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नई दिल्ली4 घंटे पहले
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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को संसद में देश की सड़कों का रोडमैप सामने रखा। गडकरी ने कहा कि भारत में 2024 तक अमेरिका जैसी सड़कें होंगी। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि देश में 60 किलोमीटर में केवल एक टोल प्लाजा होगा और अगर इसके बीच में कोई है भी तो उसे तीन महीने के अंदर बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर तक दिल्ली से कई शहर 2 घंटे की दूरी पर होंगे। इसके साथ ही श्रीनगर से मुंबई की सड़क से दूरी महज 20 घंटे रह जाएगी। हम उन स्थानीय लोगों को पास प्रदान करेंगे जिनके पास आधार कार्ड है और जो टोल प्लाजा के पास रहते हैं। इसके अलावा, मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि 60 किलोमीटर के भीतर केवल एक टोल प्लाजा होगा और यदि दूसरा टोल प्लाजा है, तो इसे अगले 3 महीनों में बंद कर दिया जाएगा।
8 यात्रियों तक ले जाने वाली कार में 6 एयरबैग होने चाहिए
उन्होंने आगे कहा, ‘हमने यह अनिवार्य कर दिया है कि 8 यात्रियों तक ले जाने वाली प्रत्येक कार में 6 एयरबैग होने चाहिए। इसको लेकर ऑटोमोबाइल उद्योग ने खर्च बढ़ने की शिकायत की है। लेकिन हम गरीब उपभोक्ताओं के जीवन की कीमत पर अमीरों को संरक्षण नहीं देंगे।’
अमेरिका अमीर क्योंकि वहां सड़कें अच्छी
गडकरी बोले- ‘अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन कैनेडी का एक वाक्य मैं हर समय याद रखता हूं- अमेरिका की सड़कें इसलिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका अमीर देश है। अमेरिका इसलिए अमीर है, क्योंकि यहां की सड़कें बहुत अच्छी हैं। 2024 खत्म होने से पहले हिन्दुस्तान का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा, यह मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं।’

ग्रीन हाइवे का आइडिया
गडकरी ने कहा, ‘मेरे साथ तमिलनाडु का एक अच्छा लड़का काम कर रहा है। वर्ल्ड बैंक में काम कर रहा था। बहुत होशियार है। मेरा ही स्टूडेंट था। उसने एक दिन मुझे गूगल पर सड़कें दिखाई और दिल्ली से चेन्नई रेस मार दी।उसने बताया कि कैसे सड़कें कैसे घूमते-घूमते जाती हैं। उसके आइडिया के बाद ग्रीन हाइवे पर काम शुरू किया।’
दिल्ली से 2 घंटे की दूरी पर कई शहर
गडकरी ने कहा कहा कि इस साल दिसंबर से पहले दिल्ली से कई शहर 2 घंटे की दूरी पर होंगे। उन्होंने इसकी लिस्ट गिनाते हुए कहा कि दिल्ली से जयपुर 2 घंटे में, दिल्ली से हरिद्वार 2 घंटे में, दिल्ली से देहरादून 2 घंटे में, दिल्ली से जयपुर 2 घंटे में, दिल्ली से अमृतसर 4 घंटे में, दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में इसी साल दिसंबर से पहले हम संभव कर देंगे।
उन्होंने कहा कि साउथ में भी यह काम चल रहा है। चेन्नई से बेंगलुरु की रोड भी 2 घंटे की हो जाएगी। सड़कों के विकास की यह लिस्ट लंबी है।

कैसे कम हो गई ब्रिज की कीमत
गडकरी ने असम सीएम सर्वानंद सोनोवाल से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा, मैं सोनोवाल के प्रचार में माजुली आया था। सोनोवाल जी मुख्यमंत्री थे। हेलिकॉप्टर में मेरा हाथ दबा-दबाकर बोलते रहे कि आप बस बोल दो। मैंने कहा कि मुझे पता नहीं है कि कॉस्ट कितनी हैं। आप जबर्दस्ती कर रहे हैं। आप बोल दो मैं चुनाव जीतूंगा, नहीं तो मैं हार जाऊंगा। ये लोग नाराज है। उन्होंने मुझे इमोशनल हाथ दबाकर ऐसा डरा दिया कि पब्लिक मीटिंग में गया और मैंने बोल दिया कि माजुली का पुल हम बना देंगे।
जैसे ही मैं आया दिल्ली तो मेरे अधिकारियों ने बताया कि सर आपको पता है यह पुल कितनी कीमत का है। मैंने पूछा कितनी? तो उन्होंने बताया 6 हजार करोड़ का। मैं एकदम डाउन हो गया। मैंने सोचा छह हजार करोड़ एक पुल के लिए कैसे दे दें। लेकिन इस बहाने बहुत अच्छा काम हुआ। हमने सिंगापुर और मलेशिया की टेक्नोलॉजी और बाकी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया।
फिर माजुली आइलैंड का ब्रिज जो 6 हजार करोड़ रुपए का था, उसे 680 करोड़ रुपए में यूपी ब्रिज कॉरपोरेशन को दिया।’
Hindi NewsNationalSaid If The Road Is Good Then People Go From Meerut To Delhi To Eat Ice Cream, By 2024 There Will Be Roads Like America In The Countryनई दिल्ली4 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोकेंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को संसद में देश की सड़कों का रोडमैप सामने रखा। गडकरी ने कहा कि भारत में 2024 तक अमेरिका जैसी सड़कें होंगी। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि देश में 60 किलोमीटर में केवल एक टोल प्लाजा होगा और अगर इसके बीच में कोई है भी तो उसे तीन महीने के अंदर बंद कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर तक दिल्ली से कई शहर 2 घंटे की दूरी पर होंगे। इसके साथ ही श्रीनगर से मुंबई की सड़क से दूरी महज 20 घंटे रह जाएगी। हम उन स्थानीय लोगों को पास प्रदान करेंगे जिनके पास आधार कार्ड है और जो टोल प्लाजा के पास रहते हैं। इसके अलावा, मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि 60 किलोमीटर के भीतर केवल एक टोल प्लाजा होगा और यदि दूसरा टोल प्लाजा है, तो इसे अगले 3 महीनों में बंद कर दिया जाएगा।8 यात्रियों तक ले जाने वाली कार में 6 एयरबैग होने चाहिएउन्होंने आगे कहा, ‘हमने यह अनिवार्य कर दिया है कि 8 यात्रियों तक ले जाने वाली प्रत्येक कार में 6 एयरबैग होने चाहिए। इसको लेकर ऑटोमोबाइल उद्योग ने खर्च बढ़ने की शिकायत की है। लेकिन हम गरीब उपभोक्ताओं के जीवन की कीमत पर अमीरों को संरक्षण नहीं देंगे।’अमेरिका अमीर क्योंकि वहां सड़कें अच्छीगडकरी बोले- ‘अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन कैनेडी का एक वाक्य मैं हर समय याद रखता हूं- अमेरिका की सड़कें इसलिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका अमीर देश है। अमेरिका इसलिए अमीर है, क्योंकि यहां की सड़कें बहुत अच्छी हैं। 2024 खत्म होने से पहले हिन्दुस्तान का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा, यह मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं।’ग्रीन हाइवे का आइडियागडकरी ने कहा, ‘मेरे साथ तमिलनाडु का एक अच्छा लड़का काम कर रहा है। वर्ल्ड बैंक में काम कर रहा था। बहुत होशियार है। मेरा ही स्टूडेंट था। उसने एक दिन मुझे गूगल पर सड़कें दिखाई और दिल्ली से चेन्नई रेस मार दी।उसने बताया कि कैसे सड़कें कैसे घूमते-घूमते जाती हैं। उसके आइडिया के बाद ग्रीन हाइवे पर काम शुरू किया।’दिल्ली से 2 घंटे की दूरी पर कई शहरगडकरी ने कहा कहा कि इस साल दिसंबर से पहले दिल्ली से कई शहर 2 घंटे की दूरी पर होंगे। उन्होंने इसकी लिस्ट गिनाते हुए कहा कि दिल्ली से जयपुर 2 घंटे में, दिल्ली से हरिद्वार 2 घंटे में, दिल्ली से देहरादून 2 घंटे में, दिल्ली से जयपुर 2 घंटे में, दिल्ली से अमृतसर 4 घंटे में, दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में इसी साल दिसंबर से पहले हम संभव कर देंगे।उन्होंने कहा कि साउथ में भी यह काम चल रहा है। चेन्नई से बेंगलुरु की रोड भी 2 घंटे की हो जाएगी। सड़कों के विकास की यह लिस्ट लंबी है।कैसे कम हो गई ब्रिज की कीमतगडकरी ने असम सीएम सर्वानंद सोनोवाल से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा, मैं सोनोवाल के प्रचार में माजुली आया था। सोनोवाल जी मुख्यमंत्री थे। हेलिकॉप्टर में मेरा हाथ दबा-दबाकर बोलते रहे कि आप बस बोल दो। मैंने कहा कि मुझे पता नहीं है कि कॉस्ट कितनी हैं। आप जबर्दस्ती कर रहे हैं। आप बोल दो मैं चुनाव जीतूंगा, नहीं तो मैं हार जाऊंगा। ये लोग नाराज है। उन्होंने मुझे इमोशनल हाथ दबाकर ऐसा डरा दिया कि पब्लिक मीटिंग में गया और मैंने बोल दिया कि माजुली का पुल हम बना देंगे।जैसे ही मैं आया दिल्ली तो मेरे अधिकारियों ने बताया कि सर आपको पता है यह पुल कितनी कीमत का है। मैंने पूछा कितनी? तो उन्होंने बताया 6 हजार करोड़ का। मैं एकदम डाउन हो गया। मैंने सोचा छह हजार करोड़ एक पुल के लिए कैसे दे दें। लेकिन इस बहाने बहुत अच्छा काम हुआ। हमने सिंगापुर और मलेशिया की टेक्नोलॉजी और बाकी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया।फिर माजुली आइलैंड का ब्रिज जो 6 हजार करोड़ रुपए का था, उसे 680 करोड़ रुपए में यूपी ब्रिज कॉरपोरेशन को दिया।’