशीर्वाद की बड़ी अहम‍ियत है। लेकिन इसी यूपी में एक ऐसी मां भी है जिसने अपने बेटे को विधायक के रूप में देखने के लिए 10 साल तक अन्‍न का त्‍यागकर उपवास किया। बेटा विधायक बना तो उसने व्रत तोड़ा लेकिन साल भर बाद फिर उपवास शुरू किया ताकि बेटे का राजनीतिक जीवन और उन्‍नति करे।

मामला रूधौली विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के निर्वतमान विधायक संजय प्रताप जायसवाल से जुड़ा है। वर्ष 2002 से रूधौली विधान सभा सीट से विधायकी का चुनाव लड़ने वाले संजय प्रताप जायसवाल को विधायक बनाने के लिए उनकी मां माया देवी ने मन्नत मांगी और ईश्वर को साक्षी मानकर अन्न का त्याग कर दिया। उनकी 10 साल की तपस्या का फल बेटे को मिला। बेटा पहली बार 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बन गया। 2017 में कांग्रेस छोड़ संजय प्रताप जायसवाल ने बीजेपी का दामन थाम लिया और वह फिर से विधायक बन गए।
Kahani Uttar Pradesh ki: अखिलेश यादव की शादी का कार्ड लेकर जब ‘दोस्त’ के ढाबे पर पहुंचे थे मुलायम सिंह
संजय प्रताप जायसवाल ने वर्ष 2002 से लगातार रूधौली विधानसभा में अपना भाग्य आजमाते रहे। लेकिन उन्हे वर्ष 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव में जीत दर्ज करने में सफलता मिली। बेटे की राजनीति में लगन और संघर्ष को देखकर मां का दिल पसीजा और ईश्वर को साक्षी मानकर उन्होंने बेटे को विधायक बनाने के लिए अन्न का त्याग कर दिया, मन्नत मांगी कि जब तक बेटा विधायक नही बन जाता वो अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगी।
उपवास का दौर चलता रहा और ईश्वर ने एक मां की पुकार सुन ली। संजय जायसवाल को रूधौली विधानसभा की जनता का साथ मिला और वह विधायक बन गए। इसके बाद संजय की मां ने एक साल के लिए अपना उपवास तोड़ दिया। फिर उन्होंने सोचा कि बेटे की और तरक्की हो, तो उन्होंने 2013 में फिर से अन्न का त्याग कर उपवास शुरू किया जो आज भी जारी है।

इस बारे में बात करते समय विधायक संजय जायसवाल की मां माया देवी की आंखें भर आती हैं। वह कहती हैं बेटे का संघर्ष मुझसे देखा नहीं गया सोचा क्‍यों न मैं भी कुछ प्रयास करूं। माया देवी कहना है कि वह इस दौरान सिर्फ फलाहार करती हैं और पूजा पाठ में लीन रहती हैं। उनका मकसद है बेटे को राजनीति की बुलंदियों पर पहुंचाना।

निर्वतमान भाजपा विधायक संजय जायसवाल का कहना है कि मां के आशीर्वाद से आज वे राजनीति में इस मुकाम पर पहुंचे है। मां उनके और परिवार की उन्नति के लिए शुरू से ही संघर्ष करती रही हैं। उनके विधायक बनने के लिए मां ने पहले 12 साल व्रत रखा फिर वे विधायक बने मगर मां अब का भी व्रत जारी है। मतलब 20 साल से मां उनकी तरक्की के लिए उपवास पर है।


वसीम अहमद, बस्ती: यूपी (Uttar Pradesh) की राजनीति में साधु-संतों, मठ-मंदिरों के आशीर्वाद की बड़ी अहम‍ियत है। लेकिन इसी यूपी में एक ऐसी मां भी है जिसने अपने बेटे को विधायक के रूप में देखने के लिए 10 साल तक अन्‍न का त्‍यागकर उपवास किया। बेटा विधायक बना तो उसने व्रत तोड़ा लेकिन साल भर बाद फिर उपवास शुरू किया ताकि बेटे का राजनीतिक जीवन और उन्‍नति करे। मामला रूधौली विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के निर्वतमान विधायक संजय प्रताप जायसवाल से जुड़ा है। वर्ष 2002 से रूधौली विधान सभा सीट से विधायकी का चुनाव लड़ने वाले संजय प्रताप जायसवाल को विधायक बनाने के लिए उनकी मां माया देवी ने मन्नत मांगी और ईश्वर को साक्षी मानकर अन्न का त्याग कर दिया। उनकी 10 साल की तपस्या का फल बेटे को मिला। बेटा पहली बार 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बन गया। 2017 में कांग्रेस छोड़ संजय प्रताप जायसवाल ने बीजेपी का दामन थाम लिया और वह फिर से विधायक बन गए।Kahani Uttar Pradesh ki: अखिलेश यादव की शादी का कार्ड लेकर जब ‘दोस्त’ के ढाबे पर पहुंचे थे मुलायम सिंहसंजय प्रताप जायसवाल ने वर्ष 2002 से लगातार रूधौली विधानसभा में अपना भाग्य आजमाते रहे। लेकिन उन्हे वर्ष 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव में जीत दर्ज करने में सफलता मिली। बेटे की राजनीति में लगन और संघर्ष को देखकर मां का दिल पसीजा और ईश्वर को साक्षी मानकर उन्होंने बेटे को विधायक बनाने के लिए अन्न का त्याग कर दिया, मन्नत मांगी कि जब तक बेटा विधायक नही बन जाता वो अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगी। उपवास का दौर चलता रहा और ईश्वर ने एक मां की पुकार सुन ली। संजय जायसवाल को रूधौली विधानसभा की जनता का साथ मिला और वह विधायक बन गए। इसके बाद संजय की मां ने एक साल के लिए अपना उपवास तोड़ दिया। फिर उन्होंने सोचा कि बेटे की और तरक्की हो, तो उन्होंने 2013 में फिर से अन्न का त्याग कर उपवास शुरू किया जो आज भी जारी है।इस बारे में बात करते समय विधायक संजय जायसवाल की मां माया देवी की आंखें भर आती हैं। वह कहती हैं बेटे का संघर्ष मुझसे देखा नहीं गया सोचा क्‍यों न मैं भी कुछ प्रयास करूं। माया देवी कहना है कि वह इस दौरान सिर्फ फलाहार करती हैं और पूजा पाठ में लीन रहती हैं। उनका मकसद है बेटे को राजनीति की बुलंदियों पर पहुंचाना। निर्वतमान भाजपा विधायक संजय जायसवाल का कहना है कि मां के आशीर्वाद से आज वे राजनीति में इस मुकाम पर पहुंचे है। मां उनके और परिवार की उन्नति के लिए शुरू से ही संघर्ष करती रही हैं। उनके विधायक बनने के लिए मां ने पहले 12 साल व्रत रखा फिर वे विधायक बने मगर मां अब का भी व्रत जारी है। मतलब 20 साल से मां उनकी तरक्की के लिए उपवास पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *