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- After 12th, Doing This Course Will Increase Demand In The Field Of TV Serials, Films, Games And Advertising.

मेल गिब्शन, प्रकाश झा, संजय लीला भंसाली, यश राज बैनर की मूवी में आपने तमाम खूबसूरत लोकेशन देखी होंगी और आप ऐसी जगहों पर जाने के बारे में सोचने भी लगती होंगी। पर क्या आपको पता है कि यह सब उन सेट्स और लोकेशन की हर छोटी-छोटी चीज पर आर्ट (सेट) डिजाइनर की मेहनत का कमाल होता है।
किसी भी टीवी प्रोग्राम, फिल्म या विज्ञापन आदि में सेट के लिए सेट डिजाइनर की बहुत अहम भूमिका होती है। ऑडियंस की बदलती हुई मांग की वजह से प्रोफेशनल सेट डिजाइनर की डिमांड बढ़ती जा रही है। अगर आप भी इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं तो इसके बारे में सही ढंग से समझना बेहद जरूरी है।
बैचलर से लेकर शॉर्ट टर्म कोर्स हैं मौजूद
किसी भी विषय से 12वीं पास कर लेने के बाद आप बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स का कोर्स कर सकती हैं। इसके अलावा इंटीरियर डिजाइनिंग और आर्किटेक्चर की डिग्री भी इस क्षेत्र में मददगार साबित होगी। आप चाहें तो डिप्लोमा और दूसरे शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकती हैं। इस क्षेत्र में डिग्री तो अहम है ही लेकिन आपकी क्रिएटिविटी सबसे ज्यादा जरूरी है। आपको बता दें कि क्रिएटिविटी का मतलब यह नहीं है कि आप महंगे से महंगा काम करके दिखाएं आपका फोकस बजट के अनुसार बेहतर से बेहतर काम करने पर होना चाहिए।
अवसर, सैलरी और कमाई की कोई सीमा नहीं
टीवी प्रोडक्शन हाउस, सीरियल और फिल्म एवं एडवर्टाइज निर्माण कार्य में आर्ट डिजाइनर की डिमांड रहती है। इसके अलावा गेमिंग कंपनीज में भी सेट डिजाइनर की मांग बढ़ने लगी है। एक सेट डिजाइनर किसी प्रोडक्शन हाउस या दूसरे संस्थानों के साथ जुड़कर एन्युअल सैलरी पर काम कर सकती है। इसके अलावा आप कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भी काम कर सकती हैं। आपके संस्थान की हैसियत ही आपकी कमाई तय करेगी। अगर आप में हुनर है तो कोई भी बड़ा संस्थान आपको आसानी से नौकरी पर रख लेगा।
इन क्वालिटीज पर करें काम
- आप जिस प्रोजेक्ट के साथ काम कर रहे हैं उसकी हर छोटी से छोटी चीज को भी ध्यान रखें।
- आपको पीरियड फिल्म, इतिहास, वर्तमान तथा पूर्व प्रचलन और सामाजिक ढांचे की अच्छी समझ बनाएं।
- आपकी समझ जितनी बेहतर होती जाएगी आप उसके अनुसार शानदार सेट बना सकेंगी।
- याद रखें कि दर्शक हर छोटी चीज पर ध्यान देता है और जहां भी कमी होती है वहां उसका ध्यान सबसे पहले जाता है।
- आपमें विजुअल स्टोरी, जगह और ले आउट की गहरी समझ होनी चाहिए।
- इसके अलावा कम से कम बजट में अच्छा काम करने का हुनर भी आपको सफलता के मुकाम तक पहुंचाएगा।
- सिर्फ क्रिएटिविटी और आर्ट्स ही नहीं टेक्निकल नॉलेज होना भी जरूरी है, इसलिए कंप्यूटर साइंस पर भी ध्यान दें।
- लीडरशिप क्वालिटी महत्वपूर्ण है क्योंकि आपको विभिन्न इलेक्ट्रिशियन, साउंडमैन, कारपेंटर, लाइटमैन उर स्पॉट बॉय आदि के साथ मिलकर काम करना होगा।
- कम्युनिकेशन स्किल्स आपके काम के लिए सबसे जरूरी हैं।
- आपको सेट की डिजाइनिंग, उसमें इस्तेमाल होने वाले सामान को फाइनेंसर से अप्रूव करना होगा।
- इसके अलावा और भी कई जिम्मेदारियां आप पर रहेंगी जिसके लिए कम्युनिकेशन स्किल्स ही काम आएंगे।
इन संस्थानों से किया जा सकता है कोर्स
- कॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्ली
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
- सर जे.जे.स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई
- दिल्ली कालेज ऑफ आर्ट, दिल्ली
- एम.एस.यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा, गुजरात
- फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
- भारती विद्यापीठ स्कूल ऑफ फोटोग्राफी, पुणे
- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
- एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टीवी, नोएडा
Hindi NewsWomenAfter 12th, Doing This Course Will Increase Demand In The Field Of TV Serials, Films, Games And Advertising.मेल गिब्शन, प्रकाश झा, संजय लीला भंसाली, यश राज बैनर की मूवी में आपने तमाम खूबसूरत लोकेशन देखी होंगी और आप ऐसी जगहों पर जाने के बारे में सोचने भी लगती होंगी। पर क्या आपको पता है कि यह सब उन सेट्स और लोकेशन की हर छोटी-छोटी चीज पर आर्ट (सेट) डिजाइनर की मेहनत का कमाल होता है।किसी भी टीवी प्रोग्राम, फिल्म या विज्ञापन आदि में सेट के लिए सेट डिजाइनर की बहुत अहम भूमिका होती है। ऑडियंस की बदलती हुई मांग की वजह से प्रोफेशनल सेट डिजाइनर की डिमांड बढ़ती जा रही है। अगर आप भी इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं तो इसके बारे में सही ढंग से समझना बेहद जरूरी है।बैचलर से लेकर शॉर्ट टर्म कोर्स हैं मौजूदकिसी भी विषय से 12वीं पास कर लेने के बाद आप बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स का कोर्स कर सकती हैं। इसके अलावा इंटीरियर डिजाइनिंग और आर्किटेक्चर की डिग्री भी इस क्षेत्र में मददगार साबित होगी। आप चाहें तो डिप्लोमा और दूसरे शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकती हैं। इस क्षेत्र में डिग्री तो अहम है ही लेकिन आपकी क्रिएटिविटी सबसे ज्यादा जरूरी है। आपको बता दें कि क्रिएटिविटी का मतलब यह नहीं है कि आप महंगे से महंगा काम करके दिखाएं आपका फोकस बजट के अनुसार बेहतर से बेहतर काम करने पर होना चाहिए।अवसर, सैलरी और कमाई की कोई सीमा नहींटीवी प्रोडक्शन हाउस, सीरियल और फिल्म एवं एडवर्टाइज निर्माण कार्य में आर्ट डिजाइनर की डिमांड रहती है। इसके अलावा गेमिंग कंपनीज में भी सेट डिजाइनर की मांग बढ़ने लगी है। एक सेट डिजाइनर किसी प्रोडक्शन हाउस या दूसरे संस्थानों के साथ जुड़कर एन्युअल सैलरी पर काम कर सकती है। इसके अलावा आप कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भी काम कर सकती हैं। आपके संस्थान की हैसियत ही आपकी कमाई तय करेगी। अगर आप में हुनर है तो कोई भी बड़ा संस्थान आपको आसानी से नौकरी पर रख लेगा।इन क्वालिटीज पर करें कामआप जिस प्रोजेक्ट के साथ काम कर रहे हैं उसकी हर छोटी से छोटी चीज को भी ध्यान रखें।आपको पीरियड फिल्म, इतिहास, वर्तमान तथा पूर्व प्रचलन और सामाजिक ढांचे की अच्छी समझ बनाएं।आपकी समझ जितनी बेहतर होती जाएगी आप उसके अनुसार शानदार सेट बना सकेंगी।याद रखें कि दर्शक हर छोटी चीज पर ध्यान देता है और जहां भी कमी होती है वहां उसका ध्यान सबसे पहले जाता है।आपमें विजुअल स्टोरी, जगह और ले आउट की गहरी समझ होनी चाहिए।इसके अलावा कम से कम बजट में अच्छा काम करने का हुनर भी आपको सफलता के मुकाम तक पहुंचाएगा।सिर्फ क्रिएटिविटी और आर्ट्स ही नहीं टेक्निकल नॉलेज होना भी जरूरी है, इसलिए कंप्यूटर साइंस पर भी ध्यान दें।लीडरशिप क्वालिटी महत्वपूर्ण है क्योंकि आपको विभिन्न इलेक्ट्रिशियन, साउंडमैन, कारपेंटर, लाइटमैन उर स्पॉट बॉय आदि के साथ मिलकर काम करना होगा।कम्युनिकेशन स्किल्स आपके काम के लिए सबसे जरूरी हैं।आपको सेट की डिजाइनिंग, उसमें इस्तेमाल होने वाले सामान को फाइनेंसर से अप्रूव करना होगा।इसके अलावा और भी कई जिम्मेदारियां आप पर रहेंगी जिसके लिए कम्युनिकेशन स्किल्स ही काम आएंगे।इन संस्थानों से किया जा सकता है कोर्सकॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्लीनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबादसर जे.जे.स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबईदिल्ली कालेज ऑफ आर्ट, दिल्लीएम.एस.यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा, गुजरातफिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणेभारती विद्यापीठ स्कूल ऑफ फोटोग्राफी, पुणेबनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसीएशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टीवी, नोएडा