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कोटकपूरा12 घंटे पहले
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यूक्रेन में फंसा कोटकपूरा का भास्कर और उसके मां-बाप व्यथा सुनाते हुए।
पंजाब के कोटकपूरा का भास्कर कटारिया भी यूक्रेन में फंसा है। उसकी मां डॉ. अनु कटारिया और पिता डॉ. शैलेश कटारिया को अपने बेटे की चिंता सता रही है। भास्कर कटारिया एमबीबीएस करने यूक्रेन गए हैं, लेकिन जैसे-जैसे यूक्रेन में स्थिति बिगड़ती जा रही है, वैसे-वैसे परिवार के सदस्यों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं।
शैलेश कटारिया ने बताया कि भास्कर 2016 में यूक्रेन गया था। अब उसकी पढ़ाई के 3 महीने ही बचे हैं। वह बेटे से फोन पर बात कर रहे हैं। वहां रहने वाले सभी भारतीय बच्चे डरे और सहमे हुए हैं। उनके पास वहां रहने के लिए भी ज्यादा इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यूक्रेन से भारतीयों को जल्द निकालकर लाएं।
भास्कर ने अपने माता-पिता को यह भी बताया कि कीव में भारतीय दूतावास के अधिकारी यूक्रेन में रहने वाले सभी भारतीयों के संपर्क में हैं और दूतावास के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर सलाह जारी की जाती है। यूक्रेनी सरकार ने आवश्यक दस्तावेज और कुछ उपयोगी वस्तुओं को पैक करके रखने को कहा है। अब सरकार से अगले आदेश मिलने की प्रतीक्षा है।
कोटकपूरा12 घंटे पहलेकॉपी लिंकयूक्रेन में फंसा कोटकपूरा का भास्कर और उसके मां-बाप व्यथा सुनाते हुए।पंजाब के कोटकपूरा का भास्कर कटारिया भी यूक्रेन में फंसा है। उसकी मां डॉ. अनु कटारिया और पिता डॉ. शैलेश कटारिया को अपने बेटे की चिंता सता रही है। भास्कर कटारिया एमबीबीएस करने यूक्रेन गए हैं, लेकिन जैसे-जैसे यूक्रेन में स्थिति बिगड़ती जा रही है, वैसे-वैसे परिवार के सदस्यों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं।शैलेश कटारिया ने बताया कि भास्कर 2016 में यूक्रेन गया था। अब उसकी पढ़ाई के 3 महीने ही बचे हैं। वह बेटे से फोन पर बात कर रहे हैं। वहां रहने वाले सभी भारतीय बच्चे डरे और सहमे हुए हैं। उनके पास वहां रहने के लिए भी ज्यादा इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यूक्रेन से भारतीयों को जल्द निकालकर लाएं।भास्कर ने अपने माता-पिता को यह भी बताया कि कीव में भारतीय दूतावास के अधिकारी यूक्रेन में रहने वाले सभी भारतीयों के संपर्क में हैं और दूतावास के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर सलाह जारी की जाती है। यूक्रेनी सरकार ने आवश्यक दस्तावेज और कुछ उपयोगी वस्तुओं को पैक करके रखने को कहा है। अब सरकार से अगले आदेश मिलने की प्रतीक्षा है।