
Pandit Pradeep Mishra Tears Controversy : कथा वाचक प्रदीप मिश्रा की आंखों में आंसू के बाद एमपी की राजनीति में भूचाल आ गया है। डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बाबा से कहा कि आपकी कृपा से ही सरकार में है। इसके बाद कई सवाल उठने लगे हैं। कुर्सी पर सीएम के रहते बाबा राज्य की सरकार क्यों चला रहे?
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अब सवाल है कि जनता ने सरकार को जनादेश दिया है। कुर्सी पर सीएम में बैठे हैं, पर सरकार बाबा की कृपा से कैसे चल रही है। क्या जनता के वोट से ज्यादा ताकत बाबा में है कि पूरी सरकार एक कार्यक्रम रद्द होने के बाद नतमस्तक हो गई है। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती कि प्रदेश के गृह मंत्री कह रहे हैं कि यह सरकार आपकी कृपा से चल रही है। एमपी की आबादी आठ करोड़ से अधिक है। फिर दो-चार लाख अनुयायियों वाले बाबा सरकार के लिए महत्वपूर्ण क्यों हैं। यह सिर्फ बीजेपी की स्थिति नहीं, कांग्रेस के शासनकाल में भी बाबाओं का दखल रहा है।
MP News : महाराज कोई दिक्कत नहीं, आपकी कृपा से ही सरकार चल रही… किससे निवेदन कर रहे एमपी के गृह मंत्री
कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की आंखों में आंसू से एमपी में सियासी उबाल आ गया है। ये शिव पुराण के कार्यक्रम रद्द होने के बाद आए थे। आंसू में इतनी ताकत थी कि शिवराज सिंह चौहान विरोधियों के साथ-साथ अपने लोगों के निशाने पर भी आ गए। कांग्रेस के तेवर को देखते हुए डैमेज कंट्रोल की जुगत में सबसे पहले एमपी के गृह मंत्री लगे। उन्होंने बाबा के सामने सरकार को सरेंडर करवा दिया। इसके बावजूद बाबा के समर्थन में बीजेपी के अंदर से ही आवाज उठने लगे। पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने शिवराज सिंह चौहान से तीखे सवाल किए और सीहोर में अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
कथा वाचक के आंखों में आंसू, कैलाश विजयवर्गीय की चिट्ठी… तीखे सवालों का जवाब देंगे शिवराज सिंह चौहान?
इसके बाद मैहर के बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने भी शिवपुराण रद्द होने पर प्रशासन पर सवाल उठाए। चारों से घिरने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान को भी चुप्पी तोड़नी पड़ी। सीहोर वाले बाबा से सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी बात की है। सीएम ने उनसे पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं। इस पर पंडित मिश्रा ने कहा कि सब ठीक है। कथा सुनने के लिए आप भी पधारें। सीएम ने जवाब दिया कि समय मिलते ही आऊंगा।
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बाबा के लिए पूरी व्यवस्था
बाबा की अहमियत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि विवाद के बाद सीएम को उनसे बात करनी पड़ी है। सीहोर कलेक्टर और एसपी उनकी चरणों में जाकर नतमस्तक हुए हैं। बाबा के लिए अब कथा स्थल पर सारी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। 24 घंटे के अंदर उनके लिए 30 हजार स्क्वायर फीट का पंडाल बना दिया गया है। साथ ही 24 घंटे वहां बिजली की व्यवस्था की गई है।
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बाबा के समर्थन में कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस भी बाबा के पाले में खुलकर उतर गई है। पूरे विवाद के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं का एक दल बाबा से मिलने के लिए भेज दिया। इस दल में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक शामिल थे। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने जमकर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।
बाबाओं को अहमियत क्यों
राजनीति में दखल रखने वाले बाबा प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आते हैं। इनका अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा-खासा वर्चस्व होता है। इसी का फायदा ये लोग उठाते हैं। सरकार भी इन्हें नाराज नहीं करना चाहती है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले सीएम शिवराज ने प्रदेश में पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया था। इसमें नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कंप्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत थे। इसे लेकर तत्कालीन सरकार पर सवाल भी उठे थे।
कांग्रेस की सरकार में भी बाबाओं को भाव
सियासी मौसम को भांपते हुए चुनाव से पहले कंप्यूटर बाबा ने पाला बदल लिया था। कमलनाथ की सरकार में कंप्यूटर बाबा को खूब भाव मिला। राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया। इसके साथ ही मिर्ची बाबा को भी तवज्जो मिली। हाल ही में मिर्ची बाबा जब अनशन कर रहे थे तो कमलनाथ तुड़वाया है।
अपने हिसाब से चुनावों के दौरान ये बाबा लोग अलग-अलग पार्टियों के लिए वोट भी मांगते हैं। कई खुलकर सामने आ जाते हैं तो कई पर्दे के पीछे से खेल करते रहते हैं। एमपी की राजनीति में बाबाओं का दखल कुछ ज्यादा ही हैं। ऐसे में सवाल तो उठेगा ही कि जब बाबा की कृपा से सरकार चल रही है तो जनता की जरूरत क्या है।
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Web Title : pubic mandate and cm on chair why baba is running madhya pradesh government know inside story
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Pandit Pradeep Mishra Tears Controversy : कथा वाचक प्रदीप मिश्रा की आंखों में आंसू के बाद एमपी की राजनीति में भूचाल आ गया है। डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बाबा से कहा कि आपकी कृपा से ही सरकार में है। इसके बाद कई सवाल उठने लगे हैं। कुर्सी पर सीएम के रहते बाबा राज्य की सरकार क्यों चला रहे?भोपाल : महाराज दंडवत, प्रणाम, आपकी कृपा से ही सरकार चल रही है, सरकार आपकी ही है… मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा तीन दिन पहले इसी अंदाज में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से बात करते हुए आए थे। इसके बाद तो एमपी में सियासी बवाल शुरू हो गई। बाबा से अपनेपन दिखाने की होड़ मच गई। सरकार से लेकर संगठन तक के लोग एक बाबा के समर्थन में उतर आए। क्या एक बाबा इतने पावरफुल हैं कि एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान को भी उनकी खैरियत पूछनी पड़ी है। सीहोर जिले के कलेक्टर और एसपी तो कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के पैरों पर नतमस्तक हो गए।अब सवाल है कि जनता ने सरकार को जनादेश दिया है। कुर्सी पर सीएम में बैठे हैं, पर सरकार बाबा की कृपा से कैसे चल रही है। क्या जनता के वोट से ज्यादा ताकत बाबा में है कि पूरी सरकार एक कार्यक्रम रद्द होने के बाद नतमस्तक हो गई है। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती कि प्रदेश के गृह मंत्री कह रहे हैं कि यह सरकार आपकी कृपा से चल रही है। एमपी की आबादी आठ करोड़ से अधिक है। फिर दो-चार लाख अनुयायियों वाले बाबा सरकार के लिए महत्वपूर्ण क्यों हैं। यह सिर्फ बीजेपी की स्थिति नहीं, कांग्रेस के शासनकाल में भी बाबाओं का दखल रहा है।MP News : महाराज कोई दिक्कत नहीं, आपकी कृपा से ही सरकार चल रही… किससे निवेदन कर रहे एमपी के गृह मंत्रीकथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की आंखों में आंसू से एमपी में सियासी उबाल आ गया है। ये शिव पुराण के कार्यक्रम रद्द होने के बाद आए थे। आंसू में इतनी ताकत थी कि शिवराज सिंह चौहान विरोधियों के साथ-साथ अपने लोगों के निशाने पर भी आ गए। कांग्रेस के तेवर को देखते हुए डैमेज कंट्रोल की जुगत में सबसे पहले एमपी के गृह मंत्री लगे। उन्होंने बाबा के सामने सरकार को सरेंडर करवा दिया। इसके बावजूद बाबा के समर्थन में बीजेपी के अंदर से ही आवाज उठने लगे। पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने शिवराज सिंह चौहान से तीखे सवाल किए और सीहोर में अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।कथा वाचक के आंखों में आंसू, कैलाश विजयवर्गीय की चिट्ठी… तीखे सवालों का जवाब देंगे शिवराज सिंह चौहान?इसके बाद मैहर के बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने भी शिवपुराण रद्द होने पर प्रशासन पर सवाल उठाए। चारों से घिरने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान को भी चुप्पी तोड़नी पड़ी। सीहोर वाले बाबा से सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी बात की है। सीएम ने उनसे पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं। इस पर पंडित मिश्रा ने कहा कि सब ठीक है। कथा सुनने के लिए आप भी पधारें। सीएम ने जवाब दिया कि समय मिलते ही आऊंगा।UP Chunav 2022: मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज ने अखिलेश को बताया ‘दंगेश’, बोले- आज के औरंगजेब हैंबाबा के लिए पूरी व्यवस्थाबाबा की अहमियत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि विवाद के बाद सीएम को उनसे बात करनी पड़ी है। सीहोर कलेक्टर और एसपी उनकी चरणों में जाकर नतमस्तक हुए हैं। बाबा के लिए अब कथा स्थल पर सारी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। 24 घंटे के अंदर उनके लिए 30 हजार स्क्वायर फीट का पंडाल बना दिया गया है। साथ ही 24 घंटे वहां बिजली की व्यवस्था की गई है।Madhya Pradesh : सीएम के कार्यक्रम में दिग्गजों को कुर्सी नहीं, दो लाज बचाकर निकले, गृह मंत्री गुस्से में पीछे बैठे, कांग्रेस ने लिए मजेबाबा के समर्थन में कांग्रेसवहीं, कांग्रेस भी बाबा के पाले में खुलकर उतर गई है। पूरे विवाद के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं का एक दल बाबा से मिलने के लिए भेज दिया। इस दल में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक शामिल थे। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने जमकर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।बाबाओं को अहमियत क्योंराजनीति में दखल रखने वाले बाबा प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आते हैं। इनका अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा-खासा वर्चस्व होता है। इसी का फायदा ये लोग उठाते हैं। सरकार भी इन्हें नाराज नहीं करना चाहती है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले सीएम शिवराज ने प्रदेश में पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया था। इसमें नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कंप्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत थे। इसे लेकर तत्कालीन सरकार पर सवाल भी उठे थे।कांग्रेस की सरकार में भी बाबाओं को भावसियासी मौसम को भांपते हुए चुनाव से पहले कंप्यूटर बाबा ने पाला बदल लिया था। कमलनाथ की सरकार में कंप्यूटर बाबा को खूब भाव मिला। राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया। इसके साथ ही मिर्ची बाबा को भी तवज्जो मिली। हाल ही में मिर्ची बाबा जब अनशन कर रहे थे तो कमलनाथ तुड़वाया है।अपने हिसाब से चुनावों के दौरान ये बाबा लोग अलग-अलग पार्टियों के लिए वोट भी मांगते हैं। कई खुलकर सामने आ जाते हैं तो कई पर्दे के पीछे से खेल करते रहते हैं। एमपी की राजनीति में बाबाओं का दखल कुछ ज्यादा ही हैं। ऐसे में सवाल तो उठेगा ही कि जब बाबा की कृपा से सरकार चल रही है तो जनता की जरूरत क्या है।Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : pubic mandate and cm on chair why baba is running madhya pradesh government know inside storyHindi News from Navbharat Times, TIL Network