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कपूरथला38 मिनट पहले
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यूक्रेन में बिगड़े हालात के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों के साथ यूक्रेन की पुलिस की बर्बरता भी सामने आई है। रोमानिया और पोलैंड बॉर्डर पर भारतीय छात्रों को बुरी तरह पीटा गया है। विरोध करने पर स्टूडेंट्स के ऊपर डंडे भी बरसाए गए हैं। यूक्रेन में फंसे पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र और केरल के छात्रों ने इस बर्बरता के वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया के साथ ही अपने परिवार के साथ शेयर किए हैं।
पंजाब की MBBS स्टूडेंट ने रोमानिया बॉर्डर पर यूक्रेन की पुलिस की बर्बरता के वीडियो और ऑडियो शेयर किए हैं। वीडियो में यूक्रेन पुलिस की बर्बरता साफ दिख रही है। पुलिस कर्मचारी बैग लेकर जा रहे भारतीय छात्रों को लातों-घूंसों से मारते हुए दिख रहे हैं। पंजाब के कपूरथला की रहने वाली छात्रा यूक्रेन की सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ती है। उसने अपने ऑडियो में पूरा घटनाक्रम भी बयान किया है।
राजस्थान, केरल और छत्तीसगढ़ के छात्रों ने भी वीडियो में बताई आपबीती
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के छात्र भूपेंद्र सिंह राठौर ने भी पोलैंड बॉर्डर पर पुलिस की बर्बरता का वीडियो बनाकर अपने पिता दीपक सिंह राठौर को भेजा है। वीडियो में भूपेंद्र ने बताया है कि यहां हालात बहुत खराब हैं। स्टूडेंट्स के साथ मारपीट की जा रही है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
यूक्रेन के एलवीआईवी से MBBS की पढ़ाई कर रहे टोंक (राजस्थान) के आयुष ने बताया- मैं भारत आने के लिए पैदल चलकर दो अन्य साथियों के साथ 79 किमी दूर बीती रात पोलैंड बॉर्डर पर पहुंच चुका था। मैं और मेरे 30 साथी शाम को बार्डर पार कराने की उम्मीद में चेक पॉइंट पर ही बैठे थे। शाम को यूक्रेन की सेना ने वापस कॉलेज जाने के लिए कह दिया। हमने इनकार किया तो लाठियां बरसाने लगे। यहां पढ़ें पूरी खबर…
केरल के कई छात्रों ने भी यूक्रेन पोलैंड बॉर्डर के पास शेहयानी में यूक्रेनी पुलिस और सेना पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। एक छात्रा ने वीडियो मैसेज में बताया है कि जो छात्र पोलैंड की तरफ जाने की कोशिश कर रहे थे, उनकी तरफ सेना ने तेज गाड़ी चलाई। सेना ने हवाई फायर भी किए।
मप्र के भोपाल की सृष्टि विल्सन के पास भी इसका वीडियो आया है। सृष्टि ने बताया कि हम लोगों से अच्छा सलूक नहीं किया जा रहा। लड़कियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया जा रहा है

रोमानिया-यूक्रेन बॉर्डर पर भारतीय युवकों के ऊपर लातों से प्रहार करते यूक्रेन के पुलिसकर्मी।
कपूरथला की छात्रा ने बताया, ‘मौके पर पहले यूक्रेनियन छात्रों को ही अंदर लिया गया। हम लोगों ने जब इस बारे में बात तो उन्होंने पहले भारतीय लड़कियों को बॉर्डर पार कराने की मंजूरी दी। इसके बाद पुलिस आई और मौके पर मौजूद बैग और अन्य सामान उठाए भारतीय युवकों को बुरी तरह पीटा। लात-घूंसों से उन्हें मारा।’
रॉड और गन से भारतीय छात्रों को मारा
छात्रा ने आगे कहा, ‘भारतीय युवकों को बुरी तरह टॉर्चर किया गया। यहां तक कि जिन लोगों को दमा की शिकायत थी, उनका मुंह बंद करके दिखाया गया कि वह किस तरह से ब्रीथलेस हैं। रात 12:00 बजे जो गार्ड्स मौजूद थे, उन्होंने बॉर्डर के चेकिंग पॉइंट पर स्टूडेंट्स के साथ हंटर गेम खेला।’
छात्रा ने कहा कि उन्हें नहीं पता यह गेम क्या होती है। वहां जाने के बाद देखा कि वो रॉड और गन लेकर खड़े थे। उसके बाद उन्होंने कहा कि आपको ये गेम खेलना है, जो यह गेम खेलेगा, उसे ही वीजा मिलेगा। वहां जो भी भारतीय लोग थे, उन्हें लात-घूंसों से मारा गया। इस दौरान लड़का-लड़की में कोई फर्क नहीं किया गया।

भारतीय युवकों पर लात-घूंसों से प्रहार करती यूक्रेनी पुलिस।
सहपाठी ने शनिवार को वीडियो कॉल में बताई तबाही
ऑडियो जारी करने वाली छात्रा की सहपाठी सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी की गुरलीन कौर ने शनिवार को वीडियो कॉल कर तबाही की दास्तां बयां की थी। कपूरथला के गांव हैबतपुर की गुरलीन ने बताया था कि वह हॉस्टल में बने बंकर में छिपकर जान बचा रही है। 26 फरवरी यानी शनिवार को उनकी वतन वापसी थी, लेकिन तमाम फ्लाइट्स रद्द होने के कारण वह वहीं फंस गईं।
बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित
हालांकि गुरलीन को भारतीय दूतावास ने जल्द स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया। उधर, उनके पेरेंट्स अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। गांव हैबतपुर के मुख्य अध्यापक सुखविंदर सिंह और उनकी पत्नी रमनदीप कौर ने बताया कि गुरलीन यूक्रेन में एमबीबीएस चौथे साल की छात्रा है। उनकी बेटी से वीडियो कॉल से बात हुई, उसने बताया कि वह सुरक्षित है, लेकिन हालात बेहद खराब हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि भारतीय बच्चों की वापसी का तुरंत प्रबंध किया जाए।
कपूरथला38 मिनट पहलेकॉपी लिंकवीडियोयूक्रेन में बिगड़े हालात के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों के साथ यूक्रेन की पुलिस की बर्बरता भी सामने आई है। रोमानिया और पोलैंड बॉर्डर पर भारतीय छात्रों को बुरी तरह पीटा गया है। विरोध करने पर स्टूडेंट्स के ऊपर डंडे भी बरसाए गए हैं। यूक्रेन में फंसे पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मप्र और केरल के छात्रों ने इस बर्बरता के वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया के साथ ही अपने परिवार के साथ शेयर किए हैं।पंजाब की MBBS स्टूडेंट ने रोमानिया बॉर्डर पर यूक्रेन की पुलिस की बर्बरता के वीडियो और ऑडियो शेयर किए हैं। वीडियो में यूक्रेन पुलिस की बर्बरता साफ दिख रही है। पुलिस कर्मचारी बैग लेकर जा रहे भारतीय छात्रों को लातों-घूंसों से मारते हुए दिख रहे हैं। पंजाब के कपूरथला की रहने वाली छात्रा यूक्रेन की सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ती है। उसने अपने ऑडियो में पूरा घटनाक्रम भी बयान किया है।राजस्थान, केरल और छत्तीसगढ़ के छात्रों ने भी वीडियो में बताई आपबीतीछत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के छात्र भूपेंद्र सिंह राठौर ने भी पोलैंड बॉर्डर पर पुलिस की बर्बरता का वीडियो बनाकर अपने पिता दीपक सिंह राठौर को भेजा है। वीडियो में भूपेंद्र ने बताया है कि यहां हालात बहुत खराब हैं। स्टूडेंट्स के साथ मारपीट की जा रही है। यहां पढ़ें पूरी खबर…यूक्रेन के एलवीआईवी से MBBS की पढ़ाई कर रहे टोंक (राजस्थान) के आयुष ने बताया- मैं भारत आने के लिए पैदल चलकर दो अन्य साथियों के साथ 79 किमी दूर बीती रात पोलैंड बॉर्डर पर पहुंच चुका था। मैं और मेरे 30 साथी शाम को बार्डर पार कराने की उम्मीद में चेक पॉइंट पर ही बैठे थे। शाम को यूक्रेन की सेना ने वापस कॉलेज जाने के लिए कह दिया। हमने इनकार किया तो लाठियां बरसाने लगे। यहां पढ़ें पूरी खबर…केरल के कई छात्रों ने भी यूक्रेन पोलैंड बॉर्डर के पास शेहयानी में यूक्रेनी पुलिस और सेना पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। एक छात्रा ने वीडियो मैसेज में बताया है कि जो छात्र पोलैंड की तरफ जाने की कोशिश कर रहे थे, उनकी तरफ सेना ने तेज गाड़ी चलाई। सेना ने हवाई फायर भी किए।मप्र के भोपाल की सृष्टि विल्सन के पास भी इसका वीडियो आया है। सृष्टि ने बताया कि हम लोगों से अच्छा सलूक नहीं किया जा रहा। लड़कियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया जा रहा हैयहां पढ़ें पूरी खबर…रोमानिया-यूक्रेन बॉर्डर पर भारतीय युवकों के ऊपर लातों से प्रहार करते यूक्रेन के पुलिसकर्मी।कपूरथला की छात्रा ने बताया, ‘मौके पर पहले यूक्रेनियन छात्रों को ही अंदर लिया गया। हम लोगों ने जब इस बारे में बात तो उन्होंने पहले भारतीय लड़कियों को बॉर्डर पार कराने की मंजूरी दी। इसके बाद पुलिस आई और मौके पर मौजूद बैग और अन्य सामान उठाए भारतीय युवकों को बुरी तरह पीटा। लात-घूंसों से उन्हें मारा।’रॉड और गन से भारतीय छात्रों को माराछात्रा ने आगे कहा, ‘भारतीय युवकों को बुरी तरह टॉर्चर किया गया। यहां तक कि जिन लोगों को दमा की शिकायत थी, उनका मुंह बंद करके दिखाया गया कि वह किस तरह से ब्रीथलेस हैं। रात 12:00 बजे जो गार्ड्स मौजूद थे, उन्होंने बॉर्डर के चेकिंग पॉइंट पर स्टूडेंट्स के साथ हंटर गेम खेला।’छात्रा ने कहा कि उन्हें नहीं पता यह गेम क्या होती है। वहां जाने के बाद देखा कि वो रॉड और गन लेकर खड़े थे। उसके बाद उन्होंने कहा कि आपको ये गेम खेलना है, जो यह गेम खेलेगा, उसे ही वीजा मिलेगा। वहां जो भी भारतीय लोग थे, उन्हें लात-घूंसों से मारा गया। इस दौरान लड़का-लड़की में कोई फर्क नहीं किया गया।भारतीय युवकों पर लात-घूंसों से प्रहार करती यूक्रेनी पुलिस।सहपाठी ने शनिवार को वीडियो कॉल में बताई तबाहीऑडियो जारी करने वाली छात्रा की सहपाठी सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी की गुरलीन कौर ने शनिवार को वीडियो कॉल कर तबाही की दास्तां बयां की थी। कपूरथला के गांव हैबतपुर की गुरलीन ने बताया था कि वह हॉस्टल में बने बंकर में छिपकर जान बचा रही है। 26 फरवरी यानी शनिवार को उनकी वतन वापसी थी, लेकिन तमाम फ्लाइट्स रद्द होने के कारण वह वहीं फंस गईं।बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतितहालांकि गुरलीन को भारतीय दूतावास ने जल्द स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया। उधर, उनके पेरेंट्स अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। गांव हैबतपुर के मुख्य अध्यापक सुखविंदर सिंह और उनकी पत्नी रमनदीप कौर ने बताया कि गुरलीन यूक्रेन में एमबीबीएस चौथे साल की छात्रा है। उनकी बेटी से वीडियो कॉल से बात हुई, उसने बताया कि वह सुरक्षित है, लेकिन हालात बेहद खराब हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि भारतीय बच्चों की वापसी का तुरंत प्रबंध किया जाए।