डेंगू के खिलाफ बड़ा कदम:देश में अगले 5 साल में तैयार होगी डेंगू की दवा, सरकारी और गैर सरकारी संस्थान साथ करेंगे काम

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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कोरोना महामारी की शुरुआत से दुनिया भर की सरकारों ने स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। हमारे देश में डेंगू की बीमारी नई नहीं है। हर साल लाखों लोग इससे बीमार होते हैं और सैंकड़ों की जान जाती है। फिलहाल डेंगू का कोई इलाज नहीं है। इसलिए अब भारत सरकार इससे निपटने की तैयारी कर रही है।

हाल ही में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के ट्रांजीशनल हेल्थ साइन्स एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) ने ड्रग्स फॉर नेगलेक्टेड डिसीज इनिशिएटिव (DNDI) इंडिया फाउंडेशन से समझौता किया है। इसके तहत देश में अगले 5 साल में डेंगू का इलाज विकसित किया जाएगा।

क्या होता है डेंगू?

डेंगू मच्छर से फैलने वाला वायरल बुखार है।

डेंगू मच्छर से फैलने वाला वायरल बुखार है।

डेंगू एडीज इजिप्टी (मादा मच्छर) के काटने से फैलता है। यह एक वायरल बुखार है। यह स्थिति तब बनती है जब घरों में या आसपास एक ही स्थान पर बहुत दिनों से पानी जमा हो। जैसे कूलर, वॉश एरिया, सिंक, गमलों आदि में भी कई बार पानी जमा रहता है जो डेंगू का कारक बनता है।

आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में डेंगू के 70% मामले सिर्फ एशिया में पाए जाते हैं। 2021 में भारत में 1,64,103 डेंगू के मामले आए थे जबकि 2019 में ये संख्या 205,243 थी।

डेंगू का इलाज कैसे विकसित करेगी सरकार?

2021 में भारत में 1,64,103 डेंगू के मामले आए थे।

2021 में भारत में 1,64,103 डेंगू के मामले आए थे।

इस समझौते के तहत सरकारी और गैर सरकारी संस्थान साथ मिलकर रिसर्च करेंगे ताकि डेंगू के लिए सुरक्षित, किफायती और कारगर दवा बनाई जा सके। रिसर्च के दौरान प्रि-क्लिनिकल स्टडीज की जाएंगी। इनमें पहले से उपलब्ध दवाओं का डेंगू पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसे परखा जाएगा। फिर उनके कॉम्बिनेशन या नई दवाओं को विकसित कर उन्हें टेस्ट किया जाएगा।

विश्व में कई सालों से डेंगू पर रिसर्च जारी

THSTI के कार्यकारी निदेशक प्रमोद कुमार गर्ग का कहना है कि डेंगू के लिए अब तक कोई एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। साथ ही बीमारी में वैक्सीन का इस्तेमाल भी सीमित है। डेंगू पर कई सालों से रिसर्च जारी है, लेकिन अभी तक कोई कारगर इलाज विकसित नहीं हो पाया है।

Hindi NewsHappylifeDengue Medicine Will Be Ready In The Country In The Next 5 Years, Government And Non government Organizations Will Work Togetherनई दिल्ली4 घंटे पहलेकॉपी लिंककोरोना महामारी की शुरुआत से दुनिया भर की सरकारों ने स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। हमारे देश में डेंगू की बीमारी नई नहीं है। हर साल लाखों लोग इससे बीमार होते हैं और सैंकड़ों की जान जाती है। फिलहाल डेंगू का कोई इलाज नहीं है। इसलिए अब भारत सरकार इससे निपटने की तैयारी कर रही है।हाल ही में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के ट्रांजीशनल हेल्थ साइन्स एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) ने ड्रग्स फॉर नेगलेक्टेड डिसीज इनिशिएटिव (DNDI) इंडिया फाउंडेशन से समझौता किया है। इसके तहत देश में अगले 5 साल में डेंगू का इलाज विकसित किया जाएगा।क्या होता है डेंगू?डेंगू मच्छर से फैलने वाला वायरल बुखार है।डेंगू एडीज इजिप्टी (मादा मच्छर) के काटने से फैलता है। यह एक वायरल बुखार है। यह स्थिति तब बनती है जब घरों में या आसपास एक ही स्थान पर बहुत दिनों से पानी जमा हो। जैसे कूलर, वॉश एरिया, सिंक, गमलों आदि में भी कई बार पानी जमा रहता है जो डेंगू का कारक बनता है।आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में डेंगू के 70% मामले सिर्फ एशिया में पाए जाते हैं। 2021 में भारत में 1,64,103 डेंगू के मामले आए थे जबकि 2019 में ये संख्या 205,243 थी।डेंगू का इलाज कैसे विकसित करेगी सरकार?2021 में भारत में 1,64,103 डेंगू के मामले आए थे।इस समझौते के तहत सरकारी और गैर सरकारी संस्थान साथ मिलकर रिसर्च करेंगे ताकि डेंगू के लिए सुरक्षित, किफायती और कारगर दवा बनाई जा सके। रिसर्च के दौरान प्रि-क्लिनिकल स्टडीज की जाएंगी। इनमें पहले से उपलब्ध दवाओं का डेंगू पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसे परखा जाएगा। फिर उनके कॉम्बिनेशन या नई दवाओं को विकसित कर उन्हें टेस्ट किया जाएगा।विश्व में कई सालों से डेंगू पर रिसर्च जारीTHSTI के कार्यकारी निदेशक प्रमोद कुमार गर्ग का कहना है कि डेंगू के लिए अब तक कोई एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। साथ ही बीमारी में वैक्सीन का इस्तेमाल भी सीमित है। डेंगू पर कई सालों से रिसर्च जारी है, लेकिन अभी तक कोई कारगर इलाज विकसित नहीं हो पाया है।

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