बेरोजगारी का दंश
रोजगार न होने या न मिलने की चुनौती भीतर ही भीतर धरातल पर तरह-तरह की बदहवासियों को हवा दे रही है। बच्चे को स्कूल भेजना है, पैसा नहीं है, बेटी को विदा करना है, पैसा नहीं है, दवा-इलाज कराना है, पैसा नहीं है! फिर करें तो क्या करें? सोचिए, पूरे घर के सामने किस तरह…Continue Reading