रूस ने रिहायशी इलाके में फॉस्‍फोरस बम बरसाए…यूक्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्की का बड़ा दावा

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नवभारत टाइम्स | Updated: Mar 25, 2022, 4:41 AM

नाटो में शामिल देश ब्रिटेन जल्‍द यूक्रेन को 6000 मिसाइल देने का ऐलान कर सकता है। यूक्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की ने दावा किया है कि रूस अब हमलों के लिए फॉस्‍फोरस बमों का इस्‍तेमाल कर रहा है। नाटो के चीफ जेंस स्टोलटनबर्ग ने रूस को चेताया है कि अगर उसने केमिकल या जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया तो इस युद्ध का दायरा बदल जाएगा।

Ukraine-President-Zelensky
रूस पर रासायनिक हथियार से हमले का आरोप
कीव: रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia Ukraine War) को जहां एक महीना हो गया है, वहीं जंग में नए-नए भीषण हथियारों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन नाटो की बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की (Ukraine President Zelensky) ने दावा किया कि रूस अब हमलों के लिए फॉस्‍फोरस बम (Phosphorous Bomb) का इस्तेमाल कर रहा है। गुरुवार सुबह रूस ने फॉस्फोरस बमों का इस्तेमाल किया। इस हमले में एक बार फिर कई बड़े लोग और बच्चे मारे गए। जेलेंस्की ने नाटो से सैन्य सहायता देने की भी मांग की। नाटो का सदस्य ब्रिटेन जल्द यूक्रेन को 6,000 अतिरिक्त मिसाइलें देने का ऐलान कर सकता है।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने बुधवार रात पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क इलाके में गोलाबारी की थी। स्थानीय गवर्नर के हवाले से कीव इंडिपेंडेंट ने कहा है कि रूस ने इस हमले में मिसाइलों के साथ फॉस्‍फोरस बम का इस्तेमाल किया। रूस आगे नहीं बढ़ पा रहा है, इसलिए हताशा में भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं नाटो के चीफ जेंस स्टोलटनबर्ग ने रूस को चेताया है कि अगर उसने केमिकल या जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया तो इस युद्ध का दायरा बदल जाएगा। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा और उसका व्यापक असर होगा। वहीं यूक्रेन के लोगों पर इसका गंभीर असर होगा।

रासायनिक हमले की तैयारी
यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक काउंसिल ने कहा है कि रूसी सेना रासायनिक हमलों की तैयारी में है। रूसी चैनल अपने दर्शकों को रोज पौराणिक प्रयोगशालाओं के बारे में बता रहे हैं जो कथित तौर पर यूक्रेन में रासायनिक हथियार बनाते हैं। हम इस बात पर जोर देते हैं कि यूक्रेन में ऐसी कोई प्रयोगशाला नहीं है। इससे पहले, रूसी सशस्त्र बलों के विशेषज्ञों ने यूक्रेन में जैविक हथियारों के विकास में अमेरिकी रक्षा विभाग की भागीदारी के नए सबूतों का खुलासा किया। इससे पहले यूक्रेन ने गुरुवार को बंदरगाह शहर मारियुपोल में एक रूसी शिप- ओर्स्क को तबाह करने का भी दावा किया। यह जहाज मारियुपोल में मौजूद रूसी सैनिकों को हथियार पहुंचा रहा था।

क्या होता है फॉस्‍फोरस बम?

फॉस्‍फोरस बम को काफी खतरनाक माना जाता है। ये दो तरह से इंसानी शरीर को सीधे नुकसान देता है। पहला, शरीर झुलस जाता है। दूसरा, इसका धुआं सांस में चला गया तो बीमार कर देता है। वहीं इसके कण भी शरीर के संपर्क में आए तो जख्म देते हैं। अमूमन युद्ध में वाइट फॉसफोरस का इस्तेमाल होता है। इसका जब ऑक्सिजन से मेल होता है तो यह जलने लगता है। इससे गहरा धुआं बनता है।

क्यों होता है इसका इस्तेमाल?
वाइट फॉस्‍फोरस का इस्तेमाल अमूमन खुले इलाके में होता है। चूंकि इससे गहरा धुआं निकलता है इसलिए इससे सेना की मूवमेंट किसी को दिख नहीं पाती। वहीं इन्फ्रारेड विजन के उपकरण भी काम नहीं करते। हथियार ट्रैक करने वाले सिस्टम भी नाकाम हो जाते हैं। इस तरह सेना को ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के हमले से बचाया जाता सकता है।

क्या वाइट फॉस्‍फोरस बैन है?

वाइट फॉस्‍फोरस को केमिकल हथियारों की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया है मगर यूएन ने इसे प्रतिबंधित हथियारों की श्रेणी में रखा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत खुले इलाके में इसका इस्तेमाल गैर कानूनी नहीं मगर रिहायशी आबादी के इलाके में इसका इस्तेमाल बैन है।

क्या पहले कभी इसका इस्तेमाल हुआ है?
माना जाता है कि सबसे पहले वाइट फॉस्‍फोरस को हथियार के रूप में आयरिश राष्ट्रवादियों ने 19वीं सदी में इस्तेमाल किया था। इसी तरह पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भी इसका व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हुआ।

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Web Title : ukraine president zelensky claim that russia using phosphorus bombs in residential areas during war
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Edited by वैभव पांडेय | नवभारत टाइम्स | Updated: Mar 25, 2022, 4:41 AMनाटो में शामिल देश ब्रिटेन जल्‍द यूक्रेन को 6000 मिसाइल देने का ऐलान कर सकता है। यूक्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की ने दावा किया है कि रूस अब हमलों के लिए फॉस्‍फोरस बमों का इस्‍तेमाल कर रहा है। नाटो के चीफ जेंस स्टोलटनबर्ग ने रूस को चेताया है कि अगर उसने केमिकल या जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया तो इस युद्ध का दायरा बदल जाएगा।रूस पर रासायनिक हथियार से हमले का आरोपकीव: रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia Ukraine War) को जहां एक महीना हो गया है, वहीं जंग में नए-नए भीषण हथियारों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन नाटो की बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की (Ukraine President Zelensky) ने दावा किया कि रूस अब हमलों के लिए फॉस्‍फोरस बम (Phosphorous Bomb) का इस्तेमाल कर रहा है। गुरुवार सुबह रूस ने फॉस्फोरस बमों का इस्तेमाल किया। इस हमले में एक बार फिर कई बड़े लोग और बच्चे मारे गए। जेलेंस्की ने नाटो से सैन्य सहायता देने की भी मांग की। नाटो का सदस्य ब्रिटेन जल्द यूक्रेन को 6,000 अतिरिक्त मिसाइलें देने का ऐलान कर सकता है।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने बुधवार रात पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क इलाके में गोलाबारी की थी। स्थानीय गवर्नर के हवाले से कीव इंडिपेंडेंट ने कहा है कि रूस ने इस हमले में मिसाइलों के साथ फॉस्‍फोरस बम का इस्तेमाल किया। रूस आगे नहीं बढ़ पा रहा है, इसलिए हताशा में भारी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं नाटो के चीफ जेंस स्टोलटनबर्ग ने रूस को चेताया है कि अगर उसने केमिकल या जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया तो इस युद्ध का दायरा बदल जाएगा। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा और उसका व्यापक असर होगा। वहीं यूक्रेन के लोगों पर इसका गंभीर असर होगा।रासायनिक हमले की तैयारीयूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक काउंसिल ने कहा है कि रूसी सेना रासायनिक हमलों की तैयारी में है। रूसी चैनल अपने दर्शकों को रोज पौराणिक प्रयोगशालाओं के बारे में बता रहे हैं जो कथित तौर पर यूक्रेन में रासायनिक हथियार बनाते हैं। हम इस बात पर जोर देते हैं कि यूक्रेन में ऐसी कोई प्रयोगशाला नहीं है। इससे पहले, रूसी सशस्त्र बलों के विशेषज्ञों ने यूक्रेन में जैविक हथियारों के विकास में अमेरिकी रक्षा विभाग की भागीदारी के नए सबूतों का खुलासा किया। इससे पहले यूक्रेन ने गुरुवार को बंदरगाह शहर मारियुपोल में एक रूसी शिप- ओर्स्क को तबाह करने का भी दावा किया। यह जहाज मारियुपोल में मौजूद रूसी सैनिकों को हथियार पहुंचा रहा था।क्या होता है फॉस्‍फोरस बम?फॉस्‍फोरस बम को काफी खतरनाक माना जाता है। ये दो तरह से इंसानी शरीर को सीधे नुकसान देता है। पहला, शरीर झुलस जाता है। दूसरा, इसका धुआं सांस में चला गया तो बीमार कर देता है। वहीं इसके कण भी शरीर के संपर्क में आए तो जख्म देते हैं। अमूमन युद्ध में वाइट फॉसफोरस का इस्तेमाल होता है। इसका जब ऑक्सिजन से मेल होता है तो यह जलने लगता है। इससे गहरा धुआं बनता है।क्यों होता है इसका इस्तेमाल?वाइट फॉस्‍फोरस का इस्तेमाल अमूमन खुले इलाके में होता है। चूंकि इससे गहरा धुआं निकलता है इसलिए इससे सेना की मूवमेंट किसी को दिख नहीं पाती। वहीं इन्फ्रारेड विजन के उपकरण भी काम नहीं करते। हथियार ट्रैक करने वाले सिस्टम भी नाकाम हो जाते हैं। इस तरह सेना को ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के हमले से बचाया जाता सकता है।क्या वाइट फॉस्‍फोरस बैन है?वाइट फॉस्‍फोरस को केमिकल हथियारों की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया है मगर यूएन ने इसे प्रतिबंधित हथियारों की श्रेणी में रखा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत खुले इलाके में इसका इस्तेमाल गैर कानूनी नहीं मगर रिहायशी आबादी के इलाके में इसका इस्तेमाल बैन है।क्या पहले कभी इसका इस्तेमाल हुआ है?माना जाता है कि सबसे पहले वाइट फॉस्‍फोरस को हथियार के रूप में आयरिश राष्ट्रवादियों ने 19वीं सदी में इस्तेमाल किया था। इसी तरह पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भी इसका व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हुआ।Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : ukraine president zelensky claim that russia using phosphorus bombs in residential areas during warHindi News from Navbharat Times, TIL Network

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