सिख किसानों के खिलाफ सोशल मीडिया पर बुनी गई साजिश, आंदोलन को बदनाम करने वाले नेटवर्क का खुलासा

सिख किसानों के खिलाफ सोशल मीडिया पर बुनी गई साजिश, आंदोलन को बदनाम करने वाले नेटवर्क का खुलासा

news image

Curated by | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Nov 24, 2021, 4:19 PM

Sikh Protest: भारत सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगभग एक साल तक सड़कों पर बैठे रहे। बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कानूनों का रद्द करने की घोषणा की थी।

Khalistan Supporters in Farmers Protest: राकेश टिकैत बोले- आंदोलन में कोई खालिस्तानी है तो चौराहे पर फांसी दे दो

लंदन
खुद को सिख बताने वाले और विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले लोगों की फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बीबीसी के साथ साझा की गई एक रिपोर्ट में इस नेटवर्क में शामिल 80 अकाउंट्स की जानकारी दी गई है, जिन्हें अब सस्पेंड कर दिया गया है क्योंकि वे फेक थे। इस अभियान में ‘हिंदू राष्ट्रवाद’ और ‘भारत सरकार समर्थित विचारधारा’ को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया गया था।

रिपोर्ट के लेखक बेंजामिन स्ट्रिक के अनुसार इस नेटवर्क का उद्देश्य ‘सिख स्वतंत्रता, मानवाधिकारों और मूल्यों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर धारणाओं को बदलना’ प्रतीत होता है। हालांकि इस नेटवर्क के भारत सरकार से संबंधित होने का कोई सबूत नहीं मिला है। नेटवर्क ने ‘पपेट’ अकाउंट का इस्तेमाल किया, जो फेक थे और असली लोग उनका इस्तेमाल करते थे। फर्जी प्रोफाइल में सिख नामों का इस्तेमाल किया गया और ‘असली सिख’ होने का दावा किया गया।
पंजाब को अलग देश बनाने पर खालिस्‍तानियों के जनमत संग्रह की निकली हवा, पाकिस्‍तान भी बेनकाब
दो तरह के हैशटैग का किया इस्तेमाल
उन्होंने बढ़ावा देने के लिए हैशटैग #RealSikh और बदनाम करने के लिए #FakeSikh का इस्तेमाल किया। यह रिपोर्ट गैर-लाभकारी संगठन सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलिएंस (सीआईआर) ने तैयार की है। इसमें पाया गया कि नेटवर्क के कई अकाउंट्स ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक ही फेक प्रोफाइल का इस्तेमाल किया। इन अकाउंट्स के नाम, प्रोफाइल फोटो और कवर फोटो एक जैसे थे और इनसे एक जैसी पोस्ट पब्लिश की गई थी।

किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश
कई अकाउंट्स में पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की ऐक्सट्रेस सहित मशहूर हस्तियों की प्रोफाइल फोटो का उपयोग किया गया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के विरोध के एक साल बाद तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा की थी। इस नेटवर्क ने लगभग एक साल से चल रहे किसान आंदोलन और ‘खालिस्तान स्वतंत्रता आंदोलन’ को टारगेट किया था। रिपोर्ट के अनुसार अकाउंट्स ने सिख स्वतंत्रता की विचारधारा को चरमपंथ के रूप में लेबल करने की मांग की और दावा किया कि किसानों के विरोध प्रदर्शन को ‘खालिस्तानी आतंकवादियों’ ने कैप्चर कर लिया है।

kisan protest

File Photo

Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐप

लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें

Web Title : network of fake social media profiles targeted sikh farmers sitting in protest
Hindi News from Navbharat Times, TIL Network

Curated by योगेश मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Nov 24, 2021, 4:19 PMSikh Protest: भारत सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगभग एक साल तक सड़कों पर बैठे रहे। बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कानूनों का रद्द करने की घोषणा की थी। Khalistan Supporters in Farmers Protest: राकेश टिकैत बोले- आंदोलन में कोई खालिस्तानी है तो चौराहे पर फांसी दे दोलंदनखुद को सिख बताने वाले और विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले लोगों की फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बीबीसी के साथ साझा की गई एक रिपोर्ट में इस नेटवर्क में शामिल 80 अकाउंट्स की जानकारी दी गई है, जिन्हें अब सस्पेंड कर दिया गया है क्योंकि वे फेक थे। इस अभियान में ‘हिंदू राष्ट्रवाद’ और ‘भारत सरकार समर्थित विचारधारा’ को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया गया था। रिपोर्ट के लेखक बेंजामिन स्ट्रिक के अनुसार इस नेटवर्क का उद्देश्य ‘सिख स्वतंत्रता, मानवाधिकारों और मूल्यों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर धारणाओं को बदलना’ प्रतीत होता है। हालांकि इस नेटवर्क के भारत सरकार से संबंधित होने का कोई सबूत नहीं मिला है। नेटवर्क ने ‘पपेट’ अकाउंट का इस्तेमाल किया, जो फेक थे और असली लोग उनका इस्तेमाल करते थे। फर्जी प्रोफाइल में सिख नामों का इस्तेमाल किया गया और ‘असली सिख’ होने का दावा किया गया।पंजाब को अलग देश बनाने पर खालिस्‍तानियों के जनमत संग्रह की निकली हवा, पाकिस्‍तान भी बेनकाबदो तरह के हैशटैग का किया इस्तेमालउन्होंने बढ़ावा देने के लिए हैशटैग #RealSikh और बदनाम करने के लिए #FakeSikh का इस्तेमाल किया। यह रिपोर्ट गैर-लाभकारी संगठन सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलिएंस (सीआईआर) ने तैयार की है। इसमें पाया गया कि नेटवर्क के कई अकाउंट्स ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक ही फेक प्रोफाइल का इस्तेमाल किया। इन अकाउंट्स के नाम, प्रोफाइल फोटो और कवर फोटो एक जैसे थे और इनसे एक जैसी पोस्ट पब्लिश की गई थी। किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिशकई अकाउंट्स में पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की ऐक्सट्रेस सहित मशहूर हस्तियों की प्रोफाइल फोटो का उपयोग किया गया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के विरोध के एक साल बाद तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा की थी। इस नेटवर्क ने लगभग एक साल से चल रहे किसान आंदोलन और ‘खालिस्तान स्वतंत्रता आंदोलन’ को टारगेट किया था। रिपोर्ट के अनुसार अकाउंट्स ने सिख स्वतंत्रता की विचारधारा को चरमपंथ के रूप में लेबल करने की मांग की और दावा किया कि किसानों के विरोध प्रदर्शन को ‘खालिस्तानी आतंकवादियों’ ने कैप्चर कर लिया है।File PhotoNavbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : network of fake social media profiles targeted sikh farmers sitting in protestHindi News from Navbharat Times, TIL Network

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *