मंगल पर मौजूद है जीवन! जब NASA के वैज्ञानिक पर लगा था विज्ञान को बदनाम करने का आरोप

मंगल पर मौजूद है जीवन! जब NASA के वैज्ञानिक पर लगा था विज्ञान को बदनाम करने का आरोप

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Curated by | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Nov 21, 2021, 7:04 PM

नासा के वैज्ञानिक गिल्बर्ट वी. लेविन ने सबसे पहले मंगल पर जीवन होने का दावा किया था । लेविन आज से 45 साल पहले नासा के वाइकिंग स्पेस प्रोब प्रोग्राम के सुपरवाइजर थे। उनकी ही देखरेख में मंगल से सतह पर मानव रहित अंतरिक्ष मिशन को उतारा गया था।

Mars 01

मंगल ग्रह की सतह

हाइलाइट्स

  • गिल्बर्ट वी. लेविन ने सबसे पहले मंगल पर जीवन का किया था दावा
  • नासा के वाइकिंग स्पेस मिशन के सुपरवाइजर थे लेविन
  • मंगल की हाई रिजॉल्यूशन की तस्वीरों और डेटा से जीवन के होने का किया था दावा

वॉशिंगटन
मंगल ग्रह पर जीवन को लेकर वैज्ञानिक शुरू से ही उत्साहित रहे हैं। कई अंतरिक्ष मिशन में भी मंगल पर जीवन होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। लेकिन, जब पहली बार नासा के एक वैज्ञानिक ने यह दावा किया था, तब उनपर विज्ञान को बदनाम करने का आरोप लगाया गया था। इतना ही नहीं, मंगल पर जीवन के होने के उनके विश्वास को लेकर करियर में भी काफी उतार-चढ़ाव देखना पड़ा था।

वाइकिंग स्पेस प्रोग्राम के सुपरवाइजर थे लेविन
नासा के वैज्ञानिक गिल्बर्ट वी. लेविन ने सबसे पहले मंगल पर जीवन होने का दावा किया था । लेविन आज से 45 साल पहले नासा के वाइकिंग स्पेस प्रोब प्रोग्राम के सुपरवाइजर थे। उनकी ही देखरेख में मंगल से सतह पर मानव रहित अंतरिक्ष मिशन को उतारा गया था। इस प्रोग्राम का उद्देश्य मंगल की सतह पर किसी भी गैस या सूक्ष्मजीवों का पता लगाना था।

वाइकिंग मिशन के डेटा को देख किया था दावा
लेबल्ड रिलीज (LR) नाम के टेस्टिंग मैथड का इस्तेमाल करते हुए वाइकिंग लैंडर्स ने चार अलग-अलग स्थानों पर प्रयोग किए। इस अंतरिक्ष यान ने मंगल की सतह की पहली हाई रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भी लीं। उस समय लिखते हुए लेविन ने कहा था कि 30 जुलाई, 1976 को लेबल रिलीज टेस्ट ने मंगल ग्रह से अपने प्रारंभिक परिणाम को भेजा था। यह आश्चर्यजनक रूप से सकारात्मक था।

अन्य वैज्ञानिकों ने इस सिद्धांत पर नहीं किया विश्वास
उस समय कई वैज्ञानिकों ने गिल्बर्ट वी. लेविन मंगल ग्रह पर जीवन के सिद्धांत पर विश्वास नहीं किया था। लेविन ने मंगल की सतह पर वाइकिंग मॉलिक्यूलर एनलॉसिस एक्सपेरिमेंट विधि का इस्तेमाल करते हुए एक और प्रयोग किया था। इसमें उन्हें कार्बनिक पदार्थों का कोई सबूत नहीं मिला। दूसरी खोज ने निष्कर्ष निकाला कि मंगल की सतह पर जीवन होने के सबूत बहुत की हम हैं।

मंगल पर जीवन के उनके दावे ने खराब किया था करियर
2019 में उन्होंने लिखा कि पिछले 43 साल में वाइकिंग के बाद नासा के किसी भी मार्स लैंडर ने इतने रोमांचक परिणामों को साझा नहीं किया है। उन्होंने मंगल पर जीवन का पता लगाने वाले उपकरणों तक को नहीं रखा है। मंगल पर जीवन होने के विश्वास के कारण ही लेविन को अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि मैंने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में जब कहा था कि हमने मंगल पर जीवन का पता लगा लिया है तो जमकर हंगामा हुआ था।

विज्ञान को बदनाम करने का लगा था आरोप
एक कार्यक्रम में उनके एक साथी ने गुस्सा दिखाते हुए आरोप लगाया था कि आपने खुद को बदनाम किया है, और आप विज्ञान को बदनाम कर रहे हैं। लेकिन, लेविन पीछे नहीं हटे, जिनके बारे में वे खुद को सही मानते थे। मंगल की बंजर, सूखी और भारी विकिरण वाली सतह को देखने के बाद उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि यहां जीवन के सबूत हैं, जिसे हमें और ज्यादा ढूंढने की जरूरत है।

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Web Title : life on mars, nasa scientist accused for defaming science for claiming life on red planet
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Curated by प्रियेश मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Nov 21, 2021, 7:04 PMनासा के वैज्ञानिक गिल्बर्ट वी. लेविन ने सबसे पहले मंगल पर जीवन होने का दावा किया था । लेविन आज से 45 साल पहले नासा के वाइकिंग स्पेस प्रोब प्रोग्राम के सुपरवाइजर थे। उनकी ही देखरेख में मंगल से सतह पर मानव रहित अंतरिक्ष मिशन को उतारा गया था।मंगल ग्रह की सतहहाइलाइट्सगिल्बर्ट वी. लेविन ने सबसे पहले मंगल पर जीवन का किया था दावानासा के वाइकिंग स्पेस मिशन के सुपरवाइजर थे लेविनमंगल की हाई रिजॉल्यूशन की तस्वीरों और डेटा से जीवन के होने का किया था दावावॉशिंगटनमंगल ग्रह पर जीवन को लेकर वैज्ञानिक शुरू से ही उत्साहित रहे हैं। कई अंतरिक्ष मिशन में भी मंगल पर जीवन होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। लेकिन, जब पहली बार नासा के एक वैज्ञानिक ने यह दावा किया था, तब उनपर विज्ञान को बदनाम करने का आरोप लगाया गया था। इतना ही नहीं, मंगल पर जीवन के होने के उनके विश्वास को लेकर करियर में भी काफी उतार-चढ़ाव देखना पड़ा था।वाइकिंग स्पेस प्रोग्राम के सुपरवाइजर थे लेविननासा के वैज्ञानिक गिल्बर्ट वी. लेविन ने सबसे पहले मंगल पर जीवन होने का दावा किया था । लेविन आज से 45 साल पहले नासा के वाइकिंग स्पेस प्रोब प्रोग्राम के सुपरवाइजर थे। उनकी ही देखरेख में मंगल से सतह पर मानव रहित अंतरिक्ष मिशन को उतारा गया था। इस प्रोग्राम का उद्देश्य मंगल की सतह पर किसी भी गैस या सूक्ष्मजीवों का पता लगाना था।वाइकिंग मिशन के डेटा को देख किया था दावालेबल्ड रिलीज (LR) नाम के टेस्टिंग मैथड का इस्तेमाल करते हुए वाइकिंग लैंडर्स ने चार अलग-अलग स्थानों पर प्रयोग किए। इस अंतरिक्ष यान ने मंगल की सतह की पहली हाई रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें भी लीं। उस समय लिखते हुए लेविन ने कहा था कि 30 जुलाई, 1976 को लेबल रिलीज टेस्ट ने मंगल ग्रह से अपने प्रारंभिक परिणाम को भेजा था। यह आश्चर्यजनक रूप से सकारात्मक था।अन्य वैज्ञानिकों ने इस सिद्धांत पर नहीं किया विश्वासउस समय कई वैज्ञानिकों ने गिल्बर्ट वी. लेविन मंगल ग्रह पर जीवन के सिद्धांत पर विश्वास नहीं किया था। लेविन ने मंगल की सतह पर वाइकिंग मॉलिक्यूलर एनलॉसिस एक्सपेरिमेंट विधि का इस्तेमाल करते हुए एक और प्रयोग किया था। इसमें उन्हें कार्बनिक पदार्थों का कोई सबूत नहीं मिला। दूसरी खोज ने निष्कर्ष निकाला कि मंगल की सतह पर जीवन होने के सबूत बहुत की हम हैं।मंगल पर जीवन के उनके दावे ने खराब किया था करियर2019 में उन्होंने लिखा कि पिछले 43 साल में वाइकिंग के बाद नासा के किसी भी मार्स लैंडर ने इतने रोमांचक परिणामों को साझा नहीं किया है। उन्होंने मंगल पर जीवन का पता लगाने वाले उपकरणों तक को नहीं रखा है। मंगल पर जीवन होने के विश्वास के कारण ही लेविन को अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि मैंने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में जब कहा था कि हमने मंगल पर जीवन का पता लगा लिया है तो जमकर हंगामा हुआ था।विज्ञान को बदनाम करने का लगा था आरोपएक कार्यक्रम में उनके एक साथी ने गुस्सा दिखाते हुए आरोप लगाया था कि आपने खुद को बदनाम किया है, और आप विज्ञान को बदनाम कर रहे हैं। लेकिन, लेविन पीछे नहीं हटे, जिनके बारे में वे खुद को सही मानते थे। मंगल की बंजर, सूखी और भारी विकिरण वाली सतह को देखने के बाद उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि यहां जीवन के सबूत हैं, जिसे हमें और ज्यादा ढूंढने की जरूरत है।Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : life on mars, nasa scientist accused for defaming science for claiming life on red planetHindi News from Navbharat Times, TIL Network

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