पंजाब CM के करारे तंज:पेंशन बंद करने के विरोध पर बोले मान, कार्ड भेज MLA बनने को कहा था क्या, कोई और काम कर लेते

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चंडीगढ़3 घंटे पहलेलेखक: मनीष शर्मा

पंजाब में ‘वन MLA-वन पेंशन’ लागू करने के बाद कुछ पूर्व विधायक इसका विरोध कर रहे हैं। इन्हें अब पंजाब के CM भगवंत मान ने खरी-खरी सुनाई है। मानसा पहुंचे मान ने कहा कि हमने कोई कार्ड भेजकर नहीं बुलाया था कि MLA बनो। कोई और काम कर लो। मान ने कहा कि ‘वन MLA-वन पेंशन’ के फैसले से पूरे देश में डिबेट चल रही है। पंजाब में 8 से 9 पेंशन ली जा रही थी। फैमिली को भी पेंशन मिल रही। इलाज, रेल और हवाई जहाज का सफर मुफ्त मिल रहा है। इसलिए सरकारी खजाने को जो जंजीरें डाली गई हैं, इन्हें खोलना है। इसके बाद इसे पब्लिक के लिए खोलना है।

दिल्ली को लेकर उठे विवाद पर दी सफाई
मान ने कहा कि कुछ कांग्रेसी कह रहे हैं कि दिल्ली में MLA का वेतन 2.50 लाख है। पहले उसे कम करो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में MLA का बेसिक वेतन 12 हजार है। भत्ते डालकर 54 हजार मिलता है। जो MLA नहीं रहते, उनकी पेंशन 7200 रुपए है।

पूर्व कांग्रेस विधायक ने जताया था विरोध
लुधियाना की गिल विधानसभा सीट से विधायक रहे कुलदीप वैद ने फैसले का विरोध जताया था। उन्होंने कहा कि इससे खर्चे पूरे करने मुश्किल हो जाएंगे। परिवार के खर्च के साथ उनसे मिलने आने वाले लोगों के लिए भी चाय-पानी का बंदोबस्त करना पड़ता है। वैसे भी, पेंशन एक ही बार मिलती है। आगे समें इंक्रीमेंट लगते हैं। वैद ने यहां तक कहा था कि मान सरकार के फैसले से भ्रष्टाचार बढ़ेगा।

5 बार CM रहे बादल अब बोले- पेंशन हो ही क्यों?, राजनीति सिर्फ सेवा
पंजाब में 5 बार CM रहे प्रकाश सिंह बादल भी पेंशन मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। बादल ने कहा कि राजनीति एक सेवा है। MLA बनने के बाद किसी को पेंशन नहीं लेनी चाहिए। मैंने तो पहले दिन ही मना कर दिया। अगर पेंशन लेता तो करीब 6 लाख मिलती। MLA बनना एक सेवा है, कोई नौकरी नहीं। पेंशन विधायकों का अधिकार नहीं है। यह बात अलग है कि लंबे समय तक पंजाब में CM रहे बादल ने कभी पेंशन पर रोक के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

चंडीगढ़3 घंटे पहलेलेखक: मनीष शर्माकॉपी लिंकवीडियोपंजाब में ‘वन MLA-वन पेंशन’ लागू करने के बाद कुछ पूर्व विधायक इसका विरोध कर रहे हैं। इन्हें अब पंजाब के CM भगवंत मान ने खरी-खरी सुनाई है। मानसा पहुंचे मान ने कहा कि हमने कोई कार्ड भेजकर नहीं बुलाया था कि MLA बनो। कोई और काम कर लो। मान ने कहा कि ‘वन MLA-वन पेंशन’ के फैसले से पूरे देश में डिबेट चल रही है। पंजाब में 8 से 9 पेंशन ली जा रही थी। फैमिली को भी पेंशन मिल रही। इलाज, रेल और हवाई जहाज का सफर मुफ्त मिल रहा है। इसलिए सरकारी खजाने को जो जंजीरें डाली गई हैं, इन्हें खोलना है। इसके बाद इसे पब्लिक के लिए खोलना है।दिल्ली को लेकर उठे विवाद पर दी सफाईमान ने कहा कि कुछ कांग्रेसी कह रहे हैं कि दिल्ली में MLA का वेतन 2.50 लाख है। पहले उसे कम करो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में MLA का बेसिक वेतन 12 हजार है। भत्ते डालकर 54 हजार मिलता है। जो MLA नहीं रहते, उनकी पेंशन 7200 रुपए है।पूर्व कांग्रेस विधायक ने जताया था विरोधलुधियाना की गिल विधानसभा सीट से विधायक रहे कुलदीप वैद ने फैसले का विरोध जताया था। उन्होंने कहा कि इससे खर्चे पूरे करने मुश्किल हो जाएंगे। परिवार के खर्च के साथ उनसे मिलने आने वाले लोगों के लिए भी चाय-पानी का बंदोबस्त करना पड़ता है। वैसे भी, पेंशन एक ही बार मिलती है। आगे समें इंक्रीमेंट लगते हैं। वैद ने यहां तक कहा था कि मान सरकार के फैसले से भ्रष्टाचार बढ़ेगा।5 बार CM रहे बादल अब बोले- पेंशन हो ही क्यों?, राजनीति सिर्फ सेवापंजाब में 5 बार CM रहे प्रकाश सिंह बादल भी पेंशन मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। बादल ने कहा कि राजनीति एक सेवा है। MLA बनने के बाद किसी को पेंशन नहीं लेनी चाहिए। मैंने तो पहले दिन ही मना कर दिया। अगर पेंशन लेता तो करीब 6 लाख मिलती। MLA बनना एक सेवा है, कोई नौकरी नहीं। पेंशन विधायकों का अधिकार नहीं है। यह बात अलग है कि लंबे समय तक पंजाब में CM रहे बादल ने कभी पेंशन पर रोक के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

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