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Edited by भारत मल्होत्रा | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated: Oct 10, 2021, 10:31 AM
अक्षर पटेल ने कहा कि वह काफी अलग हैं। उन्होंने बताया कि एक वक्त था जब उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी स्ट्रैंथ पर ही भरोसा करना शुरू किया। और इसके साथ ही वर्ल्ड कप को लेकर काफी उत्साहित हैं।
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हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक खास इंटरव्यू में दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर अक्षर पटेल ने आलोचकों को गलत साबित करने और टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी ताकत पर टिके रहने और अपने परिपक्व रूप के बारे में बात की।
आप पहली नजर में देखें तो अक्षर पटेल में कुछ खास नजर नहीं आता लेकिन वह इसके बावजूद वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं- फिर चाहे वह दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हों या फिर भारतीय टीम के लिए मिले सीमित मौके हों।
रविंद्र जडेजा के साथ वह भी बाएं हाथ के ऐसे स्पिनर हैं जो गेंद को ज्यादा फ्लाइट नहीं देते हैं। रविंद्र जडेजा के साथ उनकी समानताएं हैं और शायद इसी वजह से महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें ‘बापू’ निकनेम दिया।
सौराष्ट्र में ‘बापू’ निकनेम काफी लोकप्रिय है। जब मैंने जड्डू भाई को रिप्लेस किया तो माही भाई ने कहा कि मैं उसी तरह का बाएं हाथ का स्पिनर हूं, जो गुजरात से आता हूं। उन्होंने कहा कि स्टंप के पीछे से अक्षर चिल्लाने में ज्यादा मजा नहीं आता है। आखिर, उन्होंने मुझे बापू कहना शुरू कर दिया क्योंकि जड्डू भाई भी सौराष्ट्र से आते हैं। एक बार माही भाई ने स्टंप माइक में बोल दिया तो मेरा यह नाम पॉप्युलर हो गया। ऋषभ पंत इसे अलग ही स्तर पर ले गए (अक्षर ने हंसते हुए कहा)।
आपने अपने प्रदर्शन में निरंतरता कैसे हासिल की? अब आपके लिए शायद ही कोई खराब मैच होता हो!
मुझमें पहले से अधिक आत्मविश्वास है। मैंने बीते साल के आईपीएल के अपने प्रदर्शन के दम पर टेस्ट टीम में जगह बनाई। मैंने टेस्ट में भी अच्छा प्रदर्शन किया। अब मैं उसे जारी रखना चाहता हूं। दिल्ली कैपिटल्स के बैंच पर अमित मिश्रा बैठे हैं। इसके साथ ही रविचंद्रन अश्विन भी हैं। हमारे लिए प्रतिस्पर्धा है। मैं लगातार प्रयास करता रहता हूं कि टीम में मेरी जगह पक्की रहे। मैं वह खिलाड़ी नहीं बनना चाहता हूं जिसे अगर टीम-प्रबंधन लेग स्पिनर शामिल करना चाहे तो टीम से बाहर करने की सोचे।
आप कहते हैं कि रिकी पॉन्टिंग ने एक अहम भूमिका निभाई है…
पिछले साल वह मुझे अलग ले गए और समझाया कि मैं दिल्ली कैपिटल्स की टीम का एक अहम खिलाड़ी हूं। अब जब मैं अच्छा कर रहा हूं तो वह मुझे अपनी कही बात लगातार याद दिलाते रहते हैं। उनका कहना है कि मैं जो कर रहा हूं वह लगातार करते रहना चाहिए। रिकी पॉन्टिंग के बारे में अच्छी बात यह है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि क्या आप अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं अथवा नहीं। इस वजह से हम उन पर काफी भरोसा करते हैं।
अश्विन के साथ गेंदबाजी करना कैसा है?
अश्विन अलग तरह की मानसिकता के व्यक्ति हैं। वह काफी अकादमिक है। अगर मेरे पास उनके आधा भी स्किल्स होते तो मैं काफी बेहतर होता। मैं समझने की कोशिश करता हूं कि अलग परिस्थितियों में का दिमाग कैसे काम करता है। हर बैटर के लिए उनके पास अलग प्लान होता है। वह बहुत ही गहरा सोचते हैं। किसी बल्लेबाज से कैसे निपटा जाए इसके लिए मैं उनसे बात करता हूं। यह जानने की कोशिश करता हूं कि कौन सा बल्लेबाज मुझे बेहतर समझ रहा है। मैं उनसे वे वैरिएशन सिखाने के लिए नहीं कहता जो उनके पास हैं। मैं ज्यादातर फील्ड लगाने और माइंडसेट के बारे में बात करते हैं।
आप और जडेजा दोनों, परंपरागत बाएं हाथ के स्पिनर्स से अलग हैं। पूर्व क्रिकेटर्स इसे स्वीकर नहीं कर पा रहे थे…
यह मेरे और अन्य कई लोगों के लिए काफी अहम सवाल है। जड्डू और मैं, दोनों ही गेंद को अधिक फ्लाइट नहीं देते। और आलोचक बार-बार यही कहते हैं कि हम हमेशा एक ही तरह की गेंदबाजी करते हैं। यह मेरे लिए सबसे मुश्किल दौर ता। यहां तक कि मेरे दोस्त और खेल से जुड़े अन्य लोग भी यही कहते थे कि मैं सिर्फ फ्लैट बोलिंग कर सकता हूं और इसके अलावा और कुछ नहीं। जब भी मेरा दिन खराब होता तो मेरी आलोचना होती। मुझे काफी ताने सुनने को मिलते। फिर मैंने खुद का आकलन किया और पाया कि जिस तरह मैं बोलिंग करता हूं उसे कोई पसंद नहीं करता लेकिन इसके बावजूद मैं भारत के लिए खेला और आईपीएल में अच्छा किया। इसका अर्थ है कि मेरे पास कुछ खास है।
मेरा चयन इसलिए हुआ क्योंकि मैं बाएं हाथ के बाकी स्पिनर्स से अलग था। इसके बाद मैंने दूसरों की राय पर ज्यादा तवज्जो देना बंद कर दिया और जो मैं कर रहा था वही करने लगा। इसके बाद मैंने गति में विविधता लाने का काम किया और मुझे कामयाबी मिलने लगी। अगर आप मुझे सुबह तीन बजे उठाकर भी बोलिंग करने को कहें तो मैं गेंद को सही जगह पर पिच कर सकता हूं। लोग अकसर इस वजह से भी असफल होते हैं कि वे अपनी ताकत पर काम करना बंद कर देते हैं और दूसरों की सलाह पर अन्य स्किल्स पर काम करना शुरू कर देते हैं।
आप 2015 की वर्ल्ड कप टीम में भी थे। लेकिन आपको खेलने का मौका तभी मिला जब किसी को चोट लगी…
मैं खुद को प्रेरित करने के लिए काफी कड़ा मेहनत करता हूं। मैं हर मैच को ऐसे खेलता हूं जैसाकि यह मेरा आखिरी मैच है। मैं एक सिलेक्टर के तौर पर नहीं सोच सकता। यह मेरा काम नहीं है। लंबे समय तक बैठे रहना आसान नहीं होता। लेकिन भारतीय टीम के साथ सफर करना आपको हमेशा तैयार रखता है। यहां तक कि हालिया इंग्लैंड दौरे पर भी हमने अच्छा प्रदर्शन किया और मैच काफी करीब गए। हम सीरीज में व्यस्त थे और मैंने इस बारे में बिलकुल नहीं सोचा कि सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है। मीम के बारे में भी मैंने बिलकुल नहीं सोचा। मैंने अपने परिवार और दोस्तों को चेतावनी दे दी थी कि अगर उन्होंने मेरे साथ कुछ भी नेगेटिव शेयर किया तो मैं उन्हें ब्लॉक कर दूंगा।
2015 वर्ल्ड कप से 2021 टी20 वर्ल्ड कप तक आप कितना बदल गए हैं?
मैं ज्यादा नहीं बदला हूं। मैंने अपने हुनर में सुधार किया है। मैंने अपनी गति और विविधता पर काम किया है। और बल्लेबाजी भी बेहतर हुई है। चोट के बाद मैं मानसिक रूप से अधिक मजबूत हुआ हूं। मैं 2015 के मुकाबले अधिक परिपक्व हुआ हूं।
आईपीएल के प्लेऑफ के एक सप्ताह के बाद ही टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। आप और दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत वर्ल्ड कप के बारे में कितना सोच रहे हैं?
वर्ल्ड कप जरूर हमारे दिमाग में चल रहा है लेकिन हमने इस बारे में ज्यादा बात नहीं की है। आईपीएल प्लेऑफ, आईपीएल में तैयारी का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यहां जिनके साथ या खिलाफ खेलेंगे वे वर्ल्ड कप में भी होंगे। ऋषभ और मेरा माइंडसेट एक जैसा है। हम बहुत आगे की नहीं सोचते हैं और बाहर की आवाजों को तवज्जो नहीं देते हैं। हमें पता है कि अगर हम वर्ल्ड कप के बारे में ज्यादा सोचेंगे तो खुद पर ज्यादा दबाव डालेंगे।
अक्षर पटेल अब कितने खुश हैं?
जब आप गंभीरता से क्रिकेट खेलने लगते हैं तो आपका सपना भारत के लिए खेलना होता है। जब आप भारत के लिए खेल लेते हैं उसके बाद खुद को मोटिवेट कैसे करते हैं। हमेशा कुछ ऐसी चीजें होनी चाहिए जो आपको मोटिवेट करती रहें। मैं काफी समय से भारत के लिए खेल रहा हूं लेकिन वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलना अलग बात है। मैं खुद को इतने बड़े टूर्नमेंट खेलने के लिए प्रेरित करता रहता हूं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल और टी20 वर्ल्ड का हिस्सा बनना मुझे हमेशा खुश करता है। लेकिन हमेशा संतुलित रहना बहुत जरूरी है।
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Web Title : i am different from other left arm spinners says delhi capitals all rounder axar patel
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Authored by Arani Basu | Edited by भारत मल्होत्रा | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated: Oct 10, 2021, 10:31 AMअक्षर पटेल ने कहा कि वह काफी अलग हैं। उन्होंने बताया कि एक वक्त था जब उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी स्ट्रैंथ पर ही भरोसा करना शुरू किया। और इसके साथ ही वर्ल्ड कप को लेकर काफी उत्साहित हैं।नई दिल्लीहमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक खास इंटरव्यू में दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर अक्षर पटेल ने आलोचकों को गलत साबित करने और टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी ताकत पर टिके रहने और अपने परिपक्व रूप के बारे में बात की। आप पहली नजर में देखें तो अक्षर पटेल में कुछ खास नजर नहीं आता लेकिन वह इसके बावजूद वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं- फिर चाहे वह दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हों या फिर भारतीय टीम के लिए मिले सीमित मौके हों। रविंद्र जडेजा के साथ वह भी बाएं हाथ के ऐसे स्पिनर हैं जो गेंद को ज्यादा फ्लाइट नहीं देते हैं। रविंद्र जडेजा के साथ उनकी समानताएं हैं और शायद इसी वजह से महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें ‘बापू’ निकनेम दिया। सौराष्ट्र में ‘बापू’ निकनेम काफी लोकप्रिय है। जब मैंने जड्डू भाई को रिप्लेस किया तो माही भाई ने कहा कि मैं उसी तरह का बाएं हाथ का स्पिनर हूं, जो गुजरात से आता हूं। उन्होंने कहा कि स्टंप के पीछे से अक्षर चिल्लाने में ज्यादा मजा नहीं आता है। आखिर, उन्होंने मुझे बापू कहना शुरू कर दिया क्योंकि जड्डू भाई भी सौराष्ट्र से आते हैं। एक बार माही भाई ने स्टंप माइक में बोल दिया तो मेरा यह नाम पॉप्युलर हो गया। ऋषभ पंत इसे अलग ही स्तर पर ले गए (अक्षर ने हंसते हुए कहा)।आपने अपने प्रदर्शन में निरंतरता कैसे हासिल की? अब आपके लिए शायद ही कोई खराब मैच होता हो!मुझमें पहले से अधिक आत्मविश्वास है। मैंने बीते साल के आईपीएल के अपने प्रदर्शन के दम पर टेस्ट टीम में जगह बनाई। मैंने टेस्ट में भी अच्छा प्रदर्शन किया। अब मैं उसे जारी रखना चाहता हूं। दिल्ली कैपिटल्स के बैंच पर अमित मिश्रा बैठे हैं। इसके साथ ही रविचंद्रन अश्विन भी हैं। हमारे लिए प्रतिस्पर्धा है। मैं लगातार प्रयास करता रहता हूं कि टीम में मेरी जगह पक्की रहे। मैं वह खिलाड़ी नहीं बनना चाहता हूं जिसे अगर टीम-प्रबंधन लेग स्पिनर शामिल करना चाहे तो टीम से बाहर करने की सोचे। आप कहते हैं कि रिकी पॉन्टिंग ने एक अहम भूमिका निभाई है…पिछले साल वह मुझे अलग ले गए और समझाया कि मैं दिल्ली कैपिटल्स की टीम का एक अहम खिलाड़ी हूं। अब जब मैं अच्छा कर रहा हूं तो वह मुझे अपनी कही बात लगातार याद दिलाते रहते हैं। उनका कहना है कि मैं जो कर रहा हूं वह लगातार करते रहना चाहिए। रिकी पॉन्टिंग के बारे में अच्छी बात यह है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि क्या आप अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं अथवा नहीं। इस वजह से हम उन पर काफी भरोसा करते हैं। अश्विन के साथ गेंदबाजी करना कैसा है?अश्विन अलग तरह की मानसिकता के व्यक्ति हैं। वह काफी अकादमिक है। अगर मेरे पास उनके आधा भी स्किल्स होते तो मैं काफी बेहतर होता। मैं समझने की कोशिश करता हूं कि अलग परिस्थितियों में का दिमाग कैसे काम करता है। हर बैटर के लिए उनके पास अलग प्लान होता है। वह बहुत ही गहरा सोचते हैं। किसी बल्लेबाज से कैसे निपटा जाए इसके लिए मैं उनसे बात करता हूं। यह जानने की कोशिश करता हूं कि कौन सा बल्लेबाज मुझे बेहतर समझ रहा है। मैं उनसे वे वैरिएशन सिखाने के लिए नहीं कहता जो उनके पास हैं। मैं ज्यादातर फील्ड लगाने और माइंडसेट के बारे में बात करते हैं। आप और जडेजा दोनों, परंपरागत बाएं हाथ के स्पिनर्स से अलग हैं। पूर्व क्रिकेटर्स इसे स्वीकर नहीं कर पा रहे थे…यह मेरे और अन्य कई लोगों के लिए काफी अहम सवाल है। जड्डू और मैं, दोनों ही गेंद को अधिक फ्लाइट नहीं देते। और आलोचक बार-बार यही कहते हैं कि हम हमेशा एक ही तरह की गेंदबाजी करते हैं। यह मेरे लिए सबसे मुश्किल दौर ता। यहां तक कि मेरे दोस्त और खेल से जुड़े अन्य लोग भी यही कहते थे कि मैं सिर्फ फ्लैट बोलिंग कर सकता हूं और इसके अलावा और कुछ नहीं। जब भी मेरा दिन खराब होता तो मेरी आलोचना होती। मुझे काफी ताने सुनने को मिलते। फिर मैंने खुद का आकलन किया और पाया कि जिस तरह मैं बोलिंग करता हूं उसे कोई पसंद नहीं करता लेकिन इसके बावजूद मैं भारत के लिए खेला और आईपीएल में अच्छा किया। इसका अर्थ है कि मेरे पास कुछ खास है। मेरा चयन इसलिए हुआ क्योंकि मैं बाएं हाथ के बाकी स्पिनर्स से अलग था। इसके बाद मैंने दूसरों की राय पर ज्यादा तवज्जो देना बंद कर दिया और जो मैं कर रहा था वही करने लगा। इसके बाद मैंने गति में विविधता लाने का काम किया और मुझे कामयाबी मिलने लगी। अगर आप मुझे सुबह तीन बजे उठाकर भी बोलिंग करने को कहें तो मैं गेंद को सही जगह पर पिच कर सकता हूं। लोग अकसर इस वजह से भी असफल होते हैं कि वे अपनी ताकत पर काम करना बंद कर देते हैं और दूसरों की सलाह पर अन्य स्किल्स पर काम करना शुरू कर देते हैं। आप 2015 की वर्ल्ड कप टीम में भी थे। लेकिन आपको खेलने का मौका तभी मिला जब किसी को चोट लगी…मैं खुद को प्रेरित करने के लिए काफी कड़ा मेहनत करता हूं। मैं हर मैच को ऐसे खेलता हूं जैसाकि यह मेरा आखिरी मैच है। मैं एक सिलेक्टर के तौर पर नहीं सोच सकता। यह मेरा काम नहीं है। लंबे समय तक बैठे रहना आसान नहीं होता। लेकिन भारतीय टीम के साथ सफर करना आपको हमेशा तैयार रखता है। यहां तक कि हालिया इंग्लैंड दौरे पर भी हमने अच्छा प्रदर्शन किया और मैच काफी करीब गए। हम सीरीज में व्यस्त थे और मैंने इस बारे में बिलकुल नहीं सोचा कि सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है। मीम के बारे में भी मैंने बिलकुल नहीं सोचा। मैंने अपने परिवार और दोस्तों को चेतावनी दे दी थी कि अगर उन्होंने मेरे साथ कुछ भी नेगेटिव शेयर किया तो मैं उन्हें ब्लॉक कर दूंगा। 2015 वर्ल्ड कप से 2021 टी20 वर्ल्ड कप तक आप कितना बदल गए हैं?मैं ज्यादा नहीं बदला हूं। मैंने अपने हुनर में सुधार किया है। मैंने अपनी गति और विविधता पर काम किया है। और बल्लेबाजी भी बेहतर हुई है। चोट के बाद मैं मानसिक रूप से अधिक मजबूत हुआ हूं। मैं 2015 के मुकाबले अधिक परिपक्व हुआ हूं। आईपीएल के प्लेऑफ के एक सप्ताह के बाद ही टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। आप और दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत वर्ल्ड कप के बारे में कितना सोच रहे हैं?वर्ल्ड कप जरूर हमारे दिमाग में चल रहा है लेकिन हमने इस बारे में ज्यादा बात नहीं की है। आईपीएल प्लेऑफ, आईपीएल में तैयारी का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यहां जिनके साथ या खिलाफ खेलेंगे वे वर्ल्ड कप में भी होंगे। ऋषभ और मेरा माइंडसेट एक जैसा है। हम बहुत आगे की नहीं सोचते हैं और बाहर की आवाजों को तवज्जो नहीं देते हैं। हमें पता है कि अगर हम वर्ल्ड कप के बारे में ज्यादा सोचेंगे तो खुद पर ज्यादा दबाव डालेंगे। अक्षर पटेल अब कितने खुश हैं?जब आप गंभीरता से क्रिकेट खेलने लगते हैं तो आपका सपना भारत के लिए खेलना होता है। जब आप भारत के लिए खेल लेते हैं उसके बाद खुद को मोटिवेट कैसे करते हैं। हमेशा कुछ ऐसी चीजें होनी चाहिए जो आपको मोटिवेट करती रहें। मैं काफी समय से भारत के लिए खेल रहा हूं लेकिन वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलना अलग बात है। मैं खुद को इतने बड़े टूर्नमेंट खेलने के लिए प्रेरित करता रहता हूं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल और टी20 वर्ल्ड का हिस्सा बनना मुझे हमेशा खुश करता है। लेकिन हमेशा संतुलित रहना बहुत जरूरी है। Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : i am different from other left arm spinners says delhi capitals all rounder axar patelHindi News from Navbharat Times, TIL Network
