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- Ashish Mishra’s Bail Has A Direct Effect On More Than 30 Seats, Only 1 Out Of 5 Experts Said Votes Will Increase
एक घंटा पहलेलेखक: देवांशु तिवारी
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‘गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर और बस्ती की 42 विधानसभाओं में किसानों के वोट बीजेपी से दूर जा सकते हैं। यहां का खेतिहर वर्ग आशीष मिश्र की जमानत से नाराज है। 7वें चरण में यहां होने वाले चुनाव में बीजेपी को भारी नुकसान होगा।’ ये कहना है लगातार चुनावी यात्रा कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी निगम का।
असल में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे की जमानत पर हमने 5 राजनीतिक विशेषज्ञों से बात की है। इसमें 4 ने कहा कि ये जमानत बीजेपी का वोट काटेगी। एक ने कहा कि इससे पार्टी की पॉजिटिव इमेज बनेगी। आइए एक-एक कर जानते हैं…
विशेषज्ञ 1ः भाजपा अब नहीं रही ‘पार्टी विथ द डिफरेंस’
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक जानकार कुमार भवेश चंद्र कहते हैं, ‘अटल जी जरूर कहते थे कि ‘भाजपा पार्टी विथ द डिफरेंस’ है, लेकिन इस मामले ने यह बता दिया कि भाजपा अलग हट कर काम करने वाली पार्टी नहीं है। मुझे लगता है कि हाईकोर्ट के इस फैसले से बड़ा वोटर वर्ग बीजेपी से खिसक जाएगा। इससे जनता ही नहीं, भाजपा के भीतर भी नाराजगी दिख रही है।’
वे कहते हैं, ‘कल जैसे ही हाईकोर्ट का फैसला आया, जयंत चौधरी ने सबसे पहले ट्वीट किया, ताकि वहां हो रहे चुनाव पर इसका असर पड़े। इस फैसले ने भाजपा को घेरने के लिए विरोधियों को बड़ा मौका दे दिया है।’

10 फरवरी को जयंत चौधरी ने ये ट्वीट किया था।
विशेषज्ञ 2ः बीजेपी पर फूटेगा पूर्वांचल और तराई बेल्ट के किसानों का गुस्सा
अश्निनी निगम स्वतंत्र पत्रकार हैं और यूपी में 10 जिलों की चुनावी यात्रा पर हैं। वे बताते हैं, ‘टेनी के बिगड़ैल बेटे आशीष मिश्र को जमानत मिलने से किसानों का घाव फिर से ताजा हो गया है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट के किसान गुस्से में हैं। इससे यही लगता है कि बाकी बचे 6 चरणों के चुनाव में बीजेपी का डाउनफॉल होगा।’
विशेषज्ञ 3ः टेनी के इंफ्लुएंस में हुई जांच, बीजेपी के वोटिंग ग्राफ पर पड़ेगा असर
वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान बताते हैं, ‘आशीष को जमानत मिलने से यह साबित हो गया कि इस केस की जांच अजय मिश्र टेनी के इंफ्लुएंस में हुई। ये इंवेस्टिगेशन ही इस तरह से हुई कि कोर्ट से बेल आसानी से मिल जाए। यह पुलिस कार्रवाई पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है। बीजेपी बीते कई केस में ऐसा ही करती आई है। चाहे वो विधायक सेंगर हों या हाथरस कांड के आरोपी हों। मंत्री के बेटे को जमानत मिलने से किसानों का गुस्सा और बढ़ा है। इसका असर बीजेपी के वोटिंग ग्राफ पर पड़ेगा।’
विशेषज्ञ 4ः जमानत मिलने से सत्ता पक्ष का दबंग चेहरा लोगों के सामने आया
नावेद शिकोह यूपी की पॉलिटिक्स पर अच्छी पकड़ रखते हैं। शिकोह बताते हैं, ‘अजय मिश्र के बेटे को जमानत मिलने से सत्ता पक्ष का दबंग चेहरा लोगों के सामने आ चुका है। कुछ दिन पहले ही किसान यूनियन और कई बड़े किसान नेता फिर से सड़क पर आने की बात कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर गुस्सा देखकर एक बात तो तय है कि अगले चरण में जब पश्चिम में चुनाव होगा, तब इससे बीजेपी को भारी नुकसान होगा।’

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष को जमानत मिलने के बाद 40 से ज्यादा किसान संघों ने संयुक्त बयान जारी कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। किसान एकता मोर्चा ने 10 फरवरी को ये ट्वीट किया था।
विशेषज्ञ 5ः मामले ने बढ़ाई बीजेपी की पॉजिटिव इमेज, नहीं होगा चुनावी नुकसान
काशी विद्यापीठ के पॉलिटिकल साइंस विभाग के सीनियर प्रोफेसर सुनील मिश्र कहते हैं, ‘बीजेपी में इस पूरे मामले की न्यायिक प्रक्रिया में कहीं भी रोक नहीं लगाई, जबकि केस उसके मंत्री से सीधे जुड़ा हुआ था। इससे पार्टी की पॉजिटिव इमेज लोगों के बीच गई है, इसलिए मुझे लगता है कि इससे पार्टी को कोई चुनावी नुकसान नहीं होगा, बल्कि वोट बढ़ेंगे। रही बात विरोध की तो आजकल कुछ भी नया होने पर लोग ट्वीट करने लग जाते हैं, लेकिन दो दिन बाद सब शांत हो जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही होगा।’
Hindi NewsLocalUttar pradeshAshish Mishra’s Bail Has A Direct Effect On More Than 30 Seats, Only 1 Out Of 5 Experts Said Votes Will Increaseएक घंटा पहलेलेखक: देवांशु तिवारीकॉपी लिंकवीडियो’गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर और बस्ती की 42 विधानसभाओं में किसानों के वोट बीजेपी से दूर जा सकते हैं। यहां का खेतिहर वर्ग आशीष मिश्र की जमानत से नाराज है। 7वें चरण में यहां होने वाले चुनाव में बीजेपी को भारी नुकसान होगा।’ ये कहना है लगातार चुनावी यात्रा कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी निगम का।असल में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे की जमानत पर हमने 5 राजनीतिक विशेषज्ञों से बात की है। इसमें 4 ने कहा कि ये जमानत बीजेपी का वोट काटेगी। एक ने कहा कि इससे पार्टी की पॉजिटिव इमेज बनेगी। आइए एक-एक कर जानते हैं…विशेषज्ञ 1ः भाजपा अब नहीं रही ‘पार्टी विथ द डिफरेंस’वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक जानकार कुमार भवेश चंद्र कहते हैं, ‘अटल जी जरूर कहते थे कि ‘भाजपा पार्टी विथ द डिफरेंस’ है, लेकिन इस मामले ने यह बता दिया कि भाजपा अलग हट कर काम करने वाली पार्टी नहीं है। मुझे लगता है कि हाईकोर्ट के इस फैसले से बड़ा वोटर वर्ग बीजेपी से खिसक जाएगा। इससे जनता ही नहीं, भाजपा के भीतर भी नाराजगी दिख रही है।’वे कहते हैं, ‘कल जैसे ही हाईकोर्ट का फैसला आया, जयंत चौधरी ने सबसे पहले ट्वीट किया, ताकि वहां हो रहे चुनाव पर इसका असर पड़े। इस फैसले ने भाजपा को घेरने के लिए विरोधियों को बड़ा मौका दे दिया है।’10 फरवरी को जयंत चौधरी ने ये ट्वीट किया था।विशेषज्ञ 2ः बीजेपी पर फूटेगा पूर्वांचल और तराई बेल्ट के किसानों का गुस्साअश्निनी निगम स्वतंत्र पत्रकार हैं और यूपी में 10 जिलों की चुनावी यात्रा पर हैं। वे बताते हैं, ‘टेनी के बिगड़ैल बेटे आशीष मिश्र को जमानत मिलने से किसानों का घाव फिर से ताजा हो गया है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट के किसान गुस्से में हैं। इससे यही लगता है कि बाकी बचे 6 चरणों के चुनाव में बीजेपी का डाउनफॉल होगा।’विशेषज्ञ 3ः टेनी के इंफ्लुएंस में हुई जांच, बीजेपी के वोटिंग ग्राफ पर पड़ेगा असरवरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान बताते हैं, ‘आशीष को जमानत मिलने से यह साबित हो गया कि इस केस की जांच अजय मिश्र टेनी के इंफ्लुएंस में हुई। ये इंवेस्टिगेशन ही इस तरह से हुई कि कोर्ट से बेल आसानी से मिल जाए। यह पुलिस कार्रवाई पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है। बीजेपी बीते कई केस में ऐसा ही करती आई है। चाहे वो विधायक सेंगर हों या हाथरस कांड के आरोपी हों। मंत्री के बेटे को जमानत मिलने से किसानों का गुस्सा और बढ़ा है। इसका असर बीजेपी के वोटिंग ग्राफ पर पड़ेगा।’विशेषज्ञ 4ः जमानत मिलने से सत्ता पक्ष का दबंग चेहरा लोगों के सामने आयानावेद शिकोह यूपी की पॉलिटिक्स पर अच्छी पकड़ रखते हैं। शिकोह बताते हैं, ‘अजय मिश्र के बेटे को जमानत मिलने से सत्ता पक्ष का दबंग चेहरा लोगों के सामने आ चुका है। कुछ दिन पहले ही किसान यूनियन और कई बड़े किसान नेता फिर से सड़क पर आने की बात कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर गुस्सा देखकर एक बात तो तय है कि अगले चरण में जब पश्चिम में चुनाव होगा, तब इससे बीजेपी को भारी नुकसान होगा।’केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष को जमानत मिलने के बाद 40 से ज्यादा किसान संघों ने संयुक्त बयान जारी कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। किसान एकता मोर्चा ने 10 फरवरी को ये ट्वीट किया था।विशेषज्ञ 5ः मामले ने बढ़ाई बीजेपी की पॉजिटिव इमेज, नहीं होगा चुनावी नुकसानकाशी विद्यापीठ के पॉलिटिकल साइंस विभाग के सीनियर प्रोफेसर सुनील मिश्र कहते हैं, ‘बीजेपी में इस पूरे मामले की न्यायिक प्रक्रिया में कहीं भी रोक नहीं लगाई, जबकि केस उसके मंत्री से सीधे जुड़ा हुआ था। इससे पार्टी की पॉजिटिव इमेज लोगों के बीच गई है, इसलिए मुझे लगता है कि इससे पार्टी को कोई चुनावी नुकसान नहीं होगा, बल्कि वोट बढ़ेंगे। रही बात विरोध की तो आजकल कुछ भी नया होने पर लोग ट्वीट करने लग जाते हैं, लेकिन दो दिन बाद सब शांत हो जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही होगा।’