

Bhaum Pradosh Vrat 2022: शिवरात्रि के अलावा भोलेनाथ को पसंद हैं ये व्रत, जानिए पूजा विधि
Pradosh Vrat Date 2022: देवों के देव महादेव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है. फाल्गुन माह (Falgun month) के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि (Trayodashi Tithi) इस बार 15 मार्च, मंगलवार के दिन यह व्रत रखा जाएगा. यह प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है. बता दें कि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat Date 2022) जिस वार को पड़ता है, व्रत को उसी नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव (Lord Shiva) को प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) और मासिक शिवरात्रि बेहद प्रिय है.
बता दें कि प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान भोलेनाथ को समर्पित प्रदोष व्रत करने का विधान है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मार्च में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 मार्च और चैत्र के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 29 मार्च मंगलवार के दिन पड़ रही है. इस दिन भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन और व्रत किया जाता है.
जानिए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का प्रभाव और इसका महत्व
मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भक्तों की स्वास्थ्य संबंधी सभी समस्याएं दूर हो जाती है और उनके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार आता है. ये भी कहा जाता है कि भौम प्रदोष व्रत जीवन में समृद्धि लाता है. आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत को कब और कैसे प्रारंभ करना चाहिए और इस मार्च में यह कब-कब पड़ने जा रहा है.

मार्च माह में कब-कब है प्रदोष व्रत | Pradosh Vrat In March
हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष मार्च माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं, जिसमें पहला प्रदोष व्रत 15 मार्च को पड़ रहा है और दूसरा 29 मार्च को है. बता दें कि ये दोनों ही व्रत मंगलवार के दिन पड़ रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अलग-अलग दिन होने के चलते इन्हें अलग-अलग नाम से जाना जाता है, जैसे- सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है. इसी तरह मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है.

कैसे रखें प्रदोष व्रत | Pradosh Vrat Vidhi
- प्रदोष व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करें.
- साफ वस्त्र धारण कर शुद्ध मन से प्रदोष व्रत का संकल्प लें.
- सर्वप्रथम गौरी गणेश का पूजन करें.
- प्रदोष के दिन भोलेनाथ को भक्तिभाव से बेल पत्र और जल चढ़ाने मात्र से भी प्रसन्न किया जा सकता है.
- शुद्ध मन से भगवान शिव का पूजन करें.
- प्रदोश व्रत के दिन रेशमी कपड़ों से भगवान शिव के मण्डप का निर्माण करना चाहिए.

- अब शिवलिंग को स्थापित कर, आटे और हल्दी से स्वास्तिक बनाएं.
- भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प, पंचगव्य का भोग लगाना चाहिए.
- भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र से आराधना करें.
- दिन में भगवान भोलेनाथ का मनन और कीर्तन करें.
- सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें.
- प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें.
- भगवान भोलेनाथ की पूजा करते समय ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का माला से जाप करें.
- भगवान शिव को सत्विक चीजों का भोग लगाकर शाम के समय लोगों को बांटे और स्वयं भी ग्रहण करें.
- पूजा के आखिर में भोलेनाथ की आरती करें और उसके बाद मंत्रों का उच्चारण करें.

प्रदोष व्रत की आगामी तिथियां | Pradosh Vrat Date
28 अप्रैल 2022, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत.
13 मई 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.
27 मई 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.
12 जून 2022, रविवार- रवि प्रदोष व्रत.
26 जून 2022, रविवार- रवि प्रदोष व्रत.
11 जुलाई 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.
25 जुलाई 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.

09 अगस्त 2022, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत.
24 अगस्त 2022, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत.
08 सितंबर 2022, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत.
23 सितंबर 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.
07 अक्टूबर 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.
22 अक्टूबर 2022, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत.

05 नवंबर 2022, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत.
21 नवंबर 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.
05 दिसंबर 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.
21 दिसंबर 2022, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Bhaum Pradosh Vrat 2022: शिवरात्रि के अलावा भोलेनाथ को पसंद हैं ये व्रत, जानिए पूजा विधिPradosh Vrat Date 2022: देवों के देव महादेव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है. फाल्गुन माह (Falgun month) के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि (Trayodashi Tithi) इस बार 15 मार्च, मंगलवार के दिन यह व्रत रखा जाएगा. यह प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है. बता दें कि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat Date 2022) जिस वार को पड़ता है, व्रत को उसी नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव (Lord Shiva) को प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) और मासिक शिवरात्रि बेहद प्रिय है.Lord Shiva : इस एकादशी पर क्यों दूल्हे की तरह सजाए जाते हैं बाबा विश्वनाथ, जानें माता गौरा के गौने से जुड़ी ये मान्यताएंबता दें कि प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान भोलेनाथ को समर्पित प्रदोष व्रत करने का विधान है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मार्च में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 मार्च और चैत्र के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 29 मार्च मंगलवार के दिन पड़ रही है. इस दिन भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन और व्रत किया जाता है.जानिए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का प्रभाव और इसका महत्वमान्यता है कि इस व्रत को रखने से भक्तों की स्वास्थ्य संबंधी सभी समस्याएं दूर हो जाती है और उनके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार आता है. ये भी कहा जाता है कि भौम प्रदोष व्रत जीवन में समृद्धि लाता है. आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत को कब और कैसे प्रारंभ करना चाहिए और इस मार्च में यह कब-कब पड़ने जा रहा है.मार्च माह में कब-कब है प्रदोष व्रत | Pradosh Vrat In Marchहिंदू पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष मार्च माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं, जिसमें पहला प्रदोष व्रत 15 मार्च को पड़ रहा है और दूसरा 29 मार्च को है. बता दें कि ये दोनों ही व्रत मंगलवार के दिन पड़ रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अलग-अलग दिन होने के चलते इन्हें अलग-अलग नाम से जाना जाता है, जैसे- सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है. इसी तरह मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है.कैसे रखें प्रदोष व्रत | Pradosh Vrat Vidhiप्रदोष व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करें.साफ वस्त्र धारण कर शुद्ध मन से प्रदोष व्रत का संकल्प लें.सर्वप्रथम गौरी गणेश का पूजन करें.प्रदोष के दिन भोलेनाथ को भक्तिभाव से बेल पत्र और जल चढ़ाने मात्र से भी प्रसन्न किया जा सकता है.शुद्ध मन से भगवान शिव का पूजन करें.प्रदोश व्रत के दिन रेशमी कपड़ों से भगवान शिव के मण्डप का निर्माण करना चाहिए.अब शिवलिंग को स्थापित कर, आटे और हल्दी से स्वास्तिक बनाएं.भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प, पंचगव्य का भोग लगाना चाहिए.भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र से आराधना करें.दिन में भगवान भोलेनाथ का मनन और कीर्तन करें.सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें.प्रदोष व्रत की कथा सुनें या पढ़ें.भगवान भोलेनाथ की पूजा करते समय ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का माला से जाप करें.भगवान शिव को सत्विक चीजों का भोग लगाकर शाम के समय लोगों को बांटे और स्वयं भी ग्रहण करें.पूजा के आखिर में भोलेनाथ की आरती करें और उसके बाद मंत्रों का उच्चारण करें.प्रदोष व्रत की आगामी तिथियां | Pradosh Vrat Date28 अप्रैल 2022, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत.13 मई 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.27 मई 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.12 जून 2022, रविवार- रवि प्रदोष व्रत.26 जून 2022, रविवार- रवि प्रदोष व्रत.11 जुलाई 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.25 जुलाई 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.09 अगस्त 2022, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत.24 अगस्त 2022, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत.08 सितंबर 2022, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत.23 सितंबर 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.07 अक्टूबर 2022, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत.22 अक्टूबर 2022, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत.05 नवंबर 2022, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत.21 नवंबर 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.05 दिसंबर 2022, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.21 दिसंबर 2022, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत.(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)