
Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Jan 31, 2022, 4:41 AM
Farmers Protest Updates: किसान संगठन आज पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जिला और तहसील स्तर पर किसान प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 9 दिसंबर को लिखे पत्र का कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। अपडेट्स जानिए…
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हाइलाइट्स
- आज देशभर में विश्वासघात दिवस मनाएंगे किसान संगठन
- जिला और तहसील स्तर पर प्रदर्शन करने की है तैयारी
- यूपी चुनाव में बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं किसान
मोदी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप
किसान नेताओं का आरोप है कि 15 जनवरी के फैसले के बाद भी भारत सरकार ने 9 दिसंबर के अपने पत्र में किया कोई वादा पूरा नहीं किया है। आंदोलन के दौरान हुए केस को तत्काल वापस लेने और शहीद परिवारों को मुआवजा देने के वादे पर पिछले दो सप्ताह में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। MSP के मुद्दे पर सरकार ने कमेटी के गठन की कोई घोषणा नहीं की है इसलिए मोर्चे ने देशभर में किसानों से आह्वान किया है कि वह ‘विश्वासघात दिवस’ के माध्यम से सरकार तक अपना रोष पहुंचाएं।
यूपी में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाएंगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि ‘मिशन उत्तर प्रदेश’ जारी रहेगा, जिसके जरिए इस किसान विरोधी सत्ता को सबक सिखाया जाएगा। इसके तहत केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त और गिरफ्तार ना करने, केंद्र सरकार द्वारा किसानों से विश्वासघात और उत्तर प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर जनता से सख्त फैसला लेने का आह्वान किया जाएगा। 3 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मिशन के नए दौर की शुरुआत होगी। इसके तहत एसकेएम के सभी संगठनों द्वारा पूरे प्रदेश में साहित्य वितरण, प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभा के माध्यम से भाजपा को ‘सजा’ देने का संदेश पहुंचाया जाएगा।
Rakesh Tikait News: सोमवार को विरोध दिवस का ऐलान, जानिये क्या है राकेश टिकैत का पूरा प्लान?
केंद्र सरकार पर बरसे टिकैत
राकेश टिकैत ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द एमएसपी और एक साल तक चले किसान आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों के ऊपर केस लगाए गए हैं उनको वापिस लिए जाएं। राकेश टिकैत ने आगे कहा है कि भारत सरकार ने दिल्ली में जो भी वादा किया है उसे पूरा करें। हम चुनाव से अलग हैं हमारा एक मत है हम भी किसी को दे देंगे। मैं किसी का समर्थन नहीं कर रहा। जनता सरकार से ख़ुश होगी तो उन्हें वोट देगी, नाराज़ होगी तो किसी और को वोट देगी।
Farmers Protest Update : 31 जनवरी को देशभर में ‘विश्वासघात दिवस’ मनाएंगे किसान, UP में भाजपा की बढ़ सकती है टेंशन
सरकार और किसानों का क्या था कमिटमेंट
गौरतलब है कि सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने एक साल से लंबे वक्त तक आंदोलन किया। गुरुपर्व के दिन पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में किसानों से माफी मांगते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया था। इसके बाद भी किसान आंदोलन से उठने को तैयार नहीं थे। किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार से एमएसपी, किसानों के मुकदमें वापस लेने की मांग की थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने एक प्रपोजल किसानों के पास भेजा था। जिसमें एमएसपी पर कमेटी बनाने की बात कही थी। सरकार ने कहा जैसे ही आंदोलन वापस होगा, जिस विभाग ने केस दर्ज किया है, वह अपने आप केस वापस ले लेंगे।
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किसानों का विरोध प्रदर्शन आज
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Web Title : sanyukt kisan morcha vishwasghat diwas farmers protest updates against modi government
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Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Jan 31, 2022, 4:41 AMFarmers Protest Updates: किसान संगठन आज पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जिला और तहसील स्तर पर किसान प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 9 दिसंबर को लिखे पत्र का कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। अपडेट्स जानिए… Farmers Expectation From Budget 2022: खाद, पेट्रोल, डीजल..सस्ता करे सरकार.. देखिए बजट से क्या चाहतें हैं किसानहाइलाइट्सआज देशभर में विश्वासघात दिवस मनाएंगे किसान संगठनजिला और तहसील स्तर पर प्रदर्शन करने की है तैयारीयूपी चुनाव में बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं किसाननई दिल्ली:संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) आज देशभर में ‘विश्वासघात दिवस’ मनाने (Vishwasghat Diwas) जा रहा है। इस दौरान पूरे देश में जिला और तहसील स्तर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी है। मोर्चे से जुड़े सभी किसान संगठन जोर-शोर से इसकी तैयारी में जुटे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम देश के कम से कम 500 जिलों में आयोजित किया जाएगा। किसानों के साथ हुए कथित धोखे का विरोध करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 जनवरी की अपनी बैठक में यह फैसला किया था। इन प्रदर्शनों में केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की कोऑर्डिनेशन कमिटी विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकें कर रही है।मोदी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोपकिसान नेताओं का आरोप है कि 15 जनवरी के फैसले के बाद भी भारत सरकार ने 9 दिसंबर के अपने पत्र में किया कोई वादा पूरा नहीं किया है। आंदोलन के दौरान हुए केस को तत्काल वापस लेने और शहीद परिवारों को मुआवजा देने के वादे पर पिछले दो सप्ताह में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। MSP के मुद्दे पर सरकार ने कमेटी के गठन की कोई घोषणा नहीं की है इसलिए मोर्चे ने देशभर में किसानों से आह्वान किया है कि वह ‘विश्वासघात दिवस’ के माध्यम से सरकार तक अपना रोष पहुंचाएं।यूपी में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाएंगे किसानसंयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि ‘मिशन उत्तर प्रदेश’ जारी रहेगा, जिसके जरिए इस किसान विरोधी सत्ता को सबक सिखाया जाएगा। इसके तहत केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त और गिरफ्तार ना करने, केंद्र सरकार द्वारा किसानों से विश्वासघात और उत्तर प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर जनता से सख्त फैसला लेने का आह्वान किया जाएगा। 3 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मिशन के नए दौर की शुरुआत होगी। इसके तहत एसकेएम के सभी संगठनों द्वारा पूरे प्रदेश में साहित्य वितरण, प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभा के माध्यम से भाजपा को ‘सजा’ देने का संदेश पहुंचाया जाएगा।Rakesh Tikait News: सोमवार को विरोध दिवस का ऐलान, जानिये क्या है राकेश टिकैत का पूरा प्लान?केंद्र सरकार पर बरसे टिकैतराकेश टिकैत ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द एमएसपी और एक साल तक चले किसान आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों के ऊपर केस लगाए गए हैं उनको वापिस लिए जाएं। राकेश टिकैत ने आगे कहा है कि भारत सरकार ने दिल्ली में जो भी वादा किया है उसे पूरा करें। हम चुनाव से अलग हैं हमारा एक मत है हम भी किसी को दे देंगे। मैं किसी का समर्थन नहीं कर रहा। जनता सरकार से ख़ुश होगी तो उन्हें वोट देगी, नाराज़ होगी तो किसी और को वोट देगी।Farmers Protest Update : 31 जनवरी को देशभर में ‘विश्वासघात दिवस’ मनाएंगे किसान, UP में भाजपा की बढ़ सकती है टेंशनसरकार और किसानों का क्या था कमिटमेंटगौरतलब है कि सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने एक साल से लंबे वक्त तक आंदोलन किया। गुरुपर्व के दिन पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में किसानों से माफी मांगते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया था। इसके बाद भी किसान आंदोलन से उठने को तैयार नहीं थे। किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार से एमएसपी, किसानों के मुकदमें वापस लेने की मांग की थी। जिसके बाद केंद्र सरकार ने एक प्रपोजल किसानों के पास भेजा था। जिसमें एमएसपी पर कमेटी बनाने की बात कही थी। सरकार ने कहा जैसे ही आंदोलन वापस होगा, जिस विभाग ने केस दर्ज किया है, वह अपने आप केस वापस ले लेंगे।किसानों का विरोध प्रदर्शन आजNavbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : sanyukt kisan morcha vishwasghat diwas farmers protest updates against modi governmentHindi News from Navbharat Times, TIL Network
