दहशत का सफाया:कश्मीर में इस साल 180 आतंकी मारे गए, इनमें 20 पाकिस्तानी; घाटी में पहली बार 200 से कम आतंकी बचे

दहशत का सफाया:कश्मीर में इस साल 180 आतंकी मारे गए, इनमें 20 पाकिस्तानी; घाटी में पहली बार 200 से कम आतंकी बचे

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जम्मू3 घंटे पहलेलेखक: मोहित कंधारी

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यूनेस्को ने श्रीनगर को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क की सूची में रखा है। - Dainik Bhaskar

यूनेस्को ने श्रीनगर को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क की सूची में रखा है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की शुरुआत के बाद से पहली बार घाटी में सक्रिय आतंकियों की संख्या 200 से कम बची है। आतंकी संगठनों में युवाओं की भर्ती भी बेहद कम हो गई है। कभी आतंक का गढ़ रहे दक्षिण कश्मीर में इस साल सबसे ज्यादा मुठभेड़ हुई हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में कश्मीर में 180 आतंकी मारे गए। इनमें 20 पाकिस्तानी थे।

ज्यादातर पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग में मारे गए हैं। पिछले 48 घंटे में ही सुरक्षाबलों ने कुलगाम और अनंतनाग जिले में हुए एनकाउंटर में छह आतंकियों को मार गिराया। इनमें दो पाकिस्तानी थे। पुलिस, केंद्रीय सुरक्षाबल तथा सेना ने संयुक्त कार्रवाई में पिछले तीन महीने में 57 आतंकियों का खात्मा किया। ये एनकाउंटर घाटी में टारगेट किलिंग की वारदातें बढ़ने के बाद हुए।

तीन महीने में बढ़ी टारगेट किलिंग
यूनेस्को ने श्रीनगर को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क की सूची में रखा है। इस साल श्रीनगर में कई सफल कार्यक्रम हुए जिसमें देश और विदेश की दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं। इस तिमाही में ज्यादातर आतंकी हमले स्कूलों अल्पसंख्यकों की टारगेट करके, जम्मू-कश्मीर के बाहर से आने वाले रेहड़ी-पटरी वालों और निहत्थे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के लिए हुए।

एक साल में 128 नए आतंकी बने, इनमें 73 मारे गए
सूत्रों के मुताबिक घाटी में पहले से सक्रिय 80% आतंकी मारे जा चुके हैं। मारे गए ज्यादातर स्थानीय आतंकियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। इनमें ज्यादातर आतंकी बनने के एक हफ्ते से एक साल के अंदर ही मारे गए। इस साल 128 आतंकियों की भर्ती हुई, जिनमें 73 मारे गए। इनमें 16 गिरफ्तार हुए और 39 सक्रिय हैं।

Hindi NewsNational180 Terrorists Were Killed In Kashmir This Year, 20 Of Them Pakistanis; Less Than 200 Terrorists Left In The Valley For The First Timeजम्मू3 घंटे पहलेलेखक: मोहित कंधारीकॉपी लिंकयूनेस्को ने श्रीनगर को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क की सूची में रखा है।जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की शुरुआत के बाद से पहली बार घाटी में सक्रिय आतंकियों की संख्या 200 से कम बची है। आतंकी संगठनों में युवाओं की भर्ती भी बेहद कम हो गई है। कभी आतंक का गढ़ रहे दक्षिण कश्मीर में इस साल सबसे ज्यादा मुठभेड़ हुई हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में कश्मीर में 180 आतंकी मारे गए। इनमें 20 पाकिस्तानी थे।ज्यादातर पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग में मारे गए हैं। पिछले 48 घंटे में ही सुरक्षाबलों ने कुलगाम और अनंतनाग जिले में हुए एनकाउंटर में छह आतंकियों को मार गिराया। इनमें दो पाकिस्तानी थे। पुलिस, केंद्रीय सुरक्षाबल तथा सेना ने संयुक्त कार्रवाई में पिछले तीन महीने में 57 आतंकियों का खात्मा किया। ये एनकाउंटर घाटी में टारगेट किलिंग की वारदातें बढ़ने के बाद हुए।तीन महीने में बढ़ी टारगेट किलिंगयूनेस्को ने श्रीनगर को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क की सूची में रखा है। इस साल श्रीनगर में कई सफल कार्यक्रम हुए जिसमें देश और विदेश की दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं। इस तिमाही में ज्यादातर आतंकी हमले स्कूलों अल्पसंख्यकों की टारगेट करके, जम्मू-कश्मीर के बाहर से आने वाले रेहड़ी-पटरी वालों और निहत्थे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के लिए हुए।एक साल में 128 नए आतंकी बने, इनमें 73 मारे गएसूत्रों के मुताबिक घाटी में पहले से सक्रिय 80% आतंकी मारे जा चुके हैं। मारे गए ज्यादातर स्थानीय आतंकियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। इनमें ज्यादातर आतंकी बनने के एक हफ्ते से एक साल के अंदर ही मारे गए। इस साल 128 आतंकियों की भर्ती हुई, जिनमें 73 मारे गए। इनमें 16 गिरफ्तार हुए और 39 सक्रिय हैं।

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