पंजाब में खाली खजाने का असर:मान सरकार ने श्मशान-कब्रिस्तान समेत 11 तरह की ग्रांट खर्च करने पर रोक लगाई, कांग्रेस सरकार ने की थी जारी

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चंडीगढ़3 घंटे पहले

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पंजाब की CM भगंवत मान की अगुवाई वाली AAP सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए जारी ग्रांट खर्च करने पर रोक लगा दी है। इनमें श्मशान और कब्रिस्तान समेत 11 तरह के विकास कार्यों के लिए ग्रांट जारी की गई थी। ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त निदेशक ने आदेश दिया कि 2021-22 में जारी ग्रांटों को खर्च न किया जाए। चुनाव नजदीक आने पर CM चरणजीत चन्नी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने धड़ाधड़ यह ग्रांट जारी की थी। सरकार अब इन ग्रांटों को वापस खजाने में वापस मंगवा सकती है। मान सरकार के इस आदेश से गांवों में विकास ठप होने के आसार हैं।

यह ग्रांट नहीं की जा सकेगी खर्च
संयुक्त निदेशक के पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा जारी की जाने वाली विवेकी ग्रांट शामिल है। इसके अलावा तरल वैस्ट मैनेजमेंट स्कीम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम, गांवों में यादगारी गेट बनाने, श्मशान घाट, ईसाई और मुस्लिम भाईचारे के लिए कब्रिस्तान और कब्रगाह के विकास के लिए जगह अलॉट करने, गांवों में सोलर लाइट, इन्फ्रास्ट्रक्चर गैप फिलिंग, 50% से ज्यादा आबादी वाले गांवों के आधुनिकीकरण और कम्युनिटी सेंटर की ग्रांट शामिल है। इसके अलावा बाकी किसी भी तरह की ग्रांट को खर्च करने पर रोक लगाई गई है।

गांवों के साथ नगर कौंसिल वाले कस्बों पर भी असर
मान सरकार के इस फैसले का सिर्फ गांवों ही नहीं बल्कि उन कस्बों पर भी असर पड़ेगा, जहां नगर कौंसिलें हैं। यह आदेश सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (विकास), जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अफसर और जिला विकास एवं पंचायत अफसरों को यह आदेश दिए गए हैं।

Hindi NewsLocalPunjabBhagwat Mann Punjab Government Decision: Ban On Shamshan Kabristan Grant Expenditureचंडीगढ़3 घंटे पहलेकॉपी लिंकपंजाब की CM भगंवत मान की अगुवाई वाली AAP सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए जारी ग्रांट खर्च करने पर रोक लगा दी है। इनमें श्मशान और कब्रिस्तान समेत 11 तरह के विकास कार्यों के लिए ग्रांट जारी की गई थी। ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त निदेशक ने आदेश दिया कि 2021-22 में जारी ग्रांटों को खर्च न किया जाए। चुनाव नजदीक आने पर CM चरणजीत चन्नी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने धड़ाधड़ यह ग्रांट जारी की थी। सरकार अब इन ग्रांटों को वापस खजाने में वापस मंगवा सकती है। मान सरकार के इस आदेश से गांवों में विकास ठप होने के आसार हैं।यह ग्रांट नहीं की जा सकेगी खर्चसंयुक्त निदेशक के पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा जारी की जाने वाली विवेकी ग्रांट शामिल है। इसके अलावा तरल वैस्ट मैनेजमेंट स्कीम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम, गांवों में यादगारी गेट बनाने, श्मशान घाट, ईसाई और मुस्लिम भाईचारे के लिए कब्रिस्तान और कब्रगाह के विकास के लिए जगह अलॉट करने, गांवों में सोलर लाइट, इन्फ्रास्ट्रक्चर गैप फिलिंग, 50% से ज्यादा आबादी वाले गांवों के आधुनिकीकरण और कम्युनिटी सेंटर की ग्रांट शामिल है। इसके अलावा बाकी किसी भी तरह की ग्रांट को खर्च करने पर रोक लगाई गई है।गांवों के साथ नगर कौंसिल वाले कस्बों पर भी असरमान सरकार के इस फैसले का सिर्फ गांवों ही नहीं बल्कि उन कस्बों पर भी असर पड़ेगा, जहां नगर कौंसिलें हैं। यह आदेश सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (विकास), जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अफसर और जिला विकास एवं पंचायत अफसरों को यह आदेश दिए गए हैं।

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