35000 फीट ऊपर हवा में कार्डियक अरेस्ट, सुन्न पड़ चुका था शरीर लेकिन CPR से बच गई जान, जान लें क्या होता है यह

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वॉशिंगटन: जिंदगी का कोई भरोसा नहीं- यह हम सब जानते और मानते हैं, लेकिन जब बिल्कुल चुस्त-दुरुस्त इंसान की जान अचानक आफत में आ जाए तो हैरान हो जाते हैं। ऐसा ही एक वाकया हुआ 35 हजार फीट ऊपर हवा में उड़ान भरते एक विमान में। जहाज में बैठी करीब 20 साल की युवती अचानक कार्डियक अरेस्ट की शिकार हो गई, हालांकि उसकी किस्मत अच्छी थी कि एक हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी उसी विमान से यात्रा कर रहे थे। उन्होंने पूरा वाकया ट्विटर पर शेयर किया है।

अमेरिका के पेन्सिलवेनिया में रहने वाले डॉक्टर कासिफ एन. चौधरी ने सिलसिलेवार ट्वीट में बताया कि अमेरिका के फोएनिक्स जा रहे विमान में युवती के साथ क्या हुआ और उसकी जान कैसे बचाई गई। आखिर में उन्होंने ईश्वर का आभार जताया और उनके (डॉक्टर के) निर्देश पर सहयोग करने वालों को शुक्रिया कहा।

फ्लाइट में युवती का कार्डियक अरेस्ट

डॉ. चौधरी ने घटना की जानकारी देते हुए लिखा कि आज 35 हजार फीट पर हवा में कार्डियक अरेस्ट की घटना हुई। फ्लाइट फोएनिक्स जा रही थी जिसमें करीब 20 वर्ष की युवती को साथी यात्रियों ने बेचैन होते देखा तो तुरंत फ्लाइट अटेंडेंट को जानकारी दी गई जिसने मेडिकल इमर्जेंसी की घोषणा की। मैं यह जानकर तुरंत लड़की की सीट की तरफ दौड़ा। वह बिल्कुल शून्य पड़ी थी।

सीपीआर ने बचा ली जान
डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने तुरंत जरूरी जांच की और तुरंत सीपीआर स्टार्ट कर दिया। मेरी पत्नी नायला शरीन और कुछ और कार्डियोलॉजिस्ट विमान में ही थे। हमने तुरंत एक टीम बनाई और सबको अलग-अलग काम सौंप दिया। मैंने सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation ) किया जबकि अन्य डॉक्टरों ने प्लेन में रखे फर्स्ट एड किट से एईडी (Automated External Defibrillatorexternal)निकालकर मरीज पर अप्लाई किया। तब तक नायला ने युवती के दोस्तों से उसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछताछ की और हमें बताया।

अच्छी बात यह रही कि 90 सेकंड के सीपीआर में ही युवती को नसें चलने लगीं और 10 मिनट के अंदर वह दूसरों की मदद से अपनी सीट पर बैठने लायक हो गई। फिर हमारी सलाह पर प्लेन को करीबी एयर पोर्ट पर उतारा गया। तब तक लड़की बहुत हद तक ठीक हो चुकी थी। डॉक्टर चौधरी ने इसका एक शॉर्ट वीडियो भी ट्वीट किया है।

डॉक्टर की अपील पर जरूर करें गौर
उन्होंने भगवान और साथी डॉक्टरों का शुक्रिया कहा और बड़ा प्यारा सा संदेश लिखा, ‘यह घटना साझा करने के पीछे एक कारण है। मैं बताना चाहता हूं कि आज हमने जो किया, वो कोई भी कर सकता है। कार्डियक अरेस्ट की हालत में समय काफी महत्वपूर्ण होता है। त्वरित और प्रभावी सीपीआर मौत को जिंदगी में बदल सकता है। कृपया सीपीआर सीखें। संभव है कि आप भी किसी की जिंदगी बचा लें और संभवतः वह आपका कोई अपना ही हो।’

क्या होता है कार्डियक अरेस्ट, समझें

जब दिल की धड़कनें बंद हो जाती हैं तो उस अवस्था को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) कहा जाता है। इस अवस्था में हृदय (Heart) दिमाग और फेफड़ों समेत बाकी शरीर में रक्त संचालन नहीं कर पाता है। वक्त पर इलाज नहीं मिला तो कुछ मिनटों में मरीज की मौत हो सकती है।

CPR

सीख लें सीपीआर, आप भी बचा सकते हैं जान

ऐसे करें सीपीआर और बचा लें कोई जिंदगी
ऐसे में सीपीआर से जान बचाई जा सकती है। सीपीआर में हार्ट पर रुक-रुककर दबाव बनाया जाता है जिससे वह खून को फिर से पूरी बॉडी में भेजने लगता है। इसके लिए आपको बीच सीने को 100 से 120 बार प्रति मिनट की रफ्तार से तेजी से दबाना-छोड़ना होता है। तरीका यह है कि सीना नीचे दबाने के बाद फिर सामान्य स्थिति में आने दें और यही प्रक्रिया तब तक दोहराते रहें जब तक कोई डॉक्टर या जानकार व्यक्ति मरीज का इलाज शुरू नहीं कर देता। ध्यान रहे कि सीपीआर में मरीज के मुंह में अपने मुंह से सांस देने की जरूरत नहीं होती है।

Cardiac-Arrest

कार्डियक अरेस्ट में सीपीआर से बच सकती है जान (सांकेतिक तस्वीर)

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Web Title : cpr can save life from cardiac arrest know how a doctor saved young girl in plane 35000 feet above in the air
Hindi News from Navbharat Times, TIL Network

वॉशिंगटन: जिंदगी का कोई भरोसा नहीं- यह हम सब जानते और मानते हैं, लेकिन जब बिल्कुल चुस्त-दुरुस्त इंसान की जान अचानक आफत में आ जाए तो हैरान हो जाते हैं। ऐसा ही एक वाकया हुआ 35 हजार फीट ऊपर हवा में उड़ान भरते एक विमान में। जहाज में बैठी करीब 20 साल की युवती अचानक कार्डियक अरेस्ट की शिकार हो गई, हालांकि उसकी किस्मत अच्छी थी कि एक हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी उसी विमान से यात्रा कर रहे थे। उन्होंने पूरा वाकया ट्विटर पर शेयर किया है।अमेरिका के पेन्सिलवेनिया में रहने वाले डॉक्टर कासिफ एन. चौधरी ने सिलसिलेवार ट्वीट में बताया कि अमेरिका के फोएनिक्स जा रहे विमान में युवती के साथ क्या हुआ और उसकी जान कैसे बचाई गई। आखिर में उन्होंने ईश्वर का आभार जताया और उनके (डॉक्टर के) निर्देश पर सहयोग करने वालों को शुक्रिया कहा। फ्लाइट में युवती का कार्डियक अरेस्टडॉ. चौधरी ने घटना की जानकारी देते हुए लिखा कि आज 35 हजार फीट पर हवा में कार्डियक अरेस्ट की घटना हुई। फ्लाइट फोएनिक्स जा रही थी जिसमें करीब 20 वर्ष की युवती को साथी यात्रियों ने बेचैन होते देखा तो तुरंत फ्लाइट अटेंडेंट को जानकारी दी गई जिसने मेडिकल इमर्जेंसी की घोषणा की। मैं यह जानकर तुरंत लड़की की सीट की तरफ दौड़ा। वह बिल्कुल शून्य पड़ी थी। सीपीआर ने बचा ली जानडॉक्टर ने बताया कि उन्होंने तुरंत जरूरी जांच की और तुरंत सीपीआर स्टार्ट कर दिया। मेरी पत्नी नायला शरीन और कुछ और कार्डियोलॉजिस्ट विमान में ही थे। हमने तुरंत एक टीम बनाई और सबको अलग-अलग काम सौंप दिया। मैंने सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation ) किया जबकि अन्य डॉक्टरों ने प्लेन में रखे फर्स्ट एड किट से एईडी (Automated External Defibrillatorexternal)निकालकर मरीज पर अप्लाई किया। तब तक नायला ने युवती के दोस्तों से उसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछताछ की और हमें बताया। अच्छी बात यह रही कि 90 सेकंड के सीपीआर में ही युवती को नसें चलने लगीं और 10 मिनट के अंदर वह दूसरों की मदद से अपनी सीट पर बैठने लायक हो गई। फिर हमारी सलाह पर प्लेन को करीबी एयर पोर्ट पर उतारा गया। तब तक लड़की बहुत हद तक ठीक हो चुकी थी। डॉक्टर चौधरी ने इसका एक शॉर्ट वीडियो भी ट्वीट किया है। डॉक्टर की अपील पर जरूर करें गौरउन्होंने भगवान और साथी डॉक्टरों का शुक्रिया कहा और बड़ा प्यारा सा संदेश लिखा, ‘यह घटना साझा करने के पीछे एक कारण है। मैं बताना चाहता हूं कि आज हमने जो किया, वो कोई भी कर सकता है। कार्डियक अरेस्ट की हालत में समय काफी महत्वपूर्ण होता है। त्वरित और प्रभावी सीपीआर मौत को जिंदगी में बदल सकता है। कृपया सीपीआर सीखें। संभव है कि आप भी किसी की जिंदगी बचा लें और संभवतः वह आपका कोई अपना ही हो।’क्या होता है कार्डियक अरेस्ट, समझेंजब दिल की धड़कनें बंद हो जाती हैं तो उस अवस्था को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) कहा जाता है। इस अवस्था में हृदय (Heart) दिमाग और फेफड़ों समेत बाकी शरीर में रक्त संचालन नहीं कर पाता है। वक्त पर इलाज नहीं मिला तो कुछ मिनटों में मरीज की मौत हो सकती है।सीख लें सीपीआर, आप भी बचा सकते हैं जानऐसे करें सीपीआर और बचा लें कोई जिंदगीऐसे में सीपीआर से जान बचाई जा सकती है। सीपीआर में हार्ट पर रुक-रुककर दबाव बनाया जाता है जिससे वह खून को फिर से पूरी बॉडी में भेजने लगता है। इसके लिए आपको बीच सीने को 100 से 120 बार प्रति मिनट की रफ्तार से तेजी से दबाना-छोड़ना होता है। तरीका यह है कि सीना नीचे दबाने के बाद फिर सामान्य स्थिति में आने दें और यही प्रक्रिया तब तक दोहराते रहें जब तक कोई डॉक्टर या जानकार व्यक्ति मरीज का इलाज शुरू नहीं कर देता। ध्यान रहे कि सीपीआर में मरीज के मुंह में अपने मुंह से सांस देने की जरूरत नहीं होती है। कार्डियक अरेस्ट में सीपीआर से बच सकती है जान (सांकेतिक तस्वीर)Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : cpr can save life from cardiac arrest know how a doctor saved young girl in plane 35000 feet above in the airHindi News from Navbharat Times, TIL Network

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