IPL 2022 Auction: रमेश कुमार के पिता जूते सिलते हैं, मां चूड़ियां बेचती हैं, अब शाहरुख खान की KKR ने 20 लाख रुपए में खरीदा

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रमेश कुमार कहते हैं, ‘मैं आईपीएल देखकर बड़ा हुआ हूं और सुनील नरेन की नकल करता हूं। मैं पंजाब में टेनिस-बॉल टूर्नामेंट खेलता था। मेरा गेंदबाजी एक्शन और बल्लेबाजी शैली वायरल हो गई।’

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मेगा ऑक्शन 2022 में कोलकाता नाइटराइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने पंजाब के रमेश कुमार को उनके बेस प्राइस 20 लाख रुपए में खरीदा। रमेश कुमार को पंजाब का ‘नरेन जलालाबादिया’ कहा जाता है। कारण यह है कि रमेश भी वेस्टइंडीज के मिस्ट्री स्पिनर और टी20 स्टार सुनील नरेन कीर तरह एक ही एक्शन के साथ अलग-अलग गेंद फेंकने में माहिर हैं।

आईपीएल नीलामी से पहले तक रमेश कुमार की पहचान सीमित थी, लेकिन शाहरुख खान के सह मालिकाना हक वाली केकेआर (KKR) द्वारा उन पर दांव लगाने के बाद एक झटके में उनकी जिंदगी बदल गई। अब उन्हें चरमोत्कर्ष का इंतजार है: अंतिम गेंद पर एक छक्का या एक सुपर ओवर, जिसमें वह अपनी टीम की जीत के लिए 6 अलग-अलग गेंदें फेंके।

रमेश कुमार के पिता मंगू राम जूते की मरम्मत करते हैं। उनकी मां चूड़ियां बेचती हैं। पच्चीस साल पहले, मंगू राम ने अपने परिवार के लिए काम और बेहतर जीवन की तलाश में गृह नगर हनुमानगढ़ (राजस्थान) को छोड़ दिया और पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में बस गए। अब उनका बेटा दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में टी20 दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेलेगा।

रमेश ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, ‘मैं आईपीएल देखकर बड़ा हुआ हूं और सुनील नरेन की नकल करता हूं। मैं पंजाब में टेनिस-बॉल टूर्नामेंट खेलता था। मेरा गेंदबाजी एक्शन और बल्लेबाजी शैली वायरल हो गई थी।’

रमेश कुमार ने बताया, ‘पिछले साल मार्च-अप्रैल में किसी ने ‘नरेन जलालाबादिया’ कैप्शन के साथ मेरा वीडियो पोस्ट किया और वह वायरल हो गया। रमेश ने बताया, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे खुद नहीं पता कि मैं किस तरह का गेंदबाज हूं, लेकिन मैं एक ही एक्शन के साथ 6 अलग-अलग गेंदें फेंक सकता हूं। यही कारण है कि मुझे इतने विकेट मिलते हैं।’

रमेश टेनिस-बॉल सर्किट में एक मामूली स्टार ही बनकर रह जाते, यदि पंजाब के गुरकीरत मान ने उनका वीडियो केकेआर के सहायक कोच और मुंबई के पूर्व खिलाड़ी अभिषेक नायर को न भेजा होता। दरअसल, गुरकीरत मान को किसी ने रमेश का वीडियो शेयर किया था। इसके बाद गुरकीरत ने उसे अभिषेक नायर से शेयर किया। दोनों प्रभावित थे, लेकिन यह निश्चित नहीं था कि वीडियो में दिख रहा लड़का प्रभावी हार्ड-बॉल स्पिनर है या नहीं।

पंजाब के सीनियर टीम कैंप के दौरान गुरकीरत मान ने रमेश को मोहाली के पीसीए स्टेडियम में बुलाया। रमेश ने वहां अपना टेनिस-बॉल कौशल फिर दोहराया। इसके बाद रमेश कुमार के गेंदबाजी के और वीडियो शूट किए गए। गुरकीरत मान ने फिर उन्हें अभिषेक नायर को भेजा।

रमेश ने बताया, ‘कुछ दिन बाद मेरे पास अनजान नंबर से कॉल आई। मैंने सोचा कि यह किसी बैंक से लोन (ऋण) वाली कॉल होगी। अभिषेक नायर क्यों मुझे बुलाएंगे! मुझे तब यकीन हुआ जब मान पाजी ने मुझे बताया कि यह अभिषेक नायर का ही फोन था।’

आखिरकार काम नहीं करने के लिए राजी हुए मेरे माता-पिता: रमेश कुमार

अब केकेआर ने उन्हें 20 लाख रुपए में खरीद लिया है। इस राशि ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनके पिता को अब आजीविका के लिए मोची का काम नहीं करना होगा। ना ही उनकी मां को पंजाब के फाजिल्का जिले में चूड़ियां बेचने के लिए एक गांव से दूसरे गांव में घूमना पड़ेगा।

रमेश पहले भी कई बार अपने उम्रदराज माता-पिता को काम बंद करने को कहा लेकिन उन्होंने कभी उसकी बात नहीं सुनी। आईपीएल करार मिलने के बाद हालांकि वे मान गए हैं कि उनके बेटे का खेल में भविष्य है और उन्हें गली-गली भटकने की जरूरत नहीं है।

रमेश कुमार कहते हैं, ‘मैं आईपीएल देखकर बड़ा हुआ हूं और सुनील नरेन की नकल करता हूं। मैं पंजाब में टेनिस-बॉल टूर्नामेंट खेलता था। मेरा गेंदबाजी एक्शन और बल्लेबाजी शैली वायरल हो गई।’ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मेगा ऑक्शन 2022 में कोलकाता नाइटराइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने पंजाब के रमेश कुमार को उनके बेस प्राइस 20 लाख रुपए में खरीदा। रमेश कुमार को पंजाब का ‘नरेन जलालाबादिया’ कहा जाता है। कारण यह है कि रमेश भी वेस्टइंडीज के मिस्ट्री स्पिनर और टी20 स्टार सुनील नरेन कीर तरह एक ही एक्शन के साथ अलग-अलग गेंद फेंकने में माहिर हैं। आईपीएल नीलामी से पहले तक रमेश कुमार की पहचान सीमित थी, लेकिन शाहरुख खान के सह मालिकाना हक वाली केकेआर (KKR) द्वारा उन पर दांव लगाने के बाद एक झटके में उनकी जिंदगी बदल गई। अब उन्हें चरमोत्कर्ष का इंतजार है: अंतिम गेंद पर एक छक्का या एक सुपर ओवर, जिसमें वह अपनी टीम की जीत के लिए 6 अलग-अलग गेंदें फेंके। रमेश कुमार के पिता मंगू राम जूते की मरम्मत करते हैं। उनकी मां चूड़ियां बेचती हैं। पच्चीस साल पहले, मंगू राम ने अपने परिवार के लिए काम और बेहतर जीवन की तलाश में गृह नगर हनुमानगढ़ (राजस्थान) को छोड़ दिया और पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में बस गए। अब उनका बेटा दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में टी20 दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेलेगा। रमेश ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, ‘मैं आईपीएल देखकर बड़ा हुआ हूं और सुनील नरेन की नकल करता हूं। मैं पंजाब में टेनिस-बॉल टूर्नामेंट खेलता था। मेरा गेंदबाजी एक्शन और बल्लेबाजी शैली वायरल हो गई थी।’ रमेश कुमार ने बताया, ‘पिछले साल मार्च-अप्रैल में किसी ने ‘नरेन जलालाबादिया’ कैप्शन के साथ मेरा वीडियो पोस्ट किया और वह वायरल हो गया। रमेश ने बताया, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे खुद नहीं पता कि मैं किस तरह का गेंदबाज हूं, लेकिन मैं एक ही एक्शन के साथ 6 अलग-अलग गेंदें फेंक सकता हूं। यही कारण है कि मुझे इतने विकेट मिलते हैं।’ रमेश टेनिस-बॉल सर्किट में एक मामूली स्टार ही बनकर रह जाते, यदि पंजाब के गुरकीरत मान ने उनका वीडियो केकेआर के सहायक कोच और मुंबई के पूर्व खिलाड़ी अभिषेक नायर को न भेजा होता। दरअसल, गुरकीरत मान को किसी ने रमेश का वीडियो शेयर किया था। इसके बाद गुरकीरत ने उसे अभिषेक नायर से शेयर किया। दोनों प्रभावित थे, लेकिन यह निश्चित नहीं था कि वीडियो में दिख रहा लड़का प्रभावी हार्ड-बॉल स्पिनर है या नहीं। पंजाब के सीनियर टीम कैंप के दौरान गुरकीरत मान ने रमेश को मोहाली के पीसीए स्टेडियम में बुलाया। रमेश ने वहां अपना टेनिस-बॉल कौशल फिर दोहराया। इसके बाद रमेश कुमार के गेंदबाजी के और वीडियो शूट किए गए। गुरकीरत मान ने फिर उन्हें अभिषेक नायर को भेजा। रमेश ने बताया, ‘कुछ दिन बाद मेरे पास अनजान नंबर से कॉल आई। मैंने सोचा कि यह किसी बैंक से लोन (ऋण) वाली कॉल होगी। अभिषेक नायर क्यों मुझे बुलाएंगे! मुझे तब यकीन हुआ जब मान पाजी ने मुझे बताया कि यह अभिषेक नायर का ही फोन था।’ आखिरकार काम नहीं करने के लिए राजी हुए मेरे माता-पिता: रमेश कुमार अब केकेआर ने उन्हें 20 लाख रुपए में खरीद लिया है। इस राशि ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनके पिता को अब आजीविका के लिए मोची का काम नहीं करना होगा। ना ही उनकी मां को पंजाब के फाजिल्का जिले में चूड़ियां बेचने के लिए एक गांव से दूसरे गांव में घूमना पड़ेगा। रमेश पहले भी कई बार अपने उम्रदराज माता-पिता को काम बंद करने को कहा लेकिन उन्होंने कभी उसकी बात नहीं सुनी। आईपीएल करार मिलने के बाद हालांकि वे मान गए हैं कि उनके बेटे का खेल में भविष्य है और उन्हें गली-गली भटकने की जरूरत नहीं है।

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