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नई दिल्ली3 घंटे पहले
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महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मैरिटल रेप के मुद्दे पर पुरुषों का बचाव किया। दरअसल, बुधवार को संसद में विपक्ष की और से मैरिटल रेप का मुद्दा उठाया गया। इस पर सरकार के पक्ष में बयान देते स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता देना ठीक है, लेकिन सभी शादीशुदा पुरुष को रेपिस्ट कहना गलत है।
हर विवाह हिंसक नहीं होता..
संसद में पेश बजट पर हुई चर्चा के दौरान CPI के बिनॉय विश्वम ने ‘वैवाहिक जीवन में यौन हिंसा’ का सवाल उठाया। इस पर स्मृति ईरानी ने जवाब देते हुए कहा कि वैवाहिक हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी आड़ में सम्मानित सदन में देश के हर विवाह को हिंसक मानकर उसकी निंदा करना और देश के सभी पुरुषों को बलात्कारी मानना उचित नहीं है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि हमारे देश में बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन हम सभी पुरुषों को गलत नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि क्या कभी उन्होंने घरेलू हिंसा की धारा 3 और IPC की धारा 375 पर ध्यान दिया?
यह है घरेलू हिंसा की धारा 3, जिसमें हो सकती है उम्रकैद
किसी भी महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित करना, जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना, महिला के साथ मार-पीट करना, यह सभी अपराध घरेलू हिंसा की धारा 3 के तहत आते हैं। महिला के साथ यह सभी अपराध करने पर जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
यह है IPC धारा 375, जिसमें हो सकती है जेल
जब कोई पुरुष किसी महिला के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध, उसकी सहमति के बिना, उसे डरा धमका कर, दिमागी रूप से कमजोर, पागल या नशा की हुई महिला को धोखा देकर शारीरिक संबंध बनाता है तो इसे बलात्कार कहा जाता है। इसमें दोषी पर धारा 375 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें कम से कम सात साल और अधिकतम आजीवन कारावास हो सकता है।
30 से ज्यादा हेल्पलाइन कर रहीं महिलाओं की मदद
स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं की मदद के लिए 30 से ज्यादा हेल्पलाइन काम कर रही हैं। अब तक इन हेल्पलाइन्स से 66 लाख से ज्यादा महिलाओं की मदद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में 703 ‘वन स्टॉप सेंटर’ भी महिलाओं को मदद देने का काम कर रहे हैं। इनके जरिए भी 5 लाख महिलाओं को मदद दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में मैरिटल रेप का मुद्दा विचाराधीन है, इसलिए इस पर ज्यादा बातचीत नहीं की जा सकती है।
Hindi NewsNationalI Don’t Support Marital Rape, But Condemning Every Marriage As Violent Is Wrongनई दिल्ली3 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोमहिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मैरिटल रेप के मुद्दे पर पुरुषों का बचाव किया। दरअसल, बुधवार को संसद में विपक्ष की और से मैरिटल रेप का मुद्दा उठाया गया। इस पर सरकार के पक्ष में बयान देते स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता देना ठीक है, लेकिन सभी शादीशुदा पुरुष को रेपिस्ट कहना गलत है।हर विवाह हिंसक नहीं होता..संसद में पेश बजट पर हुई चर्चा के दौरान CPI के बिनॉय विश्वम ने ‘वैवाहिक जीवन में यौन हिंसा’ का सवाल उठाया। इस पर स्मृति ईरानी ने जवाब देते हुए कहा कि वैवाहिक हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी आड़ में सम्मानित सदन में देश के हर विवाह को हिंसक मानकर उसकी निंदा करना और देश के सभी पुरुषों को बलात्कारी मानना उचित नहीं है।स्मृति ईरानी ने कहा कि हमारे देश में बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन हम सभी पुरुषों को गलत नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि क्या कभी उन्होंने घरेलू हिंसा की धारा 3 और IPC की धारा 375 पर ध्यान दिया?यह है घरेलू हिंसा की धारा 3, जिसमें हो सकती है उम्रकैदकिसी भी महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित करना, जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना, महिला के साथ मार-पीट करना, यह सभी अपराध घरेलू हिंसा की धारा 3 के तहत आते हैं। महिला के साथ यह सभी अपराध करने पर जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।यह है IPC धारा 375, जिसमें हो सकती है जेलजब कोई पुरुष किसी महिला के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध, उसकी सहमति के बिना, उसे डरा धमका कर, दिमागी रूप से कमजोर, पागल या नशा की हुई महिला को धोखा देकर शारीरिक संबंध बनाता है तो इसे बलात्कार कहा जाता है। इसमें दोषी पर धारा 375 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें कम से कम सात साल और अधिकतम आजीवन कारावास हो सकता है।30 से ज्यादा हेल्पलाइन कर रहीं महिलाओं की मददस्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं की मदद के लिए 30 से ज्यादा हेल्पलाइन काम कर रही हैं। अब तक इन हेल्पलाइन्स से 66 लाख से ज्यादा महिलाओं की मदद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में 703 ‘वन स्टॉप सेंटर’ भी महिलाओं को मदद देने का काम कर रहे हैं। इनके जरिए भी 5 लाख महिलाओं को मदद दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में मैरिटल रेप का मुद्दा विचाराधीन है, इसलिए इस पर ज्यादा बातचीत नहीं की जा सकती है।
