सीमा पर सेना की बड़ी तैयारी:हथियार रखने के लिए जमीन के अंदर सुरंगें बना रहे कॉम्बेट इंजीनियर, इनमें न्यूक्लियर फेसेलिटीज भी शामिल

सीमा पर सेना की बड़ी तैयारी:हथियार रखने के लिए जमीन के अंदर सुरंगें बना रहे कॉम्बेट इंजीनियर, इनमें न्यूक्लियर फेसेलिटीज भी शामिल

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को डिफेंस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में योगदान के लिए एमिनेंट इंजीनियर पर्सनालिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया। - Dainik Bhaskar

लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को डिफेंस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में योगदान के लिए एमिनेंट इंजीनियर पर्सनालिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया।

भारतीय सेना के जवान ही सीमा पर आगे रहकर रात-दिन देश की सुरक्षा नहीं करते हैं। उनके अलावा भी सेना में ऐसे सजग प्रहरी हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर भी सीमा पर देश की सुरक्षा की तैयारियों को कठिन से कठिन हालात में अंजाम दे रहे हैं। पर्दे के पीछे के ये सजग प्रहरी सेना के कॉम्बेट इंजीनियर हैं। ये सजग प्रहरी सीमा पर सेना के लिए कठिन जगहों तक पहुंच बनाने के लिए पुल, सड़क और अन्य सुविधाएं तैयार करने का काम कर रहे हैं।

भारतीय सेना के इंजीनियर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने रविवार को बताया कहा है कि हमारे कॉम्बेट इंजीनियर चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर फॉरवर्ड लोकेशन्स में ऐसी सुरंगें तैयार कर रहे हैं, जहां हथियारों को बड़े पैमाने पर हर तरह की परिस्थितियों में सुरक्षित रखा जा सके। इनमें न्यूक्लियर फैसिलिटीज भी शामिल हैं। इसके लिए इंजीनियर्स को लेटेस्ट इक्युपमेंट्स मुहैया कराए जा रहे हैं।

हरपाल सिंह इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के एक समारोह में बोल रहे थे। सिंह ने कहा- हमारे कॉम्बेट इंजीनियर रोड कनेक्टिविटी को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें उन स्थानीय समुदायों और गांवों को भी जोड़ा जा रहा है जिन्हें प्रधानमंत्री के ‘गति शक्ति’ कार्यक्रम के साथ हमारी योजना में वेपॉइंट के रूप में शामिल किया गया है। माइक्रो टनलिंग वक्त की जरूरत है। सेना और वायु सेना के हथियारों के भंडारण के लिए बड़े पैमाने पर सुरंगों को तैयार किया जा रहा है। सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए न्यूक्लियर फैसिलिटीज से लैस केंद्रों का निर्माण हो रहा है।

किया गया अपने काम के लिए सम्मानित
लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को कुछ वक्त पहले भारतीय सेना में इंजीनियर-इन-चीफ के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी, खडकवासला से पढ़ाई की है। इन्होंने कश्मीर घाटी में बॉर्डर रोड टास्क फोर्स की कमान संभाली थी। रविवार को समारोह के दौरान उन्हें डिफेंस फोर्स और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए एमिनेंट इंजीनियर पर्सनालिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया।

Hindi NewsNationalLieutenant General Harpal Singh Engineer In Chief On Ammo Storage Tunnelsनई दिल्ली4 घंटे पहलेकॉपी लिंकलेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को डिफेंस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में योगदान के लिए एमिनेंट इंजीनियर पर्सनालिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया।भारतीय सेना के जवान ही सीमा पर आगे रहकर रात-दिन देश की सुरक्षा नहीं करते हैं। उनके अलावा भी सेना में ऐसे सजग प्रहरी हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर भी सीमा पर देश की सुरक्षा की तैयारियों को कठिन से कठिन हालात में अंजाम दे रहे हैं। पर्दे के पीछे के ये सजग प्रहरी सेना के कॉम्बेट इंजीनियर हैं। ये सजग प्रहरी सीमा पर सेना के लिए कठिन जगहों तक पहुंच बनाने के लिए पुल, सड़क और अन्य सुविधाएं तैयार करने का काम कर रहे हैं।भारतीय सेना के इंजीनियर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने रविवार को बताया कहा है कि हमारे कॉम्बेट इंजीनियर चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर फॉरवर्ड लोकेशन्स में ऐसी सुरंगें तैयार कर रहे हैं, जहां हथियारों को बड़े पैमाने पर हर तरह की परिस्थितियों में सुरक्षित रखा जा सके। इनमें न्यूक्लियर फैसिलिटीज भी शामिल हैं। इसके लिए इंजीनियर्स को लेटेस्ट इक्युपमेंट्स मुहैया कराए जा रहे हैं।हरपाल सिंह इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के एक समारोह में बोल रहे थे। सिंह ने कहा- हमारे कॉम्बेट इंजीनियर रोड कनेक्टिविटी को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें उन स्थानीय समुदायों और गांवों को भी जोड़ा जा रहा है जिन्हें प्रधानमंत्री के ‘गति शक्ति’ कार्यक्रम के साथ हमारी योजना में वेपॉइंट के रूप में शामिल किया गया है। माइक्रो टनलिंग वक्त की जरूरत है। सेना और वायु सेना के हथियारों के भंडारण के लिए बड़े पैमाने पर सुरंगों को तैयार किया जा रहा है। सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए न्यूक्लियर फैसिलिटीज से लैस केंद्रों का निर्माण हो रहा है।किया गया अपने काम के लिए सम्मानितलेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को कुछ वक्त पहले भारतीय सेना में इंजीनियर-इन-चीफ के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी, खडकवासला से पढ़ाई की है। इन्होंने कश्मीर घाटी में बॉर्डर रोड टास्क फोर्स की कमान संभाली थी। रविवार को समारोह के दौरान उन्हें डिफेंस फोर्स और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए एमिनेंट इंजीनियर पर्सनालिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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