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शिमलाएक घंटा पहले
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रिज पर गर्मी को भगाने के लिए सोफ्टी की दुकान के बाहर लगी लोगों की भीड़।
हिमाचल प्रदेश में इस बार भयंकर गर्मी पढ़ रही है। इन दिनों तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा चल रहा है। इससे पहाड़ अप्रैल के पहले सप्ताह में ही पसीना-पसीना होने लगे है। शिमला में अप्रैल के पहले सप्ताह में लोग धूप खिलने का इंतजार करते थे, लेकिन इस बार भीषण गर्मी से बचने के लिए लोगों को छाते का सहारा लेना पड़ रहा हैं।
राज्य के 11 शहरों में तापमान 30 डिग्री पार कर गया है। ऊना का तापमान सर्वाधिक 38.8 डिग्री पहुंच गया है। इससे भी चिंता की बात यह है कि आगामी 10 अप्रैल तक बारिश की संभावनाएं दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है। यानी गर्मी का कहर अभी और बढ़ेगा।

शिमला के रिज पर गर्मी से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करते हुए महिला।
लू को लेकर यलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज सुबह ताजा बुलेटिन जारी कर कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सोलन व सिरमौर जिला के कुछ एक क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक चार दिन यानी 8 अप्रैल तक येलो अलर्ट दिया गया है। इसमें खासकर दिन के वक्त लोगों को घर के भीतर रहने की सलाह दी है।
11 शहरों का पारा 30 डिग्री पार
लंबे ड्राई स्पेल के कारण ऊना का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर 34.7 डिग्री, भुंतर 32.5डिग्री, धर्मशाला 33 डिग्री, नाहन 35.3 डिग्री, सोलन 32 डिग्री, कांगड़ा 34.2 डिग्री, मंडी 34 डिग्री, बिलासपुर 36 डिग्री, हमीरपुर 34.8 डिग्री, चंबा 32.8 डिग्री, शिमला 25.2 डिग्री, कल्पा 23.6 डिग्री, कुफरी 19.1 डिग्री और मनाली का 25.2 डिग्री पहुंच गया है।

शिमला के रिज पर चलहकदमी करते हुए सैलानी।
पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की किल्लत शुरू
पहले मार्च और अब अप्रैल की भयंकर गर्मी से पेयजल व सिंचाई स्त्रोतों पर संकट मंडराना शुरू हो गया है। सर्दियों में अच्छी बर्फबारी के बावजूद छोटे नाले सूखने लगे है। इससे किसानों को अभी से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पेयजल के लिए लोग अभी से जूझना शुरू हो गए हैं।
इन फसलों पर पड़ रहा असर
ज्यादातर जल स्रोतों में 10 से 50 फीसदी तक पानी कम हो गया है। शिमला शहर में भी इसी वजह से पानी का संकट गहराना शुरू हो गया है। इसकी मार गेंहू,फूलगोभी, टमाटर, लहसुन, मटर इत्यादि फसलों पर पड़नी शुरू हो गई है।
शिमलाएक घंटा पहलेकॉपी लिंकरिज पर गर्मी को भगाने के लिए सोफ्टी की दुकान के बाहर लगी लोगों की भीड़।हिमाचल प्रदेश में इस बार भयंकर गर्मी पढ़ रही है। इन दिनों तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा चल रहा है। इससे पहाड़ अप्रैल के पहले सप्ताह में ही पसीना-पसीना होने लगे है। शिमला में अप्रैल के पहले सप्ताह में लोग धूप खिलने का इंतजार करते थे, लेकिन इस बार भीषण गर्मी से बचने के लिए लोगों को छाते का सहारा लेना पड़ रहा हैं।राज्य के 11 शहरों में तापमान 30 डिग्री पार कर गया है। ऊना का तापमान सर्वाधिक 38.8 डिग्री पहुंच गया है। इससे भी चिंता की बात यह है कि आगामी 10 अप्रैल तक बारिश की संभावनाएं दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है। यानी गर्मी का कहर अभी और बढ़ेगा।शिमला के रिज पर गर्मी से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करते हुए महिला।लू को लेकर यलो अलर्ट जारीमौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज सुबह ताजा बुलेटिन जारी कर कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सोलन व सिरमौर जिला के कुछ एक क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक चार दिन यानी 8 अप्रैल तक येलो अलर्ट दिया गया है। इसमें खासकर दिन के वक्त लोगों को घर के भीतर रहने की सलाह दी है।11 शहरों का पारा 30 डिग्री पारलंबे ड्राई स्पेल के कारण ऊना का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर 34.7 डिग्री, भुंतर 32.5डिग्री, धर्मशाला 33 डिग्री, नाहन 35.3 डिग्री, सोलन 32 डिग्री, कांगड़ा 34.2 डिग्री, मंडी 34 डिग्री, बिलासपुर 36 डिग्री, हमीरपुर 34.8 डिग्री, चंबा 32.8 डिग्री, शिमला 25.2 डिग्री, कल्पा 23.6 डिग्री, कुफरी 19.1 डिग्री और मनाली का 25.2 डिग्री पहुंच गया है।शिमला के रिज पर चलहकदमी करते हुए सैलानी।पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की किल्लत शुरूपहले मार्च और अब अप्रैल की भयंकर गर्मी से पेयजल व सिंचाई स्त्रोतों पर संकट मंडराना शुरू हो गया है। सर्दियों में अच्छी बर्फबारी के बावजूद छोटे नाले सूखने लगे है। इससे किसानों को अभी से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पेयजल के लिए लोग अभी से जूझना शुरू हो गए हैं।इन फसलों पर पड़ रहा असरज्यादातर जल स्रोतों में 10 से 50 फीसदी तक पानी कम हो गया है। शिमला शहर में भी इसी वजह से पानी का संकट गहराना शुरू हो गया है। इसकी मार गेंहू,फूलगोभी, टमाटर, लहसुन, मटर इत्यादि फसलों पर पड़नी शुरू हो गई है।