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अहमदाबाद6 घंटे पहलेलेखक: विमुक्त दवे
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मूल रूप से गुजरात के हिमांशु पटेल के स्वामित्व वाली कंपनी है ट्राइटन।
इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में ‘टेस्ला’ कंपनी का नाम फेमस है। लेकिन, अब एक गुजराती बिजनेसमैन टेस्ला को टक्कर देने की तैयारी में है। गुजरात के बोरसाड के मूल निवासी हिमांशु पटेल के स्वामित्व वाली यूएस-आधारित कंपनी ‘ट्राइटन’ गुजरात में इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करेगी। गुजरात सरकार और कंपनी के बीच आगामी 4 अप्रैल को एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
भास्कर के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में हिमांशु पटेल ने कहा कि हम अपना पहला मेन्यूफैक्चरिंग प्लांट गुजरात में लगाएंगे। हमारी यहां 600 एकड़ से अधिक की जमीन पर 30 लाख वर्ग फुट अत्याधुनिक मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट बनाने की योजना है।

कुछ समय पहले हिमांशु पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की थी।
कारों के साथ ट्रक बनाने की भी योजना
हिमांशु पटेल ने ने आगे बताया कि कुछ समय पहले मैं अपनी टीम के साथ गुजरात आया था। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात हुई थी। उनके साथ इलेक्ट्रिक कारों के मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। गुजरात में हम कारों के साथ ट्रक बनाने का भी सोच रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों का नेटवर्क भी स्थापित करेंगे : हिमांशु पटेल
हिमांशु पटेल ने कहा कि हम गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों का नेटवर्क भी स्थापित करेंगे। हम जल्द ही बैटरी निर्माताओं, ऑटोपार्ट्स निर्माताओं और चार्जिंग स्टेशन निर्माताओं के साथ बातचीत करेंगे। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक ट्राइटन इलेक्ट्रिक कार, ट्रक और डिफेंस व्हीकल बनाती है।

कंपनी प्लांट में 2000 करोड़ रुपए का निवेश करने है, जिससे 25,000 नए रोजगार पैदा होंगे।
ट्राइटन ने पहले तेलंगाना के साथ समझौता किया था
कंपनी ने जून 2021 में एक मेन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए तेलंगाना सरकार के साथ भी एक समझौता किया था। हालांकि, किन्हीं कारणों से बात आगे नहीं बढ़ सकी थी। कंपनी तेलंगाना में प्लांट के लिए 2000 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली थी। इससे 25,000 नए रोजगार पैदा हो सकते थे। हालांकि, अब अब यह मौका गुजरात के हाथ लगने वाला है।
कौन हैं हिमांशु पटेल?
गुजरात में आणंद के पास बोरसाड के मूल निवासी हिमांशु पटेल लगभग डेढ़ दशक से अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में शामिल हैं। उन्होंने दो कंपनियां ट्राइटन सोलर और ट्राइटन ईवी बनाई हैं। ट्राइटन सोलर पावर स्टोरेज और बैटरी पर काम करती है, जबकि ट्राइटन ईवी इलेक्ट्रिक कार और ट्रक बनाती है। इसके अलावा वे कांग्रेसमैन पीट सेशंस के क्रिप्टो टेक्निकल वर्किंग ग्रुप के लिए मुख्य आर्थिक विकास और ऊर्जा सलाहकार भी हैं।
Hindi NewsLocalGujaratAn American Gujarati Owned Company Triton Will Build An Electric Car In Gujarat To Compete Teslaअहमदाबाद6 घंटे पहलेलेखक: विमुक्त दवेकॉपी लिंकमूल रूप से गुजरात के हिमांशु पटेल के स्वामित्व वाली कंपनी है ट्राइटन।इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में ‘टेस्ला’ कंपनी का नाम फेमस है। लेकिन, अब एक गुजराती बिजनेसमैन टेस्ला को टक्कर देने की तैयारी में है। गुजरात के बोरसाड के मूल निवासी हिमांशु पटेल के स्वामित्व वाली यूएस-आधारित कंपनी ‘ट्राइटन’ गुजरात में इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करेगी। गुजरात सरकार और कंपनी के बीच आगामी 4 अप्रैल को एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।भास्कर के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में हिमांशु पटेल ने कहा कि हम अपना पहला मेन्यूफैक्चरिंग प्लांट गुजरात में लगाएंगे। हमारी यहां 600 एकड़ से अधिक की जमीन पर 30 लाख वर्ग फुट अत्याधुनिक मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट बनाने की योजना है।कुछ समय पहले हिमांशु पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की थी।कारों के साथ ट्रक बनाने की भी योजनाहिमांशु पटेल ने ने आगे बताया कि कुछ समय पहले मैं अपनी टीम के साथ गुजरात आया था। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात हुई थी। उनके साथ इलेक्ट्रिक कारों के मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। गुजरात में हम कारों के साथ ट्रक बनाने का भी सोच रहे हैं।इलेक्ट्रिक वाहनों का नेटवर्क भी स्थापित करेंगे : हिमांशु पटेलहिमांशु पटेल ने कहा कि हम गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों का नेटवर्क भी स्थापित करेंगे। हम जल्द ही बैटरी निर्माताओं, ऑटोपार्ट्स निर्माताओं और चार्जिंग स्टेशन निर्माताओं के साथ बातचीत करेंगे। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक ट्राइटन इलेक्ट्रिक कार, ट्रक और डिफेंस व्हीकल बनाती है।कंपनी प्लांट में 2000 करोड़ रुपए का निवेश करने है, जिससे 25,000 नए रोजगार पैदा होंगे।ट्राइटन ने पहले तेलंगाना के साथ समझौता किया थाकंपनी ने जून 2021 में एक मेन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए तेलंगाना सरकार के साथ भी एक समझौता किया था। हालांकि, किन्हीं कारणों से बात आगे नहीं बढ़ सकी थी। कंपनी तेलंगाना में प्लांट के लिए 2000 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली थी। इससे 25,000 नए रोजगार पैदा हो सकते थे। हालांकि, अब अब यह मौका गुजरात के हाथ लगने वाला है।कौन हैं हिमांशु पटेल?गुजरात में आणंद के पास बोरसाड के मूल निवासी हिमांशु पटेल लगभग डेढ़ दशक से अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में शामिल हैं। उन्होंने दो कंपनियां ट्राइटन सोलर और ट्राइटन ईवी बनाई हैं। ट्राइटन सोलर पावर स्टोरेज और बैटरी पर काम करती है, जबकि ट्राइटन ईवी इलेक्ट्रिक कार और ट्रक बनाती है। इसके अलावा वे कांग्रेसमैन पीट सेशंस के क्रिप्टो टेक्निकल वर्किंग ग्रुप के लिए मुख्य आर्थिक विकास और ऊर्जा सलाहकार भी हैं।