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मुंबई4 घंटे पहले
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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने ठाकरे परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिए बयान में परमबीर ने कहा कि 16 साल से सस्पेंड चल रहे मुंबई पुलिस के एपीआई सचिन वझे को बहाल करने के निर्देश सीधे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए थे। इसके बाद उद्धव के बेटे और राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी सचिन वझे को बहाल करने के लिए कहा था।
सचिन वझे मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर गाड़ी में विस्फोटक रखने और उस गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामलों का मुख्य आरोपी है। फिलहाल वह मुंबई की तलोजा जेल में बंद है। महाराष्ट्र पुलिस ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है। परमबीर पर आरोप है कि उन्होंने जूनियर होने के बावजूद सचिन वझे को कई महत्वपूर्ण केस की जिम्मेदारी दी थी।
वझे का नाम सामने आने के बाद परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भी पुलिस के जरिए 100 करोड़ की वसूली करने की कोशिश का आरोप लगाया था।
परमबीर सिंह ने ED को बताया है कि, “सचिन वझे को 2020 में फिर से नियुक्त किया गया था। सभी पुलिसकर्मियों के निलंबन की समीक्षा मुंबई के पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में की जाती है। इसमें कुछ संयुक्त आयुक्त और कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होते हैं। सचिन वझे की नियुक्ति का पूरी समीक्षा के बाद की गई थी।”

सचिन वझे मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर गाड़ी में विस्फोटक रखने और उस गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामलों का मुख्य आरोपी है।
वझे को सीधे निर्देश देते थे देशमुख और CM
परमबीर ने आगे कहा,”इसके अलावा मैं यह कहना चाहूंगा कि तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख ने वझे को फिर से नियुक्त करने का सीधा दबाव बनाया था। मुझे आदित्य ठाकरे और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तरफ से भी ऐसा ही करने के निर्देश मिले थे। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के सुझाव पर ही मैंने सचिन वझे को क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में ट्रांसफर किया था।”
उन्होंने कहा कि इन्हीं दोनों की ओर से सचिन वझे को सीधे बुलाकर किसी भी बड़े मामले की जांच से जुड़ी अपडेट ली जाती थी और उस पर आगे क्या करना है, इसका इंस्ट्रक्शन दिया जाता था। सिंह ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि वझे को पुलिस सेवा में वापस लेने के लिए उससे देशमुख ने 2 करोड़ रुपये की मांग की थी।
अनिल देशमुख सीधे भेजते थे ट्रांसफर की लिस्ट
परमबीर सिंह ने अपने बयान में आगे कहा है कि मुंबई पुलिस के भीतर के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए जो कमिटी बनती है, उसका हेड पुलिस कमिश्नर होता है। इस कमेटी में PSI से लेकर DCP रैंक के अधिकारियों के तबादले पर फैसला लिया जाता है। मुंबई पुलिस के भीतर ट्रांसफर की लिस्ट भी गृह मंत्रालय में बनाई जाती थी और मुझे ये लिस्ट कई बार गृहमंत्री अनिल देशमुख ने खुद सौंपी थी और कई बार उनके पीएस संजीव पलांडे या उनके OSD रवि व्हटकर ने दी थी। परमबीर ने बताया कि उनके कई बार देशमुख ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस बुलाया है, जहां पर वे खुद की लिस्ट देते थे और फाइनल करने को कहते थे।

अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ की वसूली के आरोपों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच ED कर रही है। देशमुख और उनके पीए और पीएस को अरेस्ट भी किया जा चुका है।
देशमुख ने परमबीर को बताया मास्टरमाइंड
परमबीर के बयान से अलग महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ईडी को बताया कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह मनसुख हिरेन मौत मामले और एंटीलिया बम मामले का मास्टरमाइंड है। उन्होंने यह भी कहा कि सिंह ने झूठी जानकारी दी और तथ्यों को छुपाया। देशमुख ने यह भी कहा है कि सचिन वझे को सभी निर्देश परमबीर सिंह ही दिया करते थे|
बढ़ सकती है अनिल देशमुख की मुश्किलें
ED अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ की वसूली के आरोपों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। इस केस में अनिल देशमुख और उनके पीए और पीएस को अरेस्ट भी किया जा चुका है। ED के अधिकारियों ने वसूली को लेकर कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव सीताराम कुंटे भी शामिल हैं। ऐसे में CM और आदित्य ठाकरे का नाम सामने आने के बाद इस केस में नया एंगल आ जायेगा।
कुंटे ने भी अनिल देशमुख के खिलाफ दिया है बयान
सूत्रों के मुताबिक, सीताराम कुंटे ने ईडी को दिए अपने जवाब में कहा है कि जब अनिल देशमुख गृहमंत्री थे तो वह मुझे पुलिस ट्रांसफर के लिए अनाधिकृत सूचियां भेजते थे। मैं उनके अधीन काम कर रहा था और इसलिए मैं उन सूचियों को स्वीकार करने से इंकार नहीं कर सकता था। जब मैं अनिल देशमुख के अधीन काम कर रहा था, मैं अपने वरिष्ठों के आदेशों को मान रहा था और उनके द्वारा भेजी गई सूची पर हस्ताक्षर कर रहा था। माना जा रहा है कि कुंटे के इस खुलासे से अनिल देशमुख की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
ACB ने भी परमबीर से दो घंटे तक की है पूछताछ
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी एक पुलिस निरीक्षक की शिकायत पर परमबीर सिंह के खिलाफ की जा रही जांच के संबंध में उनका बयान दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सिंह मंगलवार दोपहर को मध्य मुंबई के वरली में स्थित ACB ऑफिस में जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए।
उन्होंने बताया कि सिंह करीब दो घंटे तक ACB ऑफिस में रहे और इस दौरान उनका बयान दर्ज किया गया तथा बाद में उन्हें जाने दिया गया। सिंह के खिलाफ वसूली के कई मामले दर्ज होने के बाद उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि ACB ने उन्हें पहले तीन बार सम्मन भेजा, लेकिन वह विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए उसके समक्ष पेश नहीं हुए।
मुंबई4 घंटे पहलेकॉपी लिंकमुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने ठाकरे परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिए बयान में परमबीर ने कहा कि 16 साल से सस्पेंड चल रहे मुंबई पुलिस के एपीआई सचिन वझे को बहाल करने के निर्देश सीधे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए थे। इसके बाद उद्धव के बेटे और राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी सचिन वझे को बहाल करने के लिए कहा था।सचिन वझे मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर गाड़ी में विस्फोटक रखने और उस गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामलों का मुख्य आरोपी है। फिलहाल वह मुंबई की तलोजा जेल में बंद है। महाराष्ट्र पुलिस ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है। परमबीर पर आरोप है कि उन्होंने जूनियर होने के बावजूद सचिन वझे को कई महत्वपूर्ण केस की जिम्मेदारी दी थी।वझे का नाम सामने आने के बाद परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भी पुलिस के जरिए 100 करोड़ की वसूली करने की कोशिश का आरोप लगाया था।परमबीर सिंह ने ED को बताया है कि, “सचिन वझे को 2020 में फिर से नियुक्त किया गया था। सभी पुलिसकर्मियों के निलंबन की समीक्षा मुंबई के पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में की जाती है। इसमें कुछ संयुक्त आयुक्त और कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होते हैं। सचिन वझे की नियुक्ति का पूरी समीक्षा के बाद की गई थी।”सचिन वझे मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर गाड़ी में विस्फोटक रखने और उस गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामलों का मुख्य आरोपी है।वझे को सीधे निर्देश देते थे देशमुख और CMपरमबीर ने आगे कहा,”इसके अलावा मैं यह कहना चाहूंगा कि तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख ने वझे को फिर से नियुक्त करने का सीधा दबाव बनाया था। मुझे आदित्य ठाकरे और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तरफ से भी ऐसा ही करने के निर्देश मिले थे। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के सुझाव पर ही मैंने सचिन वझे को क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में ट्रांसफर किया था।”उन्होंने कहा कि इन्हीं दोनों की ओर से सचिन वझे को सीधे बुलाकर किसी भी बड़े मामले की जांच से जुड़ी अपडेट ली जाती थी और उस पर आगे क्या करना है, इसका इंस्ट्रक्शन दिया जाता था। सिंह ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि वझे को पुलिस सेवा में वापस लेने के लिए उससे देशमुख ने 2 करोड़ रुपये की मांग की थी।अनिल देशमुख सीधे भेजते थे ट्रांसफर की लिस्टपरमबीर सिंह ने अपने बयान में आगे कहा है कि मुंबई पुलिस के भीतर के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए जो कमिटी बनती है, उसका हेड पुलिस कमिश्नर होता है। इस कमेटी में PSI से लेकर DCP रैंक के अधिकारियों के तबादले पर फैसला लिया जाता है। मुंबई पुलिस के भीतर ट्रांसफर की लिस्ट भी गृह मंत्रालय में बनाई जाती थी और मुझे ये लिस्ट कई बार गृहमंत्री अनिल देशमुख ने खुद सौंपी थी और कई बार उनके पीएस संजीव पलांडे या उनके OSD रवि व्हटकर ने दी थी। परमबीर ने बताया कि उनके कई बार देशमुख ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस बुलाया है, जहां पर वे खुद की लिस्ट देते थे और फाइनल करने को कहते थे।अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ की वसूली के आरोपों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच ED कर रही है। देशमुख और उनके पीए और पीएस को अरेस्ट भी किया जा चुका है।देशमुख ने परमबीर को बताया मास्टरमाइंडपरमबीर के बयान से अलग महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ईडी को बताया कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह मनसुख हिरेन मौत मामले और एंटीलिया बम मामले का मास्टरमाइंड है। उन्होंने यह भी कहा कि सिंह ने झूठी जानकारी दी और तथ्यों को छुपाया। देशमुख ने यह भी कहा है कि सचिन वझे को सभी निर्देश परमबीर सिंह ही दिया करते थे|बढ़ सकती है अनिल देशमुख की मुश्किलेंED अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ की वसूली के आरोपों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। इस केस में अनिल देशमुख और उनके पीए और पीएस को अरेस्ट भी किया जा चुका है। ED के अधिकारियों ने वसूली को लेकर कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव सीताराम कुंटे भी शामिल हैं। ऐसे में CM और आदित्य ठाकरे का नाम सामने आने के बाद इस केस में नया एंगल आ जायेगा।कुंटे ने भी अनिल देशमुख के खिलाफ दिया है बयानसूत्रों के मुताबिक, सीताराम कुंटे ने ईडी को दिए अपने जवाब में कहा है कि जब अनिल देशमुख गृहमंत्री थे तो वह मुझे पुलिस ट्रांसफर के लिए अनाधिकृत सूचियां भेजते थे। मैं उनके अधीन काम कर रहा था और इसलिए मैं उन सूचियों को स्वीकार करने से इंकार नहीं कर सकता था। जब मैं अनिल देशमुख के अधीन काम कर रहा था, मैं अपने वरिष्ठों के आदेशों को मान रहा था और उनके द्वारा भेजी गई सूची पर हस्ताक्षर कर रहा था। माना जा रहा है कि कुंटे के इस खुलासे से अनिल देशमुख की मुश्किलें और बढ़ेंगी।ACB ने भी परमबीर से दो घंटे तक की है पूछताछएंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी एक पुलिस निरीक्षक की शिकायत पर परमबीर सिंह के खिलाफ की जा रही जांच के संबंध में उनका बयान दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सिंह मंगलवार दोपहर को मध्य मुंबई के वरली में स्थित ACB ऑफिस में जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए।उन्होंने बताया कि सिंह करीब दो घंटे तक ACB ऑफिस में रहे और इस दौरान उनका बयान दर्ज किया गया तथा बाद में उन्हें जाने दिया गया। सिंह के खिलाफ वसूली के कई मामले दर्ज होने के बाद उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि ACB ने उन्हें पहले तीन बार सम्मन भेजा, लेकिन वह विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए उसके समक्ष पेश नहीं हुए।
