
इसी अफसर के अनुसार, “मजीठिया अपनी मजबूत छवि को बनाए रखना चाहते हैं” और इसलिए “उनके स्वर्ण मंदिर की यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली गईं”।
ड्रग्स केस में फरारी काट रहे शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का एक फोटो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वह इसमें गुरुद्वारे में दिखे। कहा जा रहा है कि यह तस्वीर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की है। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। साथ ही यह भी किसी को नहीं मालूम है कि मजीठिया कहां हैं।
दरअसल, मजीठिया को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस: NDPS) ऐक्ट के तहत बुक किए जाने के लगभग एक हफ्ते बाद यह फोटो रविवार (दो जनवरी, 2022) को वायरल हो गया। पंजाब में इस तस्वीर ने मानो सियासी तूफान सा खड़ा कर दिया।
मजीठिया को अरेस्ट करने में नाकाम रहने के लिए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार पर हमला किया गया था और पुलिस अधिकारी इस बात पर विभाजित दिखाई दिए कि तस्वीरें नई थी या पुरानी।
पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि तस्वीरें “वास्तविक और हाल की मालूम पड़ती होती हैं” और “इस बात की सबसे अधिक संभावना थी कि मजीठिया स्वर्ण मंदिर गए थे”।
इसी अफसर के अनुसार, “मजीठिया अपनी मजबूत छवि को बनाए रखना चाहते हैं” और इसलिए “उनके स्वर्ण मंदिर की यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली गईं”।
शिअद की आईटी विंग प्रमुख नछत्तर सिंह ने कहा कि मजीठिया 31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात करीब 1 बजे स्वर्ण मंदिर गए थे। उनका यह दौरा पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा मंदिर में दर्शन करने से डेढ़ घंटे पहले का था। बता दें कि बादल परिवार हर साल नए वर्ष पर वहां दर्शन के लिए जाता है।
हालांकि, पंजाब पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तस्वीरें “पुरानी” थीं और इसके सबूत उनमें देखे जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा, “हमारे द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, मजीठिया की तस्वीरों में उनका स्वर्ण मंदिर परिसर में गुरुद्वारा गुरबख्श सिंह और दुखबंझनी बेरी का दौरा है। तस्वीरों के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह एक जनवरी की रात को क्लिक की गईं। पर गुरुद्वारा गुरबख्श सिंह का कालीन एक जनवरी को अलग रंग का था, न कि उस रंग का जो तस्वीरों में दिख रहा है”।
उन्होंने आगे बताया, “इसके अलावा दुखबंजानी बेरी की तस्वीरों में विवरण मेल नहीं खाते। तस्वीरें पुरानी हैं। साथ ही तस्वीरों में दिख रही मजीठिया की दाढ़ी उतनी सफेद नहीं है।”
पहले अधिकारी (जिन्होंने तर्क दिया कि तस्वीरें हाल ही की होने की संभावना है) ने कहा, “मजीठिया ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जो बाद में उन पर उल्टा पड़ जाए। वह पुरानी तस्वीरों को हाल की तस्वीरों के रूप में पेश नहीं करना चाहेंगे, क्योंकि इससे उनके समर्थकों के बीच उनकी छवि खराब होगी।”
वरिष्ठ अकाली नेता विरसा सिंह वाल्तोहा ने भी कहा कि मजीठिया की तस्वीरें “हाल की” थीं। उनके मुताबिक, “इससे पहले मजीठिया बादल परिवार के साथ नववर्ष पर मत्था टेका करते थे। लेकिन इन तस्वीरों में वह अकेले हैं।”
यूथ अकाली दल के फेसबुक पेज पर फोटो अपलोड होने के बाद पंजाब पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है। कहा जाता है कि कई पुलिस टीमों ने अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू इलाके में मजीठिया के घर सहित विभिन्न स्थानों का दौरा किया है।
मोहाली की एक अदालत ने जब मजीठिया की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी, तब उन्होंने (20 दिसंबर की रात को ड्रग मामले में मामला दर्ज किया गया था) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई पांच जनवरी को करेगा।
आप के पंजाब के सह-प्रभारी और दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा ने रविवार को मुख्यमंत्री चन्नी पर मजीठिया की तस्वीरें ऑनलाइन सामने आने के बाद भी “जानबूझकर गिरफ्तार नहीं करने” का आरोप लगाया।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू भी मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रहे हैं और उनका कहना है कि केवल शिअद नेता के खिलाफ मामला दर्ज करना ही काफी नहीं है। शिअद ने मजीठिया के खिलाफ मामले को ‘झूठा’ और ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है।
पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फोर्स मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच जनवरी को फिरोजपुर की यात्रा पर केंद्रित है। उनके अनुसार, “सब कुछ पीएम की यात्रा पर और लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट की पृष्ठभूमि में सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्रित है। यह अभी सर्वोपरि है।”
इसी अफसर के अनुसार, “मजीठिया अपनी मजबूत छवि को बनाए रखना चाहते हैं” और इसलिए “उनके स्वर्ण मंदिर की यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली गईं”। ड्रग्स केस में फरारी काट रहे शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का एक फोटो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वह इसमें गुरुद्वारे में दिखे। कहा जा रहा है कि यह तस्वीर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की है। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। साथ ही यह भी किसी को नहीं मालूम है कि मजीठिया कहां हैं। दरअसल, मजीठिया को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस: NDPS) ऐक्ट के तहत बुक किए जाने के लगभग एक हफ्ते बाद यह फोटो रविवार (दो जनवरी, 2022) को वायरल हो गया। पंजाब में इस तस्वीर ने मानो सियासी तूफान सा खड़ा कर दिया। मजीठिया को अरेस्ट करने में नाकाम रहने के लिए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार पर हमला किया गया था और पुलिस अधिकारी इस बात पर विभाजित दिखाई दिए कि तस्वीरें नई थी या पुरानी। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि तस्वीरें “वास्तविक और हाल की मालूम पड़ती होती हैं” और “इस बात की सबसे अधिक संभावना थी कि मजीठिया स्वर्ण मंदिर गए थे”। इसी अफसर के अनुसार, “मजीठिया अपनी मजबूत छवि को बनाए रखना चाहते हैं” और इसलिए “उनके स्वर्ण मंदिर की यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली गईं”। शिअद की आईटी विंग प्रमुख नछत्तर सिंह ने कहा कि मजीठिया 31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात करीब 1 बजे स्वर्ण मंदिर गए थे। उनका यह दौरा पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा मंदिर में दर्शन करने से डेढ़ घंटे पहले का था। बता दें कि बादल परिवार हर साल नए वर्ष पर वहां दर्शन के लिए जाता है। हालांकि, पंजाब पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तस्वीरें “पुरानी” थीं और इसके सबूत उनमें देखे जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा, “हमारे द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, मजीठिया की तस्वीरों में उनका स्वर्ण मंदिर परिसर में गुरुद्वारा गुरबख्श सिंह और दुखबंझनी बेरी का दौरा है। तस्वीरों के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह एक जनवरी की रात को क्लिक की गईं। पर गुरुद्वारा गुरबख्श सिंह का कालीन एक जनवरी को अलग रंग का था, न कि उस रंग का जो तस्वीरों में दिख रहा है”। उन्होंने आगे बताया, “इसके अलावा दुखबंजानी बेरी की तस्वीरों में विवरण मेल नहीं खाते। तस्वीरें पुरानी हैं। साथ ही तस्वीरों में दिख रही मजीठिया की दाढ़ी उतनी सफेद नहीं है।” पहले अधिकारी (जिन्होंने तर्क दिया कि तस्वीरें हाल ही की होने की संभावना है) ने कहा, “मजीठिया ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जो बाद में उन पर उल्टा पड़ जाए। वह पुरानी तस्वीरों को हाल की तस्वीरों के रूप में पेश नहीं करना चाहेंगे, क्योंकि इससे उनके समर्थकों के बीच उनकी छवि खराब होगी।” वरिष्ठ अकाली नेता विरसा सिंह वाल्तोहा ने भी कहा कि मजीठिया की तस्वीरें “हाल की” थीं। उनके मुताबिक, “इससे पहले मजीठिया बादल परिवार के साथ नववर्ष पर मत्था टेका करते थे। लेकिन इन तस्वीरों में वह अकेले हैं।” यूथ अकाली दल के फेसबुक पेज पर फोटो अपलोड होने के बाद पंजाब पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है। कहा जाता है कि कई पुलिस टीमों ने अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू इलाके में मजीठिया के घर सहित विभिन्न स्थानों का दौरा किया है। मोहाली की एक अदालत ने जब मजीठिया की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी, तब उन्होंने (20 दिसंबर की रात को ड्रग मामले में मामला दर्ज किया गया था) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई पांच जनवरी को करेगा। आप के पंजाब के सह-प्रभारी और दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा ने रविवार को मुख्यमंत्री चन्नी पर मजीठिया की तस्वीरें ऑनलाइन सामने आने के बाद भी “जानबूझकर गिरफ्तार नहीं करने” का आरोप लगाया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू भी मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रहे हैं और उनका कहना है कि केवल शिअद नेता के खिलाफ मामला दर्ज करना ही काफी नहीं है। शिअद ने मजीठिया के खिलाफ मामले को ‘झूठा’ और ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फोर्स मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच जनवरी को फिरोजपुर की यात्रा पर केंद्रित है। उनके अनुसार, “सब कुछ पीएम की यात्रा पर और लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट की पृष्ठभूमि में सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्रित है। यह अभी सर्वोपरि है।”
