![]()
- Hindi News
- National
- High Drama In Calcutta HC As Single Judge Objects To Division Bench Supreme Court CJI News
कोलकाता5 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गांगुली ने अपने ही साथी जजों पर फैसला पलटने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) से गुहार लगाई है। गांगुली ने पत्र लिखकर कहा है कि पिछले कुछ महीनों से मैं जो भी फैसला देता हूं, उसे हाईकोर्ट की डबल बेंच बदल देती है।
गांगुली ने पत्र में आगे लिखा कि एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील ने कहा कि जो फैसला करना है, कर दें। हम उसे डबल बेंच में ले जाकर स्टे करवा लेंगे। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, इसे देखा जाए।

जस्टिस गांगुली ने कहा कि यह मामला न्यायपालिका की गरिमा और जनता के विश्वास से जुड़ा है। इसलिए इस पर संज्ञान लिया जाए।
केस का किया जिक्र
जस्टिस गांगुली ने अपने पत्र में उन केसों का भी जिक्र किया है, जिसके फैसले को डबल बेंच की ओर से पलटा गया। उन्होंने कहा कि 22 नवंबर 2021 को पश्चिम बंगाल के स्कूल सेवा आयोग (SSC) के जरिए कर्मचारियों के ग्रुप डी और सी में भर्ती और शिक्षकों की नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार और धांधली के मामले में मैंने CBI जांच के आदेश दिए, लेकिन उस पर रोक लगा दी गई।
केस 1: 2016 में बंगाल सरकार ने 13,000 नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती निकाली था। इसमें भर्ती के लिए एक पैनल बनाया गया था। आरोप लगा कि इस पैनल ने अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद भी कई भर्तियां की, जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
जस्टिस गांगुली ने आगे कहा- इसी तरह 25 मार्च 2022 को पश्चिम बंगाल के स्कूल सेवा आयोग के मुख्य सलाहकार शांति प्रसाद सिंह की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने का हमने आदेश दिया, जिस पर डबल बेंच ने स्टे लगा दिया।
केस 2: यह मामला भी केस-1 से ही जुड़ा है। कोर्ट ने आरोपी शांति प्रसाद सिंह के संपत्ति का ब्योरा मांगा था, जिसके बाद सिंगल बेंच के फैसले पर डबल बेंच ने कहा कि संपत्ति का ब्योरा सील-बंद लिफाफे में दे सकते हैं और उसे याचिकाकर्ता को दिखाना जरूरी नहीं है।
भ्रष्टाचारियों को मिलेगा बढ़ावा
जस्टिस गांगुली ने कहा कि जिस तरह सिंगल बेंच के फैसले को बिना किसी ठोस वजह बताए स्टे किया रहा है, वो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इससे भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा मिलेगा और सिंगल बेंच के हाथ बंध जाएंगे।
Hindi NewsNationalHigh Drama In Calcutta HC As Single Judge Objects To Division Bench Supreme Court CJI Newsकोलकाता5 घंटे पहलेकॉपी लिंककलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गांगुली ने अपने ही साथी जजों पर फैसला पलटने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) से गुहार लगाई है। गांगुली ने पत्र लिखकर कहा है कि पिछले कुछ महीनों से मैं जो भी फैसला देता हूं, उसे हाईकोर्ट की डबल बेंच बदल देती है।गांगुली ने पत्र में आगे लिखा कि एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील ने कहा कि जो फैसला करना है, कर दें। हम उसे डबल बेंच में ले जाकर स्टे करवा लेंगे। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, इसे देखा जाए।जस्टिस गांगुली ने कहा कि यह मामला न्यायपालिका की गरिमा और जनता के विश्वास से जुड़ा है। इसलिए इस पर संज्ञान लिया जाए।केस का किया जिक्रजस्टिस गांगुली ने अपने पत्र में उन केसों का भी जिक्र किया है, जिसके फैसले को डबल बेंच की ओर से पलटा गया। उन्होंने कहा कि 22 नवंबर 2021 को पश्चिम बंगाल के स्कूल सेवा आयोग (SSC) के जरिए कर्मचारियों के ग्रुप डी और सी में भर्ती और शिक्षकों की नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार और धांधली के मामले में मैंने CBI जांच के आदेश दिए, लेकिन उस पर रोक लगा दी गई।केस 1: 2016 में बंगाल सरकार ने 13,000 नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती निकाली था। इसमें भर्ती के लिए एक पैनल बनाया गया था। आरोप लगा कि इस पैनल ने अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद भी कई भर्तियां की, जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।जस्टिस गांगुली ने आगे कहा- इसी तरह 25 मार्च 2022 को पश्चिम बंगाल के स्कूल सेवा आयोग के मुख्य सलाहकार शांति प्रसाद सिंह की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने का हमने आदेश दिया, जिस पर डबल बेंच ने स्टे लगा दिया।केस 2: यह मामला भी केस-1 से ही जुड़ा है। कोर्ट ने आरोपी शांति प्रसाद सिंह के संपत्ति का ब्योरा मांगा था, जिसके बाद सिंगल बेंच के फैसले पर डबल बेंच ने कहा कि संपत्ति का ब्योरा सील-बंद लिफाफे में दे सकते हैं और उसे याचिकाकर्ता को दिखाना जरूरी नहीं है।भ्रष्टाचारियों को मिलेगा बढ़ावाजस्टिस गांगुली ने कहा कि जिस तरह सिंगल बेंच के फैसले को बिना किसी ठोस वजह बताए स्टे किया रहा है, वो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इससे भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा मिलेगा और सिंगल बेंच के हाथ बंध जाएंगे।