बजट भाषण में CM का शायराना अंदाज:चुनावी बजट में जयराम ठाकुर ने वोटरों को लुभाने के लिए हर बड़ी घोषणा के बाद कहे 25 से ज्यादा शेयर

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शिमला8 घंटे पहले

हिमाचल प्रदेश में चुनावी साल में CM जयराम ठाकुर ने अपने वर्तमान कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने शायराना अंदाज में आम जनता को लुभाने वाली योजनाओं की घोषणा की। वहीं, विपक्ष के नेताओं मुकेश अग्निहोत्री और आशा कुमारी पर भी कटाक्ष किए। मुख्यमंत्री ने पूरे बजट भाषण में 25 से ज्यादा शेयर पढ़े।

मुख्यमंत्री ने भाषण के शुरू में ही अपनी सरकार के चार साल को समृद्धि से भरपूर दिखाने के लिए कहा :

  • सेवा और सिद्धि के, चार साल समृद्धि के।।
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी साल में मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने बजट भाषण में शायराना अंदाज में अपनी नई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने विधायक निधि बढ़ाने, उज्ज्वला योजना, किसानों-बागवानों के लिए घोषणा के दौरान शायरी कही। इतना ही नहीं गाय की महिमा का भी गुणगान किया।

  • मिट्‌टी से कुछ ख्वाब उगाने आया हूं, मैं धरती का गीत सुनाने आया हूं।। चार दिये तेरी दहलीज पर है रोशन, एक दिया मैं और जलाने आया हूं।।
  • मेहनत इतनी खामोशी से करो, कि तुम्हारी कामयाबी शोर मचा दे।।
  • लहरों की खामोशी को, समंदर की बेबसी न समझ।। जितनी गहराई अंदर है, बाहर उतना तूफान बाकी है।।
  • माताओं, बहनों के चेहरों पर है मुस्कुराहट, ‘गृहिणी सुविधा योजना’ खुशी लेकर आई है। हिमाचल बना देश का पहला धुआं मुक्त प्रदेश, जन सहयोग से हमने यह मंजिल पाई है।।
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री व अन्य विधायक।

विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री व अन्य विधायक।

सामाजिक सुरक्षा यानी बुढ़ापा पेंशन, वृद्धा पेंशन और महिलाओं के लिए नई घोषणाएं करने के बात शायराना अंदाज में अपनी बात खत्म की।

  • आओ मिलकर मुट्‌ठी बांधें, धरती का शृंगार करें।। खेतों में हरियाली रोपें, समृद्धि का संचार करें।।
  • जब गाय नहीं होगी तो गोपाल कहां होंगे, इस दुनिया में हम सब खुशहाल कहां होंगे।।
  • जहां सजदा हो बुजुर्गों का, वहां की तहजीब अच्छी है।। जहां लांघे न कोई मर्यादा, वो दहलीज अच्छी है।।
  • सबकी दुआओं को दिल में उतारना है, हमको तो हर घर का चूल्हा संवारना है।।
  • नारी शक्ति है, सम्मान है, नारी गौरव है, अभिमान है। नारी ने ही यह रचा विधान है, नारी को शत-शत प्रणाम है।।
बजट भाषण के दौरान हिमाचल विधानसभा में मौजूद विधायकगण।

बजट भाषण के दौरान हिमाचल विधानसभा में मौजूद विधायकगण।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के लिए घोषणाओं को भी अपनी शायरी में बयान किया।

  • न जाने वो बच्चा किस खिलौने से खेलता है, जो दिन भर बाजार में खिलौने बेचता है।
  • किताब और कलम हर बच्चे की तकदीर बदलेगी, ज्ञान की ज्योति हिमाचल की तस्वीर बदलेगी।।
  • जिसमें कौशल होगा, वही कुशल होगा, कौशल के दम पर ही, वह सफल होगा।।
  • पूरा और निशुल्क इलाज मिले सबको, यह था हमारा सपना। आयुष्मान भारत, हिमकेयर से, बना स्वस्थ हिमाचल अपना।।
  • कुछ नहीं होगा अंधेरों को बुरा कहने से, अपने हिस्से का दिया खुद ही जलाना होगा।।
  • सोचने से कहां मिलते हैं, तमन्नाओं के शहर। चलना भी जरूरी है, मंजिल पाने के लिए।।
मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान विरोधी नेताओं के नाम लेकर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान विरोधी नेताओं के नाम लेकर निशाना साधा।

बच्चों के लिए लॉन्च की गई योजनाओं के साथ, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, जल मिशन से संबंधित ऐलान को शायरी से सराबोर किया। वहीं जल जीवन मिशन पर घोषणा के दौरान उन्होंने लोगों से पानी बचाने की अपील भी की।

  • पानी हूं, जल हूं, नीर हूं मैं, मुझे यूं न व्यर्थ बहाया करो। बन पड़े जितना भी तुमसे, मुझे उतना ही तुम बचाया करो।।
  • इस नदी की धार से ठंडी हवा आती तो है, इस अंधेरे से इक सड़क उस भोर तक जाती तो है।।
  • मुश्किलें कितनी भी हों सामने हमारे, हिम्मत हो तो रास्ता जरूर निकलता है। जो खुद पे यकीन करके आगे बढ़ते हैं, उनके साथ ही यह जमाना चलता है।।
  • सबकी तकदीर बदलनी है, राह दिखानी है तुझे। हाथों की लकीरों तक नहीं, उनसे आगे जाना है तुझे।।
  • उनका यही है दावा कि सूरज उन्हीं का है, मेरी यह जिद है कि सबको एक ही धूप मिले।।
  • जब तक संस्कृति है तब तक आस है, बिना संस्कृति के मानव का विनाश है।।
  • ख्वाब देखे हैं, हौसले भी जिंदा हैं। हम वो हैं जिनसे, मुश्किलें भी शर्मिंदा हैं।।
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री के कई शेयरों पर खूब तालियां भी बजीं।

भाषण के दौरान मुख्यमंत्री के कई शेयरों पर खूब तालियां भी बजीं।

चुनावी साल में पेश किए गए इस बजट में विपक्ष के नेता मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे। वहीं उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल के कामों का भी बखान किया।

  • हर एक का दर्द सीने में ले के चलते हैं, सब के दामन को खुशियों से भरते हैं। यही चाहते हैं न रहे कोई जरूरतमंद, दिन रात सब के सपनों को पूरा करते हैं।
  • वक्त की हलचल से घबराते नहीं हम, हमारे हौसले मुश्किलों में पलते हैं। रुकते नहीं हम बाधाओं को देखकर, हम वो चिराग हैं जो आंधियों में जलते हैं।।
  • जो रुक गया उसे क्या मुश्किलों से, जो चलेगा उसी के पांव में छाला होगा। औरों का दर्द होना चाहिए सीने में, जो जलेगा उसी दिये से उजाला होगा।।

गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर अक्सर अपने-अपने कार्यकाल में विधानसभा में खूब शेरो शायरी करते रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह भी अपने बजट भाषण में शेयरो-शायरी करते रहे हैं।

शिमला8 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोहिमाचल प्रदेश में चुनावी साल में CM जयराम ठाकुर ने अपने वर्तमान कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने शायराना अंदाज में आम जनता को लुभाने वाली योजनाओं की घोषणा की। वहीं, विपक्ष के नेताओं मुकेश अग्निहोत्री और आशा कुमारी पर भी कटाक्ष किए। मुख्यमंत्री ने पूरे बजट भाषण में 25 से ज्यादा शेयर पढ़े।मुख्यमंत्री ने भाषण के शुरू में ही अपनी सरकार के चार साल को समृद्धि से भरपूर दिखाने के लिए कहा :सेवा और सिद्धि के, चार साल समृद्धि के।।बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी साल में मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने बजट भाषण में शायराना अंदाज में अपनी नई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने विधायक निधि बढ़ाने, उज्ज्वला योजना, किसानों-बागवानों के लिए घोषणा के दौरान शायरी कही। इतना ही नहीं गाय की महिमा का भी गुणगान किया।मिट्‌टी से कुछ ख्वाब उगाने आया हूं, मैं धरती का गीत सुनाने आया हूं।। चार दिये तेरी दहलीज पर है रोशन, एक दिया मैं और जलाने आया हूं।।मेहनत इतनी खामोशी से करो, कि तुम्हारी कामयाबी शोर मचा दे।।लहरों की खामोशी को, समंदर की बेबसी न समझ।। जितनी गहराई अंदर है, बाहर उतना तूफान बाकी है।।माताओं, बहनों के चेहरों पर है मुस्कुराहट, ‘गृहिणी सुविधा योजना’ खुशी लेकर आई है। हिमाचल बना देश का पहला धुआं मुक्त प्रदेश, जन सहयोग से हमने यह मंजिल पाई है।।विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री व अन्य विधायक।सामाजिक सुरक्षा यानी बुढ़ापा पेंशन, वृद्धा पेंशन और महिलाओं के लिए नई घोषणाएं करने के बात शायराना अंदाज में अपनी बात खत्म की।आओ मिलकर मुट्‌ठी बांधें, धरती का शृंगार करें।। खेतों में हरियाली रोपें, समृद्धि का संचार करें।।जब गाय नहीं होगी तो गोपाल कहां होंगे, इस दुनिया में हम सब खुशहाल कहां होंगे।।जहां सजदा हो बुजुर्गों का, वहां की तहजीब अच्छी है।। जहां लांघे न कोई मर्यादा, वो दहलीज अच्छी है।।सबकी दुआओं को दिल में उतारना है, हमको तो हर घर का चूल्हा संवारना है।।नारी शक्ति है, सम्मान है, नारी गौरव है, अभिमान है। नारी ने ही यह रचा विधान है, नारी को शत-शत प्रणाम है।।बजट भाषण के दौरान हिमाचल विधानसभा में मौजूद विधायकगण।मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के लिए घोषणाओं को भी अपनी शायरी में बयान किया।न जाने वो बच्चा किस खिलौने से खेलता है, जो दिन भर बाजार में खिलौने बेचता है।किताब और कलम हर बच्चे की तकदीर बदलेगी, ज्ञान की ज्योति हिमाचल की तस्वीर बदलेगी।।जिसमें कौशल होगा, वही कुशल होगा, कौशल के दम पर ही, वह सफल होगा।।पूरा और निशुल्क इलाज मिले सबको, यह था हमारा सपना। आयुष्मान भारत, हिमकेयर से, बना स्वस्थ हिमाचल अपना।।कुछ नहीं होगा अंधेरों को बुरा कहने से, अपने हिस्से का दिया खुद ही जलाना होगा।।सोचने से कहां मिलते हैं, तमन्नाओं के शहर। चलना भी जरूरी है, मंजिल पाने के लिए।।मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान विरोधी नेताओं के नाम लेकर निशाना साधा।बच्चों के लिए लॉन्च की गई योजनाओं के साथ, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, जल मिशन से संबंधित ऐलान को शायरी से सराबोर किया। वहीं जल जीवन मिशन पर घोषणा के दौरान उन्होंने लोगों से पानी बचाने की अपील भी की।पानी हूं, जल हूं, नीर हूं मैं, मुझे यूं न व्यर्थ बहाया करो। बन पड़े जितना भी तुमसे, मुझे उतना ही तुम बचाया करो।।इस नदी की धार से ठंडी हवा आती तो है, इस अंधेरे से इक सड़क उस भोर तक जाती तो है।।मुश्किलें कितनी भी हों सामने हमारे, हिम्मत हो तो रास्ता जरूर निकलता है। जो खुद पे यकीन करके आगे बढ़ते हैं, उनके साथ ही यह जमाना चलता है।।सबकी तकदीर बदलनी है, राह दिखानी है तुझे। हाथों की लकीरों तक नहीं, उनसे आगे जाना है तुझे।।उनका यही है दावा कि सूरज उन्हीं का है, मेरी यह जिद है कि सबको एक ही धूप मिले।।जब तक संस्कृति है तब तक आस है, बिना संस्कृति के मानव का विनाश है।।ख्वाब देखे हैं, हौसले भी जिंदा हैं। हम वो हैं जिनसे, मुश्किलें भी शर्मिंदा हैं।।भाषण के दौरान मुख्यमंत्री के कई शेयरों पर खूब तालियां भी बजीं।चुनावी साल में पेश किए गए इस बजट में विपक्ष के नेता मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे। वहीं उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल के कामों का भी बखान किया।हर एक का दर्द सीने में ले के चलते हैं, सब के दामन को खुशियों से भरते हैं। यही चाहते हैं न रहे कोई जरूरतमंद, दिन रात सब के सपनों को पूरा करते हैं।वक्त की हलचल से घबराते नहीं हम, हमारे हौसले मुश्किलों में पलते हैं। रुकते नहीं हम बाधाओं को देखकर, हम वो चिराग हैं जो आंधियों में जलते हैं।।जो रुक गया उसे क्या मुश्किलों से, जो चलेगा उसी के पांव में छाला होगा। औरों का दर्द होना चाहिए सीने में, जो जलेगा उसी दिये से उजाला होगा।।गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर अक्सर अपने-अपने कार्यकाल में विधानसभा में खूब शेरो शायरी करते रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह भी अपने बजट भाषण में शेयरो-शायरी करते रहे हैं।

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