धरती के सबसे करीब पहुंचा लियोनार्ड कॉमेट, चीनी टेलिस्कोप ने खींची 70000 सालों में पहली फोटो

धरती के सबसे करीब पहुंचा लियोनार्ड कॉमेट, चीनी टेलिस्कोप ने खींची 70000 सालों में पहली फोटो

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नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Dec 25, 2021, 4:20 PM

Leonard Comet: लियोनार्ड की हरे रंग की पूंछ का मतलब यह धूमकेतु काफी गर्म है। इसमें बहुत सारे साइनाइड और डायटोमिक कार्बन हैं और इसके टूटने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा है।

leonard comet

लियोनार्ड कॉमेट की अद्भुत तस्वीर (फोटो : ट्विटर)

हाइलाइट्स

  • बीते 12 दिसंबर को धरती के सबसे करीब पहुंच गया था लियोनार्ड धूमकेतु
  • चीन के यांगवांग 1 टेलिस्कोप ने खींची इस दुर्लभ नजारे की अद्भुत तस्वीर
  • 70 हजार सालों में पहली बार धरती के करीब से होकर गुजर रहा लियोनार्ड

पेइचिंग
एक चीनी सैटेलाइट ने कॉमेट लियोनार्ड के एक अद्भुत नजारे को कैमरे में कैद किया जब यह धरती के सबसे नजदीक था। वीडियो में धूमकेतु का अरोरा साफतौर पर देखा जा सकता है। इस साल जनवरी में इसकी खोज की गई थी जिसके बाद से यह करीब 160,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी और सूर्य की तरफ बढ़ रहा है। यह कॉमेट हमारी पृथ्वी के पास से होकर गुजर रहा है। बीते 12 दिसंबर को यह पृथ्वी के 70,000 सालों में सबसे करीब था, जब यह क्लिप रेकॉर्ड की गई।

इस नजारे को यांगवांग 1 (Yangwang 1) ने कैप्चर किया है जो चीन के ग्वांगडोंग में स्थित चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी ओरिजिन स्पेस की ओर से लॉन्च किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यांगवांग 1 एक कमर्शियल स्पेस टेलिस्कोप है जिसे इस साल की शुरुआत में पराबैंगनी प्रकाश में ब्रह्मांड की तस्वीरें खींचने के लिए लॉन्च किया गया था। यह धरती के करीब मौजूद ऐस्टरॉइड पर भी खोज कर रहा है जिन्हें संभवतः एक दिन संसाधनों के लिए खनन किया जा सकता है और पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है।
Video: 70000 सालों में पहली बार NASA को दिखी ‘हरी पूंछ’, धरती के करीब से गुजर रहा लियोनार्ड कॉमेट
12 दिसंबर को खींची अद्भुत तस्वीर
इस स्पेसक्राफ्ट ने 12 दिसंबर 2021 को सितारों से भरे आसमान के बीच कॉमेट लियोनार्ड की तस्वीर खींची थी। इस रंगीन तस्वीर को ओरिजिन स्पेस ने शेयर किया है, जिसमें धूमकेतु को अपनी लंबी पूंछ के साथ रात के आकाश में देखा जा सकता है। इसकी पूंछ तब दिखाई पड़ती है जब यह गैस और पानी की बर्फ जैसी वाष्पशील सामग्री को बाहर की ओर फेंकता है जिससे इसकी चमक लगातार बदलती रहती है।

1 किमी चौड़ी बर्फ और धूल की गेंद
धूमकेतु लियोनार्ड 3 जनवरी, 2022 को कई सदियों बाद सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा। उस घटना को कैद करने के लिए नासा और ईएसए ने अपने सैटेलाइट उस दिशा में भेजे हैं। बर्फ और धूल की यह विशालकाय गेंद करीब आधा मील (करीब 1 किमी) चौड़ी है। इससे पहले नासा के सोलर टेरेस्ट्रियल रिलेशंस ऑब्जर्वेटरी एस्पेसक्राफ्ट (STEREO-A) और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के सोलर ऑर्बिटर ऑब्जर्वेटरी ने इसका वीडियो बनाया था। STEREO-A नवंबर से हरे धूमकेतु पर नजर बनाए हुए है।

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Web Title : chinese telescope yangwang 1 captures rare photo of leonard comet making its approach close to earth once in 70000 years
Hindi News from Navbharat Times, TIL Network

Curated by योगेश मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Dec 25, 2021, 4:20 PMLeonard Comet: लियोनार्ड की हरे रंग की पूंछ का मतलब यह धूमकेतु काफी गर्म है। इसमें बहुत सारे साइनाइड और डायटोमिक कार्बन हैं और इसके टूटने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा है।लियोनार्ड कॉमेट की अद्भुत तस्वीर (फोटो : ट्विटर)हाइलाइट्सबीते 12 दिसंबर को धरती के सबसे करीब पहुंच गया था लियोनार्ड धूमकेतुचीन के यांगवांग 1 टेलिस्कोप ने खींची इस दुर्लभ नजारे की अद्भुत तस्वीर70 हजार सालों में पहली बार धरती के करीब से होकर गुजर रहा लियोनार्डपेइचिंगएक चीनी सैटेलाइट ने कॉमेट लियोनार्ड के एक अद्भुत नजारे को कैमरे में कैद किया जब यह धरती के सबसे नजदीक था। वीडियो में धूमकेतु का अरोरा साफतौर पर देखा जा सकता है। इस साल जनवरी में इसकी खोज की गई थी जिसके बाद से यह करीब 160,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी और सूर्य की तरफ बढ़ रहा है। यह कॉमेट हमारी पृथ्वी के पास से होकर गुजर रहा है। बीते 12 दिसंबर को यह पृथ्वी के 70,000 सालों में सबसे करीब था, जब यह क्लिप रेकॉर्ड की गई।इस नजारे को यांगवांग 1 (Yangwang 1) ने कैप्चर किया है जो चीन के ग्वांगडोंग में स्थित चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी ओरिजिन स्पेस की ओर से लॉन्च किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यांगवांग 1 एक कमर्शियल स्पेस टेलिस्कोप है जिसे इस साल की शुरुआत में पराबैंगनी प्रकाश में ब्रह्मांड की तस्वीरें खींचने के लिए लॉन्च किया गया था। यह धरती के करीब मौजूद ऐस्टरॉइड पर भी खोज कर रहा है जिन्हें संभवतः एक दिन संसाधनों के लिए खनन किया जा सकता है और पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है।Video: 70000 सालों में पहली बार NASA को दिखी ‘हरी पूंछ’, धरती के करीब से गुजर रहा लियोनार्ड कॉमेट12 दिसंबर को खींची अद्भुत तस्वीरइस स्पेसक्राफ्ट ने 12 दिसंबर 2021 को सितारों से भरे आसमान के बीच कॉमेट लियोनार्ड की तस्वीर खींची थी। इस रंगीन तस्वीर को ओरिजिन स्पेस ने शेयर किया है, जिसमें धूमकेतु को अपनी लंबी पूंछ के साथ रात के आकाश में देखा जा सकता है। इसकी पूंछ तब दिखाई पड़ती है जब यह गैस और पानी की बर्फ जैसी वाष्पशील सामग्री को बाहर की ओर फेंकता है जिससे इसकी चमक लगातार बदलती रहती है।1 किमी चौड़ी बर्फ और धूल की गेंदधूमकेतु लियोनार्ड 3 जनवरी, 2022 को कई सदियों बाद सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा। उस घटना को कैद करने के लिए नासा और ईएसए ने अपने सैटेलाइट उस दिशा में भेजे हैं। बर्फ और धूल की यह विशालकाय गेंद करीब आधा मील (करीब 1 किमी) चौड़ी है। इससे पहले नासा के सोलर टेरेस्ट्रियल रिलेशंस ऑब्जर्वेटरी एस्पेसक्राफ्ट (STEREO-A) और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के सोलर ऑर्बिटर ऑब्जर्वेटरी ने इसका वीडियो बनाया था। STEREO-A नवंबर से हरे धूमकेतु पर नजर बनाए हुए है।Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : chinese telescope yangwang 1 captures rare photo of leonard comet making its approach close to earth once in 70000 yearsHindi News from Navbharat Times, TIL Network

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