
देश में कोरोना के मामलों में कमी आई है। इसके मद्देनजर केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है। उसने राज्यों से कोरोना की बंदिशों की समीक्षा करने को कहा है। इस संबंध में राज्यों को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कोरोना के केसों के घटते ट्रेंड का हवाला दिया गया है। राज्यों से कहा है गया है कि जरूरत हो तो वो सख्ती कम करें।
Coronavirus India Update: क्या मार्च के बाद खत्म हो जाएगा कोरोना? एक्सपर्ट की ये बातें दे रही राहत!
उन्होंने पत्र में लिखा है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस की बदली स्थिति के बीच कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए जो नियम लागू किए गए थे, उनकी समीक्षा हुई है। इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किया है, उन्होंने राज्यों से उन अतिरिक्त प्रतिबंधों में भी संशोधन करने को कहा, जो उन्होंने लगाए थे।
इसी हिसाब से स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 10 फरवरी 2022 से नए नियम लागू कर दिए हैं। गौरतलब है कि सरकार की नई गाइडलाइंस में विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए अनिवार्य क्वारंटीन के नियम को भी खत्म कर दिया गया है।
उन्होंने कहा है कि साल के शुरुआती महीनों में कोरोना की रफ्तार को देखते हुए कई राज्यों ने एयरपोर्ट्स और राज्य की सीमाओं पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि, जहां कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य प्रबंध चुस्त रखना जरूरी है, वहीं राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों में कोई रुकावट न आए ये सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
क्या अब कोरोना के साथ ही रहना पड़ेगा? महामारी के एंडमिक फेज में पहुंचने की चर्चा, जानिए एक्सपर्ट्स की राय
कोरोना के घटते मामलों का चिट्ठी में हवाला
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मौजूदा समय में भारत में कोरोना मामलों में कमी देखी जा रही है। इसलिए राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ये बेहतर होगा कि वे अतिरिक्त प्रतिबंधों की समीक्षा करें और इनमें बदलाव करें या फिर इन्हें हटा दें। हालांकि, राज्यों को अपने यहां आने वाले मामलों की निगरानी भी जारी रखनी चाहिए। वे चाहें तो कोरोना को रोकने के लिए पांच चरण की नीति अपना सकते हैं। इसके तहत राज्य टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेशन और कोरोना अनुरूप व्यवहार का नियम लागू कर सकते हैं।
उन्होंने पत्र में कहा, ‘मैं आश्वस्त हूं कि आपके नेतृत्व में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोविड-19 की चुनौती से निपट लेंगे और इस दौरान लोगों के जीवन और आजीविका पर उसका प्रभाव न्यूनतम किया जाएगा।’
अर्थव्यवस्था के तमाम सेक्टरों पर पड़ा है असर
कोरोना ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों पर असर डाला है। इसका असर खासतौर से एविएशन और टूरिज्म सेक्टर पर पड़ा है। छोटे उद्योग भी इस काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं। एजुकेशन सेक्टर पर भी काफी मार पड़ी है। केंद्र सरकार चाहती है कि अब जब कोरोना के मामले घट रहे हैं तो सभी सेक्टर कोरोना से पहले की तरह अपनी गतिविधियों पर वापस लौटें। किसी भी तरह की बंदिश या सख्ती इन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। सरकार ऐसा बिल्कुल नहीं चाहती है।
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कोरोना वायरस बंदिशें
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Web Title : centre asks states to review, amend additional curbs as pandemic showing declining trend
Hindi News from Navbharat Times, TIL Network
Compiled by अमित शुक्ला | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Feb 16, 2022, 11:02 PMदेश में कोरोना के मामलों में कमी आई है। इसके मद्देनजर केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है। उसने राज्यों से कोरोना की बंदिशों की समीक्षा करने को कहा है। इस संबंध में राज्यों को एक पत्र भेजा गया है। इसमें कोरोना के केसों के घटते ट्रेंड का हवाला दिया गया है। राज्यों से कहा है गया है कि जरूरत हो तो वो सख्ती कम करें। Coronavirus India Update: क्या मार्च के बाद खत्म हो जाएगा कोरोना? एक्सपर्ट की ये बातें दे रही राहत!Covid Unlock: देश में कोरोना के मामलों (India Corona Case) में कमी देखने को मिली है। यह देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह (Centre Advices States) दी है। उसने संक्रमण में अचानक उछाल के बाद लगाए गए अतिरिक्त कोविड-19 बंदिशों (Covid Restrictions) की समीक्षा और संशोधन करने को कहा है। केंद्र सरकार की सलाह के मायने समझने की जरूरत है। वह अर्थव्यवस्था को बंद करके रखने के पक्ष में नहीं है। वह चाहती है कि आर्थिक गतिविधियां दोबारा पटरी पर लौटें। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि देश में कोविड-19 महामारी में 21 जनवरी से लगातार गिरावट का ट्रेंड दिख रहा है। पिछले सप्ताह के दौरान औसत दैनिक मामले 50,476 थे। बीते 24 घंटों में 27,409 नए मामले सामने आए हैं। 15 फरवरी, 2022 को दैनिक मामलों की पॉजिटिविटी रेट घटकर 3.63 फीसदी रह गई है।डेल्टा, ओमीक्रोन… कोरोना के नए वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं, जाने-माने वायरोलॉजिस्ट ने दी यह सलाहउन्होंने पत्र में लिखा है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस की बदली स्थिति के बीच कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए जो नियम लागू किए गए थे, उनकी समीक्षा हुई है। इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किया है, उन्होंने राज्यों से उन अतिरिक्त प्रतिबंधों में भी संशोधन करने को कहा, जो उन्होंने लगाए थे।इसी हिसाब से स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 10 फरवरी 2022 से नए नियम लागू कर दिए हैं। गौरतलब है कि सरकार की नई गाइडलाइंस में विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए अनिवार्य क्वारंटीन के नियम को भी खत्म कर दिया गया है।उन्होंने कहा है कि साल के शुरुआती महीनों में कोरोना की रफ्तार को देखते हुए कई राज्यों ने एयरपोर्ट्स और राज्य की सीमाओं पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि, जहां कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य प्रबंध चुस्त रखना जरूरी है, वहीं राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों में कोई रुकावट न आए ये सुनिश्चित करना भी जरूरी है।क्या अब कोरोना के साथ ही रहना पड़ेगा? महामारी के एंडमिक फेज में पहुंचने की चर्चा, जानिए एक्सपर्ट्स की रायकोरोना के घटते मामलों का चिट्ठी में हवालास्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मौजूदा समय में भारत में कोरोना मामलों में कमी देखी जा रही है। इसलिए राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ये बेहतर होगा कि वे अतिरिक्त प्रतिबंधों की समीक्षा करें और इनमें बदलाव करें या फिर इन्हें हटा दें। हालांकि, राज्यों को अपने यहां आने वाले मामलों की निगरानी भी जारी रखनी चाहिए। वे चाहें तो कोरोना को रोकने के लिए पांच चरण की नीति अपना सकते हैं। इसके तहत राज्य टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेशन और कोरोना अनुरूप व्यवहार का नियम लागू कर सकते हैं।उन्होंने पत्र में कहा, ‘मैं आश्वस्त हूं कि आपके नेतृत्व में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोविड-19 की चुनौती से निपट लेंगे और इस दौरान लोगों के जीवन और आजीविका पर उसका प्रभाव न्यूनतम किया जाएगा।’ अर्थव्यवस्था के तमाम सेक्टरों पर पड़ा है असरकोरोना ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों पर असर डाला है। इसका असर खासतौर से एविएशन और टूरिज्म सेक्टर पर पड़ा है। छोटे उद्योग भी इस काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं। एजुकेशन सेक्टर पर भी काफी मार पड़ी है। केंद्र सरकार चाहती है कि अब जब कोरोना के मामले घट रहे हैं तो सभी सेक्टर कोरोना से पहले की तरह अपनी गतिविधियों पर वापस लौटें। किसी भी तरह की बंदिश या सख्ती इन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। सरकार ऐसा बिल्कुल नहीं चाहती है।कोरोना वायरस बंदिशेंNavbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : centre asks states to review, amend additional curbs as pandemic showing declining trendHindi News from Navbharat Times, TIL Network