आनलाइन खेल : भारत में खर्च हुए 3,770 करोड़

आनलाइन खेल : भारत में खर्च हुए 3,770 करोड़

news image

कोरोना काल में लोग डिजिटल प्लेटफार्म से काम करने लगे हैं।

कोरोना काल में लोग डिजिटल प्लेटफार्म से काम करने लगे हैं। बच्चे भी आनलाइन कक्षाएं कर रहे हैं। हाल में किए गए एक सर्वे में पता चला है कि युवा और बच्चों का एक बड़ा वर्ग आनलाइन खेल से जुड़ा। सबसे ज्यादा खेल डाउनलोड किए गए। गूगल प्ले स्टोर और एपल प्ले स्टोर से आनलाइन खेल को डाउनलोड करने पर भारतीयों ने जमकर रकम खर्च की। पाया गया कि डिजिटल खेलों में भारत में लोगों ने बीते एक साल में 3770 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। लोगों ने युद्ध आधारित खेल ज्यादा डाउनलोड किए हैं।

बाजार परामर्शदाता कंपनी निको पार्टनर्स के अनुसार, भारत मोबाइल और कंप्यूटर खेलों को लेकर एशिया का सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया है। 2021 में इस बाजार का राजस्व 534.1 मिलियन डालर (करीब चार हजार करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है। अगले पांच साल में इसकी बढ़त 29.8 फीसद रहने का अनुमान है। माना जा रहा है कि 2025 तक इसका राजस्व 1.49 बिलियन डालर (करीब 11 हजार करोड़ रुपए) के पास पहुंच जाएगा। गूगल प्ले और एपल प्ले स्टोर पर भारत में खेल आधारित एप की खरीदारी लगभग 500 मिलियन डालर (करीब 3770 करोड़ रुपए) के आंकड़े को पार कर रही है।

तीन साल पहले खेल आधारित एप की खरीदारी 50 मिलियन डालर (करीब 377 करोड़ रुपए) थी, जिसमें 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है। मोबाइल खेल बनाने वाली कंपनी क्राफ्टन इंक में इंडिया, मध्य एशिया और उत्तरी अफ्रीका के प्रमुख अनुज टंडन ने अपने ब्लाग में जानकारी दी है कि वर्ष 2020 से 2021 तक एक बड़ा बदलाव यह था कि लोगों ने ऐसे खेल पर ज्यादा पैसे खर्च करना शुरू कर दिए हैं। 2022 में भी ये सिलसिला जारी रहेगा। कंपनियों का मानना है कि खेलों को ताजातरीन माडल को डाउनलोड करने पर भी खर्च बढ़ रहा है। उदाहरण के लिए, एक खेल है मास्कगन, जिसे दुनिया भर में 50 मिलियन (करीब पांच करोड़) से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इस बाजार में कई भारतीय स्टार्टअप भी कूदने की तैयारी में हैं।

बढ़ते बाजार में होड़ भी बढ़ रही है। कंपनियों का अधिग्रहण बढ़ रहा है। शब्द आधारित खेल बनाने वाली कंपनी प्लेसिंपल को स्वीडन की कंपनी माडर्न टाइम्स ने जुलाई में 510 मिलियन डालर (करीब 3845 करोड़ रुपए) में खरीद लिया गया। वहीं, बोर्ड और सोशल कार्ड गेम बनाने वाली कंपनी मूनफ्राग को स्वीडन के स्टिलफ्रंट ने फरवरी में 90 मिलियन डालर (करीब 679 करोड़ रुपए) से अधिक में खरीदा था।

इस क्षेत्र में पूरे साल के दौरान 1.7 बिलियन डालर (करीब 12 हजार करोड़ रुपए) से अधिक का रिकार्ड निवेश देखा गया। भारतीय कंपनी सुपर गेमिंग के संकेत नाधानी के मुताबिक, भारत में कई शानदार कहानियां और पौराणिक कथाएं हैं। दुनिया भर के लोग भारत से जुड़ी इन कथाओं में रुचि लेते हैं। 60 फीसद लोग भारत से जुड़े विषय, पौराणिक कथाओं और मशहूर हस्तियों वाले पात्रों के साथ आनलाइन खेल खेलना चाहते हैं।

कोरोना काल में लोग डिजिटल प्लेटफार्म से काम करने लगे हैं। कोरोना काल में लोग डिजिटल प्लेटफार्म से काम करने लगे हैं। बच्चे भी आनलाइन कक्षाएं कर रहे हैं। हाल में किए गए एक सर्वे में पता चला है कि युवा और बच्चों का एक बड़ा वर्ग आनलाइन खेल से जुड़ा। सबसे ज्यादा खेल डाउनलोड किए गए। गूगल प्ले स्टोर और एपल प्ले स्टोर से आनलाइन खेल को डाउनलोड करने पर भारतीयों ने जमकर रकम खर्च की। पाया गया कि डिजिटल खेलों में भारत में लोगों ने बीते एक साल में 3770 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। लोगों ने युद्ध आधारित खेल ज्यादा डाउनलोड किए हैं। बाजार परामर्शदाता कंपनी निको पार्टनर्स के अनुसार, भारत मोबाइल और कंप्यूटर खेलों को लेकर एशिया का सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया है। 2021 में इस बाजार का राजस्व 534.1 मिलियन डालर (करीब चार हजार करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है। अगले पांच साल में इसकी बढ़त 29.8 फीसद रहने का अनुमान है। माना जा रहा है कि 2025 तक इसका राजस्व 1.49 बिलियन डालर (करीब 11 हजार करोड़ रुपए) के पास पहुंच जाएगा। गूगल प्ले और एपल प्ले स्टोर पर भारत में खेल आधारित एप की खरीदारी लगभग 500 मिलियन डालर (करीब 3770 करोड़ रुपए) के आंकड़े को पार कर रही है। तीन साल पहले खेल आधारित एप की खरीदारी 50 मिलियन डालर (करीब 377 करोड़ रुपए) थी, जिसमें 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है। मोबाइल खेल बनाने वाली कंपनी क्राफ्टन इंक में इंडिया, मध्य एशिया और उत्तरी अफ्रीका के प्रमुख अनुज टंडन ने अपने ब्लाग में जानकारी दी है कि वर्ष 2020 से 2021 तक एक बड़ा बदलाव यह था कि लोगों ने ऐसे खेल पर ज्यादा पैसे खर्च करना शुरू कर दिए हैं। 2022 में भी ये सिलसिला जारी रहेगा। कंपनियों का मानना है कि खेलों को ताजातरीन माडल को डाउनलोड करने पर भी खर्च बढ़ रहा है। उदाहरण के लिए, एक खेल है मास्कगन, जिसे दुनिया भर में 50 मिलियन (करीब पांच करोड़) से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इस बाजार में कई भारतीय स्टार्टअप भी कूदने की तैयारी में हैं। बढ़ते बाजार में होड़ भी बढ़ रही है। कंपनियों का अधिग्रहण बढ़ रहा है। शब्द आधारित खेल बनाने वाली कंपनी प्लेसिंपल को स्वीडन की कंपनी माडर्न टाइम्स ने जुलाई में 510 मिलियन डालर (करीब 3845 करोड़ रुपए) में खरीद लिया गया। वहीं, बोर्ड और सोशल कार्ड गेम बनाने वाली कंपनी मूनफ्राग को स्वीडन के स्टिलफ्रंट ने फरवरी में 90 मिलियन डालर (करीब 679 करोड़ रुपए) से अधिक में खरीदा था। इस क्षेत्र में पूरे साल के दौरान 1.7 बिलियन डालर (करीब 12 हजार करोड़ रुपए) से अधिक का रिकार्ड निवेश देखा गया। भारतीय कंपनी सुपर गेमिंग के संकेत नाधानी के मुताबिक, भारत में कई शानदार कहानियां और पौराणिक कथाएं हैं। दुनिया भर के लोग भारत से जुड़ी इन कथाओं में रुचि लेते हैं। 60 फीसद लोग भारत से जुड़े विषय, पौराणिक कथाओं और मशहूर हस्तियों वाले पात्रों के साथ आनलाइन खेल खेलना चाहते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *