
Hijab Controversy Updates : भारत में हिजाब विवाद पर अमेरिका की ओर से भी टिप्पणी आ गई है। बाइडेन प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है कि कर्नाटक सरकार को यह फैसला नहीं करना चाहिए कि कोई धार्मिक पोशाक पहने या नहीं। बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामले के राजदूत रशद हुसैन ने ट्वीट में यह बात कही है।
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हिजाब विवाद में कूदा अमेरिका।
हाइलाइट्स
- बाइडेन प्रशासन के एक अधिकारी ने भारत में जारी हिजाब विवाद पर टिप्पणी की है
- अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामले के राजदूत के राजदूत रशद हुसैन ने ट्वीट किया
- रशद हुसैन भारतीय मूल के ही अमेरिकी नागरिक हैं जिनकी जड़ें बिहार राज्य में हैं
- उन्होंने कहा कि मजहबी पोशाक पहनने की छूट भी धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा है
बाइडेन प्रशासन के अधिकारी ने क्या कहा?
बाइडेन प्रशासन के इस अधिकारी ने ट्वीट किया, ‘अपनी मजहबी पोशाक पहनना भी धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा है। भारतीय प्रदेश कर्नाटक को मजहबी पहनावे की अनुमति निर्धारित नहीं करनी चाहिए। स्कूलों में हिजाब पर पाबंदी मजहबी आजादी का हनन है और महिलाओं एवं लड़कियों के लिए खास धारणा बनाती हैं और उन्हें हाशिये पर धकेलती है।’
अभी अदालत में है मामला
ध्यान रहे कि हिजाब का मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने है जिसने स्कूलों में हिजाब पहनने पर अंतरिम रूप से रोक लगा रखा है। मामले में सुनवाई सोमवार से बहाल होगी। इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट के पास भी आ गया है। भारत की सर्वोच्च अदालत ने हिजाब विवाद में यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि वह हाई कोर्ट का आखिरी आदेश आने से पहले कोई टिप्पणी नहीं करेगा।
Hijab Row: ‘आर्मी-पुलिस जॉइन करने के बाद क्या कोई कहेगा कि मैं जो चाहूंगा वो पहनूंगा…’ हिजाब विवाद के पीछे सियासी मंशा तो नहीं!
CJI भी पूछ चुके हैं- इसे फैलाना चाहिए?
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कर्नाटक हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाले एक याचिकाकर्ता के वकील से यह सोचने के लिए कहा कि क्या इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर लाना उचित है। सीजीआई ने मौखिक रूप से कहा, ‘इन बातों को बड़े स्तर पर न फैलाएं… हम इस पर कुछ भी व्यक्त नहीं करना चाहते हैं।’ जस्टिस रमण ने कामत से कहा, ‘हम इसे देख रहे हैं और हम जानते हैं कि क्या हो रहा है। सोचें, क्या इसे राष्ट्रीय स्तर पर लाना उचित है।’
हुसैन की जड़ें बिहार में
एंबेसडर-एट-लार्ज ऐसा राजदूत होता है जिसे विशेष जिम्मेदारियां दी जाती हैं लेकिन वह किसी खास देश के लिए नियुक्त नहीं होता है। रशद हुसैन की जड़ें भारत के बिहार राज्य से जुड़ी हुई हैं। 41 वर्षीय हुसैन को 500 प्रभावशाली मुस्लिम लोगों में शामिल किया गया था। उन्हें पिछले वर्ष जुलाई महीने में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता विभाग का एंबेसडर-एट-लार्ज नियुक्त करने की घोषणा की गई थी।
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Web Title : us ambassador-at-large for international religious freedom rashad hussain tweet on hijab controversy in karnataka
Hindi News from Navbharat Times, TIL Network
Hijab Controversy Updates : भारत में हिजाब विवाद पर अमेरिका की ओर से भी टिप्पणी आ गई है। बाइडेन प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है कि कर्नाटक सरकार को यह फैसला नहीं करना चाहिए कि कोई धार्मिक पोशाक पहने या नहीं। बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामले के राजदूत रशद हुसैन ने ट्वीट में यह बात कही है।हिजाब विवाद में कूदा अमेरिका।हाइलाइट्सबाइडेन प्रशासन के एक अधिकारी ने भारत में जारी हिजाब विवाद पर टिप्पणी की हैअंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामले के राजदूत के राजदूत रशद हुसैन ने ट्वीट कियारशद हुसैन भारतीय मूल के ही अमेरिकी नागरिक हैं जिनकी जड़ें बिहार राज्य में हैंउन्होंने कहा कि मजहबी पोशाक पहनने की छूट भी धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा हैवॉशिंगटन : कर्नाटक के एक स्कूल से देश के अन्य हिस्सों में फैले हिजाब विवाद में अब अमेरिकी प्रशासन का एक विभाग भी कूद पड़ा है। बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मामले के राजदूत (US ambassador-at-large for international religious freedom) रशद हुसैन ने कहा है कि कर्नाटक सरकार को इसका फैसला नहीं करना चाहिए कि कोई मजहबी पोशाक पहने या नहीं। भारतीय मूल के हुसैन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि किसी की मजहबी आजादी सुनिश्चित करने के लिए उसे उसके मजहब की पोशाक पहनने की आजादी भी होनी चाहिए। बाइडेन प्रशासन के अधिकारी ने क्या कहा?बाइडेन प्रशासन के इस अधिकारी ने ट्वीट किया, ‘अपनी मजहबी पोशाक पहनना भी धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा है। भारतीय प्रदेश कर्नाटक को मजहबी पहनावे की अनुमति निर्धारित नहीं करनी चाहिए। स्कूलों में हिजाब पर पाबंदी मजहबी आजादी का हनन है और महिलाओं एवं लड़कियों के लिए खास धारणा बनाती हैं और उन्हें हाशिये पर धकेलती है।’अभी अदालत में है मामलाध्यान रहे कि हिजाब का मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने है जिसने स्कूलों में हिजाब पहनने पर अंतरिम रूप से रोक लगा रखा है। मामले में सुनवाई सोमवार से बहाल होगी। इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट के पास भी आ गया है। भारत की सर्वोच्च अदालत ने हिजाब विवाद में यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि वह हाई कोर्ट का आखिरी आदेश आने से पहले कोई टिप्पणी नहीं करेगा। Hijab Row: ‘आर्मी-पुलिस जॉइन करने के बाद क्या कोई कहेगा कि मैं जो चाहूंगा वो पहनूंगा…’ हिजाब विवाद के पीछे सियासी मंशा तो नहीं!CJI भी पूछ चुके हैं- इसे फैलाना चाहिए?भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कर्नाटक हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाले एक याचिकाकर्ता के वकील से यह सोचने के लिए कहा कि क्या इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर लाना उचित है। सीजीआई ने मौखिक रूप से कहा, ‘इन बातों को बड़े स्तर पर न फैलाएं… हम इस पर कुछ भी व्यक्त नहीं करना चाहते हैं।’ जस्टिस रमण ने कामत से कहा, ‘हम इसे देख रहे हैं और हम जानते हैं कि क्या हो रहा है। सोचें, क्या इसे राष्ट्रीय स्तर पर लाना उचित है।’हुसैन की जड़ें बिहार में एंबेसडर-एट-लार्ज ऐसा राजदूत होता है जिसे विशेष जिम्मेदारियां दी जाती हैं लेकिन वह किसी खास देश के लिए नियुक्त नहीं होता है। रशद हुसैन की जड़ें भारत के बिहार राज्य से जुड़ी हुई हैं। 41 वर्षीय हुसैन को 500 प्रभावशाली मुस्लिम लोगों में शामिल किया गया था। उन्हें पिछले वर्ष जुलाई महीने में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता विभाग का एंबेसडर-एट-लार्ज नियुक्त करने की घोषणा की गई थी।Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : us ambassador-at-large for international religious freedom rashad hussain tweet on hijab controversy in karnatakaHindi News from Navbharat Times, TIL Network