जर्मनी ने भारत के लिए 1.2 अरब यूरो की विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा की

जर्मनी ने भारत के लिए 1.2 अरब यूरो की विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा की

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जर्मनी ने भारत के लिए 1.2 अरब यूरो की विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा की

जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

जर्मनी ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करने और स्वच्छ ऊर्जा जैसे संबंधित क्षेत्रों में परियोजनाओं में सहायता के लिए भारत को 1.2 अरब यूरो (लगभग 10,025 करोड़ रुपये) से अधिक की नई विकास प्रतिबद्धताओं की बुधवार को घोषणा की. जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर ने कहा कि विकास के लिए समर्थन और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई भारत और उनके देश के बीच संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों में है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस ग्रह पर हर पांचवां व्यक्ति भारतीय है. भारतीयों के बिना, आप दुनिया की किसी भी बड़ी समस्या का समाधान नहीं कर सकते तथा जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है.”

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत के साथ मिलकर काम करने की कोशिश करते हैं और जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और इसी तरह की परियोजनाओं में मदद करते हैं. यह हमें ग्लासगो में आयोजित सीओपी26 में हमारे द्वारा व्यक्त किये लक्ष्यों की दिशा में काम करने में भी मदद करता है.”

नई विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब महत्वपूर्ण है और कोई भी केवल भारत के साथ मिलकर ऐसा कर सकता है. ऐसे में जब हम भारत का समर्थन करने का प्रयास करते हैं, हम ग्लासगो में व्यक्त अपने लक्ष्यों को पूरा करते हैं. यहां, हम देश भर में परियोजनाओं में भारत की सहायता करते हैं.”

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर (फाइल फोटो).नई दिल्ली: जर्मनी ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करने और स्वच्छ ऊर्जा जैसे संबंधित क्षेत्रों में परियोजनाओं में सहायता के लिए भारत को 1.2 अरब यूरो (लगभग 10,025 करोड़ रुपये) से अधिक की नई विकास प्रतिबद्धताओं की बुधवार को घोषणा की. जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर ने कहा कि विकास के लिए समर्थन और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई भारत और उनके देश के बीच संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों में है.उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस ग्रह पर हर पांचवां व्यक्ति भारतीय है. भारतीयों के बिना, आप दुनिया की किसी भी बड़ी समस्या का समाधान नहीं कर सकते तथा जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है.”उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत के साथ मिलकर काम करने की कोशिश करते हैं और जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और इसी तरह की परियोजनाओं में मदद करते हैं. यह हमें ग्लासगो में आयोजित सीओपी26 में हमारे द्वारा व्यक्त किये लक्ष्यों की दिशा में काम करने में भी मदद करता है.”नई विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब महत्वपूर्ण है और कोई भी केवल भारत के साथ मिलकर ऐसा कर सकता है. ऐसे में जब हम भारत का समर्थन करने का प्रयास करते हैं, हम ग्लासगो में व्यक्त अपने लक्ष्यों को पूरा करते हैं. यहां, हम देश भर में परियोजनाओं में भारत की सहायता करते हैं.”(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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