22 बेटियों के दम पर चमका देश:एक ने सोने पर मारा तीर तो कोई क्रिकेट की जेंटलवुमन, किसी ने राफेल उड़ाकर चीन को दिखाई आंख

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नई दिल्ली5 घंटे पहले

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम याद कर रहे हैं उन महिलाओं को जिन्होंने पुरुष प्रधान समाज में तमाम बाधाओं को पारकर मुकाम हासिल किया। 2022 के महिला दिवस पर पेश है इन 22 महिलाओं की संघर्ष से मिली सफलता की कहानी जो देश भर की महिलाओं को प्रेरित करतीं हैं।

ये महिलाएं खेल से लेकर राजनीति, समाज और बिजनेस में अपना टाइम लाईं-

अदिति अशोक- पुरुषों का खेल माने जाने वाले गोल्फ में अदिति ने देश को उम्मीदों की एक नई राह दिखाई। टोक्यो ओलिंपिक में चौथा स्थान लाकर अदिति ने देश में गोल्फ को एक नया मुकाम दिया। अदिति ने ओलिंपिक में लगातार दो बार क्वालिफाई किया।

अवनी लेखरा- पैरालिंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला अवनि लेखरा ने तमात चुनौतियों के बावजूद अपना एक अलग मुकाम हासिल किया है। अवनि ने 10 साल की उम्र में एक्सीडेंट में अपना पैर खो दिया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आज देश उनपर गर्व करता है।

दीपिका कुमारी- मात्र 18 साल की उम्र में विश्व की नंबर एक तीरंदाज बनने वाली दीपिका ने एक समय पेट पालने के लिए यह पेशा अपनाया था। लेकिन आज दीपिका तीरंदाजी के क्षेत्र में भारत को गर्व करन का मौका देती हैं।

प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुड़ी- जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के 53 साल के इतिहास में पहली महिला वीसी हैं। 6 भाषाओं की जानकार शांतिश्री सेना की खुफिया एजेंसी में भी सेवाएं दे चुकी हैं।

उषा शर्मा- राजस्थान की मुख्य सचिव उषा शर्मा इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं। उषा ने इससे पहले केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला है।

आर्या राजेंद्रन- केरल के तिरुवनंतपुरम की मेयर आर्या ने देश की सबसे कम उम्र की मेयर बनने का गौरव हासिल किया है। ग्रेजुएशन करते हुए मात्र 21 साल की उम्र में आर्या तिरुवनंतपुरम की मेयर बनी थीं।

पीवी सिंधु- पीवी सिंधु देश की एकमात्र ऐसी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो-दो बार ओलिंपिक मेडल जीते। सिंधु 2016 के रियो ओलिंपिक में सिल्वर जीतकर सबसे कम उम्र में ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारतीय भी बनीं थीं।

मिताली राज- जेंटलमेन गेम यानी क्रिकेट में वुमन को एक अलग पहचान देने का श्रेय मिताली राज को जाता है। 22 वर्षों से भारत के लिए खेल रहीं बल्लेबाज मिताली ने देश में क्रिकेट को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है।

मीराबाई चानू- मणिपुर की मीराबाई चानू ने ओलिंपिक में वेट लिफ्टिंग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। बेहद साधारण परिवार से आने वालीं मीराबाई गाड़ियों में लिफ्ट लेकर ट्रेनिंग करने जाया करती थीं। चानू ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल लाने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं।

फाल्गुनी नायर- देश की सबसे सफल बिजनेस वुमन की लिस्ट में शामिल फाल्गुनी नायर ने 50 साल की उम्र में ब्यूटी प्रोडक्ट्स का बिजनेस शुरू किया था। अपनी लगन और मेहनत के दम पर फाल्गुनी आज 48 हजार करोड़ की टर्नओवर वाली कंपनी ‘Naykaa’ की मालकिन हैं।

माधवी पुरी बुच- बाजार नियामक सेबी की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। इससे पहले वो ICICI बैंक में सीईओ के पद पर भी रह चुकीं हैं।

रोशनी नडार- रोशनी देश की चौथी सबसे अमीर महिला हैं। उनकी कुल संपत्ति 55 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। HCL Corporation का नेतृत्व करने वाली रोशनी किसी भी आईटी कंपनी की पहली महिला मुखिया हैं।

लवलीन बोहरगोहेन- टोक्यो ओलिंपिक में मुक्केबाजी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालीं लवलीन देश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 23 साल की उम्र में लवलीन ने वह मुकाम हासिल किया जिसे सोच पाना भी मुश्किल है।

रानी रामपाल- इंडियन हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल के नेतृत्व में वर्षों बाद टीम टोक्यो ओलिंपिक के सेमी फाइनल में प्रवेश कर पाई। रानी के नेतृत्व में टीम दोबारा अपने गोल्डन पीरियड की ओर लौटती नजर आ रही है।

सविता पूनिया- टोक्यो ओलिंपिक के बाद सविता पूनिया को ‘द वॉल’ का तमगा दिया जा रहा है। सविता ने टोक्यो ओलंपिक में विरोधी टीम के कई गोलों को रोककर इतिहास रच दिया।

लेफ्टिनेंट भावना कांत- भावना कांत पहली महिला फाइटर पायलट थी जिन्होंने 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था। इससे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों इन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

शिवांगी सिंह- शिवांगी सिंह ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वॉड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। वह गणतंत्र दिवस परेड में वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली दूसरी महिला लड़ाकू विमान पायलट हैं।

डॉ. सीमा राव- डॉ. सीमा राव भारत की पहली कमांडो ट्रेनर हैं, जो Closed Quarter Battle (CQB) में स्पेशलाइज़्ड हैं। वह पिछले 20 सालों से आर्मी के जवानों को ट्रेनिंग दे रही हैं।

सुनीता नारायण- देश में पर्यावरण से जुड़े विषयों पर सबसे मुखर आवाजों में से एक हैं सुनीता नारायण। वह पाक्षिक पत्रिका डाउन टू अर्थ की संपादक हैं।

सौम्या स्वामीनाथन- WHO की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामिनाथन ने कोविड काल के दौराम भारतीय प्रतिभा का एहसास दुनिया को कराया था। कोराना वायरस को लेकर उनके अनुमानों और चेतावनियों को पूरी दुनिया सुनती थी।

वंदना लूथरा- ब्यूटी केयर ब्रॉन्ड VLCC की संथापक वंदना लूथरा देश की सबसे सफल बुजनेस वुमंस में गिनी जाती हैं। मात्र 2000 रुपए के साथ बिजनेस शुरू करने वालीं वंदना का व्यापार आज 18 देशों में फैल गया है।

हरनाज संधू- हरनाज ने भारत को 21 साल बाद मिस यूनिवर्स का खिताब दिलाया। 75 देशों की प्रतिभागियों को पछाड़कर हरनाज ने मिस यूनिवर्स 2021 का तमगा हासिल किया।

Hindi NewsWomenOne Shot An Arrow On Gold And Some A Gentlewoman Of Cricket, Someone Showed The Eyes Of China By Flying Rafaleनई दिल्ली5 घंटे पहलेकॉपी लिंकअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम याद कर रहे हैं उन महिलाओं को जिन्होंने पुरुष प्रधान समाज में तमाम बाधाओं को पारकर मुकाम हासिल किया। 2022 के महिला दिवस पर पेश है इन 22 महिलाओं की संघर्ष से मिली सफलता की कहानी जो देश भर की महिलाओं को प्रेरित करतीं हैं।ये महिलाएं खेल से लेकर राजनीति, समाज और बिजनेस में अपना टाइम लाईं-अदिति अशोक- पुरुषों का खेल माने जाने वाले गोल्फ में अदिति ने देश को उम्मीदों की एक नई राह दिखाई। टोक्यो ओलिंपिक में चौथा स्थान लाकर अदिति ने देश में गोल्फ को एक नया मुकाम दिया। अदिति ने ओलिंपिक में लगातार दो बार क्वालिफाई किया।अवनी लेखरा- पैरालिंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला अवनि लेखरा ने तमात चुनौतियों के बावजूद अपना एक अलग मुकाम हासिल किया है। अवनि ने 10 साल की उम्र में एक्सीडेंट में अपना पैर खो दिया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आज देश उनपर गर्व करता है।दीपिका कुमारी- मात्र 18 साल की उम्र में विश्व की नंबर एक तीरंदाज बनने वाली दीपिका ने एक समय पेट पालने के लिए यह पेशा अपनाया था। लेकिन आज दीपिका तीरंदाजी के क्षेत्र में भारत को गर्व करन का मौका देती हैं।प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुड़ी- जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के 53 साल के इतिहास में पहली महिला वीसी हैं। 6 भाषाओं की जानकार शांतिश्री सेना की खुफिया एजेंसी में भी सेवाएं दे चुकी हैं।उषा शर्मा- राजस्थान की मुख्य सचिव उषा शर्मा इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं। उषा ने इससे पहले केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला है।आर्या राजेंद्रन- केरल के तिरुवनंतपुरम की मेयर आर्या ने देश की सबसे कम उम्र की मेयर बनने का गौरव हासिल किया है। ग्रेजुएशन करते हुए मात्र 21 साल की उम्र में आर्या तिरुवनंतपुरम की मेयर बनी थीं।पीवी सिंधु- पीवी सिंधु देश की एकमात्र ऐसी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो-दो बार ओलिंपिक मेडल जीते। सिंधु 2016 के रियो ओलिंपिक में सिल्वर जीतकर सबसे कम उम्र में ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारतीय भी बनीं थीं।मिताली राज- जेंटलमेन गेम यानी क्रिकेट में वुमन को एक अलग पहचान देने का श्रेय मिताली राज को जाता है। 22 वर्षों से भारत के लिए खेल रहीं बल्लेबाज मिताली ने देश में क्रिकेट को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है।मीराबाई चानू- मणिपुर की मीराबाई चानू ने ओलिंपिक में वेट लिफ्टिंग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। बेहद साधारण परिवार से आने वालीं मीराबाई गाड़ियों में लिफ्ट लेकर ट्रेनिंग करने जाया करती थीं। चानू ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल लाने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं।फाल्गुनी नायर- देश की सबसे सफल बिजनेस वुमन की लिस्ट में शामिल फाल्गुनी नायर ने 50 साल की उम्र में ब्यूटी प्रोडक्ट्स का बिजनेस शुरू किया था। अपनी लगन और मेहनत के दम पर फाल्गुनी आज 48 हजार करोड़ की टर्नओवर वाली कंपनी ‘Naykaa’ की मालकिन हैं।माधवी पुरी बुच- बाजार नियामक सेबी की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। इससे पहले वो ICICI बैंक में सीईओ के पद पर भी रह चुकीं हैं।रोशनी नडार- रोशनी देश की चौथी सबसे अमीर महिला हैं। उनकी कुल संपत्ति 55 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। HCL Corporation का नेतृत्व करने वाली रोशनी किसी भी आईटी कंपनी की पहली महिला मुखिया हैं।लवलीन बोहरगोहेन- टोक्यो ओलिंपिक में मुक्केबाजी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालीं लवलीन देश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 23 साल की उम्र में लवलीन ने वह मुकाम हासिल किया जिसे सोच पाना भी मुश्किल है।रानी रामपाल- इंडियन हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल के नेतृत्व में वर्षों बाद टीम टोक्यो ओलिंपिक के सेमी फाइनल में प्रवेश कर पाई। रानी के नेतृत्व में टीम दोबारा अपने गोल्डन पीरियड की ओर लौटती नजर आ रही है।सविता पूनिया- टोक्यो ओलिंपिक के बाद सविता पूनिया को ‘द वॉल’ का तमगा दिया जा रहा है। सविता ने टोक्यो ओलंपिक में विरोधी टीम के कई गोलों को रोककर इतिहास रच दिया।लेफ्टिनेंट भावना कांत- भावना कांत पहली महिला फाइटर पायलट थी जिन्होंने 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था। इससे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों इन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।शिवांगी सिंह- शिवांगी सिंह ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वॉड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। वह गणतंत्र दिवस परेड में वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली दूसरी महिला लड़ाकू विमान पायलट हैं।डॉ. सीमा राव- डॉ. सीमा राव भारत की पहली कमांडो ट्रेनर हैं, जो Closed Quarter Battle (CQB) में स्पेशलाइज़्ड हैं। वह पिछले 20 सालों से आर्मी के जवानों को ट्रेनिंग दे रही हैं।सुनीता नारायण- देश में पर्यावरण से जुड़े विषयों पर सबसे मुखर आवाजों में से एक हैं सुनीता नारायण। वह पाक्षिक पत्रिका डाउन टू अर्थ की संपादक हैं।सौम्या स्वामीनाथन- WHO की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामिनाथन ने कोविड काल के दौराम भारतीय प्रतिभा का एहसास दुनिया को कराया था। कोराना वायरस को लेकर उनके अनुमानों और चेतावनियों को पूरी दुनिया सुनती थी।वंदना लूथरा- ब्यूटी केयर ब्रॉन्ड VLCC की संथापक वंदना लूथरा देश की सबसे सफल बुजनेस वुमंस में गिनी जाती हैं। मात्र 2000 रुपए के साथ बिजनेस शुरू करने वालीं वंदना का व्यापार आज 18 देशों में फैल गया है।हरनाज संधू- हरनाज ने भारत को 21 साल बाद मिस यूनिवर्स का खिताब दिलाया। 75 देशों की प्रतिभागियों को पछाड़कर हरनाज ने मिस यूनिवर्स 2021 का तमगा हासिल किया।

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