SSM को चुनाव आयोग ने दी मान्यता:संयुक्त समाज मोर्चा के नाम पर आपत्ति जताने वाले आयोग ने लिया फैसला; राजेवाल समेत सभी प्रत्याशी भर चुके निर्दलीय नामांकन

SSM को चुनाव आयोग ने दी मान्यता:संयुक्त समाज मोर्चा के नाम पर आपत्ति जताने वाले आयोग ने लिया फैसला; राजेवाल समेत सभी प्रत्याशी भर चुके निर्दलीय नामांकन

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लुधियाना5 घंटे पहले

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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar

प्रतीकात्मक फोटो।

चुनाव आयोग ने पंजाब विधानसभा चुनाव में किसान संगठनों की ओर से बनाए गए संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) को राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता दे दी है। हालांकि आयोग ने अभी इसे चुनाव निशान जारी नहीं किया। संयुक्त समाज मोर्चा के नाम को लेकर आयोग को कुछ आपत्ति थी, जिसके चलते इसकी मान्यता का मामला अटका हुआ था।

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे के अलग-अलग किसान संगठनों ने यह मोर्चा बनाकर मान्यता के लिए आयोग के पास आवेदन किया था। संयुक्त समाज मोर्चा ने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को अपना मुख्यमंत्री चेहरा बनाया है।

अब चुनाव चिंह की दरकार

SSM के प्रवक्ता और मोहाली के उम्मीदवार रवनीत सिंह बराड़ ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा दी गई मान्यता का पत्र उनको मिल चुका है। रवनीत ने कहा, “इससे पहले, संयुक्त समाज मोर्चा के नाम पर चुनाव आयोग को आपत्ति थी, लेकिन अब उन्होंने इसे मंजूरी दे दी है। हालांकि, पार्टी का पंजीकरण होना बाकी है क्योंकि कुछ प्रक्रिया अभी शेष है। उन्होंने एक कॉमन चुनाव चिह्न की मांग चुनाव आयोग से की है।

नाम पर आयोग को थी आपत्ति

SSM ने इससे पहले चुनाव आयोग के पास दो बार आवेदन कर संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) को राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता देने की मांग की थी। आयोग इसके नाम को लेकर कंफ्यूज था। मान्यता न मिलने पर बलबीर सिंह राजेवाल ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी और भाजपा के कारण उनकी पार्टी रजिस्टर्ड नहीं हो पा रही।

आजाद प्रत्याशी के तौर पर कर चुके नामांकन

चुनाव आयोग के पास SSM ने दो बार आवेदन कर तर्क दिया था कि कि पंजाब में 117 सीटों पर मोर्चा उम्मीदवार उतार रहा है।। इसलिए एक कॉमन चुनाव चिह्न दिया जाए, जो उनका संविधानिक अधिकार है। चुनाव आयोग द्वारा आवेदन को अस्वीकार करने पर राजेवाल ने रोष जताते हुए इससे आयोग की निरपेक्षता पर भी सवाल खड़ा किया था। चुनाव आयोग द्वारा मान्यता न देने के बाद नामांकन के अंतिम दिन मोर्चा के मुख्यमंत्री चेहरा राजेवाल समेत अन्य उम्मीदवारों ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।

निर्दलीय चुनाव लड़ने को तैयार थे राजेवाल

पंजाब की राजनीति में एंट्री करने वाले 22 किसान संगठनों के संयुक्त समाज मोर्चा की राजनीतिक दल का गठन करने के बाद बलबीर सिंह राजेवाल को ही सीएम कैंडीडेट घोषित किया है। चुनाव आयोग द्वारा मान्यता पर कोई फैसला न लेने पर पहले विचार किया जा रहा था कि संयुक्त समाज मोर्चा उम्मीदवार अपनी सहयोगी पार्टी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के चुनाव चिह्न कप प्लेट पर इलेक्शन लड़ सकते हैं। मगर इस पर सहमति नहीं बन पाई है।

कप प्लेट नहीं बन पाई थी रजामंदी

बाद में फैसला लिया गया है कि सभी आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि राजेवाल नहीं चाहते थे कि वह किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की संयुक्त संघर्ष मोर्चा के चुनाव चिन्ह पर लड़ें, ऐसे में सीधे तौर पर पंजाब के किसान हरियाणा के नेता के अधीन हो जाएंगे। अब चुनाव आयोग द्वारा SSM को मान्यता देने के फैसले के बाद अब निर्दलीय की बजाय मोर्चा के बैनर तले ही वे चुनाव लड़ेंगे।

Hindi NewsLocalPunjabLudhianaThe Election Commission Has Given Recognition To The Sanyukat Samaj Morcha (SSM), The Symbol Has Not Been Received Yet.लुधियाना5 घंटे पहलेकॉपी लिंकप्रतीकात्मक फोटो।चुनाव आयोग ने पंजाब विधानसभा चुनाव में किसान संगठनों की ओर से बनाए गए संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) को राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता दे दी है। हालांकि आयोग ने अभी इसे चुनाव निशान जारी नहीं किया। संयुक्त समाज मोर्चा के नाम को लेकर आयोग को कुछ आपत्ति थी, जिसके चलते इसकी मान्यता का मामला अटका हुआ था।पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे के अलग-अलग किसान संगठनों ने यह मोर्चा बनाकर मान्यता के लिए आयोग के पास आवेदन किया था। संयुक्त समाज मोर्चा ने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को अपना मुख्यमंत्री चेहरा बनाया है।अब चुनाव चिंह की दरकारSSM के प्रवक्ता और मोहाली के उम्मीदवार रवनीत सिंह बराड़ ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा दी गई मान्यता का पत्र उनको मिल चुका है। रवनीत ने कहा, “इससे पहले, संयुक्त समाज मोर्चा के नाम पर चुनाव आयोग को आपत्ति थी, लेकिन अब उन्होंने इसे मंजूरी दे दी है। हालांकि, पार्टी का पंजीकरण होना बाकी है क्योंकि कुछ प्रक्रिया अभी शेष है। उन्होंने एक कॉमन चुनाव चिह्न की मांग चुनाव आयोग से की है।नाम पर आयोग को थी आपत्तिSSM ने इससे पहले चुनाव आयोग के पास दो बार आवेदन कर संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) को राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता देने की मांग की थी। आयोग इसके नाम को लेकर कंफ्यूज था। मान्यता न मिलने पर बलबीर सिंह राजेवाल ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी और भाजपा के कारण उनकी पार्टी रजिस्टर्ड नहीं हो पा रही।आजाद प्रत्याशी के तौर पर कर चुके नामांकनचुनाव आयोग के पास SSM ने दो बार आवेदन कर तर्क दिया था कि कि पंजाब में 117 सीटों पर मोर्चा उम्मीदवार उतार रहा है।। इसलिए एक कॉमन चुनाव चिह्न दिया जाए, जो उनका संविधानिक अधिकार है। चुनाव आयोग द्वारा आवेदन को अस्वीकार करने पर राजेवाल ने रोष जताते हुए इससे आयोग की निरपेक्षता पर भी सवाल खड़ा किया था। चुनाव आयोग द्वारा मान्यता न देने के बाद नामांकन के अंतिम दिन मोर्चा के मुख्यमंत्री चेहरा राजेवाल समेत अन्य उम्मीदवारों ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।निर्दलीय चुनाव लड़ने को तैयार थे राजेवालपंजाब की राजनीति में एंट्री करने वाले 22 किसान संगठनों के संयुक्त समाज मोर्चा की राजनीतिक दल का गठन करने के बाद बलबीर सिंह राजेवाल को ही सीएम कैंडीडेट घोषित किया है। चुनाव आयोग द्वारा मान्यता पर कोई फैसला न लेने पर पहले विचार किया जा रहा था कि संयुक्त समाज मोर्चा उम्मीदवार अपनी सहयोगी पार्टी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के चुनाव चिह्न कप प्लेट पर इलेक्शन लड़ सकते हैं। मगर इस पर सहमति नहीं बन पाई है।कप प्लेट नहीं बन पाई थी रजामंदीबाद में फैसला लिया गया है कि सभी आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि राजेवाल नहीं चाहते थे कि वह किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की संयुक्त संघर्ष मोर्चा के चुनाव चिन्ह पर लड़ें, ऐसे में सीधे तौर पर पंजाब के किसान हरियाणा के नेता के अधीन हो जाएंगे। अब चुनाव आयोग द्वारा SSM को मान्यता देने के फैसले के बाद अब निर्दलीय की बजाय मोर्चा के बैनर तले ही वे चुनाव लड़ेंगे।

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