विदेश में पढ़कर यूपी में चुनाव लड़ने वालों की कहानी:लौटे तो गैंगस्टर बन गए, अब जेल से चुनाव लड़ रहे हैं; 6 युवा नेताओं के किस्से

विदेश में पढ़कर यूपी में चुनाव लड़ने वालों की कहानी:लौटे तो गैंगस्टर बन गए, अब जेल से चुनाव लड़ रहे हैं; 6 युवा नेताओं के किस्से

news image

  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • UP Assembly Election Candidate 2022; Aparna Yadav Including 5 Uttar Pradesh Leaders Who Studied Abroad But Failed In Politics

विदेश से पॉलिटिक्स पढ़कर आईं अपर्णा यादव पहले चुनाव में हार गईं। लेकिन अदिति सिंह 2017 की बीजेपी लहर में कांग्रेस की सीट पर जीत गईं। आज हम ऐसे ही 6 कैंडिडेट्स के बारे में बता रहे हैं, जो यूपी में चुनाव लड़ने जा रहे हैं। इनकी कहानियां बहुत इंटरेस्टिंग हैं…

वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से डिग्री ली। उसके बाद बेल्जियम और फ्रांस चले गए। सोशल मीडिया पर वीर का एक वीडियो डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। वीडियो में ग्रामीण ने जब लाइट लगवाने के लिए कहा तो उन्होंने बोला, ‘बेटे की कसम खाओ कि भाजपा को वोट दिये थे, तभी लाइट लगवाऊंगा। अपेक्षा उसी से की जाती है, जिसे कुछ दिया जाए।’ इस अजीबो गरीब जवाब से विधायक की इमेज पर बुरा असर पड़ा। वह शाहजहांपुर की कटरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार भी भाजपा की टिकट पर इसी सीट से जीते थे।

वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से डिग्री ली। उसके बाद बेल्जियम और फ्रांस चले गए। सोशल मीडिया पर वीर का एक वीडियो डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। वीडियो में ग्रामीण ने जब लाइट लगवाने के लिए कहा तो उन्होंने बोला, ‘बेटे की कसम खाओ कि भाजपा को वोट दिये थे, तभी लाइट लगवाऊंगा। अपेक्षा उसी से की जाती है, जिसे कुछ दिया जाए।’ इस अजीबो गरीब जवाब से विधायक की इमेज पर बुरा असर पड़ा। वह शाहजहांपुर की कटरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार भी भाजपा की टिकट पर इसी सीट से जीते थे।

डिग्री लेने वाली काली यून‌िफॉर्म में ये अपर्णा बिष्ट हैं। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उसके बाद ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री ली। लेकिन उनकी मैनचेस्टर की मास्टर डिग्री काम न आई। जब वह 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ीं तो हार गईं। अपर्णा अब भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।

डिग्री लेने वाली काली यून‌िफॉर्म में ये अपर्णा बिष्ट हैं। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उसके बाद ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री ली। लेकिन उनकी मैनचेस्टर की मास्टर डिग्री काम न आई। जब वह 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ीं तो हार गईं। अपर्णा अब भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।

नाहिद हसन ने सिडनी के होम्स इंस्टीट्यूट से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली है। लेकिन उनके ऊपर इतने केस हैं, जितनी उनकी डिग्रियां भी नहीं होंगी। उनके हलफनामे में 17 केस बताए गए हैं। लेकिन अब तक किसी भी मामले में वह अपराधी साबित नहीं हुए हैं। उनके एडवोकेट राव मैराजुद्दीन कहते है कि सात मुकदमे ऐसे हैं, जो आचार संहिता उल्लंघन जैसे जनरल मुकदमे हैं। दो मुकदमे महामारी अधिनियम के हैं।'' इस बार वो जेल से चुनाव लड़ रहे हैं। कैराना सीट पर उन्होंने सपा की टिकट पर दावेदारी ठोंकी है। उन पर गैंगस्टर एक्ट का मामला चल रहा है।

नाहिद हसन ने सिडनी के होम्स इंस्टीट्यूट से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली है। लेकिन उनके ऊपर इतने केस हैं, जितनी उनकी डिग्रियां भी नहीं होंगी। उनके हलफनामे में 17 केस बताए गए हैं। लेकिन अब तक किसी भी मामले में वह अपराधी साबित नहीं हुए हैं। उनके एडवोकेट राव मैराजुद्दीन कहते है कि सात मुकदमे ऐसे हैं, जो आचार संहिता उल्लंघन जैसे जनरल मुकदमे हैं। दो मुकदमे महामारी अधिनियम के हैं।” इस बार वो जेल से चुनाव लड़ रहे हैं। कैराना सीट पर उन्होंने सपा की टिकट पर दावेदारी ठोंकी है। उन पर गैंगस्टर एक्ट का मामला चल रहा है।

संदीप कुमार सिंह ने अपनी पढ़ाई यूके की लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से एमए इन पब्लिक रिलेशन एंड स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन में की है। वह यूपी सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं। साल 2017 के चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति 42 लाख 93 हजार 695 रुपये थी। लेकिन 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी संपत्ति 7 करोड़ 46 लाख 57 हजार 223 रुपये पहुंच गई। भाजपा के उम्मीदवार संदीप कुमार सिंह अलीगढ़ के अतरौली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

संदीप कुमार सिंह ने अपनी पढ़ाई यूके की लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से एमए इन पब्लिक रिलेशन एंड स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन में की है। वह यूपी सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं। साल 2017 के चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति 42 लाख 93 हजार 695 रुपये थी। लेकिन 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी संपत्ति 7 करोड़ 46 लाख 57 हजार 223 रुपये पहुंच गई। भाजपा के उम्मीदवार संदीप कुमार सिंह अलीगढ़ के अतरौली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

रूपाली दीक्षित ने इंग्लैंड से एमबीए किया है। फतेहाबाद विधानसभा सीट से सपा के टिकट से पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। वह बाहुबली अशोक दीक्षित की बेटी हैं। उनके पिता पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वह अभी बरेली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। एमबीए की पढ़ाई के बाद उन्होंने कोई बिजनेस नहीं शुरू किया, बल्कि चुनाव में उतर गई हैं। रूपाली अपनी किस्मत चुनाव में चमका पाएंगी या नहीं, ये तो नतीजा आने के बाद साफ हो जाएगा।

रूपाली दीक्षित ने इंग्लैंड से एमबीए किया है। फतेहाबाद विधानसभा सीट से सपा के टिकट से पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। वह बाहुबली अशोक दीक्षित की बेटी हैं। उनके पिता पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वह अभी बरेली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। एमबीए की पढ़ाई के बाद उन्होंने कोई बिजनेस नहीं शुरू किया, बल्कि चुनाव में उतर गई हैं। रूपाली अपनी किस्मत चुनाव में चमका पाएंगी या नहीं, ये तो नतीजा आने के बाद साफ हो जाएगा।

बाईं ओर खड़ी नीले गाउन में अदिति सिंह है। इन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई यूएस की ड्यूक यूनिवर्सिटी से की है। साल 2017 में जब बीजेपी लहर थी और कांग्रेस सिर्फ 7 सीट जीत पाई थी, तब उनमें से एक अदिति सिंह थीं। उन्होंने रायबरेली की सदर सीट जीती थी। लेकिन इस बार भाजपा के साथ हैं। वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कमेंट को लेकर चर्चा में हैं। फिर से चुनाव की तैयारी कर रही हैं।

बाईं ओर खड़ी नीले गाउन में अदिति सिंह है। इन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई यूएस की ड्यूक यूनिवर्सिटी से की है। साल 2017 में जब बीजेपी लहर थी और कांग्रेस सिर्फ 7 सीट जीत पाई थी, तब उनमें से एक अदिति सिंह थीं। उन्होंने रायबरेली की सदर सीट जीती थी। लेकिन इस बार भाजपा के साथ हैं। वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कमेंट को लेकर चर्चा में हैं। फिर से चुनाव की तैयारी कर रही हैं।

– ये स्टोरी गौसिया बानो ने की है। वह दैनिक भास्कर ऐप में इंटर्नशिप पर हैं।

Hindi NewsLocalUttar pradeshUP Assembly Election Candidate 2022; Aparna Yadav Including 5 Uttar Pradesh Leaders Who Studied Abroad But Failed In Politicsविदेश से पॉलिटिक्स पढ़कर आईं अपर्णा यादव पहले चुनाव में हार गईं। लेकिन अदिति सिंह 2017 की बीजेपी लहर में कांग्रेस की सीट पर जीत गईं। आज हम ऐसे ही 6 कैंडिडेट्स के बारे में बता रहे हैं, जो यूपी में चुनाव लड़ने जा रहे हैं। इनकी कहानियां बहुत इंटरेस्टिंग हैं…वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से डिग्री ली। उसके बाद बेल्जियम और फ्रांस चले गए। सोशल मीडिया पर वीर का एक वीडियो डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। वीडियो में ग्रामीण ने जब लाइट लगवाने के लिए कहा तो उन्होंने बोला, ‘बेटे की कसम खाओ कि भाजपा को वोट दिये थे, तभी लाइट लगवाऊंगा। अपेक्षा उसी से की जाती है, जिसे कुछ दिया जाए।’ इस अजीबो गरीब जवाब से विधायक की इमेज पर बुरा असर पड़ा। वह शाहजहांपुर की कटरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार भी भाजपा की टिकट पर इसी सीट से जीते थे।डिग्री लेने वाली काली यून‌िफॉर्म में ये अपर्णा बिष्ट हैं। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उसके बाद ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री ली। लेकिन उनकी मैनचेस्टर की मास्टर डिग्री काम न आई। जब वह 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ीं तो हार गईं। अपर्णा अब भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।नाहिद हसन ने सिडनी के होम्स इंस्टीट्यूट से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली है। लेकिन उनके ऊपर इतने केस हैं, जितनी उनकी डिग्रियां भी नहीं होंगी। उनके हलफनामे में 17 केस बताए गए हैं। लेकिन अब तक किसी भी मामले में वह अपराधी साबित नहीं हुए हैं। उनके एडवोकेट राव मैराजुद्दीन कहते है कि सात मुकदमे ऐसे हैं, जो आचार संहिता उल्लंघन जैसे जनरल मुकदमे हैं। दो मुकदमे महामारी अधिनियम के हैं।” इस बार वो जेल से चुनाव लड़ रहे हैं। कैराना सीट पर उन्होंने सपा की टिकट पर दावेदारी ठोंकी है। उन पर गैंगस्टर एक्ट का मामला चल रहा है।संदीप कुमार सिंह ने अपनी पढ़ाई यूके की लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से एमए इन पब्लिक रिलेशन एंड स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन में की है। वह यूपी सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं। साल 2017 के चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति 42 लाख 93 हजार 695 रुपये थी। लेकिन 2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी संपत्ति 7 करोड़ 46 लाख 57 हजार 223 रुपये पहुंच गई। भाजपा के उम्मीदवार संदीप कुमार सिंह अलीगढ़ के अतरौली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।रूपाली दीक्षित ने इंग्लैंड से एमबीए किया है। फतेहाबाद विधानसभा सीट से सपा के टिकट से पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। वह बाहुबली अशोक दीक्षित की बेटी हैं। उनके पिता पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वह अभी बरेली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। एमबीए की पढ़ाई के बाद उन्होंने कोई बिजनेस नहीं शुरू किया, बल्कि चुनाव में उतर गई हैं। रूपाली अपनी किस्मत चुनाव में चमका पाएंगी या नहीं, ये तो नतीजा आने के बाद साफ हो जाएगा।बाईं ओर खड़ी नीले गाउन में अदिति सिंह है। इन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई यूएस की ड्यूक यूनिवर्सिटी से की है। साल 2017 में जब बीजेपी लहर थी और कांग्रेस सिर्फ 7 सीट जीत पाई थी, तब उनमें से एक अदिति सिंह थीं। उन्होंने रायबरेली की सदर सीट जीती थी। लेकिन इस बार भाजपा के साथ हैं। वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कमेंट को लेकर चर्चा में हैं। फिर से चुनाव की तैयारी कर रही हैं।- ये स्टोरी गौसिया बानो ने की है। वह दैनिक भास्कर ऐप में इंटर्नशिप पर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *