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नई दिल्ली11 घंटे पहले
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यूक्रेन में जान गंवाने वाले कर्नाटक निवासी छात्र नवीन शेखरप्पा का शव भारत लाने के सवाल पर कर्नाटक के भाजपा विधायक ने अमानवीय बयान दिया है। अरविंद बेलाडी ने पत्रकारों से कहा- फ्लाइट में एक शव का ताबूत 8 से 10 लोगों की जगह घेरता है। शव लाने की जगह विमान में लोगों को लाया जा सकता है। बेलाडी हुबली-धारवाड़ क्षेत्र के विधायक हैं। नवीन इसी क्षेत्र के निवासी थे।
नवीन शेखरप्पा का परिवार उनका पार्थिव शरीर कर्नाटक वापस आने का इंतजार कर रहा है। बेलाडी से जब पत्रकारों ने इस पर सवाल किया तो वे बोले- सरकार नवीन के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है। यूक्रेन एक युद्ध क्षेत्र है और हर कोई इसके बारे में जानता है। प्रयास किए जा रहे हैं और यदि संभव हुआ तो शव को वापस लाया जाएगा। अभी जीवित लोगों को वापस लाना बहुत चुनौतीपूर्ण है, मृतकों को वापस लाना और भी कठिन हो जाएगा, क्योंकि जितनी जगह में ताबूत रखा जाएगा, उतनी जगह में प्लेन में आठ से 10 लोगों को बैठाया जा सकता है।
नवीन के पिता शेखरप्पा ज्ञानगौड़ा ने बताया था कि उन्हें सरकार ने आश्वासन दिया था कि उनका शव दो दिनों में घर लाया जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से अपने बेटे के शव को घर लाने में मदद करने का अनुरोध किया था। 21 साल का नवीन खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। वह एक किराने की दुकान के बाहर लाइन में खड़ा था, तभी एक सरकारी भवन पर रूसी गोलाबारी में उसकी मौत हो गई।
Hindi NewsNationalRussia Ukraine War; Karnataka BJP MLA Remark Over Student Naveen Shekharappa Deathनई दिल्ली11 घंटे पहलेकॉपी लिंकयूक्रेन में जान गंवाने वाले कर्नाटक निवासी छात्र नवीन शेखरप्पा का शव भारत लाने के सवाल पर कर्नाटक के भाजपा विधायक ने अमानवीय बयान दिया है। अरविंद बेलाडी ने पत्रकारों से कहा- फ्लाइट में एक शव का ताबूत 8 से 10 लोगों की जगह घेरता है। शव लाने की जगह विमान में लोगों को लाया जा सकता है। बेलाडी हुबली-धारवाड़ क्षेत्र के विधायक हैं। नवीन इसी क्षेत्र के निवासी थे।नवीन शेखरप्पा का परिवार उनका पार्थिव शरीर कर्नाटक वापस आने का इंतजार कर रहा है। बेलाडी से जब पत्रकारों ने इस पर सवाल किया तो वे बोले- सरकार नवीन के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है। यूक्रेन एक युद्ध क्षेत्र है और हर कोई इसके बारे में जानता है। प्रयास किए जा रहे हैं और यदि संभव हुआ तो शव को वापस लाया जाएगा। अभी जीवित लोगों को वापस लाना बहुत चुनौतीपूर्ण है, मृतकों को वापस लाना और भी कठिन हो जाएगा, क्योंकि जितनी जगह में ताबूत रखा जाएगा, उतनी जगह में प्लेन में आठ से 10 लोगों को बैठाया जा सकता है।नवीन के पिता शेखरप्पा ज्ञानगौड़ा ने बताया था कि उन्हें सरकार ने आश्वासन दिया था कि उनका शव दो दिनों में घर लाया जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से अपने बेटे के शव को घर लाने में मदद करने का अनुरोध किया था। 21 साल का नवीन खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। वह एक किराने की दुकान के बाहर लाइन में खड़ा था, तभी एक सरकारी भवन पर रूसी गोलाबारी में उसकी मौत हो गई।