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चंडीगढ़2 मिनट पहले
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वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में बोलते केजरीवाल
मोहाली में आम आदमी पार्टी के विधायकों के साथ CM भगवंत मान और संयोजक अरविंद केजरीवाल की मीटिंग शुरू हो गई है। केजरीवाल ने नए चुने विधायकों को कहा कि मंत्रियों को सीएम भगवंत मान टारगेट देंगे। हमें दिन-रात काम करना पड़ेगा। अगर टारगेट पूरे न हुए तो मंत्रियों को बदल देंगे। केजरीवाल ने कहा कि विधायकों को चंडीगढ़ में नहीं बैठना है। आप का हर MLA, मंत्री गली-मोहल्लों में जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि हमारे कुछ विधायक मंत्री न बन पाने से दुखी है। हमारी 92 सीटें आई हैं और मंत्री 17 ही बनेंगे। हमें एक टीम बनकर काम करना है। अपना स्वार्थ और महत्त्वकांक्षा छोड़ देंगे तो पंजाब का भला होगा। अगर लालच आ गया तो पंजाब हार जाएगा।
99% पहली बार चुनाव लड़े, कभी सोचा था कि विधायक बनेंगे। कई लोग साधारण अतीत वाले हैं। अहंकार मत करना वरना जनता आपको भी हरा देगी। विधायक रहते ही ऐसा काम करो कि आप हर तरफ मशहूर हो जाएं। कुछ लोग कहते हैं कि मेरा मंत्री बनने का हक था। केजरीवाल ने कहा कि किसी का किसी के पद पर कोई हक नहीं है। जिस दिन जनता चाहे, सबको हटा देती है। कांग्रेस को भी पैदाइशी सीएम और मंत्री बनने के बारे में सोचते थे। ऐसा न हो कि अगली बार जनता हमें साफ कर दे।
डीसी और एसएसपी की पोस्टिंग के लिए मंत्री या मुख्यमंत्री के पास मत जाना। मान और मंत्रिमंडल खुद अच्छे अफसरों की पोस्टिंग करेंगे। अगर काम न करें तो शिकायत लेकर जाओ। चेकिंग के लिए जाओ लेकिन बदतमीजी मत करो।
इससे पहले उन्होंने कहा कि आज मैं भावुक और खुश हूं। पंजाब के लोगों ने इतने वोट दिए कि सारे पुराने नेता हार गए। पिछले कुछ दिनों में सीएम भगवंत मान ने जबरदस्त काम किया। 16 मार्च को शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कमाल कर दिया। पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। सीएम मान ने नेताओं की सिक्योरिटी घटाई। खराब फसलों का मुआवजा दिया। एंटी करप्शन हेल्पलाइन की घोषणा की। इसके बाद 25 हजार सरकारी नौकरियों का ऐलान कर दिया।

मीटिंग में मौजूद CM भगवंत मान और राघव चड्ढा
CM मान बोले- अफसरों को डराओ नहीं सुधार करो
इससे पहले CM भगवंत मान ने कहा कि लोगों ने हमें बहुत बड़ा बहुमत दिया है। कई जगह हम प्रचार के लिए नहीं जा सके लेकिन लोगों ने EVM वोट से भर दिए। हमारा फर्ज है कि पंजाब के कोने-कोने में जाएं। कई बार डोर टू डोर करते हुए कुछ घर रह जाते हैं। जहां भी समस्या है या कोई मुद्दा है, वहां हमें जाना है। हमें यह नहीं देखना कि हमें यहां से कम वोटें मिली या कुछ और हुआ।
मान ने कहा कि तहसीलदार, पटवारी और एसएचओ को मत डराओ। उन्हें सुधारना है तो समझाओ। उसे कैसे सुधारना है, इसके बारे में पूछो। सरकार पूरी मदद करेगी। मान ने कहा कि अवैध रेत खनन छोटे अफसरों को कहने से बंद नहीं होगी। चंडीगढ़ से मैं इसे बंद कर दूंगा। पहले भी ऐसा हुआ कि गलत काम किसी ने करवाई और सस्पेंड कोई दूसरा हो गया। यह अब नहीं चलेगा।
मान ने कहा कि 25 हजार सरकारी नौकरियां निकाली हैं। उसके लिए सिफारिश लेकर कई लोग आएंगे। उसकी सिफारिश मत करना क्योंकि उससे किसी दूसरे का हक मारा जाएगा। केजरीवाल 2 रुपए की पर्ची को लेकर खुद मौके पर पहुंच गए थे। यह वही पार्टी है और अरविंद केजरीवाल हमारे नेशनल कनवीनर हैं।
पैसे कमाकर जिंदगी से कई चले जाते हैं लेकिन किसी का जीवन सुधार दिया। एक साइन से किसी के घर के चूल्हे की आग जलती है। किसी बुजुर्ग के इलाज का प्रबंध होता है। किसी बच्चे को किताब, बस्ता या पढ़ाई मिल जाती है तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं होता। मान ने कहा कि बदलाखोरी नहीं होनी चाहिए। कुछ शिकायतें आई हैं कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक शब्दावली इस्तेमाल की जा रही हैं। यह अपना काम नहीं है।
हर विधायक का सर्वे होता है। फिर उसे चैक किया जाता है। इस वजह से दिल्ली में 21-22 विधायकों को दोबारा टिकट नहीं मिली। उन्हें बदल दिया गया। सीट पक्की करनी है तो पब्लिक से पक्की दोस्ती करनी पड़ेगी। अगर कच्चा काम किया तो उसकी रिपोर्ट हमारे पास आ जाएगी। यह डर नहीं बल्कि सलाह है। मंत्रियों से मिलो। बुरे और नाजायज काम न हो। सही काम का पीछा मत छोड़ना। क्षेत्र या जाति के हिसाब से काम नहीं होगा। हर विधानसभा और उसके बड़े कस्बों में दफ्तर खोलो। मान ने सबको टाइम पर आने को कहा। अगर पब्लिक को इंतजार करना पड़ गया तो फिर काम नहीं चलेगा।

मंत्रिमंडल से दिग्गजों को झटका दे चुके केजरीवाल
राज्य में CM भगवंत मान की सरकार में कल 10 मंत्री शामिल हुए। अहम बात यह रही कि इसमें दूसरी बार चुनकर आए दिग्गज अमन अरोड़ा, सर्वजीत कौर माणुके, प्रोफेसर बलजिंदर कौर, कुलतार सधवां और प्रिंसिपल बुधराम को मंत्री नहीं बनाया गया। इसी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि चुनाव पूर्व इनमें से कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए थे। वहीं आगे चलकर पिछली बार की तरह पार्टी छोड़ गए दिग्गजों के रवैये से पार्टी में फूट न पड़े, इसलिए भी दिग्गजों को अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

दिल्ली सरकार और केजरीवाल की छवि की भी चिंता
आम आदमी पार्टी को अब पंजाब में नई सरकार बनने के बाद दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल की व्यक्तिगत छवि की भी चिंता है। पंजाब में अच्छा काम हुआ तो केजरीवाल का दिल्ली गवर्नेंस मॉडल का प्रभाव दूसरे राज्यों में फैलेगा। जिसका चुनावी लाभ मिलेगा और AAP राष्ट्रीय पार्टी का रूप लेती जाएगी। वहीं इससे लोग केजरीवाल के नाम पर समर्थन भी देंगे।
अगर पंजाब में सरकार फेल रही तो फिर इससे यह संदेश जाएगा कि केजरीवाल के अलावा पार्टी कहीं कामयाब नहीं हो सकती। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि आप को पंजाब पूर्ण राज्य के तौर पर मिला है। यही वजह है कि केजरीवाल पार्टी फ्रंट पर अब विधायकों को साधकर साथ रखेंगे।
चंडीगढ़2 मिनट पहलेकॉपी लिंकवीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में बोलते केजरीवालमोहाली में आम आदमी पार्टी के विधायकों के साथ CM भगवंत मान और संयोजक अरविंद केजरीवाल की मीटिंग शुरू हो गई है। केजरीवाल ने नए चुने विधायकों को कहा कि मंत्रियों को सीएम भगवंत मान टारगेट देंगे। हमें दिन-रात काम करना पड़ेगा। अगर टारगेट पूरे न हुए तो मंत्रियों को बदल देंगे। केजरीवाल ने कहा कि विधायकों को चंडीगढ़ में नहीं बैठना है। आप का हर MLA, मंत्री गली-मोहल्लों में जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि हमारे कुछ विधायक मंत्री न बन पाने से दुखी है। हमारी 92 सीटें आई हैं और मंत्री 17 ही बनेंगे। हमें एक टीम बनकर काम करना है। अपना स्वार्थ और महत्त्वकांक्षा छोड़ देंगे तो पंजाब का भला होगा। अगर लालच आ गया तो पंजाब हार जाएगा।99% पहली बार चुनाव लड़े, कभी सोचा था कि विधायक बनेंगे। कई लोग साधारण अतीत वाले हैं। अहंकार मत करना वरना जनता आपको भी हरा देगी। विधायक रहते ही ऐसा काम करो कि आप हर तरफ मशहूर हो जाएं। कुछ लोग कहते हैं कि मेरा मंत्री बनने का हक था। केजरीवाल ने कहा कि किसी का किसी के पद पर कोई हक नहीं है। जिस दिन जनता चाहे, सबको हटा देती है। कांग्रेस को भी पैदाइशी सीएम और मंत्री बनने के बारे में सोचते थे। ऐसा न हो कि अगली बार जनता हमें साफ कर दे।डीसी और एसएसपी की पोस्टिंग के लिए मंत्री या मुख्यमंत्री के पास मत जाना। मान और मंत्रिमंडल खुद अच्छे अफसरों की पोस्टिंग करेंगे। अगर काम न करें तो शिकायत लेकर जाओ। चेकिंग के लिए जाओ लेकिन बदतमीजी मत करो।इससे पहले उन्होंने कहा कि आज मैं भावुक और खुश हूं। पंजाब के लोगों ने इतने वोट दिए कि सारे पुराने नेता हार गए। पिछले कुछ दिनों में सीएम भगवंत मान ने जबरदस्त काम किया। 16 मार्च को शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कमाल कर दिया। पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। सीएम मान ने नेताओं की सिक्योरिटी घटाई। खराब फसलों का मुआवजा दिया। एंटी करप्शन हेल्पलाइन की घोषणा की। इसके बाद 25 हजार सरकारी नौकरियों का ऐलान कर दिया।मीटिंग में मौजूद CM भगवंत मान और राघव चड्ढाCM मान बोले- अफसरों को डराओ नहीं सुधार करोइससे पहले CM भगवंत मान ने कहा कि लोगों ने हमें बहुत बड़ा बहुमत दिया है। कई जगह हम प्रचार के लिए नहीं जा सके लेकिन लोगों ने EVM वोट से भर दिए। हमारा फर्ज है कि पंजाब के कोने-कोने में जाएं। कई बार डोर टू डोर करते हुए कुछ घर रह जाते हैं। जहां भी समस्या है या कोई मुद्दा है, वहां हमें जाना है। हमें यह नहीं देखना कि हमें यहां से कम वोटें मिली या कुछ और हुआ।मान ने कहा कि तहसीलदार, पटवारी और एसएचओ को मत डराओ। उन्हें सुधारना है तो समझाओ। उसे कैसे सुधारना है, इसके बारे में पूछो। सरकार पूरी मदद करेगी। मान ने कहा कि अवैध रेत खनन छोटे अफसरों को कहने से बंद नहीं होगी। चंडीगढ़ से मैं इसे बंद कर दूंगा। पहले भी ऐसा हुआ कि गलत काम किसी ने करवाई और सस्पेंड कोई दूसरा हो गया। यह अब नहीं चलेगा।मान ने कहा कि 25 हजार सरकारी नौकरियां निकाली हैं। उसके लिए सिफारिश लेकर कई लोग आएंगे। उसकी सिफारिश मत करना क्योंकि उससे किसी दूसरे का हक मारा जाएगा। केजरीवाल 2 रुपए की पर्ची को लेकर खुद मौके पर पहुंच गए थे। यह वही पार्टी है और अरविंद केजरीवाल हमारे नेशनल कनवीनर हैं।पैसे कमाकर जिंदगी से कई चले जाते हैं लेकिन किसी का जीवन सुधार दिया। एक साइन से किसी के घर के चूल्हे की आग जलती है। किसी बुजुर्ग के इलाज का प्रबंध होता है। किसी बच्चे को किताब, बस्ता या पढ़ाई मिल जाती है तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं होता। मान ने कहा कि बदलाखोरी नहीं होनी चाहिए। कुछ शिकायतें आई हैं कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक शब्दावली इस्तेमाल की जा रही हैं। यह अपना काम नहीं है।हर विधायक का सर्वे होता है। फिर उसे चैक किया जाता है। इस वजह से दिल्ली में 21-22 विधायकों को दोबारा टिकट नहीं मिली। उन्हें बदल दिया गया। सीट पक्की करनी है तो पब्लिक से पक्की दोस्ती करनी पड़ेगी। अगर कच्चा काम किया तो उसकी रिपोर्ट हमारे पास आ जाएगी। यह डर नहीं बल्कि सलाह है। मंत्रियों से मिलो। बुरे और नाजायज काम न हो। सही काम का पीछा मत छोड़ना। क्षेत्र या जाति के हिसाब से काम नहीं होगा। हर विधानसभा और उसके बड़े कस्बों में दफ्तर खोलो। मान ने सबको टाइम पर आने को कहा। अगर पब्लिक को इंतजार करना पड़ गया तो फिर काम नहीं चलेगा।मंत्रिमंडल से दिग्गजों को झटका दे चुके केजरीवालराज्य में CM भगवंत मान की सरकार में कल 10 मंत्री शामिल हुए। अहम बात यह रही कि इसमें दूसरी बार चुनकर आए दिग्गज अमन अरोड़ा, सर्वजीत कौर माणुके, प्रोफेसर बलजिंदर कौर, कुलतार सधवां और प्रिंसिपल बुधराम को मंत्री नहीं बनाया गया। इसी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि चुनाव पूर्व इनमें से कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए थे। वहीं आगे चलकर पिछली बार की तरह पार्टी छोड़ गए दिग्गजों के रवैये से पार्टी में फूट न पड़े, इसलिए भी दिग्गजों को अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई है।दिल्ली सरकार और केजरीवाल की छवि की भी चिंताआम आदमी पार्टी को अब पंजाब में नई सरकार बनने के बाद दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल की व्यक्तिगत छवि की भी चिंता है। पंजाब में अच्छा काम हुआ तो केजरीवाल का दिल्ली गवर्नेंस मॉडल का प्रभाव दूसरे राज्यों में फैलेगा। जिसका चुनावी लाभ मिलेगा और AAP राष्ट्रीय पार्टी का रूप लेती जाएगी। वहीं इससे लोग केजरीवाल के नाम पर समर्थन भी देंगे।अगर पंजाब में सरकार फेल रही तो फिर इससे यह संदेश जाएगा कि केजरीवाल के अलावा पार्टी कहीं कामयाब नहीं हो सकती। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि आप को पंजाब पूर्ण राज्य के तौर पर मिला है। यही वजह है कि केजरीवाल पार्टी फ्रंट पर अब विधायकों को साधकर साथ रखेंगे।