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चंडीगढ़15 घंटे पहले
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डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा ने पहली बार कबूल किया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद सीएम के लिए उनका ही नाम था। उनको मुख्यमंत्री बनाने के लिए हां भी हो चुकी थी। हालांकि बाद में उनके साथ बैठे चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने यह नहीं बताया कि आखिर अंतिम समय में वह मुख्यमंत्री की रेस से कैसे बाहर हो गए? हालांकि तब यह चर्चा हुई थी कि पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू ने सीएम बनने का दावा ठोक दिया था। इसके बाद रंधावा की जगह चन्नी सीएम बन गए।

कैप्टन ने 18 सितंबर को गवर्नर बीएल पुरोहित को इस्तीफा सौंपा
रंधावा को बधाईयां तक मिल गई थी, अंतिम वक्त में बदली गेम
कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस हाईकमान ने सीएम की कुर्सी से हटा दिया। उन्होंने 18 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद नए सीएम की तलाश शुरू हो गई। कांग्रेस हाईकमान पंजाब में इतिहास का पहला हिंदू सीएम बनाना चाहती थी। इसके लिए सुनील जाखड़ को बैंगलोर से वापस तक बुलवा लिया गया। हालांकि अचानक सिख स्टेट में सिख सीएम की बात उठ गई।
जिसमें सबसे बड़ा रोल अंबिका सोनी का रहा। जिसके बाद जाखड़ का पत्ता कट गया। फिर सिख चेहरे में सुखजिंदर रंधावा के लिए हाईकमान की हां हो गई। हालांकि तब नवजोत सिद्धू ने कहा कि अगर किसी जट्टसिख को सीएम बनाना है तो वह सीएम बनेंगे। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने दोनों की लड़ाई देख पंजाब में पहला दलित सीएम चरणजीत चन्नी को बना दिया।

चरणजीत चन्नी ने 20 सितंबर को नए सीएम पद की शपथ ली
भविष्य के लिए बोले रंधावा, 2 की लड़ाई खत्म हो तो तीसरे को मौका मिले
सुखजिंदर रंधावा ने भविष्य में मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर कहा कि अगर दो की लड़ाई खत्म हो तो किसी तीसरे को मौका मिलेगा। इशारों में उनकी यह बातें नवजोत सिद्धू और चरणजीत चन्नी के लिए थी, जो लगातार सीएम चेहरे के लिए दावा ठोक रहे हैं। राहुल गांधी ने पंजाब दौरे के दौरान भी कहा कि कांग्रेस सर्वे करवाने के बाद पंजाब में सीएम चेहरे की घोषणा करेगी।

सुखजिंदर रंधावा और नवजोत सिद्धू के बीच पहले अच्छे रिश्ते रहे लेकिन अब बिगड़ गए हैं
Hindi NewsLocalPunjabPunjab Election 2022; Deputy CM Sukhjinder Randhawa On Charanjit Channi And Amarinder Singhचंडीगढ़15 घंटे पहलेकॉपी लिंकडिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा ने पहली बार कबूल किया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने के बाद सीएम के लिए उनका ही नाम था। उनको मुख्यमंत्री बनाने के लिए हां भी हो चुकी थी। हालांकि बाद में उनके साथ बैठे चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने यह नहीं बताया कि आखिर अंतिम समय में वह मुख्यमंत्री की रेस से कैसे बाहर हो गए? हालांकि तब यह चर्चा हुई थी कि पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू ने सीएम बनने का दावा ठोक दिया था। इसके बाद रंधावा की जगह चन्नी सीएम बन गए।कैप्टन ने 18 सितंबर को गवर्नर बीएल पुरोहित को इस्तीफा सौंपारंधावा को बधाईयां तक मिल गई थी, अंतिम वक्त में बदली गेमकैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस हाईकमान ने सीएम की कुर्सी से हटा दिया। उन्होंने 18 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद नए सीएम की तलाश शुरू हो गई। कांग्रेस हाईकमान पंजाब में इतिहास का पहला हिंदू सीएम बनाना चाहती थी। इसके लिए सुनील जाखड़ को बैंगलोर से वापस तक बुलवा लिया गया। हालांकि अचानक सिख स्टेट में सिख सीएम की बात उठ गई।जिसमें सबसे बड़ा रोल अंबिका सोनी का रहा। जिसके बाद जाखड़ का पत्ता कट गया। फिर सिख चेहरे में सुखजिंदर रंधावा के लिए हाईकमान की हां हो गई। हालांकि तब नवजोत सिद्धू ने कहा कि अगर किसी जट्टसिख को सीएम बनाना है तो वह सीएम बनेंगे। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने दोनों की लड़ाई देख पंजाब में पहला दलित सीएम चरणजीत चन्नी को बना दिया।चरणजीत चन्नी ने 20 सितंबर को नए सीएम पद की शपथ लीभविष्य के लिए बोले रंधावा, 2 की लड़ाई खत्म हो तो तीसरे को मौका मिलेसुखजिंदर रंधावा ने भविष्य में मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर कहा कि अगर दो की लड़ाई खत्म हो तो किसी तीसरे को मौका मिलेगा। इशारों में उनकी यह बातें नवजोत सिद्धू और चरणजीत चन्नी के लिए थी, जो लगातार सीएम चेहरे के लिए दावा ठोक रहे हैं। राहुल गांधी ने पंजाब दौरे के दौरान भी कहा कि कांग्रेस सर्वे करवाने के बाद पंजाब में सीएम चेहरे की घोषणा करेगी।सुखजिंदर रंधावा और नवजोत सिद्धू के बीच पहले अच्छे रिश्ते रहे लेकिन अब बिगड़ गए हैं
