हैकर्स ने की यूपी उच्‍चतर शिक्षा आयोग की वेबसाइट हैक, कई साहित्‍यकारों के नामों से की ‘छेड़छाड़’

हैकर्स ने की यूपी उच्‍चतर शिक्षा आयोग की वेबसाइट हैक, कई साहित्‍यकारों के नामों से की ‘छेड़छाड़’

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हैकर्स ने की यूपी उच्‍चतर शिक्षा आयोग की वेबसाइट हैक, कई साहित्‍यकारों के नामों से की 'छेड़छाड़'

प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रयागराज:

उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की वेबसाइट मंगलवार को हैक कर ली गई और हैकरों ने कई साहित्यकारों के नामों में छेड़छाड़ की. हालांकि, आयोग ने कुछ ही समय में वेबसाइट को अपने नियंत्रण में लेकर साहित्यकारों के नामों को ठीक कर लिया. उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने बताया कि आयोग की वेबसाइट हैक कर ली गई और साहित्यकारों के नामों के साथ छेड़छाड़ की गई. हालांकि, वेबसाइट को फिर से बहाल कर लिया गया है और साइबर अपराध शाखा के पास इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि साहित्यकारों के नामों में बदलाव आयोग की तरफ से नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि आयोग की वेबसाइट में प्रयागराज के बारे में दी गई जानकारी में प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में प्रसिद्ध कवि और साहित्यकारों के बारे में लिखा गया है जिसमें अकबर इलाहाबादी, नूर नरबी, तेग इलाहाबादी, शबनम नकवी और रशीद इलाहाबादी शामिल हैं. वेबसाइट को हैक करने के बाद अकबर इलाहाबादी को अकबर प्रयागराज, तेज इलाहाबादी को तेग प्रयागराज और रशीद इलाहाबादी को रशीद प्रयागराज कर दिया गया.

वेबसाइट के हिंदी संस्करण में तो इन नामों को ठीक कर लिया गया, लेकिन वेबसाइट के अंग्रेजी संस्करण में खबर लिखे जाने तक छेड़छाड़ वाले नामों को ठीक नहीं किया गया था.

BJP विधायक ने बंद करवाई मांस की दुकानें, धमकाने का वीडियो वायरल

प्रतीकात्‍मक फोटोप्रयागराज: उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की वेबसाइट मंगलवार को हैक कर ली गई और हैकरों ने कई साहित्यकारों के नामों में छेड़छाड़ की. हालांकि, आयोग ने कुछ ही समय में वेबसाइट को अपने नियंत्रण में लेकर साहित्यकारों के नामों को ठीक कर लिया. उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने बताया कि आयोग की वेबसाइट हैक कर ली गई और साहित्यकारों के नामों के साथ छेड़छाड़ की गई. हालांकि, वेबसाइट को फिर से बहाल कर लिया गया है और साइबर अपराध शाखा के पास इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि साहित्यकारों के नामों में बदलाव आयोग की तरफ से नहीं किया गया है।उल्लेखनीय है कि आयोग की वेबसाइट में प्रयागराज के बारे में दी गई जानकारी में प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में प्रसिद्ध कवि और साहित्यकारों के बारे में लिखा गया है जिसमें अकबर इलाहाबादी, नूर नरबी, तेग इलाहाबादी, शबनम नकवी और रशीद इलाहाबादी शामिल हैं. वेबसाइट को हैक करने के बाद अकबर इलाहाबादी को अकबर प्रयागराज, तेज इलाहाबादी को तेग प्रयागराज और रशीद इलाहाबादी को रशीद प्रयागराज कर दिया गया.वेबसाइट के हिंदी संस्करण में तो इन नामों को ठीक कर लिया गया, लेकिन वेबसाइट के अंग्रेजी संस्करण में खबर लिखे जाने तक छेड़छाड़ वाले नामों को ठीक नहीं किया गया था.BJP विधायक ने बंद करवाई मांस की दुकानें, धमकाने का वीडियो वायरल

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