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शिमला5 घंटे पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
पड़ोसी राज्य पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की धमाकेदार जीत ने हिमाचल की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अब तक प्रदेश में कोई बड़ा चेहरा AAP से नहीं जुड़ा है, लेकिन 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की मौजूदगी में मंडी में होने वाले रोड-शो में कई बड़े नाम AAP में जुड़ने के दावे किए जा रहे हैं। इसे लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार खूब गरम हो गया है। अब कौन सी चर्चा सही और कौन सी झूठी निकलती है। इसके लिए उचित समय का इंतजार करना होगा।

पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री।
जयराम कैबिनेट का एक मंत्री भी लाइन में
AAP पार्टी सूत्रों की मानें तो जयराम कैबिनेट का एक वरिष्ठ मंत्री अरविंद केजरीवाल से निरंतर संपर्क में है, लेकिन मंत्री अपने को AAP पार्टी से CM का चेहरा बनाने पर अड़े हुए हैं, जबकि केजरीवाल इस शर्त के साथ पार्टी में एंट्री नहीं देना चाहते हैं।
अनिल शर्मा का नाम भी चर्चा में
AAP पार्टी सूत्रों की माने तो मंडी सदर से भाजपा विधायक एवं जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री रह चुके अनिल शर्मा भी पार्टी से जुड़ सकते हैं। AAP नेता भी निरंतर अनिल शर्मा से संपर्क में हैं, लेकिन अनिल शर्मा से जब इस बाबत की गई तो उन्होंने AAP से जुड़ने की चर्चाओं को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि उनका AAP में जाने को लेकर कोई प्लान नहीं है।
इसलिए अनिल को लेकर चर्चा जारी
सच्चाई यह है कि अनिल शर्मा भाजपा में 2019 से ही हाशिए पर चल रहे हैं। वह खुद कई बार मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर चुके हैं। इसलिए कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि अनिल शर्मा की कांग्रेस में वापसी हो सकती है, क्योंकि उनके बेटे आश्रय शर्मा को कांग्रेस ने टिकट देकर MP का चुनाव लड़ाया है, लेकिन आप की एंट्री के बाद अनिल शर्मा को लेकर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।

शिमला में पंजाब की जीत के बाद जलूस निकालते हुए AAP वर्कर। (फाइल फोटो)
चेतन बरागटा भी की चर्चाओं को इससे मिला बल
जुब्बल कोटखाई से पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन के भी AAP में शामिल होने को लेकर चर्चाओं का बाजार खूब गर्म हो गया है। खासकर उनके समर्थकों द्वारा जल्द “खेला होवे’ की बात सोशल मीडिया पर सार्वजनिक तौर पर कहने से इन अटकलों को बल मिलने लगा है। सूत्र बताते है कि भाजपा ने यदि चेतन बरागटा की वापसी में विलंब किया तो चेतन AAP का दामन थाम सकते हैं।
महेश्वर और मनकोटिया का नाम भी चर्चा में
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह, कांग्रेस के तेज-तरार नेता रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया, RSS के स्वयं सेवक बीआर कौंडल के भी AAP में जुड़ने की चर्चाएं है। AAP नेताओं का दावा है कि 6 अप्रैल को कांग्रेस-भाजपा के कई बड़े चेहरे पार्टी में शामिल हो रहे हैं। AAP के इन दावों ने हिमाचल में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दल कांग्रेस व भाजपा की धुकधुकी बढ़ा दी है।
टिकट तलबगार भी थाम सकते हैं AAP का साथ
AAP पार्टी का सियासी रुख देखते हुए 6 अप्रैल को कांग्रेस-भाजपा से टिकट के सेकेंड लाइन कई तलबगार भी आप का दामन थाम सकते हैं। जिन्हें लगता है कि कांग्रेस भाजपा से कभी टिकट मिलने वाला नहीं हैं। राजनीतिक पंडितों की माने तो अब तक टिकट के तलबगार ज्यादातर लोग ही AAP से जुड़े हैं।
शिमला5 घंटे पहलेकॉपी लिंकप्रतीकात्मक तस्वीर।पड़ोसी राज्य पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की धमाकेदार जीत ने हिमाचल की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अब तक प्रदेश में कोई बड़ा चेहरा AAP से नहीं जुड़ा है, लेकिन 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की मौजूदगी में मंडी में होने वाले रोड-शो में कई बड़े नाम AAP में जुड़ने के दावे किए जा रहे हैं। इसे लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार खूब गरम हो गया है। अब कौन सी चर्चा सही और कौन सी झूठी निकलती है। इसके लिए उचित समय का इंतजार करना होगा।पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री।जयराम कैबिनेट का एक मंत्री भी लाइन मेंAAP पार्टी सूत्रों की मानें तो जयराम कैबिनेट का एक वरिष्ठ मंत्री अरविंद केजरीवाल से निरंतर संपर्क में है, लेकिन मंत्री अपने को AAP पार्टी से CM का चेहरा बनाने पर अड़े हुए हैं, जबकि केजरीवाल इस शर्त के साथ पार्टी में एंट्री नहीं देना चाहते हैं।अनिल शर्मा का नाम भी चर्चा मेंAAP पार्टी सूत्रों की माने तो मंडी सदर से भाजपा विधायक एवं जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री रह चुके अनिल शर्मा भी पार्टी से जुड़ सकते हैं। AAP नेता भी निरंतर अनिल शर्मा से संपर्क में हैं, लेकिन अनिल शर्मा से जब इस बाबत की गई तो उन्होंने AAP से जुड़ने की चर्चाओं को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि उनका AAP में जाने को लेकर कोई प्लान नहीं है।इसलिए अनिल को लेकर चर्चा जारीसच्चाई यह है कि अनिल शर्मा भाजपा में 2019 से ही हाशिए पर चल रहे हैं। वह खुद कई बार मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर चुके हैं। इसलिए कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि अनिल शर्मा की कांग्रेस में वापसी हो सकती है, क्योंकि उनके बेटे आश्रय शर्मा को कांग्रेस ने टिकट देकर MP का चुनाव लड़ाया है, लेकिन आप की एंट्री के बाद अनिल शर्मा को लेकर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।शिमला में पंजाब की जीत के बाद जलूस निकालते हुए AAP वर्कर। (फाइल फोटो)चेतन बरागटा भी की चर्चाओं को इससे मिला बलजुब्बल कोटखाई से पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन के भी AAP में शामिल होने को लेकर चर्चाओं का बाजार खूब गर्म हो गया है। खासकर उनके समर्थकों द्वारा जल्द “खेला होवे’ की बात सोशल मीडिया पर सार्वजनिक तौर पर कहने से इन अटकलों को बल मिलने लगा है। सूत्र बताते है कि भाजपा ने यदि चेतन बरागटा की वापसी में विलंब किया तो चेतन AAP का दामन थाम सकते हैं।महेश्वर और मनकोटिया का नाम भी चर्चा मेंभाजपा नेता एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह, कांग्रेस के तेज-तरार नेता रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया, RSS के स्वयं सेवक बीआर कौंडल के भी AAP में जुड़ने की चर्चाएं है। AAP नेताओं का दावा है कि 6 अप्रैल को कांग्रेस-भाजपा के कई बड़े चेहरे पार्टी में शामिल हो रहे हैं। AAP के इन दावों ने हिमाचल में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दल कांग्रेस व भाजपा की धुकधुकी बढ़ा दी है।टिकट तलबगार भी थाम सकते हैं AAP का साथAAP पार्टी का सियासी रुख देखते हुए 6 अप्रैल को कांग्रेस-भाजपा से टिकट के सेकेंड लाइन कई तलबगार भी आप का दामन थाम सकते हैं। जिन्हें लगता है कि कांग्रेस भाजपा से कभी टिकट मिलने वाला नहीं हैं। राजनीतिक पंडितों की माने तो अब तक टिकट के तलबगार ज्यादातर लोग ही AAP से जुड़े हैं।