किसान आंदोलन हल करने पर गंभीर केंद्र:दिल्ली में PM मोदी से पंजाब BJP नेताओं की मीटिंग; चुनाव-कैप्टन और करतारपुर कॉरिडोर पर भी चर्चा संभव

किसान आंदोलन हल करने पर गंभीर केंद्र:दिल्ली में PM मोदी से पंजाब BJP नेताओं की मीटिंग; चुनाव-कैप्टन और करतारपुर कॉरिडोर पर भी चर्चा संभव

news image

  • Hindi News
  • Local
  • Chandigarh
  • Punjab BJP Leaders Meeting With PM Modi In Delhi, Serious Center On Resolving Farmers’ Agitation; Discussion On Election, Captain And Kartarpur Corridor Is Also Possible

चंडीगढ़2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन भी PM मोदी ने ही किया था। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन भी PM मोदी ने ही किया था। – फाइल फोटो

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्र सरकार किसान आंदोलन का हल निकालने के लिए गंभीर हो गई है। यह चर्चा इसलिए, क्योंकि PM नरेंद्र मोदी आज पंजाब के भाजपा नेताओं के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं। यह मीटिंग दिल्ली में PM निवास पर होगी। इसमें चुनावी तैयारियों, करतारपुर कॉरिडोर के साथ अगले चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ को लेकर चर्चा होगी।

भाजपा नेता इसे रूटीन मीटिंग बता रहे हैं, लेकिन इसमें पंजाब के मुद्दों को लेकर चर्चा के बाद कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस मीटिंग में पंजाब से प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ, कार्यकारिणी मेंबर हरजीत ग्रेवाल, आरपी सिंह शामिल होंगे।

किसान लगातार केंद्र के कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान लगातार केंद्र के कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाजपा की बड़ी मुश्किल किसान आंदोलन
पंजाब में भाजपा की सबसे बड़ी मुश्किल किसान आंदोलन है। केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के विरोध में किसान भाजपा का विरोध कर रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर करीब एक साल से आंदोलन चल रहा है। पंजाब में भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम का विरोध हो रहा है। यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

पीएम मोदी के कार्यक्रम का सार्वजनिक जगह पर लाइव टेलिकास्ट दिखाने तक का विरोध किया गया। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए पंजाब के भीतर खुलकर प्रचार करना मुश्किल होगा। यह जमीनी हकीकत भी पंजाब भाजपा PM के सामने रखेगी।

कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भी भाजपा नेताओं से मीटिंग की थी।

कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भी भाजपा नेताओं से मीटिंग की थी।

करतारपुर कॉरिडोर पर भी चर्चा
सिखों की आस्था से जुड़ा बड़ा मामला करतारपुर कॉरिडोर का है। कोरोना की वजह से पिछले साल से यह बंद पड़ा है। पंजाब में सिख श्रद्धालु और सरकार और राजनीतिक दल इसे खोलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र की तरफ से अभी इसकी मंजूरी नहीं दी गई है।

पहली बार सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा
भाजपा के लिए पंजाब चुनाव इस बार अहम हैं। भाजपा अभी तक अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती थी। किसान आंदोलन की वजह से अकाली दल ने गठबंधन तोड़ लिया। अब भाजपा पंजाब में 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। ऐसे में पार्टी किस रणनीति से चुनाव में जाए, इसको लेकर भी चर्चा होगी।

कैप्टन अमरिंदर सिंह

कैप्टन अमरिंदर सिंह

कैप्टन अमरिंदर सिंह का कद भी टटोलेंगे
कांग्रेस छोड़ चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर भी चर्चा संभव है। कैप्टन पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में पंजाब भाजपा के नेताओं से चर्चा होगी कि अगले चुनाव में कैप्टन की भाजपा के लिहाज से कौन-सी भूमिका हो सकती है। हालांकि कैप्टन ने भाजपा से गठजोड़ नहीं किया है, लेकिन वे किसान आंदोलन हल होने के बाद भाजपा से सीट शेयरिंग की बात कह चुके हैं।

केंद्र चाहता है आंदोलन का हल : सरीन
पंजाब भाजपा नेता अनिल सरीन ने कहा कि यह रूटीन मीटिंग है। जिसमें पंजाब के लिहाज से पीएम मोदी से चर्चा होगी। किसान आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र तो कब से इसका हल चाहता है।

Hindi NewsLocalChandigarhPunjab BJP Leaders Meeting With PM Modi In Delhi, Serious Center On Resolving Farmers’ Agitation; Discussion On Election, Captain And Kartarpur Corridor Is Also Possibleचंडीगढ़2 घंटे पहलेकॉपी लिंककरतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन भी PM मोदी ने ही किया था। – फाइल फोटोपंजाब विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्र सरकार किसान आंदोलन का हल निकालने के लिए गंभीर हो गई है। यह चर्चा इसलिए, क्योंकि PM नरेंद्र मोदी आज पंजाब के भाजपा नेताओं के साथ मीटिंग करने जा रहे हैं। यह मीटिंग दिल्ली में PM निवास पर होगी। इसमें चुनावी तैयारियों, करतारपुर कॉरिडोर के साथ अगले चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ को लेकर चर्चा होगी।भाजपा नेता इसे रूटीन मीटिंग बता रहे हैं, लेकिन इसमें पंजाब के मुद्दों को लेकर चर्चा के बाद कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस मीटिंग में पंजाब से प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ, कार्यकारिणी मेंबर हरजीत ग्रेवाल, आरपी सिंह शामिल होंगे।किसान लगातार केंद्र के कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।भाजपा की बड़ी मुश्किल किसान आंदोलनपंजाब में भाजपा की सबसे बड़ी मुश्किल किसान आंदोलन है। केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के विरोध में किसान भाजपा का विरोध कर रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर करीब एक साल से आंदोलन चल रहा है। पंजाब में भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यक्रम का विरोध हो रहा है। यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।पीएम मोदी के कार्यक्रम का सार्वजनिक जगह पर लाइव टेलिकास्ट दिखाने तक का विरोध किया गया। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए पंजाब के भीतर खुलकर प्रचार करना मुश्किल होगा। यह जमीनी हकीकत भी पंजाब भाजपा PM के सामने रखेगी।कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भी भाजपा नेताओं से मीटिंग की थी।करतारपुर कॉरिडोर पर भी चर्चासिखों की आस्था से जुड़ा बड़ा मामला करतारपुर कॉरिडोर का है। कोरोना की वजह से पिछले साल से यह बंद पड़ा है। पंजाब में सिख श्रद्धालु और सरकार और राजनीतिक दल इसे खोलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र की तरफ से अभी इसकी मंजूरी नहीं दी गई है।पहली बार सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाजपाभाजपा के लिए पंजाब चुनाव इस बार अहम हैं। भाजपा अभी तक अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती थी। किसान आंदोलन की वजह से अकाली दल ने गठबंधन तोड़ लिया। अब भाजपा पंजाब में 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। ऐसे में पार्टी किस रणनीति से चुनाव में जाए, इसको लेकर भी चर्चा होगी।कैप्टन अमरिंदर सिंहकैप्टन अमरिंदर सिंह का कद भी टटोलेंगेकांग्रेस छोड़ चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर भी चर्चा संभव है। कैप्टन पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में पंजाब भाजपा के नेताओं से चर्चा होगी कि अगले चुनाव में कैप्टन की भाजपा के लिहाज से कौन-सी भूमिका हो सकती है। हालांकि कैप्टन ने भाजपा से गठजोड़ नहीं किया है, लेकिन वे किसान आंदोलन हल होने के बाद भाजपा से सीट शेयरिंग की बात कह चुके हैं।केंद्र चाहता है आंदोलन का हल : सरीनपंजाब भाजपा नेता अनिल सरीन ने कहा कि यह रूटीन मीटिंग है। जिसमें पंजाब के लिहाज से पीएम मोदी से चर्चा होगी। किसान आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र तो कब से इसका हल चाहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *