क्या गोवा में मुख्यमंत्री पद पर रार है:सस्पेंस के बीच गवर्नर से मिलने पहुंचे भाजपा MLA राणे, सावंत ने की विधायकों संग इमरजेंसी मीटिंग

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गोवा में भाजपा का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब मतगणना के दो दिन बाद भी केंद्रीय प्रबंधन की तरफ से स्पष्ट नहीं किया गया है। इस बीच शनिवार को वरिष्ठ भाजपा नेता विश्वजीत राणे के अचानक गोवा के गवर्नर पीएस श्रीधरन पिल्लई से मिलने के लिए पहुंचने पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

इस चर्चा के बीच ही मौजूदा सीएम प्रमोद सावंत ने अपना दावा मजबूत करने के लिए विजयी विधायकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक होटल में की गई इस मीटिंग में भाजपा के जीतने वाले 20 में से 17 विधायक शामिल हुए हैं।

पर्रिकर के निधन के बाद दावेदारों में थे राणे
मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद राणे भी गोवा में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शुमार थे। हालांकि उन्होंने बाद में गवर्नर से मीटिंग को महज निजी मुलाकात बताते हुए खुद को भाजपा का अनुशासित सैनिक बताकर अटकलों को खत्म करने की कोशिश भी की। उन्होंने कहा, महामहिम के साथ मेरी निजी मुलाकात थी। मैं उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में आने के लिए आमंत्रित करने और अपनी जीत पर उनका आशीर्वाद लेने गया था। कुछ भी राजनीतिक नहीं था।

उन्होंने स्थानीय मीडिया चैनलों पर इस मुलाकात का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। हालांकि राणे की सफाई के बावजूद भाजपा के सूत्रों ने अंदरखाने कुछ चलने के संकेत दिए हैं।

मतगणना के बाद बुलाई गई विजेता विधायकों की बैठक का नेतृत्व प्रमोद सावंत ने ही किया था।

मतगणना के बाद बुलाई गई विजेता विधायकों की बैठक का नेतृत्व प्रमोद सावंत ने ही किया था।

सावंत को दोबारा CM बनाने के सवाल पर टाल गए थे जवाब
विश्वजीत राणे से बृहस्पतिवार को मतगणना परिणाम आने के बाद जब पूछा गया था कि क्या प्रमोद सावंद मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रहेंगे तो वह इसका जवाब टाल गए थे। जोर देने पर उन्होंने महज इतना कहा था कि यह एक संवेदनशील सवाल है और वह इस बारे में कुछ नहीं जानते। उनके इस सवाल का जवाब टालने पर ही राजनीतिक विश्लेषकों ने दाल में कुछ न कुछ काला होने का इशारा किया था।

महज 650 वोट से सीट बचा पाए हैं सावंत
प्रमोद सावंत मुख्यमंत्री होने के बावजूद सैंकलिन विधानसभा सीट पर अपनी जीत बेहद मुश्किल से हासिल कर पाए हैं। उन्हें कांग्रेस कैंडिडेट धर्मेश सगलानी से महज 650 वोट के मार्जिन से जीत मिली है। उधर, सावंत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे राणे खुद तो वापलोई सीट से जीते ही हैं, साथ ही उनकी पत्नी ने भी पोइनिम सीट से जीत हासिल की है।

भाजपा बहुमत से महज एक सीट दूर रही है
गोवा में सभी 40 सीटों पर कैंडिडेट उतारने वाली भाजपा ने विपक्ष में कांग्रेस व गोवा फारवर्ड पार्टी का गठबंधन होने के बावजूद 20 सीट जीती हैं। वह बहुमत से महज 1 सीट दूर रही है, लेकिन उसे महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) और 3 निर्दलीय विधायकों का साथ मिल गया है। इसके बावजूद भाजपा ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री चेहरे पर सस्पेंस बनाए रखा है।

Hindi NewsNationalGOA Political Update | BJP MLA Vishwajeet Rane Meet Governor, Pramod Sawant Emergency Meeting MLAगोवा में भाजपा का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब मतगणना के दो दिन बाद भी केंद्रीय प्रबंधन की तरफ से स्पष्ट नहीं किया गया है। इस बीच शनिवार को वरिष्ठ भाजपा नेता विश्वजीत राणे के अचानक गोवा के गवर्नर पीएस श्रीधरन पिल्लई से मिलने के लिए पहुंचने पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।इस चर्चा के बीच ही मौजूदा सीएम प्रमोद सावंत ने अपना दावा मजबूत करने के लिए विजयी विधायकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक होटल में की गई इस मीटिंग में भाजपा के जीतने वाले 20 में से 17 विधायक शामिल हुए हैं।पर्रिकर के निधन के बाद दावेदारों में थे राणेमनोहर पर्रिकर के निधन के बाद राणे भी गोवा में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शुमार थे। हालांकि उन्होंने बाद में गवर्नर से मीटिंग को महज निजी मुलाकात बताते हुए खुद को भाजपा का अनुशासित सैनिक बताकर अटकलों को खत्म करने की कोशिश भी की। उन्होंने कहा, महामहिम के साथ मेरी निजी मुलाकात थी। मैं उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में आने के लिए आमंत्रित करने और अपनी जीत पर उनका आशीर्वाद लेने गया था। कुछ भी राजनीतिक नहीं था।उन्होंने स्थानीय मीडिया चैनलों पर इस मुलाकात का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। हालांकि राणे की सफाई के बावजूद भाजपा के सूत्रों ने अंदरखाने कुछ चलने के संकेत दिए हैं।मतगणना के बाद बुलाई गई विजेता विधायकों की बैठक का नेतृत्व प्रमोद सावंत ने ही किया था।सावंत को दोबारा CM बनाने के सवाल पर टाल गए थे जवाबविश्वजीत राणे से बृहस्पतिवार को मतगणना परिणाम आने के बाद जब पूछा गया था कि क्या प्रमोद सावंद मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रहेंगे तो वह इसका जवाब टाल गए थे। जोर देने पर उन्होंने महज इतना कहा था कि यह एक संवेदनशील सवाल है और वह इस बारे में कुछ नहीं जानते। उनके इस सवाल का जवाब टालने पर ही राजनीतिक विश्लेषकों ने दाल में कुछ न कुछ काला होने का इशारा किया था।महज 650 वोट से सीट बचा पाए हैं सावंतप्रमोद सावंत मुख्यमंत्री होने के बावजूद सैंकलिन विधानसभा सीट पर अपनी जीत बेहद मुश्किल से हासिल कर पाए हैं। उन्हें कांग्रेस कैंडिडेट धर्मेश सगलानी से महज 650 वोट के मार्जिन से जीत मिली है। उधर, सावंत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे राणे खुद तो वापलोई सीट से जीते ही हैं, साथ ही उनकी पत्नी ने भी पोइनिम सीट से जीत हासिल की है।भाजपा बहुमत से महज एक सीट दूर रही हैगोवा में सभी 40 सीटों पर कैंडिडेट उतारने वाली भाजपा ने विपक्ष में कांग्रेस व गोवा फारवर्ड पार्टी का गठबंधन होने के बावजूद 20 सीट जीती हैं। वह बहुमत से महज 1 सीट दूर रही है, लेकिन उसे महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) और 3 निर्दलीय विधायकों का साथ मिल गया है। इसके बावजूद भाजपा ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री चेहरे पर सस्पेंस बनाए रखा है।

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