क्रिकेट में कभी मोटिवेशन की जरुरत नहीं पड़ी:U-19 वर्ल्ड कप के हीरो राज अंगद ने शेयर किया सक्सेस मंत्र, बोले

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चंडीगढ़5 घंटे पहले

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चंडीगढ़ के युवा खिलाड़ी राज अंगद बावा एक मैच के दौरान आकर्षक मुद्रा में।     फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़ के युवा खिलाड़ी राज अंगद बावा एक मैच के दौरान आकर्षक मुद्रा में। फाइल फोटो

क्रिकेट में मुझे कभी किसी मोटिवेशन की जरुरत नहीं पड़ी। मैं बस अपना बेस्ट देता आया हूं और क्रिकेट को इंजॉय करता रहा हूं। सिर्फ 19 साल की उम्र में पंजाब किंग्स इलेवन की टीम में 2 करोड़ रुपए में चुने गए राज अंगद बावा ने अपना यह सक्सेस मंत्र भास्कर के साथ बातचीत के दौरान शेयर दिया।

राज अंगद बावा हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत कर आई भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। इसके साथ ही वह चंडीगढ़ की रणजी टीम का भी हिस्सा बने। मंगलवार को राज अंगद बावा चंडीगढ़ वापस पहुंचे थे। यूटी क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें और वर्ल्ड कप में खेलने वाले एक और क्रिकेटर हरनूर सिंह पन्नू को सम्मानित करने के लिए मंगलवार को एक कार्यक्रम रखा हुआ था।

क्रिकेट पर तैयारी को लेकर राज अंगद बावा ने कहा कि क्रिकेट में तैयारी हमेशा चलती रहती है। जब भी क्रिकेट में कोई मौका मिलता है तो उनका अच्छा करने का प्रयास रहता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपना सौ फीसदी प्रदर्शन किया था।

आईपीएल से काफी सीखने को मिलेगा

आईपीएल का हिस्सा बनने के बारे में राज अंगद ने कहा कि यह उनके लिए बेहतर मौका है। आईपीएल में दुनिया भर से बेहतरीन खिलाड़ी खेलते हैं। अनुभवी क्रिकेटर्स के साथ खेल कर उन्हें काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा। यह एक बेहतर अवसर है। इसे पाकर वह बेहद खुश हैं। राज अंगद ने कहा कि उनकी इस क्रिकेट जर्नी में चंडीगढ़ प्रशासन और यूटी क्रिकेट एसोसिएशन का काफी सहयोग रहा है।

परिवार का सहयोग रहा, दबाव नहीं

राज अंगद बावा ने अपनी तरह के युवा क्रिकेटर्स को यही संदेश दिया कि मेहनत करें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि उनकी फैमिली में सभी स्पोर्ट्सपर्सन है। हालांकि उनकी अपनी जर्नी रही है और उनकी अपनी है। परिवार का कभी भी क्रिकेट को लेकर कोई दबाव नहीं रहा। उनका सहयोग पूरा रहा। राज अंगद ने कहा कि उनका सपना है कि वह भारत की सीनियर क्रिकेट टीम में खेलें और वर्ल्ड कप जीतें। उन्होंने कहा कि हर क्रिकेटर का यही सपना होता है।

गौरतलब है कि राज अंगद बावा ने इस वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन का वर्ष 2004 में बनाया रिकार्ड तोड़ा था। तब धवन ने वर्ल्ड कप में 155 रनों की पारी खेली थी। राज अंगद ने वर्ल्ड कप के दौरान युगांडा के खिलाफ एक मैच में 162 रनों की पारी खेल डाली। राज अंगद के पिता सुखविंदर सिंह बावा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीनियर कोच हैं और उनके दादा स्व. तरलोचन सिंह ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रह चुके हैं।

Hindi NewsLocalChandigarh”I Don’t Need Motivation In Cricket, I Just Enjoy It”, Said Raj Angad Bawa, Who Reached The City After Performing Brilliantly In The U 19 World Cupचंडीगढ़5 घंटे पहलेकॉपी लिंकचंडीगढ़ के युवा खिलाड़ी राज अंगद बावा एक मैच के दौरान आकर्षक मुद्रा में। फाइल फोटोक्रिकेट में मुझे कभी किसी मोटिवेशन की जरुरत नहीं पड़ी। मैं बस अपना बेस्ट देता आया हूं और क्रिकेट को इंजॉय करता रहा हूं। सिर्फ 19 साल की उम्र में पंजाब किंग्स इलेवन की टीम में 2 करोड़ रुपए में चुने गए राज अंगद बावा ने अपना यह सक्सेस मंत्र भास्कर के साथ बातचीत के दौरान शेयर दिया।राज अंगद बावा हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत कर आई भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। इसके साथ ही वह चंडीगढ़ की रणजी टीम का भी हिस्सा बने। मंगलवार को राज अंगद बावा चंडीगढ़ वापस पहुंचे थे। यूटी क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें और वर्ल्ड कप में खेलने वाले एक और क्रिकेटर हरनूर सिंह पन्नू को सम्मानित करने के लिए मंगलवार को एक कार्यक्रम रखा हुआ था।क्रिकेट पर तैयारी को लेकर राज अंगद बावा ने कहा कि क्रिकेट में तैयारी हमेशा चलती रहती है। जब भी क्रिकेट में कोई मौका मिलता है तो उनका अच्छा करने का प्रयास रहता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपना सौ फीसदी प्रदर्शन किया था।आईपीएल से काफी सीखने को मिलेगाआईपीएल का हिस्सा बनने के बारे में राज अंगद ने कहा कि यह उनके लिए बेहतर मौका है। आईपीएल में दुनिया भर से बेहतरीन खिलाड़ी खेलते हैं। अनुभवी क्रिकेटर्स के साथ खेल कर उन्हें काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा। यह एक बेहतर अवसर है। इसे पाकर वह बेहद खुश हैं। राज अंगद ने कहा कि उनकी इस क्रिकेट जर्नी में चंडीगढ़ प्रशासन और यूटी क्रिकेट एसोसिएशन का काफी सहयोग रहा है।परिवार का सहयोग रहा, दबाव नहींराज अंगद बावा ने अपनी तरह के युवा क्रिकेटर्स को यही संदेश दिया कि मेहनत करें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि उनकी फैमिली में सभी स्पोर्ट्सपर्सन है। हालांकि उनकी अपनी जर्नी रही है और उनकी अपनी है। परिवार का कभी भी क्रिकेट को लेकर कोई दबाव नहीं रहा। उनका सहयोग पूरा रहा। राज अंगद ने कहा कि उनका सपना है कि वह भारत की सीनियर क्रिकेट टीम में खेलें और वर्ल्ड कप जीतें। उन्होंने कहा कि हर क्रिकेटर का यही सपना होता है।गौरतलब है कि राज अंगद बावा ने इस वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन का वर्ष 2004 में बनाया रिकार्ड तोड़ा था। तब धवन ने वर्ल्ड कप में 155 रनों की पारी खेली थी। राज अंगद ने वर्ल्ड कप के दौरान युगांडा के खिलाफ एक मैच में 162 रनों की पारी खेल डाली। राज अंगद के पिता सुखविंदर सिंह बावा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीनियर कोच हैं और उनके दादा स्व. तरलोचन सिंह ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रह चुके हैं।

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