![]()
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Out Of The 9 Leaders Of UP Who Were Driven From The Village By The Public, 4 Became MLAs, Messed Up With Keshav Prasad
5 घंटे पहलेलेखक: राजेश साहू
- कॉपी लिंक
- वीडियो
UP में BJP ने एक बार फिर से प्रचंड बहुमत हासिल करके सत्ता हासिल कर ली, लेकिन जब पार्टी के नेता अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे थे उस वक्त उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। कई ऐसे नेता था जिन्हें गांव में घुसने ही नहीं दिया गया। आइए उन 8 सीटों के रिजल्ट को बताते हैं जहां से BJP के 9 नेताओं को 10 दिन के भीतर भगाया था।
1- कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट
UP के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य सिराथू सीट से हार गए हैं। उन्हें सपा गठबंधन की पल्लवी पटेल ने हरा दिया। पल्लवी को 1,06,278 वोट और केशव प्रसाद को 98,941 वोट मिले। यहां बसपा के मुंसाब अली को 10,073 वोट मिले हैं।
कब नारेबाजी हुई: केशव प्रसाद मौर्य 22 जनवरी को सिराथू के गुलामीपुर में प्रचार करने पहुंचे तो महिलाओं ने घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। केशव प्रसाद उन्हें चुप करवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन महिलाएं चुप नहीं हुईं।

यह फोटो केशव प्रसाद के ट्विटर हैंडल से मिली है।
सुरेंद्र चौधरी प्रयागराज जिले से MLC हैं। 29 जनवरी को केशव प्रसाद मौर्य के लिए सिराथू प्रचार करने गए थे। अफजलपुर वारी गांव के लोगों ने उन्हें गांव में घुसने से पहले ही रोक लिया। सुरेंद्र ने लोगों को समझाते हुए कहा था, “भइया मेरी सुन लो भाजपा ने राममंदिर बनाया है” लोग नहीं माने और आखिर में सुरेंद्र को वापस लौटना पड़ा।
2. जालौन की उरई विधानसभा सीट
BJP प्रत्याशी गौरी शंकर ने सपा प्रत्याशी दयाशंकर वर्मा को 37,648 वोटों से हरा दिया। गौरीशंकर को 1,28,644 वोट मिले थे। इसी सीट पर बसपा प्रत्याशी सत्येंद्र प्रताप को 38,638 वोट मिले।
कब नारेबाजी हुई: 29 जनवरी को BJP के विधायक गौरी शंकर वर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करने पहुंचे तो लोगों ने उनके ही सामने नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने कहा, “पांच साल में न गांव की सड़क बनी और न ही नल मिला।” विधायक जी ने सफाई देते हुए कहा था, “2 शराबी थे वही विरोध कर रहे थे बाकी सब हमारे साथ हैं।”

गौरीशंकर शर्मा को जनता ने यह कहते हुए लौटा दिया कि आपने क्षेत्र में सड़क नहीं बनवाई इसलिए आपको वोट नहीं दिया जाएगा।
3. बुलंदशहर की स्याना सीट
स्याना सीट पर BJP प्रत्याशी देवेंद्र सिंह लोधी ने रालोद के दिलनवाज खान को 89,657 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। उन्हें 1,49,125 वोट मिले। दिलनवाज खान को 59,468 वोट मिले। बसपा के सुनील कुमार को 36,193 मिले हैं।
कब नारेबाजी हुई: 25 जनवरी को BJP विधायक देवेंद्र सिंह लोधी प्रचार करने पहुंचे तो लोग हूटिंग करने लगे। गांव के लोगों ने कहा, गांव में न सड़क बनी है, न ही नल लगवाया गया। अब वोट मांगने आएंगे तो विरोध करेंगे ही। विधायक ने लोगों के सामने हाथ जोड़ा और वहां से चले गए थे।
4. मुजफ्फरनगर की खतौली सीट
BJP के विक्रम सिंह सैनी ने 16,345 वोटों से चुनाव जीत लिया है। उन्हें 1,00,651 वोट मिले। राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह सैनी को 84,306 वोट मिले हैं। इस सीट पर बसपा के करतार सिंह बढ़ाना को 31,412 वोट मिले हैं।
कब नारेबाजी हुई: भाजपा के विधायक विक्रम सैनी 20 जनवरी को मनव्वरपुर गांव में प्रचार करने पहुंचे तो लोग मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। सैनी लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे थे पर लोग नहीं माने। 29 जनवरी को उन्हें चांद समंद गांव में घेर लिया गया। उनकी गाड़ी का एक शीशा तोड़ दिया गया। विधायक ने अपने ही क्षेत्र के लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
5. मेरठ की सिवालखास सीट
सिवालखास सीट पर रालोद के गुलाम मोहम्मद ने BJP के मनिंदर पाल को 9,182 वोटों से हरा दिया है। उन्हें 1,01,749 वोट मिले। मनिंदर को 92,567 वोट मिले हैं। बसपा के टिकट पर लड़े मुकर्रम अली को 29,958 वोट मिला है।
कब नारेबाजी हुई: BJP विधायक मनिंदर पाल 21 जनवरी को पथौनी गांव में प्रचार करने गए थे। लोग जयंत चौधरी जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। मनिंदर पाल के समर्थक और जयंत के समर्थकों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। विधायक ने विवाद से किनारा किया और खुद ही गांव से वापस चले गए।
6. संभल की असमोली सीट
इस सीट पर सपा की पिंकी सिंह ने BJP के हरेंद्र कुमार को 25,206 वोटों से हरा दिया। पिंकी को 1,11,652 वोट मिले। इसी सीट पर बसपा के रफातुल्ला को 42,512 और AIMIM कैंडिडेट शकील अहमद को 13,024 वोट मिला।
कब नारेबाजी हुई: BJP प्रत्याशी हरेंद्र सिंह रिंकू प्रचार करने के लिए 21 जनवरी को शकरपुर गांव पहुंचे थे। गांव वालों ने वापस जाओ का नारा लगा दिया। गांव वालों ने कहा, “BJP ने गाजीपुर बॉर्डर पर हम लोगों के लिए कील लगाई थी, आंसू गैस गोले छोड़े, हम नहीं भूले हैं, कभी वोट नहीं देंगे।”
7. फिरोजाबाद की जसराना सीट
जसराना सीट पर बेहद नजदीकी मुकाबले में सपा प्रत्याशी सचिन यादव ने BJP प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह को 836 वोट से हरा दिया। सचिन को 1,08,289 वोट मिले। महेंद्र को 1,07,453 वोट मिले। बसपा के सूर्य प्रताप सिंह को 16,955 वोट मिले।
कब नारेबाजी हुई: BJP प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह की पत्नी ज्योति किरण राजपूत क्षेत्र में प्रचार करने पहुंचीं तो विरोध होने लगा। उनके सामने अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगे। मानवेंद्र ने कहा था कि “ऐसी हरकत ठीक नहीं, हम यहां से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं और विरोधी ऐसा कर रहे हैं।”

मानवेंद्र सिंह की पत्नी को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा था।
8. फिरोजाबाद की टूंडला सीट
BJP प्रत्याशी प्रेम पाल सिंह धनगर ने सपा के राकेश बाबू को 47,691 वोट के बड़े अंतर से हरा दिया। इस सीट पर बसपा के टिकट पर उतरे अमर सिंह को 40,977 वोट मिले हैं।
कब नारेबाजी हुई: BJP प्रत्याशी प्रेमपाल धनगर के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। 29 जनवरी को नारखी में सर्वसमाज की बैठक हुई तो लोगों ने कहा, “बाहरी प्रत्याशी नहीं चाहिए, प्रेमपाल अपने कार्यकर्ताओं को नहीं पहचानते।”
Hindi NewsLocalUttar pradeshOut Of The 9 Leaders Of UP Who Were Driven From The Village By The Public, 4 Became MLAs, Messed Up With Keshav Prasad5 घंटे पहलेलेखक: राजेश साहूकॉपी लिंकवीडियोUP में BJP ने एक बार फिर से प्रचंड बहुमत हासिल करके सत्ता हासिल कर ली, लेकिन जब पार्टी के नेता अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे थे उस वक्त उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। कई ऐसे नेता था जिन्हें गांव में घुसने ही नहीं दिया गया। आइए उन 8 सीटों के रिजल्ट को बताते हैं जहां से BJP के 9 नेताओं को 10 दिन के भीतर भगाया था।1- कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीटUP के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य सिराथू सीट से हार गए हैं। उन्हें सपा गठबंधन की पल्लवी पटेल ने हरा दिया। पल्लवी को 1,06,278 वोट और केशव प्रसाद को 98,941 वोट मिले। यहां बसपा के मुंसाब अली को 10,073 वोट मिले हैं।कब नारेबाजी हुई: केशव प्रसाद मौर्य 22 जनवरी को सिराथू के गुलामीपुर में प्रचार करने पहुंचे तो महिलाओं ने घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। केशव प्रसाद उन्हें चुप करवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन महिलाएं चुप नहीं हुईं।यह फोटो केशव प्रसाद के ट्विटर हैंडल से मिली है।सुरेंद्र चौधरी प्रयागराज जिले से MLC हैं। 29 जनवरी को केशव प्रसाद मौर्य के लिए सिराथू प्रचार करने गए थे। अफजलपुर वारी गांव के लोगों ने उन्हें गांव में घुसने से पहले ही रोक लिया। सुरेंद्र ने लोगों को समझाते हुए कहा था, “भइया मेरी सुन लो भाजपा ने राममंदिर बनाया है” लोग नहीं माने और आखिर में सुरेंद्र को वापस लौटना पड़ा।2. जालौन की उरई विधानसभा सीटBJP प्रत्याशी गौरी शंकर ने सपा प्रत्याशी दयाशंकर वर्मा को 37,648 वोटों से हरा दिया। गौरीशंकर को 1,28,644 वोट मिले थे। इसी सीट पर बसपा प्रत्याशी सत्येंद्र प्रताप को 38,638 वोट मिले।कब नारेबाजी हुई: 29 जनवरी को BJP के विधायक गौरी शंकर वर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करने पहुंचे तो लोगों ने उनके ही सामने नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने कहा, “पांच साल में न गांव की सड़क बनी और न ही नल मिला।” विधायक जी ने सफाई देते हुए कहा था, “2 शराबी थे वही विरोध कर रहे थे बाकी सब हमारे साथ हैं।”गौरीशंकर शर्मा को जनता ने यह कहते हुए लौटा दिया कि आपने क्षेत्र में सड़क नहीं बनवाई इसलिए आपको वोट नहीं दिया जाएगा।3. बुलंदशहर की स्याना सीटस्याना सीट पर BJP प्रत्याशी देवेंद्र सिंह लोधी ने रालोद के दिलनवाज खान को 89,657 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। उन्हें 1,49,125 वोट मिले। दिलनवाज खान को 59,468 वोट मिले। बसपा के सुनील कुमार को 36,193 मिले हैं।कब नारेबाजी हुई: 25 जनवरी को BJP विधायक देवेंद्र सिंह लोधी प्रचार करने पहुंचे तो लोग हूटिंग करने लगे। गांव के लोगों ने कहा, गांव में न सड़क बनी है, न ही नल लगवाया गया। अब वोट मांगने आएंगे तो विरोध करेंगे ही। विधायक ने लोगों के सामने हाथ जोड़ा और वहां से चले गए थे।4. मुजफ्फरनगर की खतौली सीटBJP के विक्रम सिंह सैनी ने 16,345 वोटों से चुनाव जीत लिया है। उन्हें 1,00,651 वोट मिले। राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह सैनी को 84,306 वोट मिले हैं। इस सीट पर बसपा के करतार सिंह बढ़ाना को 31,412 वोट मिले हैं।कब नारेबाजी हुई: भाजपा के विधायक विक्रम सैनी 20 जनवरी को मनव्वरपुर गांव में प्रचार करने पहुंचे तो लोग मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। सैनी लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे थे पर लोग नहीं माने। 29 जनवरी को उन्हें चांद समंद गांव में घेर लिया गया। उनकी गाड़ी का एक शीशा तोड़ दिया गया। विधायक ने अपने ही क्षेत्र के लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।5. मेरठ की सिवालखास सीटसिवालखास सीट पर रालोद के गुलाम मोहम्मद ने BJP के मनिंदर पाल को 9,182 वोटों से हरा दिया है। उन्हें 1,01,749 वोट मिले। मनिंदर को 92,567 वोट मिले हैं। बसपा के टिकट पर लड़े मुकर्रम अली को 29,958 वोट मिला है।कब नारेबाजी हुई: BJP विधायक मनिंदर पाल 21 जनवरी को पथौनी गांव में प्रचार करने गए थे। लोग जयंत चौधरी जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। मनिंदर पाल के समर्थक और जयंत के समर्थकों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। विधायक ने विवाद से किनारा किया और खुद ही गांव से वापस चले गए।6. संभल की असमोली सीटइस सीट पर सपा की पिंकी सिंह ने BJP के हरेंद्र कुमार को 25,206 वोटों से हरा दिया। पिंकी को 1,11,652 वोट मिले। इसी सीट पर बसपा के रफातुल्ला को 42,512 और AIMIM कैंडिडेट शकील अहमद को 13,024 वोट मिला।कब नारेबाजी हुई: BJP प्रत्याशी हरेंद्र सिंह रिंकू प्रचार करने के लिए 21 जनवरी को शकरपुर गांव पहुंचे थे। गांव वालों ने वापस जाओ का नारा लगा दिया। गांव वालों ने कहा, “BJP ने गाजीपुर बॉर्डर पर हम लोगों के लिए कील लगाई थी, आंसू गैस गोले छोड़े, हम नहीं भूले हैं, कभी वोट नहीं देंगे।”7. फिरोजाबाद की जसराना सीटजसराना सीट पर बेहद नजदीकी मुकाबले में सपा प्रत्याशी सचिन यादव ने BJP प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह को 836 वोट से हरा दिया। सचिन को 1,08,289 वोट मिले। महेंद्र को 1,07,453 वोट मिले। बसपा के सूर्य प्रताप सिंह को 16,955 वोट मिले।कब नारेबाजी हुई: BJP प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह की पत्नी ज्योति किरण राजपूत क्षेत्र में प्रचार करने पहुंचीं तो विरोध होने लगा। उनके सामने अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगे। मानवेंद्र ने कहा था कि “ऐसी हरकत ठीक नहीं, हम यहां से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं और विरोधी ऐसा कर रहे हैं।”मानवेंद्र सिंह की पत्नी को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा था।8. फिरोजाबाद की टूंडला सीटBJP प्रत्याशी प्रेम पाल सिंह धनगर ने सपा के राकेश बाबू को 47,691 वोट के बड़े अंतर से हरा दिया। इस सीट पर बसपा के टिकट पर उतरे अमर सिंह को 40,977 वोट मिले हैं।कब नारेबाजी हुई: BJP प्रत्याशी प्रेमपाल धनगर के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। 29 जनवरी को नारखी में सर्वसमाज की बैठक हुई तो लोगों ने कहा, “बाहरी प्रत्याशी नहीं चाहिए, प्रेमपाल अपने कार्यकर्ताओं को नहीं पहचानते।”