दिल्ली: नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद करने के फैसले पर बिफरीं स्वरा भास्कर, एक्टर बोले

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नवरात्रि के चलते दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने मीट की दुकानों को बंद करने का फैसला किया तो सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

नवरात्रि के चलते दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने मीट की दुकानों को बंद करने का फैसला किया है। मेयर के इस फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है और अब लोग सोशल मीडिया पर विरोध जता रहे हैं। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश नारायण ने कहा कि “नवरात्रि के दौरान, दिल्ली में 99% घर लहसुन और प्याज का भी उपयोग नहीं करते हैं, इसलिए हमने फैसला किया है कि दक्षिण एमसीडी में कोई मांस की दुकान नहीं खुलेगी, फैसला लागू होने के बाद इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। हम भविष्य में इस शर्त के साथ ही लाइसेंस भी जारी करेंगे।”

मेयर ने आगे कहा कि “मैंने सीएम को पत्र भी लिखा है कि नवरात्रि में शराब पर छूट को वापस लें और हो सके तो 9 दिन के लिए शराब की बिक्री भी बंद कर दें।” आईएनए बाजार में बॉम्बे फिश शॉप के मालिक एके बजाज ने कहा कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन इस तरह के आदेश मांस और मछली की दुकान के मालिकों को समय पर अवगत करा दिए जाने चाहिए। हमारे कारोबार को नुकसान तो होगा ही। सोशल मीडिया पर कई लोग अब मेयर के इस फैसले पर अपना विरोध जता रहे हैं।

अभिनेता रणवीर शौरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “अगर 99% नहीं खाते हैं, तो वे नहीं खरीदेंगे! दुकानें क्यों बंद करें?! ‍मेयरजी क्यों तय करते हैं कि दूसरे लोगों की थाली में क्या रहेगा और क्या नहीं?” अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि “ये हास्यास्पद और असंभव आंकड़े हैं, चलिए शुरू करते हैं।”

स्वतंत्र पत्रकार शिवम विज ने लिखा कि “नहीं, उन्हें नहीं बंद करना चाहिए। सभी नागरिक नवरात्रि का व्रत नहीं रखते हैं। मैं नहीं और मुझे मेरा मांस चाहिए, रोज।” इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने लिखा कि “बिल्कुल, मैं जो कुछ भी खाता हूं वो मेरी पसंद है।” नॉनवेज खाने को शेयर करते हुए विनोद कापड़ी ने लिखा कि “जामा मस्जिद के मियां मोहम्मद की दूकान से आज रात का मटन कोरमा और चिकन बिरयानी।”

If 99% don’t eat, then they won’t buy! Why shut shops?! ??‍♂️
Why mayorji deciding what’s on other people’s plates?! #fail https://t.co/iTr5gDYBrU

— Ranvir Shorey (@RanvirShorey) April 4, 2022

प्रोफेसर दिलीप मंडल ने ट्विटर पर लिखा कि “हिंदू राष्ट्र के नाम पर ब्राह्मण राष्ट्र बना रहा है। ये नगर निगम बीजेपी के कंट्रोल में है। कल कहेंगे कि दिल्ली में हर आदमी सुबह एक प्लेट गोबर खाएगा क्योंकि भावनाओं का सम्मान करने के लिए ये जरूरी है, करना पड़ेगा। सरकार है इनकी।” पत्रकार रणविजय सिंह ने लिखा कि “अगर दिल्ली के 99% लोग नवरात्रि में लहसुन प्याज नहीं खाते तो लहसुन प्याज बैन करो।”

Ridiculous and improbable statistics.. let’s start there ? https://t.co/I8JDZDoC4E

— Swara Bhasker (@ReallySwara) April 5, 2022

लोगों की प्रतिक्रियाएं: लाला नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि “कापड़ी अंकल, आपको बिरयानी कैसे हजम हो रही? एक हिंदू आतंकवादी गोरखपुर में पकड़ा गया, जो सरेआम हथियार लहराकर पुलिस वालों को घायल कर चुका है। ट्वीट करिए ये है वीभत्स भयानक मोदी का नया हिंदुस्तान।” हेमंत पाठक नाम के यूजर ने लिखा कि “इस बंदे की नफरती सोच देखो, नवरात्रि में जानबूझ कर नॉनवेज की फोटो अपलोड कर रहा है, ताकि लोग उसको कुछ कहें और फिर ये मोदी-योगी को टैग करके बदनाम करें और बोलें कैसा हिंदुस्तान बनाया है तुमने?”

Exactly !!

Whatever I eat is my choice !! Tonight’s Mutton Korma and Chicken biryani from Mia Mohammad of Jama Masjid ? https://t.co/Xz6DPNQRu1 pic.twitter.com/Rapcpvm7rc

— Vinod Kapri (@vinodkapri) April 4, 2022

अंजली दीक्षित नाम के यूजर ने लिखा कि “मीट की दुकानों पर खुले में मीट बिकता है, देखकर ही घृणा होती है। लहसुन, प्याज देखकर ऐसा नहीं होता।” नरेंद्र कुमार सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि “इसे भाईचारा समझो, 9 दिन मांस नहीं खाओगे तो टेढ़े नहीं जाओगे, ठीक है।” गुलाब सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि मेयर जी को कैसे पता कि दिल्ली में 99% लोग लहसुन प्याज नहीं खाते, 99 लोगों का पता नहीं होगा 99% की बात करते हैं। मतलब कुछ भी फेंक दो,सब चलेगा।

सोनू कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि” सुपाड़ी और गुटका भी बैन करो। ये भी तामसिक प्रवृत्ति को बढ़ाते हैं।” रज्जाक खान ने लिखा कि “मुसलमानों के पवित्र और इबादत के महीने रमजान में सारे शराब के अड्डे बंद किये जायें। संजीव मदान नाम के यूजर ने लिखा कि “बहुत अच्छा काम कर रहे हो, इससे साफ जाहिर है कि मकसद सिर्फ और सिर्फ हिंदुओं की भावनाओ को ठेस पहुंचाना है। नहीं तो भैया तुम घर में किसी भी जानवर का मीट खाओ किसी को क्या मतलब।”

नवरात्रि के चलते दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने मीट की दुकानों को बंद करने का फैसला किया तो सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। नवरात्रि के चलते दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने मीट की दुकानों को बंद करने का फैसला किया है। मेयर के इस फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है और अब लोग सोशल मीडिया पर विरोध जता रहे हैं। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश नारायण ने कहा कि “नवरात्रि के दौरान, दिल्ली में 99% घर लहसुन और प्याज का भी उपयोग नहीं करते हैं, इसलिए हमने फैसला किया है कि दक्षिण एमसीडी में कोई मांस की दुकान नहीं खुलेगी, फैसला लागू होने के बाद इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। हम भविष्य में इस शर्त के साथ ही लाइसेंस भी जारी करेंगे।” मेयर ने आगे कहा कि “मैंने सीएम को पत्र भी लिखा है कि नवरात्रि में शराब पर छूट को वापस लें और हो सके तो 9 दिन के लिए शराब की बिक्री भी बंद कर दें।” आईएनए बाजार में बॉम्बे फिश शॉप के मालिक एके बजाज ने कहा कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन इस तरह के आदेश मांस और मछली की दुकान के मालिकों को समय पर अवगत करा दिए जाने चाहिए। हमारे कारोबार को नुकसान तो होगा ही। सोशल मीडिया पर कई लोग अब मेयर के इस फैसले पर अपना विरोध जता रहे हैं। अभिनेता रणवीर शौरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “अगर 99% नहीं खाते हैं, तो वे नहीं खरीदेंगे! दुकानें क्यों बंद करें?! ‍मेयरजी क्यों तय करते हैं कि दूसरे लोगों की थाली में क्या रहेगा और क्या नहीं?” अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि “ये हास्यास्पद और असंभव आंकड़े हैं, चलिए शुरू करते हैं।” स्वतंत्र पत्रकार शिवम विज ने लिखा कि “नहीं, उन्हें नहीं बंद करना चाहिए। सभी नागरिक नवरात्रि का व्रत नहीं रखते हैं। मैं नहीं और मुझे मेरा मांस चाहिए, रोज।” इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने लिखा कि “बिल्कुल, मैं जो कुछ भी खाता हूं वो मेरी पसंद है।” नॉनवेज खाने को शेयर करते हुए विनोद कापड़ी ने लिखा कि “जामा मस्जिद के मियां मोहम्मद की दूकान से आज रात का मटन कोरमा और चिकन बिरयानी।” If 99% don’t eat, then they won’t buy! Why shut shops?! ??‍♂️ Why mayorji deciding what’s on other people’s plates?! #fail https://t.co/iTr5gDYBrU— Ranvir Shorey (@RanvirShorey) April 4, 2022 प्रोफेसर दिलीप मंडल ने ट्विटर पर लिखा कि “हिंदू राष्ट्र के नाम पर ब्राह्मण राष्ट्र बना रहा है। ये नगर निगम बीजेपी के कंट्रोल में है। कल कहेंगे कि दिल्ली में हर आदमी सुबह एक प्लेट गोबर खाएगा क्योंकि भावनाओं का सम्मान करने के लिए ये जरूरी है, करना पड़ेगा। सरकार है इनकी।” पत्रकार रणविजय सिंह ने लिखा कि “अगर दिल्ली के 99% लोग नवरात्रि में लहसुन प्याज नहीं खाते तो लहसुन प्याज बैन करो।” Ridiculous and improbable statistics.. let’s start there ? https://t.co/I8JDZDoC4E— Swara Bhasker (@ReallySwara) April 5, 2022 लोगों की प्रतिक्रियाएं: लाला नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि “कापड़ी अंकल, आपको बिरयानी कैसे हजम हो रही? एक हिंदू आतंकवादी गोरखपुर में पकड़ा गया, जो सरेआम हथियार लहराकर पुलिस वालों को घायल कर चुका है। ट्वीट करिए ये है वीभत्स भयानक मोदी का नया हिंदुस्तान।” हेमंत पाठक नाम के यूजर ने लिखा कि “इस बंदे की नफरती सोच देखो, नवरात्रि में जानबूझ कर नॉनवेज की फोटो अपलोड कर रहा है, ताकि लोग उसको कुछ कहें और फिर ये मोदी-योगी को टैग करके बदनाम करें और बोलें कैसा हिंदुस्तान बनाया है तुमने?” Exactly !! Whatever I eat is my choice !! Tonight’s Mutton Korma and Chicken biryani from Mia Mohammad of Jama Masjid ? https://t.co/Xz6DPNQRu1 pic.twitter.com/Rapcpvm7rc— Vinod Kapri (@vinodkapri) April 4, 2022 अंजली दीक्षित नाम के यूजर ने लिखा कि “मीट की दुकानों पर खुले में मीट बिकता है, देखकर ही घृणा होती है। लहसुन, प्याज देखकर ऐसा नहीं होता।” नरेंद्र कुमार सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि “इसे भाईचारा समझो, 9 दिन मांस नहीं खाओगे तो टेढ़े नहीं जाओगे, ठीक है।” गुलाब सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि मेयर जी को कैसे पता कि दिल्ली में 99% लोग लहसुन प्याज नहीं खाते, 99 लोगों का पता नहीं होगा 99% की बात करते हैं। मतलब कुछ भी फेंक दो,सब चलेगा। सोनू कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि” सुपाड़ी और गुटका भी बैन करो। ये भी तामसिक प्रवृत्ति को बढ़ाते हैं।” रज्जाक खान ने लिखा कि “मुसलमानों के पवित्र और इबादत के महीने रमजान में सारे शराब के अड्डे बंद किये जायें। संजीव मदान नाम के यूजर ने लिखा कि “बहुत अच्छा काम कर रहे हो, इससे साफ जाहिर है कि मकसद सिर्फ और सिर्फ हिंदुओं की भावनाओ को ठेस पहुंचाना है। नहीं तो भैया तुम घर में किसी भी जानवर का मीट खाओ किसी को क्या मतलब।”

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