मोदी जी के राज में हुए 3000 दंगे

मोदी जी के राज में हुए 3000 दंगे

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नई दिल्लीः रागिनी ने अरविंद केजरीवाल पर भी सवालिया निशान लगाए। उनका कहना था कि शाहीन बाग के प्रोटेस्ट के दौरान गोली चलाने वाला कपिल पहले आप में था बाद में वो बीजेपी में चला गया।

रामनवमी और हनुमान जयंती के बाद हुए दंगों को लेकर कांग्रेस की रागिनी नायक ने पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना था कि गृह मंत्रालय मोदी के राज में 3 हजार दंगे हुए। लेकिन पीएम का मुंह नहीं खुलता। उनके राज में 2987 दंगे हो चुके हैं। उधर इसके जवाब में बीजेपी के गौरव भाटिया ने कांग्रेस को चरित्रहीन बता दिया।

रागिनी का कहना था कि मोदी राज के दौरान 2016 में 862, 2017 में 720 , 2018 में 512, 2019 में 407, 2020 में 486 दंगे हुए। उनका कहना था कि सरकार की नाक के नीचे दंगे हो रहे हैं लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर भी सवालिया निशान लगाए। उनका कहना था कि शाहीन बाग के प्रोटेस्ट के दौरान गोली चलाने वाला कपिल पहले आप में था बाद में वो बीजेपी में चला गया। इसका क्या मतलब निकाला जाए। दोनों में सांठगांठ दिखती है। दोनों के लिए ही दिल्ली का सुलगना फायदेमंद लगता है।

गौरव भाटिया ने कहा कि मध्य प्रदेश को जलाने के लिए दिग्विजय सिंह ने जो झूठा ट्वीट किया था उसका क्या। उस पर कांग्रेस क्या कहने वाली है। पूरा देश पूछ रहा है कि मतलूद अहमद 15 दिन बाद गिरफ्तार नहीं हुआ वो कहीं राजस्थान कांग्रेस के दफ्तर में तो नहीं बैठा है। उनका कहना था कि कांग्रेस का क्या कहना है। ये तो हैं ही चरित्रहीन।

कांग्रेस प्रवक्ता @NayakRagini ने दिल्ली दंगों के मामलों पर आप और बीजेपी को घेरा, भाजपा प्रवक्ता @gauravbh ने दिया ये जवाब #Dangal #DelhiNews (@chitraaum) pic.twitter.com/g8Pfq7wjn0

— AajTak (@aajtak) April 18, 2022

उनका कहना था कि हमने कानूनी तौर पर बुलडोजर चलाया। अपराधी जब घर लौटकर घर गए तो उन्हें अपना आशियाना ही नहीं मिला। अशोक गहलोत को इस बात पर बड़ा दर्द हुआ। राहुल गांधी भी बुलडोजर चलाने पर आंसू बहाते देखे गए। उनका कहना था कि हम एक्शन लेते हैं तो इन्हें दर्द होता है। दिल्ली दंगों के बाद सोनिया गांधी के बयान का जिक्र करते हुए गौरव ने कहा कि उनका कहना था कि ये आरपार की लड़ाई है। यानि वो मुस्लिमों से जवाब देने को कह रही थीं।

हालांकि, एंकर चित्रा त्रिपाठी का सवाल था कि हम बुलडोजर ही चलाते जाएंगे तो कानून का क्या होगा। कोर्ट क्या काम करेंगी। उनका कहना था कि आरोपियों को अदालत में पेश करना ही कानून सम्मत होता है। लेकिन यहां तो सरकार पहले ही फैसला कर रही है। क्या लोकतंत्र में इसे सही करार दिया जा सकता है।

नई दिल्लीः रागिनी ने अरविंद केजरीवाल पर भी सवालिया निशान लगाए। उनका कहना था कि शाहीन बाग के प्रोटेस्ट के दौरान गोली चलाने वाला कपिल पहले आप में था बाद में वो बीजेपी में चला गया। रामनवमी और हनुमान जयंती के बाद हुए दंगों को लेकर कांग्रेस की रागिनी नायक ने पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना था कि गृह मंत्रालय मोदी के राज में 3 हजार दंगे हुए। लेकिन पीएम का मुंह नहीं खुलता। उनके राज में 2987 दंगे हो चुके हैं। उधर इसके जवाब में बीजेपी के गौरव भाटिया ने कांग्रेस को चरित्रहीन बता दिया। रागिनी का कहना था कि मोदी राज के दौरान 2016 में 862, 2017 में 720 , 2018 में 512, 2019 में 407, 2020 में 486 दंगे हुए। उनका कहना था कि सरकार की नाक के नीचे दंगे हो रहे हैं लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर भी सवालिया निशान लगाए। उनका कहना था कि शाहीन बाग के प्रोटेस्ट के दौरान गोली चलाने वाला कपिल पहले आप में था बाद में वो बीजेपी में चला गया। इसका क्या मतलब निकाला जाए। दोनों में सांठगांठ दिखती है। दोनों के लिए ही दिल्ली का सुलगना फायदेमंद लगता है। गौरव भाटिया ने कहा कि मध्य प्रदेश को जलाने के लिए दिग्विजय सिंह ने जो झूठा ट्वीट किया था उसका क्या। उस पर कांग्रेस क्या कहने वाली है। पूरा देश पूछ रहा है कि मतलूद अहमद 15 दिन बाद गिरफ्तार नहीं हुआ वो कहीं राजस्थान कांग्रेस के दफ्तर में तो नहीं बैठा है। उनका कहना था कि कांग्रेस का क्या कहना है। ये तो हैं ही चरित्रहीन। कांग्रेस प्रवक्ता @NayakRagini ने दिल्ली दंगों के मामलों पर आप और बीजेपी को घेरा, भाजपा प्रवक्ता @gauravbh ने दिया ये जवाब #Dangal #DelhiNews (@chitraaum) pic.twitter.com/g8Pfq7wjn0— AajTak (@aajtak) April 18, 2022 उनका कहना था कि हमने कानूनी तौर पर बुलडोजर चलाया। अपराधी जब घर लौटकर घर गए तो उन्हें अपना आशियाना ही नहीं मिला। अशोक गहलोत को इस बात पर बड़ा दर्द हुआ। राहुल गांधी भी बुलडोजर चलाने पर आंसू बहाते देखे गए। उनका कहना था कि हम एक्शन लेते हैं तो इन्हें दर्द होता है। दिल्ली दंगों के बाद सोनिया गांधी के बयान का जिक्र करते हुए गौरव ने कहा कि उनका कहना था कि ये आरपार की लड़ाई है। यानि वो मुस्लिमों से जवाब देने को कह रही थीं। हालांकि, एंकर चित्रा त्रिपाठी का सवाल था कि हम बुलडोजर ही चलाते जाएंगे तो कानून का क्या होगा। कोर्ट क्या काम करेंगी। उनका कहना था कि आरोपियों को अदालत में पेश करना ही कानून सम्मत होता है। लेकिन यहां तो सरकार पहले ही फैसला कर रही है। क्या लोकतंत्र में इसे सही करार दिया जा सकता है।

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