नॉर्थ यूरोप के योद्धा थे भारतीय अदरक के दीवाने:वेबसीरीज में वाइकिंग्स का इंडिया कनेक्शन नहीं दिखाया, गुजरात तक बिजनेस रिलेशन था

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जयपुर13 घंटे पहलेलेखक: महिम प्रताप सिंह

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 15वें एडिशन में आपको हर तरह का इंटलेक्चुअल कंटेंट मिल जाएगा। हिंदुत्व पर डिबेट से लेकर वेबसीरीज पर सेंसरशिप तक, द्रौपदी से लेकर जेरूसलम की बहादुर रानियों तक। इन सब डिबेट्स और सेशन के बीच हमारी मुलाकात हुई एक खास शख्सियत नॉर्वीजीएन (Norwegian ) लेखिका डॉ कैट जार्मन से। डॉ जार्मन एक bioarchaeologist यानी जैव पुरातत्वविद हैं। उनकी नई किताब है River Kings: The Vikings from Scandinavia to the Silk Roads

वाइकिंग्स का नाम सुनते ही आपके जेहन में मशहूर वेबसीरीज और कई हॉलीवुड मूवीज की तस्वीर बन रही होगी। यकीन मानिए वाइकिंग्स का दायरा उन तमाम मूवीज और वेबसीरीज से बड़ा है।

मसलन, क्या आप जानते हैं कि अपनी बहादुरी के लिए मशहूर वाइकिंग्स को भारत की अदरक पसंद थी।

वाइकिंग्स से जुड़ी कहानी इतनी रोमांचक है कि नॉर्थ यूरोप की बर्फीली वादियों से गुजरात तक की दूरी सहजता से मिटा देती है। डॉ जार्मन की नई रिसर्च के अनुसार वाइकिंग्स के भारत से भी बिजनेस रिलेशन थे। इंग्लैंड में नौवीं शताब्दी की एक कब्र की खुदाई के दौरान मिले एक मनके(bead) से ये संपर्क सिद्ध होते हैं।

डॉ कैट जार्मन ने बताया वाइकिंग्स और भारत का अनोखा कनेक्शन…
कौन थे वाइकिंग्स
वाइकिंग्स आठवीं से लेकर ग्यारहवीं शताब्दी में उत्तरी यूरोप के स्कैंडिनेविया क्षेत्र में रहने वाले उन ‘नॉर्स’ (Norse) लोगों को कहा जाता था जो सिपाही, व्यापारी, समुद्री डाकू बनकर यूरोप, एशिया और उत्तरी अटलांटिक द्वीपों में जाते थे और वहां बस जाते थे। वाइकिंग्स की कहानी स्कैंडिनेविया यानी वर्तमान में नॉर्वे, डेनमार्क व स्वीडन से शुरू होती है, लेकिन वाइकिंग्स के साहसिक किस्से इन देशों से बाहर भी विश्व भर में बहुत लोकप्रिय हो चुके हैं और इनपर कई हॉलीवुड मूवीज व Vikings नाम से एक पॉपुलर वेब सीरीज भी बन चुकी है।

स्कैंडीनविया में भारतीय मसालों की डिमांड अपनी रिसर्च के दौरान डॉ. जार्मन को वाइकिंग्स का इंडिया कनेक्शन मिला। वाइकिंग्स के व्यापारिक संबंध न सिर्फ अफगानिस्तान के बगदाद तक बल्कि भारत के गुजरात तक फैले हुए थे। डॉ. जार्मन बताती हैं कि भारत से स्कैंडीनविया का सीधा व्यापारिक संपर्क था, और भारतीय मसालों की वहां काफ़ी डिमांड थी। वाइकिंग्स भारतीय मसाले आयात करते थे, ख़ासकर अदरक।

वाइकिंग्स महिलाएं भी योद्धा थीं
डॉ. जार्मन ने अपनी किताब में वाइकिंग्स को लेकर कई भ्रांतियों को भी तोड़ा है। अब तक ये मान्यता थी कि वाइकिंग महिलाएं सिर्फ घर संभालती थीं, लेकिन डॉ. जार्मन के अनुसार ऐसा नहीं है। ये महिलाएं न केवल घर से और अपने देशों से बाहर आती जाती थीं बल्कि कुछ क़ब्रों में मिले हथियार से ये भी साबित होता है कि वे कुशल योद्धा भी थीं।

वाइकिंग कुशल व्यापारी भी थेडॉ जार्मन बताती हैं ये भी एक भ्रान्ति ही है कि वाइकिंग्स हिंसक थे। उस समय कई और समूह उतने ही उग्र थे, जैसे एंग्लो-सैक्सन लोग। वाइकिंग्स दरअसल बहुत कुशल व्यापारी थे। जार्मन बताती हैं कि वैश्विक स्तर पर फैलने वाली बीमारियों की शुरुआत भी वाइकिंग्स युग में होने लगी थी। जैसे स्मॉल पॉक्स जो मिस्र (Egypt) और अन्य मध्य पूर्वी (Middle East ) क्षेत्रों में पाई जाती थी, इस दौरान उत्तरी यूरोप भी पहुंच गई थी।

राहुल गांधी सोचें कि वोट अपने आप मिलेंगे तो चिंताजनक:तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बोले- विपक्ष गिरेबां में झांके, बीजेपी को घेरने के कई मुद्दे थे

जयपुर13 घंटे पहलेलेखक: महिम प्रताप सिंहकॉपी लिंकवीडियोजयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 15वें एडिशन में आपको हर तरह का इंटलेक्चुअल कंटेंट मिल जाएगा। हिंदुत्व पर डिबेट से लेकर वेबसीरीज पर सेंसरशिप तक, द्रौपदी से लेकर जेरूसलम की बहादुर रानियों तक। इन सब डिबेट्स और सेशन के बीच हमारी मुलाकात हुई एक खास शख्सियत नॉर्वीजीएन (Norwegian ) लेखिका डॉ कैट जार्मन से। डॉ जार्मन एक bioarchaeologist यानी जैव पुरातत्वविद हैं। उनकी नई किताब है River Kings: The Vikings from Scandinavia to the Silk Roadsवाइकिंग्स का नाम सुनते ही आपके जेहन में मशहूर वेबसीरीज और कई हॉलीवुड मूवीज की तस्वीर बन रही होगी। यकीन मानिए वाइकिंग्स का दायरा उन तमाम मूवीज और वेबसीरीज से बड़ा है।मसलन, क्या आप जानते हैं कि अपनी बहादुरी के लिए मशहूर वाइकिंग्स को भारत की अदरक पसंद थी।वाइकिंग्स से जुड़ी कहानी इतनी रोमांचक है कि नॉर्थ यूरोप की बर्फीली वादियों से गुजरात तक की दूरी सहजता से मिटा देती है। डॉ जार्मन की नई रिसर्च के अनुसार वाइकिंग्स के भारत से भी बिजनेस रिलेशन थे। इंग्लैंड में नौवीं शताब्दी की एक कब्र की खुदाई के दौरान मिले एक मनके(bead) से ये संपर्क सिद्ध होते हैं।डॉ कैट जार्मन ने बताया वाइकिंग्स और भारत का अनोखा कनेक्शन…कौन थे वाइकिंग्सवाइकिंग्स आठवीं से लेकर ग्यारहवीं शताब्दी में उत्तरी यूरोप के स्कैंडिनेविया क्षेत्र में रहने वाले उन ‘नॉर्स’ (Norse) लोगों को कहा जाता था जो सिपाही, व्यापारी, समुद्री डाकू बनकर यूरोप, एशिया और उत्तरी अटलांटिक द्वीपों में जाते थे और वहां बस जाते थे। वाइकिंग्स की कहानी स्कैंडिनेविया यानी वर्तमान में नॉर्वे, डेनमार्क व स्वीडन से शुरू होती है, लेकिन वाइकिंग्स के साहसिक किस्से इन देशों से बाहर भी विश्व भर में बहुत लोकप्रिय हो चुके हैं और इनपर कई हॉलीवुड मूवीज व Vikings नाम से एक पॉपुलर वेब सीरीज भी बन चुकी है।स्कैंडीनविया में भारतीय मसालों की डिमांड अपनी रिसर्च के दौरान डॉ. जार्मन को वाइकिंग्स का इंडिया कनेक्शन मिला। वाइकिंग्स के व्यापारिक संबंध न सिर्फ अफगानिस्तान के बगदाद तक बल्कि भारत के गुजरात तक फैले हुए थे। डॉ. जार्मन बताती हैं कि भारत से स्कैंडीनविया का सीधा व्यापारिक संपर्क था, और भारतीय मसालों की वहां काफ़ी डिमांड थी। वाइकिंग्स भारतीय मसाले आयात करते थे, ख़ासकर अदरक।वाइकिंग्स महिलाएं भी योद्धा थींडॉ. जार्मन ने अपनी किताब में वाइकिंग्स को लेकर कई भ्रांतियों को भी तोड़ा है। अब तक ये मान्यता थी कि वाइकिंग महिलाएं सिर्फ घर संभालती थीं, लेकिन डॉ. जार्मन के अनुसार ऐसा नहीं है। ये महिलाएं न केवल घर से और अपने देशों से बाहर आती जाती थीं बल्कि कुछ क़ब्रों में मिले हथियार से ये भी साबित होता है कि वे कुशल योद्धा भी थीं।वाइकिंग कुशल व्यापारी भी थेडॉ जार्मन बताती हैं ये भी एक भ्रान्ति ही है कि वाइकिंग्स हिंसक थे। उस समय कई और समूह उतने ही उग्र थे, जैसे एंग्लो-सैक्सन लोग। वाइकिंग्स दरअसल बहुत कुशल व्यापारी थे। जार्मन बताती हैं कि वैश्विक स्तर पर फैलने वाली बीमारियों की शुरुआत भी वाइकिंग्स युग में होने लगी थी। जैसे स्मॉल पॉक्स जो मिस्र (Egypt) और अन्य मध्य पूर्वी (Middle East ) क्षेत्रों में पाई जाती थी, इस दौरान उत्तरी यूरोप भी पहुंच गई थी।राहुल गांधी सोचें कि वोट अपने आप मिलेंगे तो चिंताजनक:तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बोले- विपक्ष गिरेबां में झांके, बीजेपी को घेरने के कई मुद्दे थे

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