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मजीठा (अमृतसर)5 घंटे पहले
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अमृतसर में कांग्रेस सांसद औजला के पास पहुंचे यूक्रेन में फंसे बच्चों के अभिभावक।
यूक्रेन में फंसे बच्चों के मामले में विदेश मंत्रालय की ओर से ऑटो रिप्लाई से खफा अमृतसर के कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला मंगलवार को दिल्ली जाएंगे। सांसद ने सोमवार को यूक्रेन में फंसे बच्चों के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि अब सरकार को बच्चों तक पहुंचना चाहिए, न कि बच्चों को सरकार तक पहुंचने के लिए कहा जाए।
सांसद गुरजीत सिंह औजला के घर पर सोमवार को करीब 100 बच्चों के माता-पिता पहुंचे। उन्होंने बच्चों के ताजा हालात के बारे में जानकारी दी। आंखों में आंसू लिए माता-पिता ने बताया कि अब बच्चों के पास खाना-पीना भी खत्म हो रहा है। वह बाहर निकलने की हालत में नहीं हैं। बच्चों को जल्द से जल्द वहां से निकाला जाए। यह समय सोचने विचारने का नहीं है, बल्कि एक्शन लेने का है।
सांसद औजला ने कहा कि बच्चों को लाने के लिए वह पुरजोर कोशिश करेंगे और अगर केंद्र सरकार का यही रवैया रहा तो वह धरना देंगे। सांसद औजला ने कहा कि वह इसके लिए अन्य सांसदों का भी सहयोग ले रहे हैं और बात चल रही है। ज्यादा से जय्दा सांसदों के जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
मर्चेंट नेवी अफसर ने समुद्री रास्ता अपनाने की सलाह दी
खार्किव में तीन साल पहले पढ़ने गई अनु चौधरी के पिता कुलदीप कुमार ने बताया वह मर्चेंट नेवी में अफसर हैं। यूक्रेन के साउथ में ब्लैक सी है, वहां से शिप के जरिए भारी तादात में बच्चे एक साथ भारत लाए जा सकते हैं। बेशक टिकट के पैसे पैरेंट्स से ले लें, लेकिन बच्चों को जल्द निकाला जाए।

कांग्रेस सांसद औजला वीडियो कॉल से यूक्रेन में फंसे छात्रों से बातचीत करते हुए।
बंकर में एक साथ 200 बच्चे, पानी न भोजन
वरिंदर पाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी कोमलप्रीत कौर चोकोवलोवा के बंकर में है। वहां एक साथ 200 के करीब छात्र हैं। उनका टिकट 26 फरवरी को था, फ्लाइट्स कैंसल होने के कारण उन्हें वहीं रुकना पड़ा। इस समय एक मैगी बनाकर 6 लोग शेयर कर रहे हैं। पीने का पानी खत्म हो चुका है। वहीं, अनमोलजीत कौर के पिता ने बताया कि उनकी बेटी अन्य 5 लड़कियों और 2 लड़कों के साथ एक मेट्रो स्टेशन पर फंसी है। वहां से आगे निकलने का रास्ता नहीं है। खाने पीने का भी इंतजाम नहीं है।
पंजाब के ज्यादातर बच्चे दो शहरों में
जसकीरत सिंह के पिता इंदरप्रीत सिंह ने सरकार से अपील की कि इस समय सरकार को बच्चों तक पहुंचना चाहिए। बच्चों को बाहर निकलकर सरकार तक पहुंचने के लिए न कहा जाए। उन्होंने अपील की कि खार्किव और कीव के छात्रों की तरफ भी ध्यान दिए जाए, क्योंकि पंजाब के ज्यादातर बच्चे इन्हीं दो शहरों में फंसे हुए हैं।
पैरेंट्स बोले- दिल्ली साथ चलने के लिए तैयार
सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पैरेंट्स से मुलाकात की साथ ही बच्चों से वीडियो कॉल के जरिए भी बात की। उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाया और कहा कि जल्द उन्हें भारत ले आएंगे। इसके लिए उन्हें चाहे सड़क पर क्यों न उतरना पड़े। उन्होंने लगातार विदेश मंत्रालय के सेक्रेट्ररी को इमेल भेजी हैं और मिलने का समय मांगा है।
अगर एक दिन में समय न दिया तो वह धरना देंगे लेकिन बच्चों को जरूर वापस लाएंगे। पैरेंट्स ने सांसद औजला की इस बात का समर्थन कर कहा कि वह उनके साथ दिल्ली चलने के लिए तैयार हैं। सहमति से सभी पैरेंट्स को श्री बंगला साहिब गुरुद्वारा और उनके खुद के दिल्ली के घर पहुंचने के लिए कहा। वहां पैरेंट्स के लिए रहने-खाने का इंतजाम करेंगे और वहां से केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे।
ग्राउंड हकीकत से दूर है एडवाइज़री
सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि वह लिस्टेड बच्चों के पैरेंट्स से मिले हैं। उनकी परेशानियां भी सुनीं और उनसे सलाह भी मांगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ग्राउंड हकीकत से दूर एडवाइज़री जारी करती है, यह यूक्रेन में फंसे बच्चों के किसी काम की नहीं है। जब वहां दूतावास में बैठे ऑफिशियल्स के लिए खतरा है और वह बाहर नहीं जा पा रहे तो फिर बच्चे कैसे बाहर निकलेंगे। एबेंसी को चाहिए कि कम से कम बच्चों को खाना तो जरूर पहुंचाए। बच्चों को फ्लैग लगाकर निकालने की बात की जा रही है। इस माहौल में फ्लैग कहां से आएंगे, पासपोर्ट को डाक्यूमेंट मानकर उन्हें लाया जाए।
मजीठा (अमृतसर)5 घंटे पहलेकॉपी लिंकअमृतसर में कांग्रेस सांसद औजला के पास पहुंचे यूक्रेन में फंसे बच्चों के अभिभावक।यूक्रेन में फंसे बच्चों के मामले में विदेश मंत्रालय की ओर से ऑटो रिप्लाई से खफा अमृतसर के कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला मंगलवार को दिल्ली जाएंगे। सांसद ने सोमवार को यूक्रेन में फंसे बच्चों के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि अब सरकार को बच्चों तक पहुंचना चाहिए, न कि बच्चों को सरकार तक पहुंचने के लिए कहा जाए।सांसद गुरजीत सिंह औजला के घर पर सोमवार को करीब 100 बच्चों के माता-पिता पहुंचे। उन्होंने बच्चों के ताजा हालात के बारे में जानकारी दी। आंखों में आंसू लिए माता-पिता ने बताया कि अब बच्चों के पास खाना-पीना भी खत्म हो रहा है। वह बाहर निकलने की हालत में नहीं हैं। बच्चों को जल्द से जल्द वहां से निकाला जाए। यह समय सोचने विचारने का नहीं है, बल्कि एक्शन लेने का है।सांसद औजला ने कहा कि बच्चों को लाने के लिए वह पुरजोर कोशिश करेंगे और अगर केंद्र सरकार का यही रवैया रहा तो वह धरना देंगे। सांसद औजला ने कहा कि वह इसके लिए अन्य सांसदों का भी सहयोग ले रहे हैं और बात चल रही है। ज्यादा से जय्दा सांसदों के जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।मर्चेंट नेवी अफसर ने समुद्री रास्ता अपनाने की सलाह दीखार्किव में तीन साल पहले पढ़ने गई अनु चौधरी के पिता कुलदीप कुमार ने बताया वह मर्चेंट नेवी में अफसर हैं। यूक्रेन के साउथ में ब्लैक सी है, वहां से शिप के जरिए भारी तादात में बच्चे एक साथ भारत लाए जा सकते हैं। बेशक टिकट के पैसे पैरेंट्स से ले लें, लेकिन बच्चों को जल्द निकाला जाए।कांग्रेस सांसद औजला वीडियो कॉल से यूक्रेन में फंसे छात्रों से बातचीत करते हुए।बंकर में एक साथ 200 बच्चे, पानी न भोजनवरिंदर पाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी कोमलप्रीत कौर चोकोवलोवा के बंकर में है। वहां एक साथ 200 के करीब छात्र हैं। उनका टिकट 26 फरवरी को था, फ्लाइट्स कैंसल होने के कारण उन्हें वहीं रुकना पड़ा। इस समय एक मैगी बनाकर 6 लोग शेयर कर रहे हैं। पीने का पानी खत्म हो चुका है। वहीं, अनमोलजीत कौर के पिता ने बताया कि उनकी बेटी अन्य 5 लड़कियों और 2 लड़कों के साथ एक मेट्रो स्टेशन पर फंसी है। वहां से आगे निकलने का रास्ता नहीं है। खाने पीने का भी इंतजाम नहीं है।पंजाब के ज्यादातर बच्चे दो शहरों मेंजसकीरत सिंह के पिता इंदरप्रीत सिंह ने सरकार से अपील की कि इस समय सरकार को बच्चों तक पहुंचना चाहिए। बच्चों को बाहर निकलकर सरकार तक पहुंचने के लिए न कहा जाए। उन्होंने अपील की कि खार्किव और कीव के छात्रों की तरफ भी ध्यान दिए जाए, क्योंकि पंजाब के ज्यादातर बच्चे इन्हीं दो शहरों में फंसे हुए हैं।पैरेंट्स बोले- दिल्ली साथ चलने के लिए तैयारसांसद गुरजीत सिंह औजला ने पैरेंट्स से मुलाकात की साथ ही बच्चों से वीडियो कॉल के जरिए भी बात की। उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाया और कहा कि जल्द उन्हें भारत ले आएंगे। इसके लिए उन्हें चाहे सड़क पर क्यों न उतरना पड़े। उन्होंने लगातार विदेश मंत्रालय के सेक्रेट्ररी को इमेल भेजी हैं और मिलने का समय मांगा है।अगर एक दिन में समय न दिया तो वह धरना देंगे लेकिन बच्चों को जरूर वापस लाएंगे। पैरेंट्स ने सांसद औजला की इस बात का समर्थन कर कहा कि वह उनके साथ दिल्ली चलने के लिए तैयार हैं। सहमति से सभी पैरेंट्स को श्री बंगला साहिब गुरुद्वारा और उनके खुद के दिल्ली के घर पहुंचने के लिए कहा। वहां पैरेंट्स के लिए रहने-खाने का इंतजाम करेंगे और वहां से केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे।ग्राउंड हकीकत से दूर है एडवाइज़रीसांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि वह लिस्टेड बच्चों के पैरेंट्स से मिले हैं। उनकी परेशानियां भी सुनीं और उनसे सलाह भी मांगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ग्राउंड हकीकत से दूर एडवाइज़री जारी करती है, यह यूक्रेन में फंसे बच्चों के किसी काम की नहीं है। जब वहां दूतावास में बैठे ऑफिशियल्स के लिए खतरा है और वह बाहर नहीं जा पा रहे तो फिर बच्चे कैसे बाहर निकलेंगे। एबेंसी को चाहिए कि कम से कम बच्चों को खाना तो जरूर पहुंचाए। बच्चों को फ्लैग लगाकर निकालने की बात की जा रही है। इस माहौल में फ्लैग कहां से आएंगे, पासपोर्ट को डाक्यूमेंट मानकर उन्हें लाया जाए।